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मंत्रिपरिषद के निर्णय- 2011

मंत्रिपरिषद के निर्णय- 2011

रायपुर, 06 जनवरी 2011

     राज्य मंत्रिपरिषद की आज यहां आयोजित बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।
1. राज्य की विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र नीति 2010 का अनुमोदन मंत्रिपरिषद द्वारा कतिपय संशोधनों के साथ किया गया। इस नीति के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र किसी भी व्यक्ति (जिसमें केन्द्र सरकार, राज्य शासन, निजी व्यक्ति, संयुक्त क्षेत्र में अथवा सार्वजनिक /निजी भागीदारी सम्मिलित हैं ) द्वारा स्थापित किये जा सकते हैं। इस नीति से घरेलू एवं विदेशी पूंजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, तीव्रगति से औद्योगिकीकरण एवं आर्थिक सुदृढ़ीकरण में सहायता प्राप्त होगी, स्थानीय संसाधनों का राज्य में ही प्रसंस्करण कर मूल्य संवर्धन हो सकेगा जिससे प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोत्तरी होगी, राज्य से निर्माण एवं सेवा क्षेत्र में निर्यात बढ़ेगा, सभी श्रेणियों में रोजगार के अवसरों में बढ़ोत्तरी होगी तथा राज्य में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की अधोसंरचना का विकास सुनिश्चित होगा।
2. छत्तीसगढ़ अधोसंरचना विकास निगम के नियंत्रणाधीन विघटित परिवहन निगम के दिवंगत कर्मचारियों के परिवार के आश्रित सदस्यों को शिक्षाकर्मी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया ।
3. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारी के पदों पर भर्ती हेतु नियमों को शिथिल करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त कतिपय अन्य निर्णय भी मंत्रिपरिषद द्वारा लिये गये।

क्रमांक-5557/पुजारी

 

कैबिनेट के निर्णय

दिनांक 28 जनवरी 2011

  •  वर्ष 2011-12 के लिए राज्य की आबकारी नीति में संशोधनों को मंजूरी। नयी संशोधित नीति माह अप्रेल 2011 से लागू होगी।
  •  दो हजार की जनसंख्या वाले गांवों की 250 शराब दुकानें बंद करने का फैसला। अपवाद स्वरुप सीमावर्ती जिले तथा गांवों के बीच की अधिक दूरी देखते हुए पचास दुकानें छोड़ी गयी हैं। इस निर्णय से शासन को एक सौ करोड़ रुपए के राजस्व की हानि होगी।
  •  शराब की अवैध बिक्री रोकने आबकारी एक्ट में कड़े प्रावधान किए जाएंगे।
  •  वर्ष 2011-12 के लिए शराब दुकानों की आवंटन नीति यथावत रहेगी। दुकानों के समूह में कमी करने का निर्णय। अब तीन के बजाए दो दुकानों का एक समूह तथा 25 बल्क लीटर क्षमता घटाकर पांच लीटर करने का निर्णय।
  •  रायगढ़ जिले में निर्माणाधीन केलो जलाशय परियोजना से प्रभावित ग्राम धानोद के एक हजार किसानों को छह करोड़ रुपए का अतिरिक्त मुआवजा मंजूर। इस परियोजना से प्रभावित 21 गांवों के किसानों को पूर्व में ग्यारह करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है।
  •  चालू वित्तीय वर्ष के लिए तृतीय अनुपूरक बजट एवं वर्ष 2011-12 के लिए वार्षिक बजट को मंजूरी।

 

मंत्रिपरिषद के निर्णय

    रायपुर, 14 फरवरी 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए :-

1.    राजधानी के रूप में रायपुर शहर के समग्र, योजनाबध्द, सुव्यवस्थित और बेहतर विकास के लिए जन-भागीदारी से कमल विहार योजना का क्रियान्वयन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जाएगा। बैठक में मंत्रिपरिषद के सदस्यों को इस योजना की विस्तृत जानकारी दी गयी।  
2.    आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा प्रदेश के अन्य शहरों में नगर विकास योजना तैयार कर उसके क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय विकास प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
3.    कमल विहार योजना में छोटे भू-स्वामियों को रियायती दर पर अतिरिक्त भूमि दी जाएगी।
4.    नगर विकास योजना के तहत रायपुर विकास प्राधिकरण एवं मूल भू-स्वामियों को विनिमय से प्राप्त होने वाले विकसित, पुनर्गठित प्लाट के पंजीयन पर स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क से छूट तथा नगर विकास योजना के ही अन्तर्गत विकसित, पुनर्गठित प्लाट पर डायवर्सन शुल्क से छूट प्रदान की जाएगी। 
5.    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण विधेयक 2010 का अनुमोदन किया गया। इस विधेयक का उददेश्य भवनों के भाड़ा संबंधी विवादों और शिकायतों का प्रभावी निराकरण और मकान मालिकों तथा किराएदारों के अधिकारों का संरक्षण तथा दोनों के दायित्वों का निर्धारण करना है।
        समर्थन मूल्य पर प्रदेश अब तक हुई धान खरीदी की प्रगति और विगत दिनों नक्सलियों द्वारा अपहृत जवानों की रिहाई के लिए शासन द्वारा किए गए प्रयासों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी मंत्रिपरिषद के सदस्यों को दी गयी। 

