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रायपुर : वनों पर आश्रित है दुनिया की दो-तिहाई आबादी का जीवन : श्री महेश गागड़ा : विश्व वानिकी दिवस पर वन मंत्री ने किया जंगल बचाने का आव्हान

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रायपुर, 20 मार्च 2017

विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन मंत्री श्री महेश गागड़ा ने प्रदेशवासियों के नाम अपने संदेश में कहा है कि दुनिया की लगभग दो-तिहाई आबादी अपने जीवन यापन के लिए किसी न किसी रूप में वनों पर आश्रित है। इसी तरह मानव सहित सभी प्राणियों का जीवन भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से वनों पर निर्भर है। वन मंत्री ने विश्व वानिकी दिवस की पूर्व संध्या पर सभी लोगों से जंगल बचाने के लिए संकल्प लेने का आव्हान किया है।
श्री गागड़ा ने कहा-सम्पूर्ण विश्व में मनुष्य को स्वच्छ पर्यावरण और स्वच्छ प्राण वायु देने के लिए जंगलों का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा-संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 21 मार्च 1971 से विश्व वानिकी दिवस मनाने की शुरूआत की गई थी। इस बार यह 46वां विश्व वानिकी दिवस होगा, जिसका आयोजन संयुक्त राष्ट्र संघ के संकल्प के अनुसार ’वन तथा ऊर्जा’ संरक्षण को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा-पूरी दुनिया में हर साल लगभग 60 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्रों की कमी हो रही है। श्री गागड़ा ने कहा-छत्तीसगढ़ राज्य इस मामले में सौभाग्यशाली है कि हमारे यहां भरपूर वनक्षेत्र उपलब्ध है। हम अगर अपनी इस अत्यंत मूल्यवान वन संपदा का इस्तेमाल वैज्ञानिक तरीके से करें, तो वन क्षेत्र में कमी नहीं होगी।
श्री गागड़ा ने कहा-छत्तीसगढ़ सरकार की नीति के अनुसार ग्रामीणों को वनों से सिरबोझा द्वारा निःशुल्क जलाऊ लकड़ी देने की व्यवस्था है, लेकिन अब हम लोग परम्परागत जलाऊ लकड़ी के उपयोग को कम करने के लिए ग्रामीणों को ऊर्जा के अधिक से अधिक वैकल्पिक स्त्रोत दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को सिर्फ 200 रूपए के पंजीयन शुल्क पर रसोई गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। परम्परागत बिजली की खपत कम करने के लिए अत्यंत कम कीमत पर लोगों को एलईडी बल्ब वितरित किए जा रहे हैं। किसानों को सौर सुजला योजना के तहत नाम मात्र के मूल्य पर सोलर सिंचाई पम्प वितरित किए जा रहे हैं।

क्रमांक-5994/स्वराज्य

Date: 
20 Mar 2017