Home रमन के गोठ(रमन चो गोठ) (हल्बी) : आकाशवाणी ले प्रसारित होतो बिती बिशेष कार्यक्रम (दिनांक 14 अगस्त 2016, समय-प्रातः 10.45 से 11.05 बजे)

Secondary links

Search

रमन के गोठ(रमन चो गोठ) (हल्बी) : आकाशवाणी ले प्रसारित होतो बिती बिशेष कार्यक्रम (दिनांक 14 अगस्त 2016, समय-प्रातः 10.45 से 11.05 बजे)

........................................................................................................................................................
स्वतंत्रता संग्राम चो कहानी
मुख्यमंत्री चो जुबानी

.........................................................................................................................................................
सुनतो लोग मन के जुहार!
(पुरूष उद्घोषक की ओर से)

  • आकाशवाणी चो महत्वपूर्ण प्रसारण ‘‘रमन चो गोठ’’ ने आपन जमाय सुनतो लोग मन चो हार्दिक स्वागत करूंसे,
  • सुनतो सियान-सज्जन, ‘‘रमन चो गोठ’’ चो 12वीं कड़ी ने माननीय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह साहेब अमरला सोत। इया हुनाचो स्वागत करूंवा, जुहार डॉक्टर साहेब।

मुख्यमंत्री जी द्वारा हल्बी में

  • जुहार! जमाय संगी-साथी, सियान- जुवान माय-बहिन मन के जय जुहार।
  • येई प्रसारण असन बेरा ने होयसे, जेबे देश, आजादी चो उनहत्तरवां (तीन कोड़ी नौवा) बरसानी दिन मनायेंसे।
  • आपन मन सपाय के सुराजी तिहार चो खुबे-खुबे बधाई

महिला उद्घोषक द्वारा

  • मुख्यमंत्री साहेब, सत्ते चे आय स्वतंत्रता दिवस चो नाव धरते  आमचो रोवां-रोवां हरिख होउंन जाउआय। खुला लेहरा ने लहरातो तिरंगा झण्डा आमके, लाम बेरा चो लड़ई आउर बलिदान के सुरता करायेंसे। असन मानतोर आसे कि देश बाटले छत्तीसगढ़ चो शहीद जवान मन के हुनमन चो योगदान चो काजे मिरतो उचित जश नी मिरूक सकुरहे। आपन चो काय मत आसें?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • आगे चो बेरा ने भारत ‘सोन चो चड़ई’ बलाते रली। अंग्रेज मन काय नहाले सवा तीन सौ बरख तकले भारत ने राज करला। भारत चो जनता उपरे खुबे जुलुम करला। राजा ले धरूंन परजा तक सबके प्रताड़ना दिला। देश चो किमती धन माल के लुटून भाति नेउंनगेला। आमचो आर्थिक अउर सामाजिक ढ़ांचा के बरबाद करूंन दिला।
  • फिरंगी मन चो अन्याय अउर अत्याचार चो बिरूद्व ने 1857 ने खुबे जोरदार रीस फुटली, जेके आमी ‘‘आजादी चो पहिल लड़ई’’ बलुंसे।
  • मांतर छत्तीसगढ़ ने येई कहानी 33 बरख चो पूरे 1824 ने चे शुरू होउंन जाउ रली। अबुझमाड़ चो परलकोट ने बीर गेंद सिंह, बनवासिमन के छापा मारतो लड़ई सिखाते रला। अंग्रेज मन के येचो खबर लगली तेबे हुन मन कर्नल एगन्यू के पठाला। गेंद सिंह चो फौज खुबे लड़ली। आखिर ने हुन मन गिरफ्तार होउन गेला। 10 जनवरी 1825 के परलकोट महल चो पूरे हुन मन के फंासी देउंन दिला।
  • दूसर घटना 1856 चो आय। सोनाखन चो सपूत नारायण सिंह के फिरंगी मन चो दाण्ड के शहुक नी होते रहे। जेबे अकाल पड़ली अउर फिरंगी सरकार जमा खोर चो साथ देउक धरली। तेबे नारायण सिंह अनाज चो कोठी मन ने हमला करूंन दिलो अउर जमाय अनाज के जनता के बाटुन दिलो। हुन चो साहस लोग मन चो गीत बनुन गेली-