       क्रमांक-6238

मंत्रिपरिषद के फैसले

रायपुर, 10 जून 2011

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य शासन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले जिले के भीतर संबंधित जिला प्रभारी मंत्रियों के अनुमोदन से आगामी 15 जुलाई 2011 तक करने का निर्णय लिया गया। केबिनेट में महिला और बाल विकास विभाग के अन्तर्गत पर्यवेक्षकों की भर्ती के लिए पूर्व में ली गयी परीक्षा से संबंधित चयन सूची की वैधता अवधि आगामी तीन माह तक बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में राज्य के दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले में बीती रात और नारायणपुर जिले में कल सवेरे नक्सलियों द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निन्दा की गयी और दोनों घटनाओं में राज्य पुलिस के कुल 15 जवानों की शहादत पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उनके शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट की गयी ।

  क्रमांक-1173/स्वराज्य

कैबिनेट के निर्णय

दिनांक 22 जून 2011

  •  प्रदेश में महिला पुलिस बटालियन के गठन का फैसला।
  •  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जिला पुलिस बल में महिलाओं के लिए आरक्षण तीस प्रतिशत से घटा कर दस प्रतिशत करने का निर्णय।
  •  संवेदनशील क्षेत्रों में वन सुरक्षा चौकियों की स्थापना का निर्णय।
 
 
कैबिनेट के निर्णय



दिनांक 05 जुलाई 2011
1. अटल विहार योजना को मंजूरी

छत्तीसगढ़ राज्य में शहरी क्षेत्र मुख्यत: राजधानी, जिला/ब्लॉक मुख्यालय, औद्योगिक क्षेत्रों में सर्वसुविधायुक्त आवासीय बसाहट (integrated Township) की अत्यधिक मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य के शहरी, अर्ध्दशहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख आवास निर्माण करने हेतु अटल विहार योजना को मंजूरी दी गयी है। इस योजना के तहत आगामी तीन वर्षों में प्रदेश में एक लाख आवासों का निर्माण छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा किया जाएगा। इस योजना पर लगभग 11 हजार 800 करोड़ रूपए व्यय होंगे।

  • योजना के तहत राज्य के जिला/ब्लॉक मुख्यालय, छोटे शहर, बड़े ग्राम, औद्योगिक, कुटीर उद्योग के क्लस्टर क्षेत्र तथा उनके आसपास के क्षेत्रों में सर्वसुविधयुक्त एवं गुणवत्तायुक्त आवास उचित मूल्य पर उपलब्ध कराया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अन्तर्गत बसाहटों में स्कूल, स्वास्थ्य केन्द्र आदि का प्रावधान रहेगा। इस योजना के जरिए राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण राज्य के विभिन्न स्थानों में आवासीय मांग की पूर्ति हो सकेगी।
  • मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार ई.डब्ल्यू एस. आवास के लिए 80.000 रूपए का अनुदान तथा एल.आई.जी. आवास के लिए 40.000 रूपए प्रति भवन के मान से अनुदान राज्य शासन द्वारा दिया जाएगा। इस पर लगभग 250 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा।
  •  अटल विहार योजना के तहत शासकीय भूमि एक रूपए प्रति वर्गफीट की दर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया।

2.  तेलीबांधा तालाब के किनारे स्थित रायपुर विकास प्राधिकरण के व्यावसायिक  परिसर के हितग्राहियों का व्यवस्थापन:-

  •  तेलीबांधा जलाशय की विकास योजना में निहित कार्यों के क्रियान्वयन हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिए प्रभावित हितग्राहियों को निहित प्रक्रिया एवं नियमों का पालन करते हुए यथा काबिज एवं व्यवस्थापन हेतु प्रस्तावित 14 दुकानों एवं 01 हॉल का मूल्यांकन कराए जाने के उपरांत समतुल्य लागत की यथा दुकानों/हॉल का व्यवस्थापन करने हेतु नगर निगम रायपुर को अधिकृत किए जाने एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम एवं (अचल संपत्ति का अंतरण्) नियम 1994 के नियम (3), (3-क) एवं (8) के प्रावधानों में छूट दिए जाने हेतु मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया गया।

3.  अनुसूचित क्षेत्रों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों में नियुक्ति हेतु नियम शिथिल करने का निर्णय :-

  •  राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों के नियुक्ति के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के लिए भर्ती नियमों को शिथिल करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद के लिए गए निर्णय  अनुसार पूर्व में जारी भर्ती नियमों को शिथिल करते हुए निर्धारित रोस्टर के अनुसार बस्तर एवं सरगुजा संभाग के संबंधित जिलों के ही स्थानीय निवासियों से रिक्त पदों की भर्ती की जाएगी। यह प्रस्ताव अनुमोदन हेतु महामहिम राज्यपाल महोदय को भेजने का निर्णय लिया गया।

4.    छत्तीसगढ़ अभिवहन वनोपज अधिनियम में संशोधन:-

  • प्रदेश के 7 जिलों 1, सरगुजा, 2 जशपुर, 3, जांजगीर-चांपा, 4 कोरबा, 5 धमतरी, 6 कबीरधाम और 7, महासमुंद में बांस की परिवहन अनुज्ञा पत्र जारी करने का अधिकार ग्राम पंचायतों को देने का निर्णय लिया गया है। कृषि वाणिकी को बढ़ावा देने के लिए बांस के परिवहन को सुगम बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

5.    छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक को नाबार्ड से साख सीमा स्वीकृति हेतु राज्य  शासन द्वारा शुल्क मुक्त शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किए जाने का निर्णय:-

