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रायपुर : विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक कैलेण्डर का कड़ाई से पालन किया जाए: राज्यपाल

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राजभवन में विश्वविद्यालय समन्वय समिति की 25वीं बैठक संपन्न

रायपुर, 19 अप्रैल 2017

राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री बलरामजी दास टंडन की अध्यक्षता में आज यहां राजभवन में विश्वविद्यालय समन्वय समिति की 25वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, स्वास्थ्य मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड  सहित राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने एवं छात्र हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय इस बैठक में लिए गए। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी विश्वविद्यालय अपनी प्रतिष्ठा को ध्यान में रखकर सावधानी से कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में अकादमिक कैलेण्डर का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।
समन्वय समिति के बैठक में निर्णय लिया गया कि स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश की प्रक्रिया 01 जून 2017 से 30 जून 2017 तक पूर्ण की जाए। पूर्व में प्रवेश प्रक्रिया 16 जून से प्रारंभ होती थी। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्यपाल के निर्देशानुसार विश्वविद्यालयों में लंबित डिग्री जो विद्यार्थियों को वितरित नहीं की जा सकी है, उसके निपटारे के लिए एक समिति गठित की गई है। समिति के अध्यक्ष उच्च शिक्षा के आयुक्त होंगे। लंबित डिग्रियों का वितरण तीन माह के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्नातक के विद्यार्थियों के वार्षिक परीक्षा परिणाम में आंतरिक मूल्यांकन भी जोड़ा जाएगा ताकि विद्यार्थी वर्ष भर सतत् रूप से अध्ययन से जुड़े रहें।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों का वातावरण स्वच्छ, साफ-सुथरा रखने के विशेष निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि माह में दो बार प्रत्येक महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सहयोग से साफ-सफाई, कार्यालयों को व्यवस्थित करने का कार्य किया जाए। शैक्षणिक परिसरों में हरियाली को बढ़ावा देने के उपाय किये जाएं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से संचालित कोर्सेस प्रभावी ढंग से संचालित किये जाएं। दूरस्थ शिक्षा पद्धति का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ क्षे़त्रों तक उच्च शिक्षा उपलब्ध कराया जाना है। किन्तु यह ध्यान रखना भी जरुरी है कि जो विद्यार्थी दूरस्थ शिक्षा पद्धति से जिस पाठयक्रम का अध्ययन कर रहा है, उसका स्तर ऐसा हो कि वह व्यक्ति योग्य एवं सक्षम बन सके, ताकि उसके पढ़ाई के उद्देश्य की पूर्ति हो सके। श्री टंडन ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में समय-समय पर पाठ्यक्रम अपडेट करते रहना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा मिल सके। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों में लंबित ऑडिट कंडिकाएं तीन माह के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सतत् प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों को शिक्षा की गुणवत्ता पर अधिक फोकस करना चाहिए। शैक्षणिक कैलेण्डर का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए। उन्होंने सख्त लहजे में सचेत किया कि अनुचित रूप से डिग्री देने वाले विश्वविद्यालय सुधर जाएं, नहीं तो ऐसे विश्वविद्यालयों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री अशोक अग्रवाल ने विश्वविद्यालय समन्वय समिति की बैठक में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों तथा समिति के सदस्यों का स्वागत किया तथा बैठक के एजेण्डे की जानकारी दी। उन्होंने स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के अन्तर्गत स्वच्छता अभियान संचालित किये जाने के संबंध में सभी विश्वविद्यालयों को कार्ययोजना तथा विशेष सुझाव प्रेषित किये जाने का आग्रह किया। बैठक के अंत में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री सुनील कुजूर ने आभार प्रदर्शन किया। बैठक में अपर मुख्य सचिव द्वय श्री अजय सिंह, श्री सुनील कुजूर, प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव श्री सुब्रत साहू, राज्यपाल के विधि सलाहकार श्री शरद कुमार गुप्ता, संयुक्त सचिव श्री जन्मेजय महोबे भी उपस्थित थे। समन्वय समिति की बैठक में पं. रविशंकर विश्वविद्यालय एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपतियों ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में किये जा रहे नवाचार एवं विशेष उपलब्धियों की जानकारी दी।


क्रमांक -327/हर्षा/केशरवानी

Date: 
19 Apr 2017