Homeरायपुर : मानव तस्करों और फर्जी चिटफंड कम्पनियों से सावधान रहे जनता : डॉ. रमन सिंह की अपील : श्रमिकों को मानव तस्करों से बचाने दिल्ली में छत्तीसगढ़ का विशेष प्रकोष्ठ

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रायपुर : मानव तस्करों और फर्जी चिटफंड कम्पनियों से सावधान रहे जनता : डॉ. रमन सिंह की अपील : श्रमिकों को मानव तस्करों से बचाने दिल्ली में छत्तीसगढ़ का विशेष प्रकोष्ठ

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बाहर जाने वाले श्रमिकों की जानकारी राज्य की पंचायतों में रखी जाएगी
चिटफंड कम्पनियों को कारोबार के लिए कलेक्टर से लेनी होगी अनुमति

रायपुर, 11 सितम्बर 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के मेहनतकश श्रमिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे मानव तस्करों और फर्जी चिटफंड कंपनियों से सावधान रहें। मुख्यमंत्री आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ में श्रोताओं को सम्बोधित कर रहे थे। उनका यह प्रसारण राज्य में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों तथा प्राइवेट एफ.एम. रेडियो चैनलों और कुछ प्रमुख प्राइवेट टेलीविजन चैनलों से भी किया गया। कार्यक्रम की यह तेरहवीं कड़ी थी। इस बार भी राजधानी रायपुर से लेकर दूर-दराज शहरों, गांवों तथा कस्बों में लोगों ने कहीं नुक्कड़ों पर, तो कहीं बगीचे में, कहीं चौपालों में और कहीं तालाब के किनारे मुख्यमंत्री के रेडियो संदेश को सामूहिक रूप से सुना।
डॉ. रमन सिंह ने अपनी रेडियो वार्ता में ग्रामीणों से मानव तस्करों के चंगुल में नहीं आने का भी आव्हान किया। उन्होंने लोगों से गांव में अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आए तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को देने का भी आग्रह किया। उन्होंने इस समस्या को हल करने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने तथा जनता और प्रशासन के बीच निरंतर समन्वय की जरूरत पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा-यह बड़ी विडम्बना है कि एक ओर हम 21वीं सदी में वैज्ञानिक विकास की बात करते हैं तो दूसरी तरफ मानव तस्करी की चर्चा भी होती है। यह एक विश्वव्यापी समस्या है कि बेहतर रोजगार के लिए बाहर जाने वाले को कई बार अपराधियों के द्वारा किए जाने शोषण का शिकार होना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा-मैंने सभी जिलों में प्रशासन को यह निर्देश दिए हैं कि रोजगार की दृष्टि से अपने परिवार की बेहतर आमदनी के लिए दूसरे प्रदेशों में जाने वाले छत्तीसगढ़ के लोगों की समुचित जानकारी उनके ग्राम पंचायतों में उपलब्ध होनी चाहिए और समय-समय पर उनकी सुरक्षा की समीक्षा भी होनी चाहिए। उन्होंने आज के प्रसारण में जहां मानव तस्करी जैसे विषय को अत्यंत गंभीरता से लिया, वहीं इस बात को भी रेखांकित किया कि जशपुर, रायगढ़ और सरगुजा के सीमावर्ती इलाकों में पहले की तुलना में स्थिति में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा-जशपुर और रायगढ़ जिले में पुलिस और समाज के सहयोग से इतनी अच्छी प्रणाली विकसित की गई है कि वहां मानव तस्करी के अपराध को रोकने के लिए गांव-गांव में पंचायत पदाधिकारी और सरकारी कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं। इसके फलस्वरूप वहां इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगा है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में सराहनीय कार्य के लिए दोनों जिलों के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में संकट में फंसी छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की 32 बेटियों को सकुशल घर वापस लाने में बालोद जिला प्रशासन और पुलिस को मिली सफलता का भी जिक्र किया और इसके लिए वहां के पुलिस अधीक्षक श्री आरिफ हुसैन के प्रयासों की भी तारीफ की।
सामाजिक बुराईयों के खिलाफ कमांडो की तरह तैयार हो रही बेटियां
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पदमश्री सम्मानित श्रीमती शमशाद बेगम ने इन बेटियों को सामाजिक बुराईयों से लड़ने तथा गांवों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण देकर कमांडों की तरह तैयार कर रही है। बालोद जिला प्रशासन ने इन बेटियों के लिए रोजगारमूलक प्रशिक्षण के साथ-साथ ऋण दिलाने की भी व्यवस्था की है। उन्हें स्व-रोजगार स्थापना के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बैंकों से भी ऋण दिलाया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश के श्रमिकों को मानव तस्करों से बचाने के लिए राज्य सरकार ने नई दिल्ली स्थित अपने छत्तीसगढ़ सदन में आवासीय आयुक्त के नियंत्रण में एक विशेष प्रकोष्ठ बनाने का बड़ा निर्णय लिया है। यह प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और दिल्ली तथा आस-पास के राज्यों के उनके नियोक्ताओं के साथ अच्छे संबंध विकसित करने के लिए भी कदम उठाएगा। इसके अलावा श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण भी प्रकोष्ठ के माध्यम से किया जाएगा। उन्हें बीमारी या अन्य परेशानी की स्थिति में तत्काल मदद भी पहुंचाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने फर्जी चिटफंड कंपनियों का उल्लेख करते हुए लोगों से आग्रह किया कि वे ज्यादा ब्याज का लालच देने वाली ऐसी कंपनियों के जाल में न फँसें। लोग एक-एक रूपए जोड़कर अपनी पूंजी तैयार करते हैं। इस जमा पूंजी को उन बैंकों