        परन ठान के , कफन बाध के,
        भारत मां के , करिन बिचार।
        गरजिस बघवा वीर नारायण,
        लिन तलवार निकार।।    

  • हुन नारायण ले ‘बीर नारायण’ होउंन गेला। मांतर अंग्रेज मन हुनके राजद्रोही मानुन भाति वीर नारायण सिंह के जेल पठाउंन दिला। येचो मंजारे देश चो कितलोई जगह मन ने सुलगलो चिंगारी भड़कुक धरूंन रली। अउर 1857 चो महान क्रांति चो जनम होली। जे चो ताव छत्तीसगढ़ ने बले अमर ली। अउर वीर नारायण सिंह जेल ले निकरूंन पराला।
  • हुन मन आपलो साथी मन चो संगे मिलुन भाति ‘लेफिट्नेंट स्मिथ’ के धुरला चटाउंन दिला। मांतर आखिरकार गिरफ्तार होला। अउर 19 दिसम्बर 1857 के रायपुर चो जय स्तम्भ चौेक ने हुन मन के फासी देउंन दिला।
  •  हुन बेरा संबलपुर छत्तीसगढ़ ने शामिल रली। हुता चो राजा महाराज साय चो मरलो पाटकुति अंग्रेज मन सुरेन्द्र साय के बेदखल करूंन छल करूंन संबलपुर राज चो राजपाठ हथियाउंन पकाला। मांतर वीर सुरेन्द्र साय ओगाय नी बसलो। हुन उड़ीसा अउर छत्तीसगढ़, दोनो क्षेत्र ने लोग मन के रूंडाला। सीधा लड़ई लड़ला अउर कितलोई अंग्रेज मन के मारूंन पकाला। आखिर ने असीरगढ़ किला ले गिरफ्तारी चो चलते हुन मन शहीद होला।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

 मुख्यमंत्री साहेब छत्तीसगढ़ चो लोग भारत माता चो आजादी काजे 1857 चो पूरे ले लड़ते रला। ये गोठ सत्ते चे खुबे लोग नी जनोत। आपन खुबे अच्छा जानकारी दिलास। असन ने आमचो नुवा पीढ़ी के आपलो वीर पुरखा मन चो अउर हुन चो महान इतिहास चो बारे ने पता चलली। येदाय ये जानतोर चाहदें कि ये लड़ई आगे कसन बढ़ली?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

1858 ने रायपुर ने जे फौजी छावनी रली, हुना के तीसरी ‘‘रेग्युलर रेजीमेंट’’ बलते रला। जहा ठाकुर हनुमान सिंह ‘‘मैग्जीन लश्कर’’ चो पद में रउंन काम करते रला। भारतीय मन चो उपरे फौजी आफिसर ‘‘ सार्जेन्ट वेजर सिडवेल’’ चो अत्याचार ले हुन मन खुबे नाराज रला। गोटोक रात हनुमान सिंह अउर हुन चो साथी मन सिडवेल चो बंगला ने ओलुन भाति हुन चो हत्या करूंन दिला। येई क्रांति चो नायक 17 झन वीर सिपाही मन के फिरंगी मन चो द्वारा पुलिस लाइन रायपुर ने खुले आम तोप ले उड़ाउंन देउन दीला, जेने हवलदार गाजी खान, गोलदांज, अब्दुल हयात, मुल्लू, शिवरीनारायण, पन्नालाल, मातादीन, ठाकुर सिंग, बली दुबे, अकबर हुसैन, लल्ला सिंह, बल्लू, परमानंद, शोभाराम, दुर्गा प्रसाद, नजर मोहम्मद, देवीदीन, शिव गोविन्द शामिल रला।

