मंत्रिपरिषद के निर्णय- 2012
केबिनेट के फैसले
दिनांक 21 जनवरी 2012
मंत्रिपरिषद के निर्णय
रायपुर, 07 फरवरी 2012
अनुकंपा नियुक्ति नियमों के परीक्षण के लिए मंत्रि मंडलीय उप समिति के गठन का निर्णय। यह उप समिति स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में गठित की जाएगी। कृषि और श्रम मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू तथा पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम इसमें सदस्य के रूप में शामिल होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव इस उप समिति के सदस्य सचिव होंगे।
मंत्रिपरिषद के निर्णय
दिनांक 17 फरवरी 2012
यात्री सुविधाएं बढ़ाने रेल कॉरिडोर के विकास के लिए रेल मंत्रालय से एम.ओ.यू. होगा
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आज उत्तर छत्तीसगढ़ में यात्री सुविधाओं के विकास के लिए तीन रेल कॉरिडोर विकसित करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा रेल मंत्रालय के साथ एम.ओ.यू. करने की सहमति दी गयी। एम.ओ.यू. आगामी 27 फरवरी को होगा। उक्त तीनों रेल कॉरिडोर की अनुमानित कुल लम्बाई 452 किलोमीटर और अनुमानित लागत चार हजार 362 करोड़ रूपए है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में रेल की कुल रूट लाईन की लम्बाई 1188 किलोमीटर है। उल्लेखनीय है कि प्रस्तावित कॉरिडोर की लम्बाई वर्तमान रेल रूट किलोमीटर का 38 प्रतिशत है।
उक्त रेल कॉरिडोर परियोजनाओं का उपयोग यात्री सुविधाओं के साथ-साथ माल ढोने के लिए भी किया जाएगा। इस कॉरिडोर में रायगढ़ जिले के घरघोड़ा और धरमजयगढ़, कोरबा जिले के कटघोरा, पसान और सिन्दूरगढ़ तथा सूरजपुर जिले के परसा और सूरजपुर क्षेत्र रेल लाईनों से जुड़ेंगे। इन क्षेत्रों में रेल सुविधाओं का विकास होने से इस पिछड़े क्षेत्र का विकास होगा और लोगों को यात्री ट्रेनों की सुविधा मिलेगी। ज्ञातव्य है कि विगत 15 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और मुख्य सचिव श्री सुनील कुमार ने केन्द्रीय वित्त मंत्री के साथ तथा 16 फरवरी को रेल मंत्री और उपाध्यक्ष योजना आयोग से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में रेल कॉरिडोर परियोजना एवं वर्किंग ग्रुप के विषय में जानकारी दी थी। इस बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के प्रस्ताव की सराहना कर पूर्ण समर्थन के लिए आश्वस्त किया गया था।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक
कुम्हारों के आर्थिक विकास के लिए माटी कला बोर्ड के गठन का संकल्प पारित
आई.आई.टी. खडगपुर का विस्तार केन्द्र रायपुर में खोलने एम.ओ.यू. होगा
उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियम 2010 में संशोधन किया जाएगा
अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सबा अंजुम को सरकारी नौकरी मिलने का मार्ग हुआ आसान
रायपुर, 06 मार्च 2012
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत माटी कला बोर्ड के गठन के लिए विस्तृत नियम और संकल्प पारित किया गया। संकल्प के अनुसार बोर्ड के गठन की अधिसूचना ग्रामोद्योग विभाग द्वारा जारी की जाएगी। राज्य में कुम्हारों और मिट्टी का कार्य करने वाले परम्परागत शिल्पियों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए राज्य शासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसमें शासन द्वारा नामांकित व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया जाएगा। शासन द्वारा नामांकित अधिकतम पांच अशासकीय सदस्य होंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल यहां अपने निवास पर आयोजित कुम्हारों के राज्य स्तरीय सम्मेलन में उनके परम्परागत हस्तशिल्प और व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए माटी कला बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप ग्रामोद्योग विभाग द्वारा आज यहां मंत्रिपरिषद की बैठक में बोर्ड स्थापना के लिए संकल्प प्रस्तुत किया गया, जिसका अनुमोदन कर दिया गया।
