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मंत्रिपरिषद के निर्णय- 2014

केबिनेट की बैठक

दिनांक 4 जनवरी 2014

  •    राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन।
  •    द्वितीय अनुपूरक बजट का अनुमोदन।
     

 

केबिनेट की बैठक

रायपुर, 21 जनवरी 2014

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रदेश के बस्तर एवं अन्य दूरस्थ इलाकों के अस्पतालों में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी चिकित्सा पद्धति के कुल 553 चिकित्सा अधिकारियों की विभागीय भर्ती की जाएगी। इसके लिए इन पदों को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से अलग कर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कुशल मानव संसाधन के रूप में आयुर्वेद के 496, होम्योपैथी के 31 और यूनानी चिकित्सा पद्धति के 26 पदों में विभागीय भर्ती की जाएगी। बैठक में राज्य के अनुसूचित जातियों, जनजातियों, अल्पसंख्यकों और सफाई कामगार परिवारों के युवाओं को विभिन्न व्यवसायों के लिए ऋण उपलब्ध कराने की योजनाओं के लिए इनसे संबंधित राष्ट्रीय वित्त एवं विकास निगमों को वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए कुल 26 करोड़ 26 लाख रूपए की राज्य बैंक गारंटी देने का भी निर्णय लिया गया। इसमें से 13 करोड़ रूपए की बैंक गारंटी राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम को और आठ करोड़ रूपए की बैंक गारंटी राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम को दी जाएगी। राष्ट्रीय सफाई कामगार वित्त एवं विकास निगम को तीन करोड़ 26 लाख रूपए और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम को दो करोड़ रूपए की बैंक गारंटी राज्य सरकार देगी। बैठक में प्रदेश सरकार के आगामी वित्तीय वर्ष 2014-15 के वार्षिक बजट पर भी मंत्रिपरिषद ने अपनी सहमति प्रदान कर दी।

क्रमांक-3459/स्वराज्य


मंत्री परिषद के निर्णय

रायपुर, 17 फरवरी 2014

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मंत्री परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में निम्नानुसार निर्णय लिए गए:-
1. न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण में समय कम करने के लिए आवश्यक प्रयास करने, आम जनता को शीघ्र और सस्ता न्याय दिलाने तथा न्यायिक प्रक्रिया में सुधार लाने के लिए ’राज्य विधि आयोग’ के गठन को मंजूरी दी गई।
2. संविधान की पांचवीं अनुसूची के द्वारा राज्यपाल को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बस्तर एवं सरगुजा संभाग में तृतीय एवं  चतुर्थ श्रेणी के पदों पर स्थानीय युवाओं की भर्ती में प्राथमिकता देने की समय सीमा में एक वर्ष की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया।
3. छत्तीसगढ़ में लोक आयोग कानून को और सशक्त बनाने के लिए मंत्री मंडल की उप समिति गठन करने निर्णय लिया गया। यह तीन सदस्यीय समिति होगी।

क्रमांक-3843/कुशराम

 

मंत्री परिषद के निर्णय

रायपुर, 28 फरवरी 2014

छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा, जहां अर्धविक्षिप्त महिलाओं तथा संकटग्रस्त की सुरक्षा के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जाएंगे। उन्हें इन हॉस्टलों में कानूनी मदद के साथ-साथ संदर्भ सेवाएं भी दी जाएगी। प्रथम चरण में रायपुर और दुर्ग में इनकी स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज शाम यहां मंत्रालय में आयोजित केबिनेट की बैठक में महिला और बाल विकास विभाग के इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी और विभाग को आगामी कार्रवाई जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए। इन ट्रांजिट हॉस्टलों में हेल्पलाइन की भी सुविधा होगी। केबिनेट में इस वित्तीय वर्ष में धान खरीदी के लिए प्रदेश सरकार की ओर से भारतीय स्टेट बैंक को एक हजार करोड़ रूपए की बैंक गारंटी देने का निर्णय लिया गया।

क्रमांक-4029/स्वराज्य

 