  •  छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक से संबध्द जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों को कृषि ऋण वितरण हेतु नाबार्ड से अल्पकालीन कृषि साख सीमा प्राप्त करने के लिए नाबार्ड के पक्ष में वर्ष 2011-12 के लिए रूपए 500 करोड़ के शुल्क मुक्त शासकीय प्रत्याभूति प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है। वर्ष 2010-11 में राज्य सहकारी बैंक को 480 करोड़ रूपए की शासकीय प्रत्याभूति दी गयी थी, जिस पर 0.5 प्रतिशत की दर से 2.40 करोड़ रूपए प्रत्याभूति शुल्क में छूट दी गयी है।

6.     डॉ. डी.एन.तिवारी एक सदस्यीय वेतन विसंगति समिति द्वारा द्वारा प्रस्तुत  प्रतिवेदन में की गयी अनुशंसाओं के परीक्षण हेतु  गठित  की गयी सचिव समिति  का प्रतिवेदन का अनुमोदन :-

  •  डॉ. डी.एन. तिवारी समिति की अनुशंसाओं के संबंध में सचिव समिति द्वारा प्रस्तुत अनुशंसाओं को मान्य करने का निर्णय लिया गया है। डॉ. डी.एन. तिवारी की अनुशंसाओं एवं उनके संबंध में सचिव समिति की अनुशंसाओं के संदर्भ में यदि किसी बिन्दु पर स्पष्टीकरण के संबंध में यदि कोई परिपत्र/निर्देश जारी करने की आवश्यकता होती है, तो वित्त विभाग की सहमति से जारी किए जाएंगे। इन अनुशंसाओं को मान्य करने पर राज्य पर अनुमानित 2.56 करोड़ रूपए का वार्षिक वित्तीय भार पड़ेगा तथा यह व्यय विभाग द्वारा वेतन भत्ते के उपलब्ध बजट से किया जाएगा।


मंत्रिपरिषद के निर्णय

रायपुर, 22 जुलाई 2011

       मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय इस प्रकार हैं:
1.     हाथी रिजर्व का गठन : सरगुजा जिले के दो अभ्यारण्य-तैमोर पिंगला और सेमरसोत तथा जिला जशपुर के अभ्यारण्य बादलखोल को मिला कर 1143 वर्ग किलोमीटर में हाथी रिजर्व बनाया जाएगा।
2.     माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के परिपालन में विभिन्न अपराधों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना 2011 शुरू की जाएगी। दंड प्रक्रिया संहिता 1973 (1974 का अधिनियम क्र.2) की धारा 357-ए द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह योजना लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा पीड़ित क्षतिपूर्ति निधि की स्थापना की जाएगी। क्षतिपूर्ति राशि की स्वीकृति पीड़ित व्यक्ति के आवेदन के आधार पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाएगी, जिसका भुगतान संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। मृत्यु के प्रकरण में क्षतिपूर्ति राशि अधिकतम एक लाख रूपये होगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पुलिस अधीक्षक से परामर्श तथा समुचित जांच के बाद तथ्य एवं दावे की पुष्टि करेगा तथा दो माह के अंदर जांच पूर्ण कर योजना के प्रावधानों के अनुसार प्राधिकरण द्वारा क्षतिपूर्ति राशि की घोषणा की जाएगी। चोट या क्षति पहुंचाने वाले व्यक्ति से अर्थात अपराधी से क्षतिपूर्ति राशि की वसूली का भी प्रावधान रहेगा। पीड़ित व्यक्ति को अगर अन्य किसी योजना में सहायता अथवा राहत राशि मिल चुकी हो, तो उसका समायोजन इस योजना की राशि में कर लिया जाएगा।
3.     बस्तर संभाग के सभी 5 जिलों- दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), बीजापुर, नारायणपुर, बस्तर और उत्तर बस्तर (कांकेर) में जिला पुलिस बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में संबंधित जिले के स्थानीय अभ्यर्थियों को कार्यपालिक आरक्षक (जी.डी.) के रिक्त पदों की भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए भर्ती नियम में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, शारीरिक मापदंड और आयु सीमा में कुछ विशेष रियायत देने का निर्णय लिया गया। यह रियायत तीन वर्षों के लिए यानी चालू वित्तीय वर्ष 2011-12, वर्ष 2012-13 और वर्ष 2013-14 के लिए दी जाएगी। रियायतों के अनुसार वर्तमान न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अब तक 10 वीं कक्षा और अनुसूचित जनजाति के लिए 8 वीं है, लेकिन अब सभी आवेदकों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 5 वीं पास होगी।    शारीरिक मापदंड में दी जाने वाली रियायत के अंतर्गत सामान्य जाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 163 से.मी. और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 150 से.मी. होगी। महिला अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक ऊंचाई सामान्य जाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला अभ्यर्थियों के लिए 153 से.मी. और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला अभ्यर्थियों के लिए 148 से.मी. निर्धारित की गई है। सीना- बिना फुलाए 79 से.मी. (अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 74 से.मी.) तथा फुलाने पर 84 से.मी. (अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 79 से.मी.) होना चाहिए। महिला अभ्यर्थियों को इस शारीरिक अर्हता से मुक्त रखा जाएगा। आयुसीमा- वर्तमान में सामान्य वर्ग के लिए 28 वर्ष और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 33 वर्ष है। अब इन पदों की भर्ती में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 वर्ष तथा अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग तथा सभी वर्ग की महिलाओं के लिए 38 वर्ष होगी।
4.     संविधान की पांचवी अनुसूची के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के अनुसूचित क्षेत्रों में महामहिम राज्यपाल के अधिकारों का उपयोग करते हुए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से भर्ती नियमों को शिथिल किया जाएगा। इसके अंतर्गत बस्तर एवं सरगुजा संभाग के सभी जिलों में राज्य संवर्ग के पदों को छोड़ कर विभागों द्वारा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के सीधी भर्ती से भरे जाने वाले जिला स्तरीय रिक्त पदों की पूर्ति पूर्व में जारी भर्ती नियमों में संशोधन करते हुए निर्धारित आरक्षण रोस्टर के अनुसार संबंधित जिलों के स्थानीय निवासियों में से किए जाने का प्रस्ताव मंत्रि परिषद की बैठक में अनुमोदित किया गया। अब यह प्रस्ताव अनुमोदन के लिए महामहिम राज्यपाल को भेजा जाएगा।

