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सक्षम अधिकारी सूर्यवंशी जाति का प्रमाण पत्र जारी कर सकते हैं : सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया परिपत्र

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    रायपुर, 08 मई 2012

राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि सूर्यवंशी जाति के लोगों के पूर्वजों के राजस्व अभिलेखों में यदि चमार जाति अंकित हो और सक्षम अधिकारी  जांच के आधार पर परीक्षण करने पर यह पाते हैं कि अभ्यर्थी सूर्यवंशी जाति का है, तो उसे सूर्यवंशी जाति का जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है, क्योंकि चमार और सूर्यवंशी दोनों ही जातियां छत्तीसगढ़ राज्य की अनुसूचित जाति की सूची में शामिल हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से इस महीने की चार तारीख को इस आशय का परिपत्र अध्यक्ष राजस्व मंडल सहित सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को जारी किया गया है।
         परिपत्र में कहा गया है कि राज्य शासन के ध्यान में यह आया है कि संविधान के अनुच्छेद 341 के अध्यधीन भारत सरकार द्वारा अधिसूचित छत्तीसगढ़ राज्य की अनुसूचित जाति के सरल क्रमांक 14 पर चमार, चमारी, बेरवा, भांबी, जाटव, मोची, रेगर, नोना, रोहिदास, रामनामी, सतनामी, सूर्यवंशी, सूर्यराम नामी, अहिरवार, चमार, मांगन ,रैदास जातियां शामिल हैं। उक्त जाति समूह में से राज्य के कतिपय जिलों में सूर्यवंशी जाति के लोगों के राजस्व अभिलेखों में चमार जाति अंकित है जिसके फलस्वरूप उन्हे सूर्यवंशी जाति का जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाईयां हो रही हैं।
    अत: इस संबंध में राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि सूर्यवंशी जाति के लोगों के पूर्वजों के राजस्व अभिलेखों में यदि चमार जाति अंकित हो और अभ्यर्थी द्वारा विहित तरीके से सूर्यवंशी जाति का प्रमाण पत्र जारी किए जाने का निवेदन किया जाता है, इस स्थिति में सक्षम अधिकारी नियमानुसार जांच के आधार पर परीक्षण करने पर यदि यह पाते हैं कि अभ्यथर्ाी सूर्यवंशी जाति का है तो उसे सूर्यवंशी जाति का जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है, क्योंकि चमार और सूर्यवंशी दोनों ही जातियां छत्तीसगढ़ राज्य की अनुसूचित जाति की सूची में शामिल होने के कारण उनके संवैधानिक अधिकारों, प्रावधानों में कोई अंतर नही आएगा। अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

क्रमांक-611/हर्षा

Date: 
08 May 2012