  • 1876 चो मुरिया बिद्रोह गोटोक बड़े घटना माना जायेंसे। बस्तर ने फिरंगी सरकार आदिवासी मन चो लोक प्रिय राजा भैरमदेव चो  विरूद्व जनता के भड़काउक धरूंन रली। जनता बले आपलो राजा चो साथ दीली। असने अंग्रेज मन चो फुट करतो चो चाल नकाम होउंन गेली।
  • हुन बाटे जमाये देश में किसान मन, मजदूर मन, कामगार मन उपरे अंग्रेज मन चो जुलुम डाहा बाड़ते जाते रली। हुन चो विरूद्व ने एकजुटता काजे नुवा-नुवा संगठन मन बनुक धरली। 1907 चो पाटकुति आजादी चो लड़तो बिता मन, गरम अउर नरम दल ने भाग होला। लाल राजपतराय, बाल गंगाधर तिलक अउर बिपिन चन्द्रपाल चो परभाव बड़ली। ‘लाल-बाल-पाल’ ले प्रेरित होउंन रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग संगे छत्तीसगढ़ चो मैदानी हिस्सा आजादी चो लड़ई चो केन्द्र बनली अउर क्रांति चो बिस्तार होली।
  • रायपुर ने गोटोक बड़े सभा होली। पं. रविशंकर शुक्ल, वामन राव लाखे, डी.एन. चौधरी, हरिबाबू चटर्जी, रावसाहेब दानी, खपरेलवाले असन मन चो नेतृत्व उभरूक लागली।
     

महिला उद्घोषक द्वारा

  • मुख्यमंत्री साहेब, हुन समय केबे इली जेबे पूरा छत्तीसगढ़ ने स्वतंत्रता संग्राम चो होरा (मशाल) जरून उठली। सरगुजा ले बस्तर तक क्रांति चो आइग पसरूंन गेली?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • 1910 तक ले सत्ते ईब ले इन्द्रावती तक येई आंदोलन पसरू जाउंन रली। बस्तर ने इन्द्रावती चो कठा ने वीर गुण्डाधूर बले कर चो बाढ़ती अउर अंग्रेज मन चो कर्मचारी मन चो जादाती चो विरूद्व ने भूमकाल विद्रोह छेडुन दिला, जेकि खुबे तेजी ले राननें पसरली। वीर गुण्डाधूर, मूरतसिंह बख्शी, बाला प्रसाद नाजीर, वीर सिंह बंदार, लाल कालिन्द्र सिंह अउर हुन मन चो साथी मन अंग्रेज मन चो नाकने दम करूंन दिला।
  • बिहार ले चालू होलो बिती ‘‘ ताना भगत आंदोलन’’ चो लपट बले सरगुजा ने पसरली। 1918 ने वीर जतरा उरांव अउर हुन मन चो साथी मन चो गिरफतारी चो पाटकुति आंदोलन इतलो भायनक होली की हुन ने सरगुजा अंचल चो कितलोई सेनानी मन शहीद होउन गेला।
     

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • मुख्यमंत्री साहेब, स्वतंत्रता आंदोलन चो चलते महात्मा गांधी बले छत्तीसगढ़ एउ रला। गंाधी जी येतो चो पाटकुति आंदोलन चो दिशा अउर दशा ने काय रकम चो बदलाव होली?