में जमा करें, जो कानूनी दृष्टि से सुरक्षित है। बिना जांच-पड़ताल के किसी भी संस्था में पैसा जमा न करें। मुख्यमंत्री ने कहा-मैं यह बताना चाहूंगा कि दुनिया में ऐसा कोई बैंक या ऐसी कोई कंपनी नहीं है जो जमाकर्ताओं के धन पर तीस प्रतिशत या चालीस प्रतिशत ब्याज दे। यदि कोई बैंक या कम्पनी ज्यादा ब्याज की लालच दे तो समझ लीजिए कि वह फर्जी कंपनी है। ऐसी कंपनियों से दूर रहें और पुलिस को तत्काल सूचित करें। मुख्यमंत्री ने श्रोताओं को बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने चिटफंड कंपनियों के गोरख धंधों से जनता को राहत दिलाने के लिए कठोर कानून बनाया है। इस कानून में यह प्रावधान है कि किसी भी संस्था को जनता से पैसा एकत्रित करने के पहले संबंधित जिला कलेक्टर से इसकी अनुमति लेनी होगी।
मुख्यमंत्री ने उन युवाओं से भी आग्रह किया कि वे चिटफंड कंपनियों के झांसे में न आएं और उनसे न जुड़ें, क्योंकि ऐसी कंपनियों का कोई जिम्मेदार व्यक्ति सामने नहीं होता और वे स्थानीय युवाओं का चेहरा रखकर काम करते हैं। जब इस प्रकार की कोई कंपनी जनता का पैसा लेकर चम्पत हो जाती है, तो हमारे मासूम स्थानीय युवा फँस जाते हैं और वे ठगी गई जनता के आक्रोश का शिकार बनते हैं। डॉ. रमन सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे सरकारी कर्मचारियों से भी यह अपील की है कि वे चिटफंड कम्पनियों के गोरख धंधे से सतर्क रहे और जनता को भी बचाएं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने कोटवारों, पटवारियों, नायब तहसीलदारों, पंचायत, महिला और बाल विकास विभाग, बैंक आदि के अधिकारियों और कर्मचारियों, डॉक्टरों तथा शिक्षकों से भी आग्रह किया है कि वे जनता को ऐसी संस्थाओं के खिलाफ जागरूक करें और उसके खून-पसीने की कमाई की सुरक्षा में अपना योगदान दें।
राज्य की चारों दिशाओं में मेडिकल कॉलेज खोलने का संकल्प हुआ पूरा
मुख्यमंत्री ने अपने रेडियो प्रसारण में अम्बिकापुर (सरगुजा) में हाल ही में (03 सितंबर को) खोले गये मेडिकल कॉलेज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के साथ चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत कमियां थी। हमारे पास पर्याप्त मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज नहीं थे। सरगुजा छत्तीसगढ़ का मस्तक है। मुझे खुशी है कि राज्य की चारों दिशाओं में मेडिकल कॉलेज खोलने का जो संकल्प हमनें लिया था, वह सरगुजा में इसके खुलने के साथ ही पूरा हो गया है। हमने जगदलपुर, राजनांदगांव और रायगढ़ के बाद सरगुजा में मेडिकल कॉलेज खोलकर छत्तीसगढ़ की चारों दिशाओं में चिकित्सा शिक्षा के सुदृढ़ किले बना दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा को धन्यवाद दिया। डॉ. रमन सिंह ने कहा - मेडिकल कॉलेज का मतलब सिर्फ एक शिक्षा संस्थान नहीं होता, बल्कि इसके साथ सर्वसुविधा अस्पताल भी जुड़ता है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप शोध और अनुसंधान केन्द्र का भी विकास होता है। उन्होंने कहा - सरगुजा का मेडिकल कॉलेज न सिर्फ सरगुजा संभाग के पंाच जिलों बल्कि सीमावर्ती मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और झारखण्ड राज्यों  के लिए भी आशाओं का केन्द्र बनेगा। डॉ. रमन सिंह ने कहा-फिलहाल यह मेडिकल कॉलेज सैनिक स्कूल परिसर में खोला गया है, लेकिन ग्राम गंगापुर में चालीस एकड़ जमीन दी है, चार सौ करोड़ रूपए की लागत से इस मेडिकल कॉलेज के विशाल भवन और परिसर का निर्माण किया जाएगा।
नक्सल पीड़ित जिलों में बढ़ी स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्यमंत्री न ‘रमन के गोठ’ में बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास और विस्तार पर खुशी जताई और इसके लिए वहां के जिला प्रशासन के योगदान का भी जिक्र किया। डॉ. रमन सिंह ने कहा-बीजापुर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल बनने के बाद अब वहां बड़े ऑपरेशन भी होने लगे हैं। वहां के जिला कलेक्टर डॉ. अयाज तम्बोली ने पहल करते हुए वाट्स एप पर सूचना देकर डॉक्टरों को बीजापुर अस्पताल में काम करने के लिए आमंत्रित किया, जिसका अच्छा असर हुआ। वहां अब काम करने के लिए डॉक्टर मिलने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा में जल्द आने वाली लाईफ-लाईन एक्सप्रेस ट्रेन का उल्लेख करते हुए कहा कि बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा, तीनों जिलों के मरीजों को इस ट्रेन में होने वाले चिकित्सा शिविर का लाभ मिलेगा। डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में दो साल में 25 लाख परिवारों के रसोई घरों को धुएं से मुक्त रखने का लक्ष्य है। इस योजना के तहत सिर्फ दो सौ रूपए के पंजीयन शुल्क पर महिलाओं को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन, डबल बर्नर चूल्हा और पहला भरा हुआ सिलेण्डर दिया जाएगा। उन्होंने माताओं और बहनों से तथा उनके परिवार के सदस्यों से आग्रह किया कि इस योजना के तहत मिलने वाले रसोई गैस सिलेण्डरों का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करें। सिलेण्डर को खुला न रखें। उसके रेगुलेटर के कार्यप्रणाली को समझें। डॉ. सिंह ने इस सिलसिले में रसोई गैस सिलेण्डरों के सुरक्षित इस्तेमाल के तरीकों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेण्डर के साथ संबंधित एजेंसी का टोल-फ्री नंबर भी दिया जा रहा है। किसी भी प्रकार की आशंका होने पर वहां सूचित किया जा सकता है।