माटी कला बोर्ड में शासकीय सदस्यों में सचिव ग्रामोद्योग, सचिव वित्त विभाग और सचिव राजस्व विभाग या उनके द्वारा नामांकित प्रतिनिधि (जो उप सचिव या उससे उच्च स्तर के होंगे), प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग तथा निदेशक राज्य कार्यालय खादी और ग्रामोद्योग आयोग को उन्हें सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के गठन के लिए वित्त विभाग द्वारा वर्तमान में 19 पदों के सृजन की सैध्दांतिक सहमति प्रदान की गई है। बोर्ड द्वारा कुम्हारी कार्य से संबंधित अधोसंरचना जैसे बिजली, पानी, पहुंच मार्ग आदि की व्यवस्था के संबंध में निरीक्षण कर सुझाव दिए जा सकेंगे।
बोर्ड द्वारा अपनी आवश्यकता के अनुसार छत्तीसगढ़ के अंदर और राज्य के बाहर कहीं भी अपनी यूनिट, कार्यालय, एम्पोरियम तथा एजेंसी की नियुक्ति और स्थापना की जा सकेगी। माटी कला बोर्ड के माध्यम से कुम्हारों को स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर दिलाए जाएंगे। उन्हें बाजार सुविधा दिलाने के लिए भी ठोस पहल की जाएगी। उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य शासन को सुझाव दिए जाएंगे। उनके परम्परागत शिल्प के विकास के लिए राज्य शासन तथा केन्द्र की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए भी पहल की जाएगी। बोर्ड के प्रबंध संचालक ग्रामोद्योग विभाग के सचिव अथवा शासन द्वारा नामांकित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी होंगे। प्रबंध संचालक को बोर्ड के सदस्य सचिव का भी दायित्व सौंपा जाएगा।
उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियम 2010 में संशोधन किया जाएगा। इसके अंतर्गत विभिन्न मान्यता प्राप्त खेलों की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सेवा भर्ती नियम में आवश्यक छूट देकर राज्य शासन के अधीन द्वितीय श्रेणी के पद पर अधिसंख्य (सुपर न्यूमोररी) पद सृजित कर उन्हें नियुक्ति दी जा सकेगी। इस संशोधन से भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान, छत्तीसगढ़ निवासी सुश्री सबा अंजुम को भी उप पुलिस अधीक्षक पद पर नियुक्ति दी जा सकेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत तदर्थ आधार पर चिकित्सकों की सीधी भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा में शिथिलता प्रदान करते हुए सभी संवर्ग (सामान्य/अन्य पिछड़ा वर्ग/अनुसूचित जाति/जनजाति) के अभ्यर्थियों के लिए पांच वर्ष की छूट केवल एक बार के लिए दी जाएगी। विभाग को सीधी भर्ती के लिए पुन: एक वर्ष की अनुमति प्रदान की गई।
तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत रायपुर में आई.आई.आई.टी. खड़गपुर का विस्तार केन्द्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा आई.आई.टी. खड़गपुर से साथ एम.ओ.यू. किया जाएगा। आई.आई.टी. द्वारा राजय के शासकीय और निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के प्राध्यापकों और शैक्षणिक अधिकारियों को प्रशिक्षण, राज्य के युवाओं में उद्यमिता कौशल का विकास किया जा सकेगा। विभिन्न के विभागों के तकनीकी अधिकारियों का कौशल उन्नयन भी किया जा सकेगा। सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग में वर्तमान में स्वीकृत 296 पदों को बढ़ाकर कुल 330 पदों का संवर्ग स्वीकृत किया जाएगा। राज्य में नौ नये जिले बनाए जा चुके हैं इसलिए नवीन जिलों के लिए राजस्व विभाग द्वारा पद संरचना स्वीकृत की गयी है। इसलिए 34 पदों की वृध्दि हुई है। छत्तीसगढ़ भू-राजस्व सहिता 1959 की धारा 59 में संशोधन के लिए विधान सभा में विधेयक लाया जाएगा। विधेयक का प्रारूप अनुमोदित किया गया।
क्रमांक-5434/स्वराज्य
केबिनेट के निर्णय
रायपुर, 17 अप्रैल 2012
· पद्म पुरस्कारों से सम्मानित नागरिकों को प्रदेश सरकार द्वारा मासिक सम्मान निधि देने का निर्णय। यह निधि पांच हजार रूपए की होगी। राज्य में कुल दस पद्म पुरस्कार प्राप्त नागरिक हैं।
· छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास मिशन के अंतर्गत मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में विभिन्न प्रकार के लघु व्यवसायों और उद्योगों के लिए अल्पकालीन प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों के प्रमाणीकरण के लिए कौशल विकास मिशन को अधिकृत करने का निर्णय। यह मिशन जनशक्ति नियोजन विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है।
· प्रदेश के पत्रकारों के लिए पांच लाख रूपए की दुर्घटना बीमा योजना के प्रस्ताव का अनुमोदन। यह बीमा योजना छत्तीसगढ़ संचार प्रतिनिधि दुर्घटना बीमा योजना के नाम से जनसम्पर्क विभाग के माध्यम से संचालित की जाएगी।
· रायपुर अथवा उसके नजदीक आई.आई.टी. खड़गपुर का विस्तार केन्द्र खोलने के लिए समझौता ज्ञापन के प्रारूप का भी अनुमोदन कर दिया।
दिनांक एक मई 2012
· सुकमा कलेक्टर श्री एलेक्स पाल मेनन की रिहाई के लिए शासकीय मध्यस्थों और नक्सलियों के मध्यस्थों के बीच हुए अनुबंध पर स्वीकृति।
· रायपुर, दुर्ग और भिलाई नगर निगम के लिए ठोस कचरा प्रबंधन (सालिड वेस्ट मैनेजमेंट) को सैध्दांतिक सहमति।
केबिनेट के निर्णय
दिनांक 15 मई 2012
. साल बीज खरीदी की प्रक्रिया तय।
केबिनेट के निर्णय
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक: स्थानांतरण नीति का अनुमोदन: स्वतंत्रता दिवस पर जनता को मिलेगी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की सौगात
सामान्य भविष्य निधि और अंशदायी भविष्य निधि की ब्याज दर 8.6 प्रतिशत से बढ़कर होगी 8.8 प्रतिशत
प्राकृतिक आपदा पीडि़तों के लिए राहत राशि बढ़ाने का फैसला
शिक्षा सत्र के दौरान रिटायर होने वाले शिक्षकों को सत्र अवसान तक मिलेगी पुनर्नियुक्ति
रायपुर, 05 जून 2012
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की आज यहां मंत्रालय में आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में वर्ष 2012-13 की स्थानांतरण नीति का अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त से शुरू करने का भी निर्णय लिया गया जिसमें बी.पी.एल. और ए.पी.एल. दोनों तरह के 50 लाख से अधिक परिवारों को स्मार्ट कार्ड के आधार पर सालाना 30 हजार रूपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा शासकीय कर्मचारियों की सामान्य भविष्य निधि तथा अंशदायी भविष्य निधि में ब्याज दर 8.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.8 प्रतिशत करने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। यह भी निर्णय लिया गया कि शासकीय स्कूलों एवं शत्-प्रतिशत अनुदान प्राप्त शालाओं के अध्यापक वर्ग (सहायक शिक्षक से प्राचार्य संवर्ग तक) को प्रति वर्ष शिक्षा सत्र के दौरान सेवानिवृत्त होने पर शैक्षणिक सत्र के अवसान तक पुनर्नियुक्ति प्रदान की जाए। बैठक में लिए गए फैसले इस प्रकार हैं-
- स्थानांतरण नीति वर्ष 2012-13 - के अंतर्गत जिला स्तर तृतीय श्रेणी (गैर कार्यपालिक) तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले 15 जून से 15 जुलाई, 2012 तक होंगे। स्थानांतरण प्रस्ताव संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा तैयार कर कलेक्टर के माध्यम से विभागीय मंत्रियों को भेजे जाएंगे। विभागीय मंत्रियों के अनुमोदन से तबादले होंगे। बस्तर एवं सरगुजा संभागों के जिलों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर स्थानीय भर्ती की गई है, उनके तबादले स्थानीय स्तर पर जिले के भीतर होंगे। शासकीय सेवक जो एक वर्ष से अधिक समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ हों, केवल उन्ही के स्थानांतरण किए जाएंगे। आगामी 15 अगस्त तक सभी विभाग अपनी-अपनी स्थानांतरण सूची वेबसाइट पर अपलोड कर देंगे। स्थानांतरण नीति का विस्तृत विवरण सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अलग से जारी किया जाएगा।
- मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना 15 अगस्त से प्रदेश के सभी जिलों में लागू हो जाएगी। इस योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ-साथ किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत गरीबी रेखा श्रेणी के लगभग 36 लाख परिवारों को स्मार्ट कार्ड के आधार पर प्रति परिवार सालाना 30 हजार रूपए तक इलाज की सुविधा दी जाती है, लेकिन इस योजना के दायरे से बाहर रह गए ए.पी.एल. यानी गरीबी रेखा से ऊपर के परिवारों को भी इसी तर्ज पर स्वास्थ्य बीमा की सुविधा देने की जरूरत महसूस कर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा येाजना शुरू की जा रही है। इस योजना में ए.पी.एल. श्रेणी के परिवारों को भी स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे। इस कार्ड के आधार पर वे किसी भी शासकीय अथवा पंजीकृत निजी अस्पताल में एक वर्ष में 30 हजार रूपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इसमें प्रति परिवार मात्र 30 रूपए का पंजीयन शुल्क देय होगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार के चालू वित्तीय वर्ष 2012-13 के बजट में 16 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। गरीबी रेखा से नीचे (बी.पी.एल.) और गरीबी रेखा से ऊपर (ए.पी.एल.) दोनों तरह के परिवारों को मिलाकर प्रदेश में 50 लाख से अधिक परिवारों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा।
- राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक विपदा से होने वाले नुकसान पर आर्थिक सहायता राशि के मदों में वृद्धि की जाएगी। वर्तमान में किसी प्राकृतिक आपदा में मृत्यु होने की दशा में मृतक के परिवार को एक लाख रूपए का प्रावधान है, जिसे बढ़ाकर एक लाख 50 हजार रूपए किया जाएगा। इसी तरह अंग-भंग होने पर 35 हजार रूपए से बढ़ाकर 43 हजार 500 रूपए, पशु हानि पर 10 हजार रूपए से बढ़ाकर 16 हजार 400 रूपए, पक्के मकान के नुकसान पर 25 हजार रूपए से बढ़ाकर 35 हजार रूपए और कच्चे मकान के नुकसान पर 8 हजार रूपए से बढ़ाकर 15 हजार रूपए का मुआवजा दिया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया है कि राज्य की स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए अन्य प्रकार की कुछ और दुर्घटनाओं में क्षति होने पर पीडि़त परिवारों को अनुदान सहायता देने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद की उपसमिति का गठन करने का निर्णय लिया गया, जिसमें राजस्व मंत्री श्री दयाल दास बघेल, कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू और वन मंत्री विक्रम उसेण्डी शामिल रहेंगे। समिति इस संबंध में प्राकृतिक आपदाओं की सूची का परीक्षण कर उसमें अन्य आपदाओं अथवा दुर्घटनाओं को भी जोड़ने के बारे में विचार कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगी।
- शासकीय कर्मचारियों के लिए राज्य कर्मचारी भविष्य निधि तथा अंशदायी भविष्य निधि पर ब्याज दर 1 अप्रैल, 2011 से 30 नवम्बर, 2011 तक 8 प्रतिशत, 1 दिसम्बर, 2011 से 31 मार्च 2012 तक 8.6 प्रतिशत और 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2013 तक 8.8 प्रतिशत रखने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने भी इसी अवधि के लिए इन्हीं दरों के अनुसार सामान्य भविष्य निधि तथा इस प्रकार की अन्य निधियों के अभिदाताओं के लिए ब्याज दरों का निर्धारण किया है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के संकल्प दिनांक 19 मार्च 2012 के अनुसार इनमें देय ब्याज दर एक अपै्रल 2011 से 30 नवम्बर 2011 तक की अवधि के लिए 8 प्रतिशत, एक दिसम्बर 2011 से 31 मार्च 2012 तक 8.6 प्रतिशत और संकल्प दिनांक 22 मई 2012 के अनुसार एक अपै्रल 2012 से 31 मार्च 2013 तक के लिए 8.8 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। भारत सरकार की इन अधिसूचनाओं के अनुक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने भी ब्याज दर यथावत रखने का निर्णय लिया है।
- राजनैतिक आन्दोलनों के दौरान दर्ज सामान्य प्रकृति के मामलों को न्यायालय से वापस लिए जाने के संबंध में प्रक्रिया निर्धारण का प्रस्ताव तैयार करने के लिए मंत्रियों की समिति का गठन किया जाएगा। समिति में गृह मंत्री श्री ननकी राम कंवर, विधि मंत्री श्री हेमचंद यादव, जलसंसाधन एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री रामविचार नेताम शामिल रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी दल के किसी भी व्यक्ति पर राजनीतिक आन्दोलनों के दौरान दर्ज सामान्य प्रकृति के मामलों के बारे में समिति विचार करेगी।