मुख्यमंत्री जी द्वारा
 

  • आजादी चो लड़ई चो चलते महात्मा गंाधी दुइ हार, 1920 अउर 1933 ने छत्तीसगढ़ ईला।
  • 1920 चो कण्डेल नहर सत्याग्रह चो आपलो रोचक अउर क्रांतिकारी इतिहास आसे। कण्डेल नहर ले पानी नेतो काजे किसान मन उपरे टैक्स लादुंन दीला। टैक्स नी भरूक सक्तो किसान मन के परेशान करा जाते रली। हुन मन चो गाय, बइल, धान-पान जमाये जपत होउंक लागली। येई जबरदस्ती चो बिरोध ने पंडित सुन्दर लाल शर्मा, नारायण राव मेघावाले, छोटे लाल श्रीवास्तव चो नेतृत्व ने सत्याग्रह करा गेली, जेने बाजीराव कृदत, नत्थू जगताप, उमर सेठ, हजारी लाल जैन, जमाय मन भूमिका निभाला। गंाधी जी बले कण्डेल नहर सत्याग्रह काजे येतोचे बिता रलो कि अंग्रेज मन आपलो पांय पाटकुति गुचाला अउर सत्याग्रही मन चो जीत होली।
  •  फेर बले गंाधी जी छत्तीसगढ़ इला अउर कण्डेल सत्याग्रही मन संगे भेट करला। हुन मन रायपुर, धमतरी अउर दुर्ग चो दौरा करूंन रला। रायपुर ने जोन ठान ने गांधी जी चो सभा होउंन रली हुन ठान गंाधी चौक चो नाव ने परसिद्व होउंन गेली अउर क्रांति चो चिना बनुन गेली।
  •  हुन बेरा पंडिल सुन्दर लाल शर्मा चो बिचार मन अउर कार्य प्रणाली ले गंाधी जी इतलो प्रभावित होला कि हुन के आपलो ‘‘गुरू’’ बलुन रला।
  •  येई मंजारे गंाधी जी ‘‘ असहयोग आंदोलन’’ चो घोषणा करूंन देउ रला। सरकारी संस्था मन चो त्याग करतो बीता मन काजे 1921 ने पंडित माधव राव सप्रे चो पहल ने, रायपुर ने गोटोक राष्ट्रीय विद्यालय खोला गेली। मंहत लक्ष्मी नारायण दास एन.डी.दानी, शिवदास डागा, ई. राघवेन्द्र राव, यतियतन लाल अउर हुन चो साथी मन चो योगदान बढ़ुक लागली।
  •  1924 ने ठाकुर प्यारे लाल सिंह चो नेतृत्व ने हजार-हजार मजदूर मन राजनांदगॉव ने कपड़ा मिल में प्रबंधन चो जादती मन चो बिरोध ने प्रदर्शन करला। 1930 ने ठाकुर साहब बहिष्कार आंदोलन चो जिम्मेदारी संभाल्ला।
  •  1930 चो ‘‘सविनय अवज्ञा आंदोलन चो चलते पं. वामन राव लाखे, ठाकुर प्यारे लाल सिंह, शिवदास डागा, मौलाना रउफ अउर मंहत लक्ष्मी नारायण दास ‘पांच पंडाव’ बलाला। 16 दिसम्बर 1930 चो धमतरी ने ‘‘जंगल सत्याग्रह’’ चो चलते आंदोलनकारी मन अउर पुलिस चो मंजारे टकराव होली। येदाय तो घर-घर ने सेनानी निकरूक धरला।
  •  डॉ. खूब चन्द बघेल सरकारी नौकरी छाडुंन दिला अउर आजादी चो लड़ई ने हिस्सा नीला। ‘‘झण्डा सत्याग्रह’’,‘‘ जंगल सत्याग्रह’’ विदेशी लुगा-पाटा मन चो ‘‘बहिष्कार’’ जसन आंदोलन मन ने खुबे भीड़ जुटुक लागली।
  • 1932 ने ‘अवज्ञा आंदोलन’’ चो दूसर हार ने ठाकुर प्यारे लाल सिंह, भू-राजस्व चो नी पटातो चो आव्हान करला।
  •  देश चो दुसर हिस्सा मन चो जसन येता बले ‘‘ वानर सेना’’ चो गठन होली जेकि पर्चा चिपकातो अउर संदेश पहुचातो चो काम करते रली।
  • समाज चो बड़ती काजो देश व्यापी यात्रा चो चलते महात्मा गंाधी 1933 ने छत्तीसगढ़ ईला। हुन मन 23 ले 28 नवम्बर चो मंजारे छत्तीसगढ़ चो कितलोये ठान मन चो दौरा करला।
  •  कांकेर ने इंदरू केवट सरगी रूख मन चो कटाई अउर युद्वकोष काजे जनता ले पैसा वसूली चो बिरोध करू रला। हुन आपलो संग तिरंगा झण्डा धरून जाते रला। 1942 ने गिरफ्तार करू रला। हुन मन के छंडातो काजे भीड़ उमडु रली। हुन बस्तर चो ‘गांधी’ चो नाव ले प्रसिद्व होउरय।
  •  8 अगस्त 1942 चो ‘‘अंग्रेज भारत छोडो आंदोलन’’ चालू होली। तेब तो छत्तीसगढ़ चो गोटोक-गोटोक निवासी चो मन ने संग्राम अउर बलिदान चो आइग धधकते रली। बिरोध, गिरफ्तारी, जेल यात्रा अउर पलटुन फेर बिरोध। येई जीवन चक्र रली, जेमे परिवार चो सपाय सदस्य मन साथ देते रला।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • डॉक्टर साहब, स्वतंत्रता संग्राम ने अनेक सेनानी असन बले रला, जे मन चो योगदान तो खुबे रली मांतर हुनमन के गुमनामी ने जीवना बिताउक पड़ली।

