Homeरायपुर : नेत्रहीन बच्ची का मासूम सवाल: अगर मैं ब्रेल-लिपि में चिट्ठी लिखूं तो क्या मुख्यमंत्री उसे पढ़ सकेंगे ? : दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित बच्चों को सांकेतिक भाषा में सुनाया गया मुख्यमंत्री की रेडियो वार्ता का अनुवाद

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रायपुर : नेत्रहीन बच्ची का मासूम सवाल: अगर मैं ब्रेल-लिपि में चिट्ठी लिखूं तो क्या मुख्यमंत्री उसे पढ़ सकेंगे ? : दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित बच्चों को सांकेतिक भाषा में सुनाया गया मुख्यमंत्री की रेडियो वार्ता का अनुवाद

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रायपुर, 10 जुलाई 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को नेत्रहीन बालिका सरिता ब्रेललिपि में चिट्ठी लिखना चाहती है। सरिता नक्सल हिंसा पीड़ित दंतेवाड़ा जिले में राज्य शासन द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए बनाए गए विशेष आवासीय विद्यालय सक्षम में चौथी कक्षा की छात्रा है। हर प्रकार के दिव्यांग बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ का यह पहला विशेष विद्यालय वहां ग्राम जावंगा स्थित एजुकेशन सिटी के परिसर में संचालित किया जा रहा है। इस विद्यालय के बच्चों को आज वहां  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ सुनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित इन बच्चों को वहां की प्रभारी अधीक्षिका श्रीमती श्याम तिवारी और अध्यापिका सुश्री संगीता ने सांकेतिक भाषा में रमन के गोठ का अनुवाद सुनाया। इस दौरान जब मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के बस्ते के बोझ से कंधा दुखने के बारे में सरगुजा जिले की स्कूली बालिका अपूर्वा दीक्षित की चिट्ठी का उल्लेख किया, तो सक्षम विद्यालय दंतेवाड़ा में उनका प्रसारण सुन रही नन्हीं नेत्रहीन बालिका सरिता ने अपनी शिक्षिकाओं से पूछा-अगर मुख्यमंत्री को मैं ब्रेल-लिपि में चिट्ठी लिखूं तो क्या वे उसे पढ़ सकेंगे? विद्यालय की शिक्षिकाओं ने बच्ची की जिज्ञासा को शांत करते हुए उसे बताया-हां बेटा, आप उन्हें चिट्ठी लिखों, वे उसे पढ़ेंगे और उत्तर भी देंगे। तभी एक और नन्हीं बालिका हेमलता ने पूछा-क्या मुख्यमंत्री को ब्रेल-लिपि पढ़ना और लिखना आता है? इस पर शिक्षिकाओं ने इस बालिका को समझाया कि स्पेशल टीचर जिन्हें ब्रेल-लिपि की जानकारी है, वे मुख्यमंत्री को चिट्ठी पढ़कर सुनाएंगे और मुख्यमंत्री उसका जो जवाब देंगे, उसे स्पेशल टीचर ब्रेेल-लिपि में लिखकर आपको भिजवाएंगे। सक्षम विद्यालय में रमन के गोठ सुनकर अस्थि बाधित दिव्यांग किशन कुमार ने अपनी अधीक्षिका से पूछा-रमन के गोठ से हम क्या-क्या सीख सकते हैं? किशन वही बालक है, जिसने 09 मई 2015 को इस विद्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आगमन पर बातचीत के दौरान उनसे यह बाल सुलभ सवाल पूछा था कि आप इतना काम कैसे कर लेते हैं? आज ’रमन के गोठ’ सुनने के लिए सक्षम विद्यालय में दिव्यांग बच्चों के साथ दृष्टिबाधित नन्हा अंजन भी मौजूद था, उसने प्रधानमंत्री श्री मोदी को एक गीत सुनाया था और प्रधानमंत्री ने इस बच्चे के साथ ताल से ताल मिलाया था। अंजन को मुख्यमंत्री द्वारा ’रमन के गोठ’ में स्कूली बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने के लिए आवश्यक पहल किए जाने के आश्वासन पर कहा कि यह एक अच्छी बात होगी। अंजन ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री बच्चों की चिट्ठी भी पढ़ते हैं यह जानकर मुझे बहुत अच्छा लगा। इस दौरान सक्षम विद्यालय की छात्रा महेश्वरी ने मुख्यमंत्री द्वारा सुकमा जिले के चिन्तागुफा क्षेत्र के नक्सल प्रभावित परिवार के बच्चे सोढ़ी जोगा को प्रयास विद्यालय के जरिए आई.आई.टी. के लिए चयनित होने का उल्लेख किए जाने पर खुशी जताई। मुख्यमंत्री का रेडियो प्रसारण सुनाने के लिए आज दंतेवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी जनपद पंचायतों, आश्रम विद्यालयों और नक्सल पीड़ित बच्चों के लिए चल रहे पोटाकेबिन स्कूलों में विशेष व्यवस्था की गई थी। विकासखण्ड मुख्यालय गीदम के साप्ताहिक बाजार में भी लोगों ने रमन के गोठ को बड़ी दिलचस्पी के साथ सुना।

क्रमांक-1888/स्वराज्य

Date: 
10 Jul 2016