 

मंत्रिपरिषद का निर्णय

रायपुर 27 जुलाई 2011

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य के 31 फास्ट ट्रेक न्यायालयों का कार्यकाल विगत 31 मार्च 2011 को समाप्त होने के फलस्वरूप इनके 127 कर्मचारियों का संविलियन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, जिला विविध सेवा प्राधिकरण, तालुका विधिक सेवा समिति और स्थायी लोक अदालत में रिक्त पदों पर किया जाएगा। इनमें लिपिक संवर्ग के अन्तर्गत 38 सहायक ग्रेड-एक तथा 15 स्टेनोग्राफर सहित एक वाहन चालक और 73 भृत्य शामिल हैं।

क्रमांक-1980/स्वराज्य

 

प्रारूप

केबिनेट की बैठक

दिनांक 24 अगस्त 2011
निम्नानुसार निर्णय लिए गए :
  •  प्रदेश के बेरोजगार इंजीनियरों स्नातक/डिप्लोमा अभियंताओं (सिविल/इलेक्ट्रिकल) के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन-इसके लिए वर्तमान प्रावधानों में आंशिक संशोधन का निर्णय लिया गया।

         मंत्रिपरिषद द्वारा 18 मई 2005 को लिए गए निर्णय के अनुसार बेरोजगार इंजीनियरों को लोक निर्माण विभाग में सीमित निविदा पध्दति में निर्माण कार्य देने का आदेश जारी किया गया था। आज की स्थिति में संशोधन की आवश्यकता को देखते हुए निम्नानुसार संशोधन का निर्णय लिया गया-
    छत्तीसगढ़ में डिग्री/डिप्लोमा की अंतिम परीक्षा में शामिल होने के वर्ष को छोड़कर पांच वर्ष की अवधि में पंजीकृत होने के बाद नियमानुसार कार्य सौंपे जाएंगे। निविदा के आधार पर कार्य आवंटन होगा। वर्तमान में दस लाख रूपए तक के निर्माण और संधारण कार्य देने का प्रावधान है।
    अब स्नातक को बीस लाख रूपए और डिप्लोमा अभियंता का दस लाख रूपए तक के कार्य दिए जा सकेंगे। एक वर्ष में स्नातक अभियंता को अधिकतम 80 लाख रूपए और डिप्लोमा अभियंता को अधिकतम 40 लाख रूपए के कार्य दिए जाएंगे।
    वर्तमान में आवंटित कार्य 60 प्रतिशत पूर्ण करने पर ही दूसरा कार्य देने का प्रावधान है। अब भविष्य में 40 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर उन्हें दूसरा कार्य दिया जा सकेगा। (लोक निर्माण विभाग)
 

  •  छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 (क्रमांक-24 सन 1973) में और संशोधन करने हेतु विधेयक प्रारूप का अनुमोदन। कृषक परिभाषा को स्पष्ट करने के लिए यह संशोधन जरूरी।

        इसमें कृषि उपज मंडी का मतदाता होने के लिए राजस्व/वनग्राम के भू-अभिलेख में भू-स्वामी पट्टा/पट्टेदार के रूप में किसान का नाम दर्ज होना और कम से कम आधा एकड़ भूमि में कृषि कार्य करना अनिवार्य होगा।
    इस संशोधन का एक महत्वपूर्ण लाभ प्रदेश के उन लगभग दो लाख वनवासी परिवारों को भी मिलेगा, जिन्हें पट्टे के रूप में वन अधिकार मान्यता पत्र दिए गए हैं। (कृषि विभाग)
 

  •   उक्त संशोधन के अनुसार मंडी समितियों का कार्यकाल पांच वर्ष पूर्ण होने के बाद राज्य शासन द्वारा समुचित कारण दर्शाते हुए कार्यकाल की अवधि अतिरिक्त रूप में अधिकतम एक वर्ष तक, छह-छह माह के लिए बढ़ाया जा सकेगा। (कृषि विभाग)
  •   गन्ना किसानों के लिए गन्ने के बोनस की दर गन्ना पेराई वर्ष 2010-11 के लिए प्रति क्विंटल 25 रूपए से बढ़ाकर 35 रूपए करने का निर्णय लिया गया। (कृषि विभाग)
  •   छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय स्थापना विधेयक 2011 का अनुमोदन किया गया।

        इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर से संबंधित तीन कॉलेजों-शासकीय पशुचिकित्सा एवं पशुपालन कॉलेज अंजोरा, दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय रायपुर और मत्स्य महाविद्यालय कवर्धा (कबीरधाम) को शामिल करते हुए कामधेनु विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। विश्वविद्यालय अंजोरा में स्थापित किया जाएगा, जहां पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय में पर्याप्त अधोसंरचना उपलब्ध है।
        कामधेनु विश्वविद्यालय की स्थापना से राज्य में पशुपालन, डेयरी और मछलीपालन के क्षेत्र में शिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। (कृषि विभाग)