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • हुन बेरा ने कोनी आपलो वाह-वाही काजे काम नी करते रला। सपाय चो गोटोक लक्ष्य रली- भारत माता चो गुलामी चो जंजीर मन ले मुक्त करातोर। मनुक हो या मेहरार, हर कोई जादा ले जादा त्याग चो भावना ले काम करते रला। हुन मन काई अउर नी सोचते रला।
  • परस राम सोनी, धनीराम वर्मा, अनंत राम बर्छिहा, पं. रामदयाल तिवारी, जय नारायण पाण्डेय, दुर्गा सिंह सिरमौर, लखन लाल मिश्र, हरिप्रेम बघेल, रेशम लाल जांगडे, कंुजबिहारी चौबे, डी.आर. धृतलहरे, रघुनाथ भाले, डॉ. कोदू राम यदु, काकेश्वर बघेल, लालमणि तिवारी, पंकज तिवारी, बाबूलाल बामरे, रामानंद दुबे, मोति लाल त्रिपाठी, कन्हैया लाल बलारी, हृदय राम कश्यम, पूरन लाल वर्मा आदि सपाय चो योगदान महत्वपूर्ण रली। जेमनचो नाव धरले अउर जेमनचो नी धरूक सकले, हुन सपाय के मैं नमन (जुहार) करेंसे।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • मुख्यमंत्री साहेब, आपन सांगते रला कि आजादी चो लड़ई ने मेहरार मन, साहित्यकार मन, कलाकार मन बले आपलो-आपलो ढंग ले हिस्सा नेउरला। हुन मन ने बले कोनी प्रमुख चो नाव अउर काम चो बारे ने आमचो नुवा पीढ़ी जानुक चाहेंसे?

मुख्यमंत्री जी द्वारा
 

  •  आजादी चो लड़ई ने हर माय, बहिन, बायले बले साहस चो परिचय दिला। घर ने काली काजे रोटी (भात) नी रली, मांतर हिम्मत इतलो, कि पूछा नइ। मुनिस, भाई, बेटा आजादी चो काजे लड़्ला, येचो ले बड़े गौरव दूसर नी रली। आजादी चो लड़ई चो संगेच जन शिक्षा, जन चेतना, जन सेवा, जन उत्थान चो काम बले चलते रली। आजाद भारत ने आदर्श व्यवस्था कसन होयदे, येचो ताना-बाना बले बुनते रला। राष्ट्रीय नेता मन ले नेउन स्थानीय स्तर तक येचो प्रभाव रली।
  • गोटोक रली डॉ. राधा बाई, जे कण्डेल सत्याग्रह चो बेरा सन 1920 ने आंदोलन कारी मनचो संग डटुन रली। पुलिस चो लाठी बड़गी खादली, मांतर हार नी मानुरय।
  • हुन मन शराबबंदी (मद नी पिव्तो), पर्दा-प्रथा जसन कुरीति मन चो खिलाप जन-जागरण करते रला, हुन मन कितरोेेइ दांय जेल चो यात्रा बले करला।
  • रोहिणी बाई परगनिहा तो 12 बरख चो उमर नेच जेल जाउन रली। हुन सफाई कर्मचारी मन चो पीला मन चो सेवा करते रली। मरीज मन चो सेवा करते रली। हुन चो हिम्मत ले बाकी सपाय लोगमन ने बले उत्साह जागते रली।
  • डॉ.खूबचंद बघेल चो आया केकती बाई बघेल विदेशी लुगा-पाटा मन चो खिलाफ आंदोलन करतो ने गिरफ्तारी देउ रली। हुन छुआ-छूत चो खिलाफ जनजागरण करूं रली।
  • श्रीमती बेला बाई संकल्प धरूं रली कि हुन मुनिस भुजबल सिंह चो संग जेल यात्रा करेंदे। अउर होली ये कि पहिल बेला बाई गिरफ्तार होली अउर दुसर दिन हुनचो मुनिस ।
  •  श्रीमती फूल कुवंर बाई, मुनिस चो मरलो पाटकुति बले पुरा समय आजादी चो लड़ई ने लगाउंन दिली अउर होली ये कि पहिल आया जेल गेली, पाटकुति ने बेटा मनोहर लाल श्रीवास्तव
  •   सतनाम पंथ चो गुरू पूज्य श्री अगमदास जी गुरू गोसाई चो धर्मपत्नी(बायले) रली श्रीमती मीनाक्षी देवी। हुन चो घर सत्याग्रही मन चो ठिकाना रली जेथाने मीनाक्षी देवी सपाय चो भोजन (भात) चो इंतजाम करते रली अउर हिम्मत बढ़ाते रली। हुन समाज चो उत्थान चो काजे जुगे काम करली अउर हुन ‘‘मिनी माता’’ चो रूप ने परसिद्व होली। पाटकुति ने लोक सभा सदस्य बनु रली।
     