त्यौहारों को मानव सेवा का माध्यम बनाने का आव्हान
मुख्यमंत्री ने आज के अपने प्रसारण की शुरूआत में गणेश उत्सव सहित हाल ही में मनाए गए तीजा-पोरा जैसे पारम्परिक त्यौहारों का भी उल्लेख किया। त्यौहारों के अवसर पर हम सब मिलकर मानव सेवा और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए काम करें। उन्होंने जनता को इन त्यौहारों की बधाई दी। उन्होंने भारत में सार्वजनिक गणेश उत्सव की शुरूआत करने के लिए लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को याद करते हुए कहा कि तिलक जी ने सन् 1893 में गणेश उत्सव को आजादी की लड़ाई से जोड़कर सार्वजनिक बनाया। डॉ. रमन सिंह ने अपनी रेडियो वार्ता में 5 सितंबर को मनाए गए शिक्षक दिवस की भी चर्चा की। उन्होंने 13 सितंबर को मनाए जाने वाले ईद-उल-जुहा पर्व के लिए मुस्लिम समाज सहित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दी। डॉ. रमन सिंह ने विश्वकर्मा जयंती, ओणम और अगले माह मनाये जाने वाले शारदीय नवरात्रि के लिए भी जनता के प्रति शुभेच्छा प्रकट की। डॉ. सिंह ने कहा-हमें अपने त्यौहारों को आज के समय की चुनौतियों और ऐसे कार्यों से जोड़ने की जरूरत है, जो सबके जीवन को सरल बनाने में सहायक होें।


क्रमांक-2915/स्वराज्य
 

Date: 
11 Sep 2016