  •   कृषि महाविद्यालय जांजगीर-चांपा और उद्यानिकी महाविद्यालय राजनांदगांव के लिए वर्तमान में इन दोनों महाविद्यालयों के लिए कुल 144 पदों की पद संरचना (सेटअप) स्वीकृत की गयी है। केबिनेट की आज की बैठक में इन दोनों कॉलेजों के लिए अधिष्ठाता के दो सह-प्राध्यापक के चार पदों की स्वीकृति प्रदान कर इन पदों के सृजन हेतु प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। (कृषि विभाग)

 

  •    माननीय मुख्यमंत्री जी की पन्द्रह अगस्त 2011 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की गयी घोषणा के अनुरूप प्रदेश में नौ नये जिलों का गठन- सुकमा, कोण्डागांव, गरियाबंद, बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा, मुंगेली, सूरजपुर और बलरामपुर में किया जाएगा।

        माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा का अनुसमर्थन किया गया। नये जिलों के गठन के लिए मुख्यमंत्री जी ने 12 करोड़ रूपए के बजट प्रावधान की स्वीकृति प्रदान की।  (राजस्व विभाग)

  •   छत्तीसगढ़ सहायक सशस्त्र पुलिस बल विधेयक 2011 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। (गृह विभाग)
  •   प्रो. प्रदीप कुमार जोशी जो अध्यक्ष मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, रायपुर नियुक्त करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। (सामान्य प्रशासन विभाग)

 

मंत्रिपरिषद की बैठक

रायपुर 05 सितम्बर 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज शाम यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी विधेयक-2011 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया गया। अब यह प्रस्तावित विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां सदन में चर्चा के बाद इसके पारित होने पर यह राज्य में कानून के रूप में लागू हो जाएगा। शासन-प्रशासन के विभिन्न विभागों और स्थानीय निकायों को अपनी विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं के लिए जनता के प्रति और भी ज्यादा जवाबदेह बनाना तथा निर्धारित समय सीमा में जनता को सेवाएं उपलब्ध कराना इस विधेयक का उददेश्य है।

क्रमांक-2615/स्वराज्य

 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में केबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय :
धान और मक्का खरीदी 15 नवम्बर से शुरू होगी
लगभग 55 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य
राज्योत्सव रायपुर में एक नवम्बर से पांच नवम्बर और जिला मुख्यालयों में दो नवम्बर से चार नवम्बर तक मनाया जाएगा
अनुकम्पा नियुक्ति के लम्बित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए दस प्रतिशत की बंदिश छह महीने के लिए शिथिल की जाएगी

रायपुर, 08 अक्टूबर 2011

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय इस प्रकार हैं :-
1.    किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2011-12 में समर्थन मूल्य नीति के तहत राज्य में धान और मक्के की खरीदी इस वर्ष आगामी 15 नवम्बर से 15 फरवरी तक करने का निर्णय लिया गया। खरीदी के लिए प्रदेश की एक हजार 333 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में कुल एक हजार 883 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें किसानों की सुविधा के लिए इस वर्ष स्वीकृत 294 नए उपार्जन केन्द्र भी शामिल हैं। धान खरीदी का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा और मक्के का उपार्जन राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा।
    चालू खरीफ विपणन वर्ष 2011-12 में भारत सरकार द्वारा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य कॉमन धान के लिए एक हजार 080 रूपए प्रति क्विंटल  और ए-ग्रेड के धान के लिए एक हजार 111 रूपए प्रति क्विंटल  निर्धारित किया गया है, जबकि पिछले वर्ष कॉमन श्रेणी के धान के लिए एक हजार रूपए और ए-ग्रेड के धान के लिए एक हजार 030 रूपए प्रति क्विंटल  समर्थन मूल्य दिया गया था। इस वर्ष मक्के के उपार्जन के लिए समर्थन मूल्य 980 रूपए प्रति क्विंटल  तय किया गया है, जो पिछले वर्ष 880 रूपए प्रति क्विंटल  था। केबिनेट की बैठक में यह भी बताया गया कि इस वर्ष समर्थन मूल्य नीति के तहत राज्य में 55 लाख मीटरिक टन धान उपार्जन का अनुमानित लक्ष्य है। यह धान लगभग छह हजार करोड़ रूपए का होगा। इसके लिए राज्य शासन द्वारा केन्द्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। लगभग 55 लाख टन धान उपार्जन के लिए 13 करोड़ 75 लाख नग बारदानों की जरूरत होगी। जिसकी व्यवस्था मंत्रिमंडलीय उप समिति की अनुशंसा के आधार पर डी.जी.एस.एन.डी. रेट में की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ये बारदाने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा खरीद कर सभी जिलों को मांग के अनुसार उपलब्ध कराए जाएंगे। 

2.     मंत्रिपरिषद की बैठक में कृषि उपज मंडियों से राज्य शासन को मंडी टैक्स के रूप में हर साल मिलने वाले लगभग 110 करोड़ रूपए की 50 प्रतिशत राशि धान उपार्जन और संग्रहण केन्द्रों में पक्के चबूतरों और शेड निर्माण के लिए करने का भी निर्णय लिया गया। इससे इन उपार्जन और संग्रहण केन्द्रों में धान का रख-रखाव और भी अधिक बेहतर और सुरक्षित ढंग से किया जा सकेगा। 