  • जबलपुर ले गिरफ्तार करून बिलासपुर जेल ने राखलो पं. माखन लाल चतुर्वेदी कालजयी कविता लिखु रलो- ‘पुष्प की अभिलाषा’

चाह नहीं, मैं सुरबाला के
गहनों में गंूथा जाऊं.........
मुझे तोड़ लेना बनमाली,
उस पथ पर देना तुम फंेक।
मातृ-भूमि पर शीश चढ़ाने,
जिस पथ जावें वीर अनेक।।

  • रायपुर ले वयोवृद्व सेनानी डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय, श्री केयूर भूषण, श्री पन्नालाल पण्ड्या, श्री सूरज प्रसाद सक्सेना, श्री बृजलाल शर्मा, श्री रामकिशन गुप्ता,
  • राजनांदगांव ले श्री दामोदर दास टावरी, श्री कन्हैया लाल अग्रवाल, दामोदर प्रसाद त्रिपाठी, श्री देवी प्रसाद आर्य,
  • रायगढ़ ले श्री दया राम ठेठवार, बिहारी लाल थवाईत,
  • बिलासपुर ले श्री नंदू राय भांगे, श्री भगवान दास, डॉ. दयाराम सलानी, जसन विभूति मन आजी आमचो मंजारे आसोत। मैं हुन मन के दीर्घायु (लामजीवना) होतो काजे कामना करेंसे।

    ...............................................................................................................................
 

