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रायपुर : आकाशवाणी से ‘रमन के गोठ’ की 17वीं कड़ी : नोटबंदी से ईमानदार और देशभक्त जनता का बढ़ा आत्म विश्वास : डॉ. रमन सिंह

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छत्तीसगढ़ की ’डिजिटल आर्मी’ में अब तक 15 लाख प्रशिक्षित नागरिक शामिल
लगभग बारह हजार राशन दुकानों को जल्द से जल्द कैशलेस बनाने का लक्ष्य
राज्य का हर नागरिक होगा हमारी डिजिटल आर्मी का प्रशिक्षित सैनिक : डॉ. रमन सिंह


रायपुर, 08 जनवरी 2017

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए नोटबंदी के फैसले की तारीफ करते हुए कहा- उनके इस ऐतिहासिक, साहसिक, क्रांतिकारी और दूरदर्शी पहल से बेईमानों, षड़यंत्रकारियों और स्वार्थी तत्वों के हौसले पस्त हुए हैं, जबकि ईमानदार और देशभक्त जनता का आत्म विश्वास बढा है। जनता को विश्वास हुआ है कि अब देश में ईमानदारी की कदर होगी और बेईमानों को घुटने टेकने पड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ की 17वीं कड़ी में इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपनी रेडियोवार्ता को मुख्य रूप से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के फैसले और कैशलेस अर्थव्यवस्था पर केन्द्रित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के कई स्थानों पर दुकानों, हाट-बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों में किए जा रहे कैशलेस लेनदेन की प्रशंसा की। उन्होंने राज्य में नगदी रहित अथवा कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया और कहा कि कैशलेस भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।
 डॉ. सिंह ने ‘रमन के गोठ’ में श्रोताओं को बताया - कैशलेस लेनदेन को प्रोत्साहन देने के लिए छत्तीसगढ़ में अब तक 15 लाख लोग प्रशिक्षित होकर राज्य की ‘डिजिटल आर्मी’ में शामिल हो चुके हैं। राज्य में नगदी रहित अथवा कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने आम जनता के लिए ‘मोर खीसा’ (मेरी जेब) मोबाईल एप्प शुरू किया गया है। डॉ. सिंह ने कहा- इस मोबाईल एप में एक क्लिक पर नगदी रहित लेन-देन के पांच विकल्पों को देखकर किसी भी विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में ग्यारह लाख किसानों को ‘रूपे-कार्ड’ बांटे जा रहे हैं, जो किसानों को कैशलेस लेनदेन में मदद करेंगे। राज्य की बारह हजार राशन दुकानों और नौ हजार सामान्य सुविधा केन्द्रों (सीएससी) को जल्द से जल्द कैशलेस करने का लक्ष्य है। राज्य के सभी शहरों, कस्बों और गांवों में लोगों ने रेडियो पर मुख्यमंत्री की बातों को बड़ी दिलचस्पी से सुना। स्कूली बच्चों में भी ‘रमन के गोठ‘ को लेकर काफी उत्साह देखा गया। राज्य में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों ने इस कार्यक्रम को एक साथ प्रसारित किया।
उन्होंने श्रोताओं को बताया कि राज्य में कैशलेस लेन-देन में लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए पिछले महीने चलाए गए विशेष अभियान में बीस दिनों के रिकार्ड समय में 15 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें 14 लाख नागरिक और एक लाख व्यापारी शामिल हैं। इन प्रशिक्षित लोगों को हम डिजिटल आर्मी कहते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कैशलेस लेन-देन में सबसे ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण देने वाला छत्तीसगढ़ भारत का पहला राज्य बन गया है। विगत 31 दिसम्बर तक हमने निर्धारित लक्ष्य से तीन गुना ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण दिलाया है। हर जिले में प्रशासन, पंचायत और विभिन्न विभागों द्वारा पूरी गंभीरता के साथ प्रशिक्षण का अभियान चलाया जा रहा है। इसके फलस्वरूप ‘कैशलेस-ट्रांजेक्शन’ करने वाले व्यापारियों और आम नागरिकों कीसंख्या तेजी से बढ़ रही है।
डॉ. सिंह ने कहा- मुझे विश्वास है कि बहुत जल्द हम प्रदेश की ढाई करोड़ जनता को कैशलेस लेन-देन के लिए प्रशिक्षित कर लेंगे और राज्य का हर नागरिक हमारी ’डिजिटल आर्मी’ का प्रशिक्षित सैनिक होगा। इससे राज्य में डिजिटल साक्षरता का भी तेजी से विस्तार होगा। उन्होंने कहा- हमारी डिजिटल आर्मी जन-सशक्तिकरण का माध्यम बनेगी और एक पंथ में कई काज करेगी। विगत 09 दिसम्बर को राजधानी रायपुर में इसके लिए मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया था, जो राज्य में ग्राम पंचायतों से लेकर जिला स्तर तक और हाट-बाजारों से लेकर शहरों के व्यापारियों तक को प्रशिक्षित करने में जुट गए हैं। इस प्रकार प्रत्येक नया प्रशिक्षित व्यक्ति मास्टर ट्रेनर बनता गया है।
नोटबंदी का तोहफा : आवास ऋणों के ब्याज में कमी
मुख्यमंत्री ने कहा- नोटबंदी का तोहफा जनता को नये आवास ़ऋणों की ब्याज दर में तीन से चार प्रतिशत तक कमी के रूप में मिलेगा। बैंकों ने पुराने आवास ऋणों की ब्याज दरें भी घटा दी हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने रबी फसल के कृषि ऋणों पर 60 दिनों का ब्याज माफ करने और गर्भवती महिलाओं छह हजार रूपए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डी.बी.टी.) के माध्यम से देने की घोषणा की है। वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों में स्थायी जमा पर आठ प्रतिशत ब्याज देने और लघु उ़द्योगों को दो करोड़ रूपए की गारंटी देने की घोषणा भी प्रधानमंत्री द्वारा की गयी है।     डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नगदीरहित (कैशलेस) अर्थ व्यवस्था को बढ़ावा देने के इस महाअभियान के दौरान बैंकों में जमा धन का किस प्रकार का सदुपयोग होगा, इससे संबंधित घोषणाएं हो चुकी हैं और भी बहुत कुछ होना बाकी है, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने का है कि आगे और भी कदम उठाएं जाएंगे। डॉ. रमन सिंह ने अपनी रेडियोवार्ता में श्रोताओं को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में कैशलेस अथवा नगदीरहित लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए उठाएं जा रहे कदमों की भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा- कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए उपायों और विकल्पों के बारे में मैंने पिछली बार विस्तार से बताया था। यू.पी.आई. एप/यू.एस.एस.डी.-स्टार 99 हैश/प्री-पैड वॉलेट या ई-बटुआ/पी.ओ.एस. मशीन, आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम। ये पांच तरीके हैं, जिससे हम नगद के बिना लेनदेन कर सकते हैं। हमने छत्तीसगढ़ में ‘मोर खीसा एप’ लांच किया है, जो एक क्लिक पर सभी विकल्पों को दिखाएगा, आप इसमें से अपनी पसंद के विकल्प का इस्तेमाल कैशलेस भुगतान के लिए कर सकते हैं।