3.    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मंत्रिपरिषद की बैठक में कहा कि  विभिन्न विभागों में अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरण बड़ी संख्या में लंबित हैं। इन प्रकरणों के त्वरित निराकरण की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए वर्तमान में अनुकम्पा नियुक्ति पर लागू दस प्रतिशत की बंदिश को शिथिल करने की भी जरूरत बतायी। उनके सुझाव पर केबिनेट ने ऐसे प्रकरणों में सीलिंग आगामी छह माह के लिए शिथिल करने का निर्णय लिया, जो इस संबंध में आदेश जारी होने के दिनांक से प्रभावशील होगा। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों को यह आदेश तत्काल जारी करने के लिए कहा गया।

4.    छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 11वीं वर्षगांठ पर राज्योत्सव 2011 का आयोजन राजधानी रायपुर में इस बार एक नवम्बर से पांच नवम्बर तक और जिला मुख्यालयों में दो नवम्बर से चार नवम्बर तक होगा। राजधानी के राज्योत्सव के शुभारंभ के लिए प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री शेखर दत्त और समापन समारोह के लिए लोक सभा की नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने का निर्णय बैठक में लिया गया।

5.    प्रदेश सरकार के मंत्रियों को जनसम्पर्क दौरे में प्रति विधानसभा क्षेत्र वर्तमान में दो लाख रूपए जनसम्पर्क अनुदान स्वीकृति की पात्रता है, जिसे आज की बैठक में बढ़ाकर चार लाख रूपए किया जाएगा। इसमें से 50 हजार रूपए की धनराशि प्रति विधानसभा क्षेत्र ऐसे कार्यों के लिए सुरक्षित रखी जाएगी, जिनकी अनुशंसा सांसद करेंगे। उल्लेखनीय है कि जनसम्पर्क अनुदान की स्वीकृति जिले के प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद कलेक्टर द्वारा जारी की जाती है। आज लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य के मनोनीत विधायक को भी विधानसभा का 91वां सदस्य मानते हुए उनके लिए भी जनसम्पर्क मद के अनुसार यह प्रावधान किया गया है कि वे राज्य में किसी भी विधानसभा क्षेत्र के लिए राशि स्वीकृति की अनुशंसा कर सकेंगे और मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद यह राशि मंत्रालय द्वारा आहरित कर वितरित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा में विनियोग विधेयक 2011 पर चर्चा के दौरान मंत्रियों की जनसम्पर्क निधि प्रति विधानसभा क्षेत्र दो लाख रूपए से बढ़ाकर चार लाख रूपए करने और इसमें से सांसदों की अनुशंसा के लिए पूर्व में प्रावधानित 25 हजार रूपए की राशि बढ़ाकर 50 हजार रूपए करने की घोषणा की थी। इसके लिए वित्त विभाग ने राज्य सरकार के इस वित्तीय वर्ष 2011-12 के प्रथम अनुपूरक बजट में एक करोड़ 84 लाख रूपए का प्रावधान कर दिया है। 

6.    केबिनेट की आज की बैठक में संविधान की पांचवी अनुसूची के अंतर्गत बस्तर और सरगुजा राजस्व संभागों के जिलों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के गैर-कार्यपालिक पदों को जिला संवर्ग के पद घोषित करने के विगत निर्णय पर विभागों में हो रहे क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। महोदय में बताया गया कि अब तक कई विभागों ने अपने प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं, जिनमें खाद्य, पंचायत और ग्रामीण विकास, गृह, जेल और परिवहन, कृषि, उद्यानिकी, मछली पालन, पशुपालन, जल संसाधन, वाणिज्य और उद्योग आदि विभाग शामिल हैं। मंत्रिपरिषद में इन विभागों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिन्हें अनुमोदन के लिए महामहिम राज्यपाल महोदय को भेजने का निर्णय लिया गया।

 

केबिनेट की बैठक

दिनांक, 02 नवम्बर 2011


  •  आगामी पांच नवम्बर से धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की गयी। सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। इस बार 55 लाख टन धान और दस हजार टन मक्का खरीदने का लक्ष्य अनुमानित है। लगभग छह हजार करोड़ रूपए का धान खरीदा जाएगा। किसानों को समर्थन मूल्य के भुगतान की पूरी व्यवस्था की जा चुकी है। धान और मक्का खरीदी के लिए एक हजार 889 खरीदी केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें 294 नये केन्द्र शामिल हैं।
  •  शिक्षाकर्मियों के वेतन पुनरीक्षण के लिए सचिव स्तरीय समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। इसमें पंचायत और ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग और वित्त विभाग के सचिव शामिल रहेंगे। यह समिति तीन माह में अपनी रिपोर्ट देगी।
  •  बस्तर और सरगुजा संभागों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर पर भर्ती के लिए चल रही प्रक्रिया की समीक्षा की गयी।

 

