Homeरायपुर : रमन के गोठ : प्रदेश के मुखिया का आम जनता से सार्थक संवाद : मैरीन ड्राइव पर लोगों ने मुख्यमंत्री को सुना रेडियो पर

Secondary links

Search

रायपुर : रमन के गोठ : प्रदेश के मुखिया का आम जनता से सार्थक संवाद : मैरीन ड्राइव पर लोगों ने मुख्यमंत्री को सुना रेडियो पर

Printer-friendly versionSend to friend

रायपुर. 08 नवम्बर 2015

आकाशवाणी पर आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विशेष वार्ता ‘रमन के गोठ’ की तीसरी कड़ी का प्रसारण लोगों ने उत्साह से सुना। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब स्थित मैरीन ड्राइव पर मौजूद लोगों ने रेडियो पर पूरे 15 मिनट तक मुख्यमंत्री की बातें तल्लीनता से सुनी। लोगों ने ‘रमन के गोठ’ को प्रदेश के मुखिया का आम जनता से सार्थक संवाद बताया। छत्तीसगढ़ के आकाशवाणी के सभी केन्द्रों, एफ.एम. रेडियो स्टेशनों और समाचार चैनलों द्वारा आज सवेरे पौने 11 बजे से 11 बजे तक जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किए गए मुख्यमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘रमन के गोठ’ की तीसरी कड़ी का प्रसारण किया गया। 

‘रमन के गोठ’ सुनकर पिछड़ा वर्ग विकास संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्री सूरज निर्मलकर ने कहा कि मुख्यमंत्री रेडियो के जरिए प्रदेश की जनता से सार्थक संवाद कर रहे हैं। सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और प्राथमिकताओं के बारे में वे खुद लोगों को बता रहे हैं। मदर टेरेसा वार्ड के पार्षद श्री कचरू साहू ने कहा कि रेडियो पर मुख्यमंत्री की वार्ता दोतरफा संवाद है, जहां एक तरफ लोगों को शासन की योजनाओं और फैसलों की जानकारी मिल रही है, वहीं आकाशवाणी के माध्यम से लोग अपनी प्रतिक्रियाओं और मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कर रहे हैं। समीपस्थ बोरिया गांव में रहने वाले चन्द्रहास निर्मलकर ने कहा कि ‘रमन के गोठ’ में गांव, गरीब और किसान हितैषी सरकार के सरोकार झलकते हैं। प्रदेश में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने सरकार बेहद गंभीर है। बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा गुणवत्ता अभियान से शासन-प्रशासन सहित आम लोगों, अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जोड़ा गया है।  

मैरीन ड्राइव पर ‘रमन के गोठ’ सुन रहे श्री महेन्द्र उके ने कहा कि अल्प वर्षा से निराश प्रदेश के किसानों को कार्यक्रम सुनकर जरूर संबल मिला होगा कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ हैं। सूखे के हालात को देखते हुए 110 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित करने, प्रदेश के 22 लाख किसानों को बुवाई के लिए निःशुल्क एक क्विंटल बीज देने, बिजली पंप एवं डीजल पंप से सिंचाई करने वाले किसानों को अनुदान देने, सूखा प्रभावित इलाकों में मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों के स्थान पर 150 दिनों का रोजगार मुहैया कराने एवं सरगुजा क्षेत्र के ओला प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के राज्य सरकार के निर्णय से किसानों में अवश्य ही उत्साह का संचार हुआ होगा।

क्रमांक-3882/कमलेश

Date: 
08 Nov 2015