कैशलेस अर्थव्यवस्था गांव, गरीब और किसानों के लिए वरदान

मुख्यमंत्री ने कहा- कैशलेस अर्थव्यवस्था गांव, गरीब और किसानों के लिए वरदान है, क्योंकि यह उन्हें उनकी मेहनत और उनके अधिकार का पूरा पैसा दिलाने का माध्यम बनेगी। बड़े व्यापारी या बड़े प्रतिष्ठान बड़े भुगतान करते हैं। उसमें राशि भले अधिक हो, लेकिन संख्या कम होती है। आम जनता की संख्या ज्यादा होती है। इसलिए मेरी मान्यता है कि बड़े व्यापारियों के लेन-देन में ईमानदारी और पारदर्शिता की दृष्टि से इसका उपयोग है, लेकिन गरीबों, मध्यम वर्गीय लोगों, छोटे दुकानदारों और आम जनता के लिए तो इसमें फायदे ही फायदे हैं । सबसे पहला फायदा तो उनकी राशि की सुरक्षा का है। जब कोई व्यक्ति शासकीय योजना या अन्य वस्तु या सेवा के बदले नगद भुगतान प्राप्त करता है, तो सबसे पहले पहली बात यह होती है कि उसे पूरी राशि मिले। कही किसी तरह की कटौती न हो और उसकी मेहनत की कमाई पर कोई डण्डी न मार दे। नगद पैसों के गुमने, चोरी होने या धोखाधड़ी होने की आशंका रहती है। जब आप अपने पास नगद धन नहीं रखेंगे, तो इन सबसे भी बचेंगे।