केबिनेट के निर्णय

दिनांक, 26 नवम्बर 2011


  •   राज्य में अल्प वर्षा से प्रभावित चार जिलों की 14 तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित-ये तहसीलें हैं उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले की चारामा, नरहरपुर, दुर्गूकोंदल, कांकेर, पखांजूर, अंतागढ़ और भानूप्रतापपुर, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले की सुकमा, बीजापुर जिले की भैरमगढ़, बीजापुर, भोपालपट्टनम और उसूर तथा रायपुर जिले की देवभोग और मैनपुर। यहां राजस्व वसूली स्थगित रहेगी।
  •   राज्य में लघु जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष रियायत दी जाएंगी। पच्चीस मेगावाट क्षमता तक की लघु जल विद्युत परियोजनाओं का विकास नोडल एजेंसी क्रेडा द्वारा सामान्यत: निजी निवेश से कराया जाएगा। वर्तमान में इन परियोजनाओ के लिए जल संसाधन विभाग के जल स्त्रोतों के उपयोग पर 20 पैसे प्रति यूनिट और बांध एवं नहर प्रणाली से उपयोग पर 60 तथा 70 पैसे प्रति यूनिट रायल्टी ली जाती है। अब इस दर में संशोधन करके सभी स्त्रोतों के उपयोग पर केवल छह पैसे प्रति यूनिट की दर से रायल्टी ली जाएगी। छत्तीसगढ़ की कंपनियों, सहकारी समितियों और व्यक्तियों के लिए पांच मेगावाट तक की परियोजना आरक्षित रखी गयी है।
  •  रायपुर में सी.बी.आई. की विशेष अतिरिक्त अदालत के गठन की मंजूरी।
  •   आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने संबंधी घोषणा को लागू करने के लिए बस्तर और सरगुजा में लोक निर्माण और राजस्व विभाग में विशेष भर्ती की अनुमति।
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मंत्रि परिषद की बैठक

रायपुर 07 दिसम्बर 2011
 
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रि परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को इस बारे में जानकारी दी। मंत्रि परिषद के आज के प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं :-

निर्णय (1)     रायपुर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा 30 वर्षीय पट्टे पर आवंटित आवासीय भू-खण्डों के फ्री-होल्ड के रूप में परिवर्तन का प्रस्ताव केबिनेट में अनुमोदित किया गया। इससे लगभग 50 हजार भूमि-धारक लाभान्वित होंगे। इनमें से करीब 40 हजार भू-धारकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। अधिकांश निम्न मध्यमवर्गीय और छोटे भू-धारकों को विशेष रूप से इसका लाभ मिलेगा। केबिनेट में यह भी निर्णय लिया गया कि राजस्व विभाग द्वारा आदेश दिनांक तक रायपुर विकास प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को लीज पर प्रदान की गयी भूमि उन्हें पूर्णत: हस्तांरित कर दी जाए। रायपुर विकास प्राधिकरण् और गृह निर्माण मंडल द्वारा आदेश दिनांक तक पट्टे पर आवंटित भूमि और भू-खण्डों को संपरिवर्तन प्रभार लेते हुए फ्री-होल्ड में परिवर्तित किया जाएगा। यह संपरिवर्तन वैकल्पिक होगा और पट्टे धारक द्वारा भूमि/भू-खण्ड/आवासीय फ़्लैटस से लिए आवेदन प्रस्तुत करने के बाद एक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार एवं निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा। संपरिवर्तन प्रदान करने की तारीख को आवासीय प्रयोजन के प्रचलित बाजार मूल्य का एक प्रतिशत के बराबर राशि तथा नवीनीकरण की आगामी तारीख तक प्रचलित लीज की शेष काल अवधि के लिए भू-भाटक, जो दस वर्षों की काल अवधि तक सीमित रहेगा, लेकिन इसी पट्टे धारक द्वारा तीस वर्षों के लिए एक मुश्त भू-भाटक दिया जा चुका हो,  तो अलग से भू-भाटक की राशि की गणना नहीं की जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया कि 600 वर्गफीट या उससे कम माप वाले आवासीय भू-खण्डों/भवनों (बिल्ट-अप-एरिया) के लिए संपरिवर्तन का प्रभार देय नहीं होगा। फ्री-होल्ड करने के आदेश के बाद तथा संपरिवर्तन प्राप्त होने के बाद निर्धारित प्रपत्र पर हस्तांतरण अभिलेख निष्पादित किया जाएगा, जिसकी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के अन्तर्गत रजिस्ट्री की जाएगी। मुद्रणाशुल्क और पंजीयन व्यय पट्टे धारक द्वारा वहन किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि को-आपरेटिव सोसायटी के सदस्यों द्वारा भू-खण्ड/भवन के विक्रय के पूर्व हाऊसिंग सोसायटी के अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की व्यवस्था समाप्त करने हेतु नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

निर्णय (2)    बिलासपुर में एक नये विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 (क्रमांक-22 सन 1973) में संशोधन के लिए विधेयक लाया जाएगा। चूंकि गुरू घासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर को वर्ष 2009 में केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है और केन्द्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत तत्कालीन गुरू घासीदास विश्वविद्यालय से सम्बध्द महाविद्यालयों को इस केन्द्रीय विश्वविद्यालय से संबंध्द किया गया है। भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय का यह मत है कि गुरू घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर को स्नातकोत्तर शिक्षा और शोध पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए और इसे संबंध्द महाविद्यालयों के दायित्व से मुक्त किया जाना चाहिए। अत: बिलासपुर, कोरबा जांजगीर-चाम्पा तथा रायगढ़ जिलों के महाविद्यालयों को नये विश्वविद्यालय से संबंध्द करने के लिए छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 को संशोधित करते हुए, छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम 2010 (क्रमांक-14 सन 2010), जिसके द्वारा सरगुजा विश्वविद्यालय के क्षेत्राधिकार में सरगुजा, जशपुर तथा कोरिया राजस्व जिलों के साथ बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चाम्पा तथा रायगढ़ राजस्व जिलों को भी शामिल किया गया था, में संशोधन आवश्यक होगा। इस संशोधन के आधार पर गुरू घासीदास (केन्द्रीय) विश्वविद्यालय से सम्बंध्द 121 कॉलेजों को नये प्रस्तावित विश्वविद्यालय से सम्बध्द किया जा सकेगा, क्योंकि बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चाम्पा तथा रायगढ़ राजस्व जिलों के कॉलेजों को सरगुजा विश्वविद्यालय अम्बिकापुर से सम्बध्द किए जाने की स्थिति में इन जिलों के विद्यार्थियों को व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए छात्र-छात्राओं के हित में बिलासपुर में एक नया विश्वविद्यालय स्थापित करना जरूरी हो गया है।