मंत्री परिषद के निर्णय

रायपुर, 24 मई 2014

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक आज यहां नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित की गई।  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चंद्राकर ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केबिनेट की बैठक में  विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में वर्ष 2014-15 से चुनाव पद्धति से छात्र संघ गठन के बारे में निर्णय लिया गया। इसी तरह जेएनएनयूआरएम के अंतर्गत 70 शहरों में 451 बसों के संचालन हेतु 170 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके संचालन के लिए स्पेशल परपस व्हीकल (एसपीवी) के गठन का निर्णय लिया गया है।  छत्तीसगढ़ एक मात्र राज्य है, जिसने क्लस्टर-एप्रोच के साथ सिटी बसों के संचालन की प्रणाली अपनाई है। 9 क्षेत्रों में सभी शहरों का विभाजन कर 9 एसपीवी का गठन किया गया है। क्लस्टर-एप्रोच से लिंक शहरों को भी जोड़ने से जनता को अधिक फायदा होगा। उदाहरणार्थ रायपुर के साथ माना कैम्प, बीरगांव, आरंग आदि क्षेत्रों को लाभ दिया जाएगा। राज्यस्तरीय शहरी परिवहन निगरानी समिति का गठन सम्पूर्ण शहरी परिवहन व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। इस तरह सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में शहरी सार्वजनिक परिवहन  प्रणाली को सुनिश्चित कर जनता को अधिकाधिक लाभ पहुंचाया जाएगा।
तहसील एवं विकासखंड पुनर्गठन आयोग के कार्यकाल में वृद्धि का निर्णय भी आज कैबिनेट ने लिया। चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर 31 मार्च 2014 तक रिपोर्ट प्राप्त देना संभव नहीं था, इसलिए 30 जून 2014 तक आयोग के कार्यकाल में वृद्धि का प्रस्ताव को अनुमोदन दिया गया। राजस्व पुस्तक परिपत्र आरबीसी 6-4 के अंतर्गत प्राकृतिक प्रकोपों से होने वाली क्षति के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, इसकी राशि में वृद्धि की गई है। ताकि लोगों की अधिक मदद की जा सके। (परिशिष्ट-1) जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा में नक्सली प्रकरणों के विचारण हेतु न्यायालय की स्थापना हेतु अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) का पद स्वीकृति को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की, ताकि न्याय प्रक्रिया को त्वरित गति से सम्पन्न किया जा सके।
    बस्तर संभाग में विज्ञान पढ़े अनुसूचित जनजाति के युवाओं का अत्यधिक अभाव है। अतः स्टॉफ नर्स एवं पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद नहीं भर पा रहे हैं। स्टॉफ नर्स के लिए बी.एससी. (नर्सिंग) एवं पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता के लिए तकनीकी प्रशिक्षण के बाद ही इन पदों के लिए अर्हता प्राप्त होती है। कई बार विज्ञापन प्रकाशित करने के बाद भी इन पदों पर भर्ती नहीं हो पा रही है। अतः 50 प्रतिशत पदों हेतु बारहवीं बायो उत्तीर्ण बस्तर के युवक-युवतियों को भर्ती करके प्रशिक्षण कराया जाएगा। प्रशिक्षण का खर्च सरकार वहन करेगी। शेष 50 प्रतिशत पदों हेतु पूरे छत्तीसगढ़ से संबंधित वर्ग के अभ्यर्थियों से पद भरने का निर्णय कैबिनेट ने लिया। ताकि बस्तर क्षेत्र में तत्काल स्वास्थ्य सुविधाओं को सुनिश्चित किया जा सके। केबिनेट के समक्ष प्रदेश में खाद एवं बीज की उपलब्धता के संबंध में एक प्रस्तुतीकरण कृषि विभाग द्वारा दिया गया। माननीय मुख्यमंत्री जी ने खाद बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए ताकि किसानों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो।

क्रमांक-321 / स्वराज्य

मंत्रिपरिषद की बैठक

दिनांक 3 जून 2014

  • केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपीनाथ मुंडे को श्रद्धांजलि।
  • वर्ष 2014-15 की तबादला नीति को मंजूरी।

 

मंत्रिपरिषद के फैसले

दिनांक 18 जुलाई 2014

  •   छत्तीसगढ़ राज्य सड़क विकास निगम का गठन करने का निर्णय।
  •   जंगली जानवरों के हमले में मृत्यु अथवा घायल होने के प्रकरणों में दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि बढ़ाने का निर्णय। अब जंगली जानवरों के हमलों में मृत्यु होने की स्थिति में मृतक के परिवार को मिलने वाली मुआवजा राशि दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख रूपये,स्थायी रूप से अपंग होने पर प्रभावित व्यक्ति को दी जाने वाली मुआवजा राशि 75 हजार रूपए से बढ़ाकर डेढ़ लाख रूपए, घायल व्यक्ति को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि 20 हजार रूपए से बढ़ाकर 40 हजार रूपए और पशु हानि की स्थिति में दी जाने वाली मुआवजा राशि 15 हजार रूपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दी गई है।
  • राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग गठित करने का निर्णय। इस आयोग के माध्यम से सहकारी समितियों और सहकारी बैंकों के संचालक मंडलों के चुनाव कराए जाएंगे। आयोग के गठन के लिए छत्तीसगढ़ सोसायटी अधिनियम 1960 में संशोधन किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन कराने से संबंधित प्रावधानों को सुसंगत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम-1960 में यह संशोधन प्रस्तावित है।

 

  मंत्रिपरिषद के फैसले

दिनांक 7 अगस्त 2014

  •  छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का निर्णय। इस संशोधन के जरिए नवीन जनगणना वर्ष 2011 के आधार पर वर्तमान पंचायतों का परिसीमन होगा और उनमें सीटों का नये सिरे से आरक्षण किया जाएगा।
  • अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के खण्ड 6-4 के प्रावधानों के अनुसार सर्वेक्षण कर जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए।