- यह समिति भारतीय दण्ड विधान की धारा 294, 323, 279, 336, 341, 342, 337, 447, 448 और 506 के प्रकरणों, आबकारी अधिनियम की धारा 34 (ए) के अंतर्गत 5 लीटर से कम जब्ती के प्रकरणों तथा धारा 36 के अंतर्गत आने वाले, मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत सवारी वाहनों और निजी वाहनों में ओव्हर लोडिंग के प्रकरणों पर भी विचार करेगी। पुलिस एक्ट के प्रकरणों, सार्वजनिक द्यूत (जुआ) अधिनियम की धारा 13 के अंतर्गत आने वाले प्रकरणों तथा अन्य ऐसे समस्त प्रकरणों पर भी समिति विचार करेगी, जिनमें अधिकतम छह माह के कारावास तथा 5 हजार रूपए तक जुर्माने का प्रावधान है। आयुध अधिनियम (आम्र्स एक्ट) की धारा 25 (1) (बी) (बी) के प्रकरण, जिनमें चाकू, छुरी आदि गैर आग्नेय अस्त्र जब्त हुए हों और अधिकतम तीन वर्ष का कारावास या जुर्माने से दंडित होने वाले अपराध तथा छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 के अंतर्गत आदिवासी उपयोजना/अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों पर भी समिति विचार करेगी।
क्रमांक-1019/स्वराज्य
मंत्रिपरिषद के निर्णय
रायपुर 19 जून 2012
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज शाम यहां मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
· किसानों के हित में एक और महत्वपूर्ण फैसला- संशोधित कृषक जीवन ज्योति योजना का अनुमोदन:- प्रत्येक कृषक परिवार के एक सदस्य को पाँच हाँर्स पावर तक सिंचाई पम्प के लिए प्रत्येक विततीय वर्ष में 7,500 यूनिट नि:शुल्क बिजली योजना के तहत तीन हॉर्स पावर तक 6000 यूनिट और 3 हॉर्स पावर से 5 हॉर्स पावर तक 7,500 यूनिट बिजली नि:शुल्क मिलेगी। माननीय मुख्यमंत्री जी ने विधानसभा में मार्च 2012 में अपने बजट भाषण में इसकी घोषणा की थी।
संशोधित योजना में राज्य शासन पर प्रतिवर्ष 255 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा। किसानों को मीटर किराया, फिक्सड चार्जेस, विद्युल शुल्क के भुगतान से छूट अर्थात् पात्रता की सीमा में बिजली का उपयोग करने पर बिजली बिलों से मुक्ति। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसानों को बिना खपत की सीमा अनुसार नि:शुल्क विद्युत की सुविधा। उपरोक्तानुसार पात्रता की सीमा में बिजली की खपत करने वाले किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी।
· स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए औषधि एवं उपकरण खरीदी के लिए उच्च स्तरीय समिति का पुनर्गठन-प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अध्यक्षता में होगी। पूर्व में वर्ष 2007 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता मे समिति गठित की गई थी। अब प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अध्यक्षता में होगी। अपातकालीन परिस्थितियों में दवा एवं उपकरण खरीदी के लिए तात्कालिक निर्णय लेने के लिए पहले प्रमुख सचिव/सचिव स्वास्थ्य की अध्यक्षता में उप समिति बनी थी। इसका भी आज पुनर्गठन किया गया। अब इस उप समिति में आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं अध्यक्ष होंगे।
· मुख्यमंत्री शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में मंत्रिपरिषद को अवगत कराया गया। यह योजना 11 नगर निगम क्षेत्रों के लिए बनाई गई है। योजना में मलिन बस्तियों में जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी। इन बस्तियों में शहरी मितानिनों का चयन कर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। कार्यक्रम के तहत शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी शुरू किए जाएंगे। इनमें ओ.पी.डी. सेवाएं मिलेगी संस्थागत प्रसव भी होंगे। योजना के लिए वर्ष 2012-2013 के बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। यह कार्यक्रम राजनांदगांव और बिलासपुर में शुरू कर दिया गया है।