निर्णय (3)    माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा दिनांक 10 दिसम्बर 2010 के अनुरूप राज्य में अनुसूचित जनजाति का आरक्षण 32 प्रतिशत करने के संबंध में  मंत्री परिषद में निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर आरक्षण का प्रतिशत निर्धारित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार अनुसूचित जातियों की आबादी 11.61 प्रतिशत है, तद्नुसार आरक्षण 12 प्रतिशत, अनुसूचित जनजातियों की आबादी 31.76 प्रतिशत है, इसके अनुसार उन्हें 32 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव है। अन्य पिछड़ा वर्ग का पूवर्वत 14 प्रतिशत आरक्षण जारी रहेगा।

निर्णय (4)    छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 विधानसभा के विगत मानसून सत्र में पारित हो चुका है। इस अधिनियम के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी (आवेदन, अपील तथा परिव्यय का भुगतान) नियम 2011 बनाया जा रहा है। इन नियमों को राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा और विधानसभा के सूचना पटल में भी रखा जाएगा। तहत प्रत्येक विभाग अपने द्वारा प्रदाय की जाने वाली लोक सेवाओं को अधिसूचित करेंगे और नागरिकों को ये लोक सेवाएं निर्धारित समय के भीतर प्राप्त करने का अधिकार होगा। लोक सेवा प्राप्त न होने पर आवेदक को परिव्यय प्राप्त करने का अधिकार होगा, जो प्रतिदिन एक सौ रूपए की दर से अधिकतम एक हजार रूपए तक होगा। प्रत्येक विभाग द्वारा लोक सेवा प्रदान के लिए उत्तरदायी व्यक्ति, समक्ष अधिकारी और अपीलीय अधिकारी अधिसूचित किया जाएगा। राज्य शासन के 30 विभागों द्वारा लगभग 100 से अधिक लोक सेवाओं को अधिसूचित किया जा रहा है, जिनमें पुलिस, परिवहन, राजस्व, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, कृषि, लोक निर्माण और नगरीय प्रशासन एवं विकास, वन, तकनीकी शिक्षा आदि विभाग शामिल हैं।

निर्णय (5)    पुलिस हाऊसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के आस्तियों और दायित्वों का भार छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल से वापस लेते हुए गृह विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया।
 
 
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मंत्रिपरिषद की बैठक

छत्तीसगढ़ में गौ हत्या पर अब और अधिक कठोर कारावास

वर्तमान अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव
गौवंशीय और भैंसवंशीय पशुओं की हत्या, उनका मांस रखने और उन्हें बेचने पर जेल की सजा तीन वर्ष से बढ़ाकर सात वर्ष और जुर्माना दस हजार से बढ़ाकर 50 हजार रूपए करने का निर्णय

रायपुर, 12 दिसंबर 2011

छत्तीसगढ़ में गायों और भैसों सहित गौवंशीय और भैंसवंशीय पशुओं की हत्या, उनके मांस रखने और उनकी हत्या के इरादे से राज्य के भीतर या बाहर उनकी बिक्री अथवा परिवहन किए जाने पर अब और भी ज्यादा कठोर सजा का प्रावधान होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इसके लिए छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम - 2004 (क्र. 28 सन 2006) में संशोधन का प्रस्ताव अनुमोदित किया गया, जो विधेयक के रूप में विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। संशोधन प्रस्ताव के अनुसार अधिनियम की धारा-4, धारा-5 और धारा-6 के उल्लंघन पर वर्तमान में प्रचलित तीन वर्ष के कारावास की सजा को बढ़ाकर सात वर्ष किया गया है। इसी तरह जुर्माने प्रावधान को दस हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए किया गया है।
 उल्लेखनीय है कि राज्य में वर्तमान में छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम - 2004 प्रभावशील है। इस अधिनियम की धारा 4, 5 और 6 में खेती के लिए उपयोगी सभी आयु की गायों, बछड़ा-बछिया और पाड़ा-पड़िया, सांड, बैल, भैंसा, भैंसे का वध प्रतिबंधित है। वहीं इन पशुओं का मांस रखना और वध के प्रयोजन से राज्य के भीतर या राज्य के बाहर किसी भी स्थान पर इन कृषिक पशुओं की बिक्री और उनका परिवहन भी प्रतिबंधित है। इन धाराओं के उल्लंघन की दशाओं में तीन वर्ष तक की सजा या दस हजार रूपए तक जुर्माना अथवा दोनों से दंडित करने का प्रावधान है। मंत्रिपरिषद ने इस अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए दंड के प्रावधानों को अधिक कठोर बनाने का निर्णय लेते हुए इसमें संशोधन का फैसला किया है। इसके अनुसार तीन वर्ष की सजा बढ़ाकर सात वर्ष और जुर्माने की राशि दस हजार रूपए से बढ़कार 50 हजार रूपए की जाएगी।
मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य शासन के चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 के द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया, जिसे विधानसभा के आगामी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा बिलासपुर के पत्रकार स्वर्गीय श्री सुशील पाठक की धर्मपत्नी श्रीमती संगीता पाठक को नगर निगम बिलासपुर में सहायक शिक्षिका के पद पर विशेष नियुक्ति दिए जाने का निर्णय भी आज की बैठक में लिया गया।

क्रमांक-4090/स्वराज्य