मोबाइल फोन की तरह कैशलेस लेनदेन भी सीख सकते हैं लोग

डॉ. सिंह ने कहा - गांव-गांव में बच्चे , महिलाओं और बुजुर्ग जब मोबाइल फोन चलाना सीख लेते हैं, तो कैशलेस लेन-देन भी सीख सकते हैं। इसके लिए बहुत पढ़ा-लिखा होने की जरूर नहीं है। अब तो अंगूठे के निशान से ही आप लेन-देन कर सकते हैं। आपका अंगूठा ही बैंक बन जाएगा। प्रधानमंत्री ने इसके लिए ‘भीम एप’ का लोकार्पण किया है, जो आधार कार्ड के माध्यम से लेन-देन के लिए होगा।
राज्य के जिलों में हो रहे कैशलेस लेनदेन की तारीफ

मुख्यमंत्री ने राज्य में कैशलेस लेनदेन को प्रोत्साहन देने के लिए चल रहे प्रयासों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इस सिलसिले में रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, राजनंादगांव, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, धमतरी, कबीरधाम, जांजगीर-चाम्पा, गरियाबंद, सुकमा, कोण्डागांव, कांकेर बस्तर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर और कोरिया जिलों का विशेष रूप से उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा- मुझे खुशी है कि लोग कैशलेस लेनदेन के तरीकों को बहुत तेजी से सीख रहे हैं और उपयोग में भी ला रहे हैं। मैने स्वयं रायपुर के कुछ बाजारों में जाकर देखा तो मुझे खुशी हुई कि कई बाजार कैशलेस हो गए हैं। मैंने घूम-घूमकर अलग-अलग दुकानों से मोबाइल कव्हर, पेन, नमकीन आदि खरीदा और मोबाइल एप्प से भुगतान किया। मैंने देखा कि दुकानों के बाहर ’मोर रायपुर कैशलेस बाजार’ शीर्षक से पोस्टर लगे हुए हैं, जो पूरे बाजार के ’कैशलेस’ होने पर नगर निगम द्वारा लगवाए गए हैं। रविभवन, मालवीय रोड, खमतराई बाजार, कपड़ा बाजार आदि में पी.ओ.एस. मशीन या ई-वॉलेट से लेनदेन हो रहा है। रायपुर की डिजिटल आर्मी मेें दस हजार लोग जन-जागरण कर रहे हैं।

कैशलेस ब्रांड एम्बेसडर का भी मुख्यमंत्री ने किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने राजधानी के डंगनिया मोहल्ले के चाय दुकान संचालक बलदाऊ यादव का भी जिक्र किया और कहा कि श्री यादव को जिले का कैशलेस ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है। कुंदरू और तरपोंगी की ग्राम पंचायतें पूरी तरह कैशलेस बन चुकी हैं। इसी तरह 250 राशन दुकाने भी कैशलेस बन चुकी हैं। बिलासपुर में नगर निगम को कैशलेस बना दिया है, जहां पीओएस मशीन से सभी करों का भुगतान लिया जा रहा है। रायगढ़ शहर में केवड़ाबाड़ी बस स्टैण्ड में आप बिना नगद दिए श्री लक्ष्मीनारायण साहू की दुकान से पान खरीद सकते हैं और कारगिल चौक में श्री रामसागर मिश्रा की दुकान से चाट खा सकते हैं।
डॉ. रमन सिंह ने मुंगेली जिले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के 525 सामान्य सुविधा केन्द्र (सीएससी) बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं, जहां किसान पंजीयन, मोबाइल रिचार्ज, पेंशन भुगतान, बिजली बिल भुगतान सहित विभिन्न सुविधाएं कैशलेस ट्रांजेक्शन से मिल रही है। राजनांदगांव जिले में भर्रे गांव को पहली कैशलेस ग्राम पंचायत होने का गौरव मिला है। जिले की 187 दुकानों में पीओएस मशीन का उपयोग किया जा रहा है। दुर्ग जिले के सांसद आदर्श ग्राम मोहलाई में श्रीमती लक्ष्मी देवांगन द्वारा किराना और डेली निड्स की दुकान में डिजिटल भुगतान की सुविधा दी जा रही है। बालोद जिले में करीब 200 पीओएस मशीन दुकानों में लगाई गई हैं।
दिव्यांग बिटिया ने दो हजार लोगों को बनाया डिजिटल साक्षर
डॉ. सिंह ने कहा-बेमेतरा जिले के ब्लाक मुख्यालय नवागढ़ में दिव्यांग बेटी चन्द्रवली राजपूत ने दो हजार लोगों को डिजिटल साक्षर बनाया है। धमतरी जिले का नगरी विकासखण्ड एक उदाहरण बन गया है जहां 30 ग्राम पंचायतों ने कैशलेस लेनदेन को ज्यादा पसंद किया है। कबीरधाम जिले की ग्राम पंचायत समनापुर कैशलेस की दौड़ में सबसे आगे है।
 
