Homeशासकीय विभागों द्वारा की जाने वाली खरीदी पर प्रदायकर्ताओं और ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतान पर टैक्स कटौती की जाए

Secondary links

Search

शासकीय विभागों द्वारा की जाने वाली खरीदी पर प्रदायकर्ताओं और ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतान पर टैक्स कटौती की जाए

Printer-friendly versionSend to friend

वित्त विभाग ने विभागों को जारी किए निर्देश

रायपुर 9 मई 2012

राज्य शासन ने सभी  विभागों में की जाने वाली खरीदी पर प्रदायकर्ताओं और ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतान पर छत्तीसगढ़ मूल्य सवंर्धित कर (वेट) अधिनियम 2005 के प्रावधानों के अनुसार स्त्राेत पर टैक्स की कटौती के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से इस माह की पांच तारीख को जारी परिपत्र में छत्तीसगढ़ मूल्य सवंर्धित कर (वेट) अधिनियम 2005 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इनका पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। उक्त प्रावधानों का पालन नही किए जाने पर त्रुटिकर्ता अधिकारी पर कटौती की राशि के 2 प्रतिशत प्रति माह और अधिकतम 25 प्रतिशत शास्ति लगाई जाएगी।
      इस अधिनियम के अनुसार शासकीय विभागों द्वारा की जाने वाली खरीदी पर प्रदायकर्ताओं और ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतान पर स्त्राेत पर कर की कटौती के संबंध में निम्नानुसार प्रावधान है-
1     शासकीय विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के पंजीकृत व्यवसायी से रूपये पांच हजार से अधिक की खरीदी का भुगतान करने के पूर्व वेट की राशि के बराबर स्त्राेत पर कर की कटौती की जाना अनिवार्य है।
2     शासकीय विभाग एवं शासकीय उपक्रम द्वारा दिए गए र्वक्स कांटे्रक्ट में ठेकेदार को भुगतान करने के पूर्व 2 प्रतिशत की दर से स्त्राेत पर कर की कटौती की जाना अनिवार्य है।
3     स्त्रोत पर कर की कटौती की राशि निर्धारित प्रारूप 35 में चालान द्वारा कोषालय में अगले माह की 10 तारीख के पूर्व जमा किया जाना अनिवार्य है।
4     उक्त प्रावधानों का पालन नही किए जाने पर त्रुटिकर्ता अधिकारी पर कटौती की राशि के दो प्रतिशत प्रतिमाह और अधिकतम 25 प्रतिशत शास्ति लगाए जाने का प्रावधान है।
      परिपत्र में कहा गया है कि शासन के ध्यान में यह तथ्य लाया गया है कि विभागों द्वारा उक्त प्रावधानों का पालन नही किया जा रहा है, जिससे वाणिज्यिक कर राजस्व प्रभावित हो रहा है। कुछ विभागों, कार्यालयों द्वारा स्त्राेत पर कटौती की गई राशि निर्धारित अवधि में कोषालय में जमा न करते हुए एक साथ 3 माह, 6 माह,12 माह या वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद जमा की जाती है। कुछ अन्य कार्यालयों द्वारा इस राशि का भुगतान चालान के माध्यम से न करते हुए कोषालय में बुक एडजस्टमेंट के रूप में किया जाता है जो कि नियमानुसार नही है। जारी निर्देश मे कहा गया है कि वेट अधिनियम के तहत बने नियमों में सप्लायर्स, कान्ट्रेक्टर्स को स्त्रोत में कर की कटौती के आधार पर इनपुट रिबेट की पात्रता है। इसके लिए संबंधित विभाग, कार्यालय द्वारा उन्हे प्रारूप 39,40में प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इसके अभाव में सप्लायर्स, ठेकेदारों को त्रैमासिक विवरण पत्र भरने में असुविधा होती है। परिपत्र में सभी विभागाध्यक्षों, अधीनस्थ कार्यालयों को वेट अधिनियम के उपरोक्त प्रावधानों के अनुसार स्त्रोत पर कटौती करने, कटौती की राशि समयावधि में कोषालय में जमा करने और सप्लायर, ठेकेदारों को निर्धारित प्रारूप में प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में समुचित निर्देश जारी करने को कहा गया है। इस संबंध में यहां मंत्रालय से अध्यक्ष राजस्व मंडल,सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं।

क्रमांक-626/हर्षा

Date: 
09 May 2012