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रायपुर : लोक निर्माण, आवास एवं पर्यावरण और परिवहन विभाग की अनुदान मांगें पारित: लगभग 6384 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान

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सभी 146 विकासखण्ड-जिला मुख्यालय से जुड़ेंगे दो-लेन सड़क मार्ग से
सड़कों पर गडढ़ों की शिकायत मिलने पर 15 दिनों में हो जाएगी मरम्मत
राजधानी रायपुर के लिए राज्य के विभिन्न जिलों से चलेंगी 100 राजधानी एक्सप्रेस बसें
मुम्बई और पुरी में बनेंगे छत्तीसगढ़ का गेस्ट हाउस

रायपुर, 17 मार्च 2017

लोक निर्माण, आवास एवं पर्यावरण और परिवहन मंत्री श्री राजेश मूणत के विभागों के लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2017-18 की अनुदान मांगें आज यहां विधानसभा में चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दी गई। इन सभी विभागों के लिए 6384 करोड़ 51 लाख 43 हजार रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। इनमें लोक निर्माण विभाग के लिए 5495 करोड़ रूपए, आवास एवं पर्यावरण विभाग के लिए 777 करोड़ 84 लाख रूपए और परिवहन विभाग के लिए 111 करोड़ 65 लाख रूपए की धनराशि शामिल है।
लोक निर्माण विभाग
लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत ने अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को  विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा हर संभव पहल की जा रही है। इसके तहत राज्य के हर क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलियों तथा भवनों सहित अधोसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। श्री मूणत ने कहा-हमारी सरकार का संकल्प है कि सड़कों का निर्माण सम्पूर्ण प्रदेश में समान रूप से हो। इस प्रक्रिया में राज्य के समस्त जिला मुख्यालय राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित हो गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 146 विकासखण्ड मुख्यालय को जिला मुख्यालय से वर्ष 2018 तक दोलेन सड़कों से जोड़ा जाना निश्चित किया गया है। इनमें 121 विकासखण्ड मुख्यालय पूर्व से ही दो-लेन सड़कों से जुड़ चुके हैं। इसके अलावा 20 विकासखण्ड मुख्यालयों को दो-लेन मार्गों से जोड़े जाने के लिए स्वीकृति मिल गई है और शेष पांच विकासखण्ड मुख्यालयों को दो-लेन सड़क में जोड़े जाने के लिए चालू वर्ष 2017-18 के बजट में प्रावधान किया गया है। इसी तरह प्रदेश के समस्त महत्वपूर्ण शासकीय भवनों अस्पताल, स्कूल, छात्रावास, महाविद्यालय को पहुंच मार्ग से युक्त किया जाना निश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में बेहतर निर्माण कार्यों के लिए गुणवत्ता कमेटी गठित किए गए हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ को गड्ढ़ा रहित प्रदेश के रूप में पहचान देने के लिए आगामी माह मई से ’एप्प’ की शुरूआत की जाएगी। जिसके तहत सड़क मार्ग में गडढ़े की शिकायत की जानकारी मिलते ही उसे 15 दिवस के भीतर मरम्मत कर दी जाएगी। श्री मूणत ने यह भी बताया कि प्रदेश के सभी जिलों से राजधानी रायपुर तक आम जनता को शीघ्र आवागमन की सुविधा देने के लिए 100 बसें राजधानी एक्सप्रेस के रूप में चलाने की भी योजना है।
लोक निर्माण मंत्री श्री मूणत ने कहा-शासन द्वारा राज्य के नवीन जिलों में अधोसंरचना के पूर्ण विकास के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। इनमें दो-लेन सड़क, बायपास मार्ग, कम्पोजिट बिल्डिंग, ट्रांजिट हास्टल, सर्किट हाउसों का निर्माण तथा विस्तार आदि का कार्य शामिल हैं। इसी तरह वर्ष 2017-18 के बजट में राज्य के सभी पांच संभागीय मुख्यालयों में फायर स्टेशन भवन तथा ऑडिटोरियम और आरटीओ कार्यालय भवन के निर्माण का प्रावधान किया गया है। प्रदेश की आम जनता को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से अस्थायी आवास व्यवस्था के लिए मुम्बई में छत्तीसगढ़ शासन के गेस्ट हाउस निर्माण और पुरी (ओड़िशा) में छत्तीसगढ़ शासन के गेस्ट हाउस के निर्माण के लिए दस-दस करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत वर्ष 2017-18 के बजट में सामान्य क्षेत्रों के अंतर्गत 12रेल्वे ओव्हर ब्रिज/अंडर ब्रिज, 60 पुल, 317 सड़क मार्ग और 210 भवन निर्माण कार्य शामिल किया गया है। आदिवासी बहुल क्षेत्रों के अधोसंरचना विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में