मंत्रि-परिषद के फैसले

दिनांक 16 सितम्बर 2014

  • जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए लगभग छह करोड़ रूपए का एक रैक चावल जल्द भेजने का निर्णय।
  •  विकासखण्ड एवं तहसील पुनर्गठन आयोग से प्रदेश में नवीन ग्राम पंचायतों और नवीन जिला पंचायतों की स्थापना को ध्यान में रखकर विकासखण्डों और तहसीलों के पुनर्गठन के संबंध में कुछ और अभिमत तथा सुझाव देने का आग्रह करने का निर्णय।
  • छत्तीसगढ़ के विभिन्न उद्योगों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और अन्य सार्वजनिक सेवाओं के लिए जल आपूर्ति के संबंध में शासकीय दरों का निर्धारण।
  •  राज्योत्सव-2014 तीन दिवसीय होगा और नया रायपुर स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में एक नवम्बर से तीन नवम्बर तक आयोजित किया जाएगा।
  •  राज्योत्सव 2014 के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित करने का निर्णय।

 

कैबिनेट के निर्णय

दिनांक 4 अक्टूबर 2014

  •  समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के पंजीयन की समय सीमा 10 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2014 निर्धारित की गई।
  •  समितियों में धान खरीदी एक दिसंबर 2014 से शुरु करने और तृतीय लिंग के व्यक्तियों के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए अलग से बोर्ड गठित करने का निर्णय।
  •   पिछड़े वर्ग की सूची में दस जातियों को शामिल करने का फैसला।
  •   बीज नीति का अनुमोदन।

 

कैबिनेट के निर्णय

दिनांक 11 नवम्बर 2014

  •   नया रायपुर में ट्रिपल आई.टी. से संबंधित स्थापना अधिनियम में संशोधन के बारे में विचार-विमर्श।



कैबिनेट के निर्णय

दिनांक 13 नवम्बर 2014

  •  बिलासपुर जिले के तख्तपुर विकासखण्ड के ग्राम पेंडारी में नसबंदी कैम्प में आपरेशन के बाद महिलाओं की मौत के प्रकरण की न्यायिक जांच करने का फैसला। जांच आयोग के गठन का फैसला।
  •    इस प्रकरण में दो अधिकारियों को बर्खास्त करने के प्रस्ताव का अनुमोदन।

मंत्रिपरिषद के निर्णय

रायपुर, 25 नवम्बर 2014

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में बिलासपुर जिले के नसबंदी प्रकरणों में मृत महिलाओं के नाबालिक बच्चों के लिए पूर्व में घोषित दो लाख रूपए की एफ.डी. को बढ़ाकर तीन लाख रूपए करने का निर्णय लिया गया। यह राशि प्रत्येक बच्चे के नाम पर जिला कलेक्टर के संयुक्त खाते में रहेगी। वयस्क होने पर बच्चे को ब्याज सहित यह राशि मिल जाएगी। बैठक के बाद राजस्व और उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद ने भू-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम की धारा-10 पर विचार किया। विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि भू-अर्जन के प्रकरणों में राज्य को इकाई माना जाए और राज्य के कुल सिंचित बहु-फसली भूमि के कुल रकबे के मात्र दो प्रतिशत तथा कुल शुद्ध बोआई क्षेत्र के एक प्रतिशत का ही भू-अर्जन किया जाए। मंत्रि-परिषद ने इस अधिनियम की धारा-30 पर भी विचार किया और यह निर्णय लिया कि भू-अर्जन की स्थिति में नये भू-अर्जन नियम के तहत कलेक्टर की गाइड लाइन से दोगुने से ज्यादा दर मुआवजे के रूप में दी जाएगी, लेकिन यह दर किसी भी स्थिति में पुनर्वास नीति में उल्लेखित असिंचित भूमि के लिए छह लाख रूपए, सिंचित एक फसली भूमि के लिए आठ लाख रूपए और सिंचित दो फसली भूमि के लिए दस लाख रूपए प्रति एकड़ से कम नहीं होगी। मंत्रि-परिषद ने भिलाई इस्पात संयंत्र को लगने वाले कोकिंग कोल के राज्य में आयात पर संयंत्र को वर्तमान छह प्रतिशत के प्रवेश कर से 50 प्रतिशत छूट देने अर्थात् तीन प्रतिशत प्रवेश कर लेने का निर्णय लिया।
 

क्रमांक-2819/स्वराज्य

मंत्रिपरिषद के निर्णय दिनांक 9 दिसम्बर 2014

  •   वर्ष 2014-15 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट को मंजूरी।
  •     समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सीमा 10 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 15 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मंजूरी।
  • ऽ   ट्रिपल आईटी की स्थापना, रेन्ट कन्ट्रोल संशोधन विधेयक और पंचायत राज निकायों में आरक्षण संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन।

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