ई-वॉलेट से खरीदें मूंगफली, फल और चाय

मुख्यमंत्री ने कहा - जांजगीर-चांपा जिले के विकासखण्ड मुख्यालय सक्ती के अग्रसेन चौक पर आप श्री प्रकाश मनचन्दानी के ठेले में ई-वालेट से मूंगफली, अकलतरा में श्री संदीप गुप्ता की दुकान से फल और ग्राम सपोस में श्री टेकराम साहू की चाय दुकान में ई-वॉलेट से भुगतान कर सकते हैं। गरियाबंद जिले में ग्राम पंचायत कोकड़ी को जिले की पहली कैशलेस ग्राम पंचायत का दर्जा मिला है। नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पालनार में किराना दुकान से लेकर पंक्चर दुकान तक डिजिटल लेनदेन हो रहा है। कोण्डागांव जिले में जोबा को जिले की पहली कैशलेस ग्राम पंचायत होने का सम्मान मिला है। कांकेर जिले में कोमलदेव अस्पताल सहित जिले के माकड़ी ढाबा और मोबाइल सेंटर में पीओएस मशीन लग चुकी है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र बांदे और कई अन्य गांवों में ई-वॉलेट का इस्तमाल हो रहा है।

महिला समूहों ने लगाया 44 कैशलेस स्टाल
मुख्यमंत्री ने बस्तर जिले के लोहाण्डीगुड़ा विकासखण्ड के ग्राम उसरीबेड़ा, सरगुजा जिले के मुख्यालय अम्बिकापुर के मठपारा और ग्राम कंठी में भी कैशलेस लेनदेन की शुरूआत पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा - सूरजपुर जिले में हाल ही में आयोजित राज्स स्तरीय स्काउट एवं गाइड्स जम्बूरी में महिला स्व-सहायता समूहों ने 44 कैशलेस स्टॉल लगाकर नगदी से आजादी का बिगुल फूंका था। इससे आस-पास के गांवों में काफी चेतना आई है। बलरामपुर जिले की दो नगर पंचायतें - वाड्रफनगर और राजपुर कैशलेस हो गई है। मुख्यमंत्री ने याद करते हुए कहा कि मैंने इस जिले के ग्राम करंजी में एक दुकान से पेन खरीदा और पीओएस मशीन से भुगतान किया। जशपुर जिले में जरिया और मनोरा कैशलेस ग्राम पंचायत बन चुके है। कोरिया जिले में सांसद आदर्श ग्राम खड़गवां कैशलेस घोषित हो चुका है। इस जिले की पटना, नागपुर और सोनहत ग्राम पंचायतों की 271 दुकानों में कैशलेस भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने ‘रमन के गोठ’ में प्रधानमंत्री द्वारा देश में कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई पुरस्कार योजना की भी जानकारी और बताया कि इसके अंतर्गत हर जिले में ‘डिजि धन मेला’ लगाया जाएगा। इसकी शुरूआत रायपुर जिले से हो चुकी है। इस मेले में एक माह में डिजिटल लेनदेन करने वाले लोगों के नाम लॉटरी निकालकर नगद पुरस्कार देने का प्रावधान किया गया है।  

 

क्रमांक-4883/स्वराज्य

Date: 
08 Jan 2017