Home अम्बिकापुर : सरगुजा छत्तीसगढ़ के नक्शे में है सिर और माथे की तरह : अम्बिकापुर में मेडिकल कॉलेज खुलने से छत्तीसगढ़ के चारों कोनों में बने चिकित्सा शिक्षा के किले

Secondary links

Search

अम्बिकापुर : सरगुजा छत्तीसगढ़ के नक्शे में है सिर और माथे की तरह : अम्बिकापुर में मेडिकल कॉलेज खुलने से छत्तीसगढ़ के चारों कोनों में बने चिकित्सा शिक्षा के किले

Printer-friendly versionSend to friend

उत्साह से सुना गया ‘‘रमन के गोठ’’ की तेरहवीं कड़ी  


अम्बिकापुर 11 सितम्बर 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियोवार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ की तेरहवीं कड़ी में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा छत्तीसगढ़ के नक्शे में सिर और माथे की तरह है। अम्बिकापुर में मेडिकल कॉलेज खोलकर छत्तीसगढ़ की चारों दिशाओं के चारों कोनों में चिकित्सा शिक्षा के किले बना दिये गये हैं, जो प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज का मतलब सिर्फ शिक्षा संस्थान ही नहीं होता है बल्कि इसके साथ सर्व सुविधायुक्त विशाल अस्पताल भी जुडता है और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप शोध और अनुसंधान के केन्द्र का विकास होता है। इस मेडिकल कॉलेज का लाभ न केलव सरगुजा संभाग के 5 जिलों को मिलेगा बल्कि सीमावर्ती मध्यप्रेदश, उत्तरप्रदेश और झारखण्ड के लिए आशा का केन्द्र बनेगा। ‘‘रमन के गोठ’’ की तेरहवीं कड़ी को आज यहां जिला पंचायत के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री भीम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सुना। इसके साथ ही सरगुजा जिले के ग्राम पंचायतों और गांव-गांव में भी रमन के गोठ को उत्साह से सुना गया।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने पिछले हफ्ते धूम-धाम से मनाये गये शिक्षक दिवस की चर्चा करते हुए कहा कि अच्छे शिक्षक हमें पूरी जिन्दी याद रहते हैं। शिक्षकों के योगदान से ही उनका सम्मान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक-शिक्षिकाएं ने अपने जीवन को ऐसा उदाहरण बनायें जिससे उन्हें सिर्फ शिक्षक दिवस पर ही नहीं बल्कि हमेशा याद किया जायेगा। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मातृ शक्ति के सम्मान की परम्परा है जिससे प्रदेश में महिलाओं के मान-सम्मान, उनके अधिकारों की रक्षा और सशक्तिकरण को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि त्यौहारों को हम आज के समय की चुनौतियों के ऐसे कार्यो से जोड़े जो हम सबके जीवन को सरल बनाने में सहायक हो। त्यौहारों के अवसर पर मानव सेवा और जरूरत मंदों के कल्याण के काम करें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुधारों के लिए बड़ी तेजी से जागृति आ रही हैं, जिसके कई उदाहरण देखने को मिल रहें है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव तस्करी एक वैश्विक समस्या है। बेहतर रोजगार के लिए बाहर जाने वाले लोगों को कहीं अपराधियों के द्वारा किये जाने वाले शोषण का शिकार होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जशपुर, रायगढ़ और सरगुजा के सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में प्रशासन को यह निर्देश दिया गया है कि जो परिवार बेहतर आय के लिए दूसरे प्रदेश में जाते हैं उनके संबंध में समुचित जानकारी संबंधित पंचायतों में उपलब्ध रहनी चाहिए। समय-समय पर उनकी सुरक्षा की समीक्षा होनी चाहिए। गांव में यदि संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दी जाए। हर तरह की सर्तकता बरती जाए ताकि कोई भी व्यक्ति मानव तस्करी के चंगुल में न फंसे। उन्होंने बताया कि हमने इस संबंध में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा दिल्ली में आवासीय आयुक्त के मातहत एक प्रकोष्ठ स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि आसपास के राज्यों में जाकर यदि कोई शोषण का शिकार होने लगे तो उसकी जानकारी जल्दी से जल्दी मिल सके और उसे छुड़ाया जा सके। इसके साथ ही नियोक्ता और श्रमिकों के बीच अच्छे संबंध बनाने हेतु समुचित कदम उठायें जायेंगे। छत्तीसगढ़ से अन्य राज्य में काम करने गये लोगों को बीमारी या अन्य परेशानी की स्थिति में तत्काल मदद उपलब्ध कराने तथा अन्य कल्याणकारी कार्य भी इस प्रकोष्ठ के माध्यम से किये जायेगें। ?
    मुख्यमंत्री ने जनसामान्य से अपील की है कि वे अधिक ज्यादा ब्याज के लालच में अपनी जमा पूंजी चिटफण्ड कम्पनियों में जमा न करें बल्कि बैंकों में जमा करें। उन्होंने कहा कि बिना जांच पड़ताल के किसी भी संस्था में जमा न करें। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसढ़ में हमने एक बड़ा कानून बनाया है जो चिटफंड कम्पनियों के गोरख धंधे से राहत दिलायेगा। अब किसी भी संस्था को जनता से पैसा इकट्ठा करने से पहले जिला कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने ग्रामीण अंचल में पदस्थ सभी सरकारी अमले से अपील की है कि वे चिटफंड कम्पनियों के गोरखधंधे से सतर्क रहंे और जनता को भी बचाएं। कोटवार, पटवारी, नायब तहसीलदार, पंचायत महिला एवं बाल विकास विभाग बैंक के अधिकारी कर्मचारी, डॉक्टर, शिक्षक-शिक्षकाएं आदि जनता को ऐसी संस्थाओं के खिलाफ जागरूक करें और जनता की खून-पसीने की कमाई की सुरक्षा में योगदान करें।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना पर अमल शुरू कर दिया गया है। हर जिले के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिये गये हैं और 2 वर्षो में 25 लाख परिवारों की रसोइ को धुएं से मुक्त कर दिया जायेगा। इस योजना के तहत 200 रूपये की रजिस्ट्रेशन राशि पर निःशुल्क गैस कनेक्शन, दो बर्नर वाला चूल्हा और पहला भरा हुआ गैस सिलेण्डर तथा बीमा सुरक्षा की कवच जैसी सुविधाएं देने वाले मामले में भी छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन से राजनीति की समझ विकसित होनी चाहिए और छात्र जीवन से ही हम इस प्रजातंत्र की अच्छाई बुराई को जानने का एवं समझने का अवसर सझते हैं। उन्होंने कहा कि नया खून, नया जोश, नया संकल्प ने नई ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने और लोकतंत्र की जाड़ों को मजबूत करने में छात्र संघ चुनाव मदद करते हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि नवनिर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारी युवाओं की आवाज बनें। उनकी समस्याओं को सही फोरम पर रखें। सकारात्मक रूख बनाए रखें ताकि वे अपनी पढ़ाई भी अच्छे से पूरी कर सकें। उन्होंने छात्रसंघ के सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

    
समाचार क्रमांक 1887/2016  

Date: 
11 Sep 2016