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रायपुर : शक्तिपीठों - मंदिरों में पद यात्रियों के बीच बढ़ता है प्रेम और सदभाव : डॉ. रमन सिंह

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    रायपुर, 09 अक्टूबर 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज आकाशवाणी से प्रसारित अपनी मासिक रेडियोवार्ता रमन के गोठ में शारदीय नवरात्रि के संदर्भ में छत्तीसगढ़ के विभिन्न शक्तिपीठों और साधना स्थलों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा- मैं इन सभी शक्तिपीठों और साधना स्थलों को शत-शत नमन करता हूं। इन स्थानों पर हजारों श्रद्धालु लम्बी-लम्बी पदयात्राएं कर मंदिरों तक पहुंचते हैं। उनके लिए रास्ते में जनसहयोग से भोजन, पानी, चिकित्सा और आराम की व्यवस्था की जाती है। इससे आपस में प्रेम और सदभाव बढ़ता है और इसके फलस्वरूप ’एक पंथ-कई काज’ हो रहे हैं। मैं ऐसा पुण्य कार्य करने वाले व्यक्तियों और समितियों की सराहना करता हूं। डॉ. सिंह ने लोगों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा-छत्तीसगढ़ के हर गांव, हर शहर में किसी न किसी रूप में देवियों की नियमित पूजा होती है। नवरात्रि में मेले भी भरते हैं। उन्होंने दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी माई, नारायणपुर की मावली माता, कांकेर की कंकालिन माई, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर, रायपुर और अम्बिकापुर की मां महामाया, चंद्रपुर की देवी चंद्रहासिनी का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने मल्हार की मां डिडनेश्वरी, राजनांदगांव की शीतला माता और पाताल भैरवी, बालोद की सियादेवी, गरियाबंद की मां जतमई, गंगरेल की मां अंगारमोती, सोनपुर की मां ज्वाला, धमतरी की बिलाई माता और चैतुरगढ़ की महिसासुर मर्दिनी को भी विशेष रूप से याद किया। उन्होंने अड़भार की मां अष्टभुजी, महासमुंद की खल्लारी माता, झलमला में गंगामइया, कवर्धा की विंध्यवासिनी, भोरमदेव की दुर्गा माई, बागबाहरा और अभनपुर की चण्डी माता का जिक्र करते हुए कहा- छत्तीसगढ़ में देवी मां के विभिन्न स्वरूपों के शक्तिपीठ और साधना स्थल हैं, जिनमें लोगों की बहुत आस्था है।

क्रमांक-3446/स्वराज्य


 

Date: 
09 Oct 2016