· शासकीय कर्मचारियों की समूह बीमा योजना 1985 की बचत निधि पर देय वार्षिक ब्याज दर 8.6 प्रतिशत (तिमाही रूप से संयोजित) तथा परिवार कल्याण निधि 1974 के अन्तर्गत जमा राशि पर वार्षिक चक्रवृध्दि ब्याज दर 8.6 प्रतिशत की जाएगी। वर्तमान में इन दोनों निधियों में ब्याज दर 8 प्रतिशत है।
· बैठक में मानसून को ध्यान में रखकर खरीफ फसलों के लिए खाद और बीज भण्डारण तथा वितरण व्यवस्था की भी चर्चा की गई। बताया गया कि वितरण कार्य सुव्यवस्थित रूप से चल रहा है। यह भी जानकारी दी गई कि केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को परिपत्र भेजकर सूचित किया है कि किसानों को डी.ए.पी., एन.पी.के., डी.ए.पी.+एन.पी.के. रसायनिक उर्वरक उनकी बोरियों में प्रिंट किए गए अधिकतम खुदरा मूल्य (एम.आर.पी.) पर दिया जाएगा। किसानों से भी आग्रह किया गया है कि वे इससे अधिक मूल्य का भुगतान न करें।
मंत्रिपरिषद के निर्णय
05 जुलाई 2012
12 जुलाई 2012
मंत्रिपरिषद के निर्णय
रायपुर 03 सितम्बर 2012
पंचायत राज व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए अलग से पंचायत संचालनालय की स्थापना का निर्णय - इसके अंतर्गत पंचायत संचालनालय के जिला और अधिनस्थ कार्यालयों की स्थापना की जाएगी। समाज कल्याण संचालनालय अलग से होगा।
मध्यप्रदेश के समय से ही पंचायत और समाज सेवा का संयुक्त संचालनालय कार्यरत है और यही व्यवस्था छत्तीसगढ़ में भी है। चूंकि पहले पंचायत सेक्टर में योजनाएं कम थी और समाज सेवा के अंतर्गत अधिक योजनाएं थी। अत: संचालनालय और फिल्ड स्टाफ पर सम्पूर्ण नियंत्रण समाज कल्याण विभाग का रहा, लेकिन अब भारतीय संविधान के 73वें संशोधन के बाद प्रदेश में पंचायत राज अधिनियम 1993 प्रभावशील है और पंचायत सेक्टर की गतिविधियां बहुत बढ़ गयी हैं। प्रदेश में 18 जिला पंचायतें, 146 जनपद पंचायतें और 9734 ग्राम पंचायतें कार्यरत है। अत: अलग से पंचायत संचालनालय की स्थापना का निर्णय लिया गया, ताकि पंचायत सेक्टर की योजनाओं और गतिविधियों का सुचारू संचालन किया जा सके। अलग पंचायत संचालनालय गठित होने पर त्रिस्तरीय पंचायतों का सुचारू संचालन, अनुदान, सचिवीय व्यवस्था, ग्राम पंचायतों के आडिट, बजट पर सम्पूर्ण नियंत्रण आसानी से किया जा सकेगा। लगभग एक लाख 59 हजार पंचायत पदाधिकारियों की सुविधाओं, मानदेय, प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था आसानी से हो सकेगी। लगभग एक लाख 50 हजार शिक्षक (पंचायत) हैं, जिनकी सेवा शर्तों, वेतन भत्तों का निर्धारण, स्थानांतरण, नियुक्ति, पदोन्नति, अंशदायी पेंशन आदि की व्यवस्था में सुविधा होगी।
(क) वर्तमान में प्रथम श्रेणी से प्रथम श्रेणी के उच्च वेतनमान के पदों पर योग्यता सह वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति में अनुसूचित जाति के लिए 15 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति के लिए 23 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। अब इसमें संशोधन करते हुए अनुसूचित जाति के लिए 12 प्रतिशत और जनजाति के लिए 32 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय लिया गया।
(ख) इसी तरह वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर पदोन्नतियों में द्वितीय श्रेणी के पदों पर, द्वितीय श्रेणी के अंतर्गत पदों पर तथा द्वितीय श्रेणी से प्रथम श्रेणी के पदों पर पदोन्नति में अनुसूचित जाति के लिए 15 प्रतिशत और जनजाति के लिए 23 प्रतिशत का प्रावधान है, जिसे संशोधित कर अनुसूचित जाति के लिए 12 प्रतिशत और जनजाति के लिए 32 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया।
(ग) तृतीय श्रेणी के पदों पर अथवा तृतीय श्रेणी के अंतर्गत तथा चतुर्थ श्रेणी के अंतर्गत पदों में पदोन्नति में वर्तमान में अनुसूचित जाति के लिए 16 प्रतिशत और जनजाति के लिए 23 प्रतिशत का प्रावधान है, जिसे संशोधित कर अनुसूचित जाति के लिए 12 प्रतिशत और जनजाति के लिए 32 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिपरिषद के निर्णय
दिनांक 24 सितम्बर 2012
--0--