एक हवाई पट्टी, 112 पुल निर्माण, 218 सड़क निर्माण और 107 भवन निर्माण के कार्यों को शामिल किया गया है। इन कार्यों में से 46 हाईस्कूल भवन निर्माण के लिए 13 करोड़ रूपए, 09 हायर सेकेण्डरी भवन निर्माण के लिए 26 करोड़ रूपए और चार महाविद्यालयों में 100 सीटर कन्या/बालक छात्रावास के लिए 22 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। कांकेर, कोरिया, जशपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 50-50 सीटर कन्या छात्रावास निर्माण के लिए 17 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। आदिवासी क्षेत्र के अंतर्गत 22 स्थानों पर मिनी स्टेडियम निर्माण के लिए 44 करोड़ रूपए का प्रावधान है। दस लाईवलीहुड कॉलेज बलरामपुर, गरियाबंद, जशपुर, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, राजनांदगांव, सुकमा तथा सरगुजा में छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए पांच करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2017-18 के बजट में विक्रय कर कार्यालय बिलासपुर का भवन निर्माण के लिए एक करोड़ और दंतेवाड़ा, कांकेर, सरायपाली, कटघोरा तथा डौंडीलोहारा में लोक अभियोजन कार्यालय भवन के निर्माण के लिए एक करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। जगदलपुर और अम्बिकापुर में सैनिक विश्राम गृह के निर्माण के लिए एक करोड़ और नौ जिलों में नवीन पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला के निर्माण के लिए दो करोड़ 57 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।
केन्द्रीय सड़क निधि के अंतर्गत वर्ष 2017-18 के बजट में चार महत्वपूर्ण कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें राजधानी रायपुर के रेल्वे स्टेशन तेलीबांधा से केन्द्री के मध्य छोटी रेल लाईन के स्थान पर फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 295 करोड़ 87 लाख रूपए, रायपुर स्थित रिंग रोड-01 पर कुशालपुर चौक के पास ओव्हरपास निर्माण के लिए 22 करोड़ 94 लाख, राजनांदगांव बायपास-एन.एच.53 जक्शन में ओव्हर पास के निर्माण के लिए 28 करोड़ 97 लाख और रायपुर स्थित केनाल रोड (कमल विहार के पास) तथा जंक्शन में फ्लाईओव्हर निर्माण के लिए 25 करोड़ 38 लाख रूपए का प्रावधान शामिल है। एशियन विकास बैंक तृतीय ऋण सहायता योजना के अंतर्गत राज्य में एक हजार किलोमीटर सड़कों का चयन किया गया है।
आवास एवं पर्यावरण विभाग
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत ने कहा-छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा राज्य में अब तक एक लाख से अधिक आवासों का निर्माण किया जा चुका है, जिसमें 85 प्रतिशत से अधिक आवास समाज के कमजोर आय वर्ग तथा निम्न आय वर्ग के लिए निर्मित किए गए हैं। इसकी वजह से अफोर्डेबल हाउसिंग में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए गृह निर्माण मंडल को अब तक सात राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नया रायपुर में 40 हजार भवनों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा पहली बार रायपुर शहर में प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कार्य योजना बनाकर प्रदूषण को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि वर्ष 2014 की तुलना में पिछले दो वर्षों में प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इसी क्रम में 17 प्रकार के अति प्रदूषणकारी श्रेणी के 140 उद्योगों में ऑनलाईन मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित कर चौबीसों घण्टे प्रदूषण की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। रायपुर शहर के मध्य कलेक्टोरेट के समीप स्थित 19 एकड़ के ईएसी शासकीय कॉलोनी को सिटी फारेस्ट में तब्दील करने का निर्णय लिया गया है। राज्य में भवन निर्माण में पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। नेशनल ग्रीन कोर कार्यक्रम के तहत 6750 स्कूलों में इको-क्लब का गठन कर दिया गया है। लगभग छह लाख स्कूली बच्चे पर्यावरण सुरक्षा के अभियान में जुटे हुए हैं। श्री मूणत ने कहा-परिवहन विभाग प्रदेश की आज जनता को सुगम यातायात सेवा उपलब्ध कराने और परिवहन कार्यालयों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं में पारदर्शिता लाने के लिए कृत संकल्पित हैं।


क्रमांक-5971/प्रेमलाल

Date: 
17 Mar 2017