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • डॉक्टर साहब, राज्य चो आदिवासी क्षेत्र चो बड़े योगदान स्वतंत्रता संग्राम ने रली। मांतर कालान्तर ने ये क्षेत्र चो निवासी मन चो प्रतिभा अउर शौर्य के सही दिशा नी मिरूक सकली। ये क्षेत्र चो पिछड़ापन दूर नी होउक सकली। ये दिशा ने आपन चो सरकार बाटले जुगे प्रयास करलासात। काई मुख्य परयास मन चो बारे ने सांगुक चाहसास?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • ये सत आय कि गेलो लगभग तीन कोड़ी बरख तक सही दिशा ने सही परयास नी होलो ने आदिवासी क्षेत्र ने अपेक्षित (चाहलो असन) बिकास नी होली।
  • गेलो गोटोक दशक (दस बरख) चो आमचो परयास मन ले जुगे सुधार होलीसे। आमी शिक्षा, सुरक्षा अउर समग्र बिकास चो समन्वित (पूरा) प्रयास करलूसे।
  • सरगुजा चो तो वामपंथी उग्रवादी मन (नक्सली मन) ले पूरा मुक्ति मिरलीसे अउर बस्तर ने येबे निर्णायक सफलता मिरेसे।
  • आमचो पहल उपरे केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल सीआरपीएफ ने ‘ बस्तरिया बटालियन’ चो गठन चो निर्णय माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अउर गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी धरलासोत। मैं येके शौर्य चो ऐतिहासिक पृष्ठभूमि ले जोडुन दखेंसे।
  • पहिल आमचो आदिवासी क्षेत्र चो निवासी मन चो शारीरिक गठन (देंह गठन) चो काई मापदण्ड चो कारण सुरक्षा बल मन ने जगाह नी मिरूक सकते रय। ‘बस्तरिया बटालियन’ ने असन मापदण्ड मन के शिथिल करलासोत।
  • ‘बस्तरिया बटालियन’ चो गठन ले बस्तर संभाग चो चार जिलामन- बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर अउर सुकमा चो 744 स्थानीय आदिवासी युवाओं (जुवान मन) चो भर्ती होयदे, जेनले आमचो शूरवीर नौजुवान आपलो पारम्परिक शौर्य चो इतिहास दोहराउआत।
  • मैं ये मांनसे कि महान पराक्रमी गैंद सिंह, गुण्डाधूर अउर हुनमन चो जसन अनेक वीर मन चो वंशजमन के ‘ बस्तरिया बटालियन’ चो माध्यम ले देश सेवा चो अवसर (मौका) मिरेदे।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • सुनतो लोग मन ! आप मन चो प्रतिक्रिया मन आमके आपन चो चिट्ठी, सोशल मिडिया-फेसबुक, ट्विटर चो संग एसएमएस ले बले जुगे संख्या ने मिरेसे। येचो काजे आपन सपाय के खुबे-खुबे धन्यवाद।
  • आगे बले आपन आपलो मोबाईल चो मेसेज बॉक्स ने त्ज्ञळ चो पाटकूती स्पेस नेउंन आपलो बिचार लिखुंन 7668-500-500 नम्बर ले पठाते रहा अउर संदेश चो आखरी ने आपलो नाव अउर पता लिखुंक नी भुलका।
  • मुख्यमंत्री साहेब, आमचो सुनतो लोग मन ले जसन प्रतिक्रिया मन मिरेसे हुन जमाय चाहसोत कि आपन हुन चो उपरे काइ सांगा?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • ग्राम अलगीडाड- कोरबा ले पूर्णिमा मरावी, ग्राम मुंडाटोला- बालोद ले डोमेन्द्र नेताम, देवरी-भाटापारा ले गन्नूलाल रजक आदि चिट्ठी लिखुंन आपलो सुझाव दीला सोत।
  • फेसबुक अउर ट्वीटर चो माध्यम ले वीरेन्द्र सिंह, प्रमोद कुमार देशमुख, पिंटू यादव, राजेन्द्र प्रसाद दीक्षित, कृष्णकुमार चंद्राकर, विनोद जॉन आदि महत्वपूर्ण सुझाव दीला सोत।
  • एसएमएस द्वारा दुर्ग चो उत्कर्ष सोनबोइर सुझाव दीला कि सपाय सरकारी भवन मन ने ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ करतोर आय। चारामा चो वेदान्त काशी जैन चो सांगतोर आसे कि शिक्षक मन चो काजे गणवेश अनिवार्य (ड्रेस जरूरी) होव।
  • मैं आपन सपाय चो दिल (मन) ले आभारी आसंे, जो ये प्रसारण सुन सोत अउर आपलो प्रतिक्रिया पठासोत। सपाय चो नाव चो उल्लेख करतोर संभव नी आसें, मांतर आपन चो जो सुझाव मिरेसे, हुन चो समुचित (पूरा) उपयोग करूंदे।
     

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • सुनतो लोग मन, येदाय बारी आसे क्विज चो।

तीसरा ‘क्विज’ चो प्रश्न रली-
‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कचो काजे आसे?
एचो सही जवाब आय-
A  किसान मन चो काजे

  • मोके हरीक आसे कि येदाय खुबे संख्या ने लोग मन जवाब पठालासोत, जेचो ले पहिल 5 जवाब पठातो लोग मन चो नाव आय-

01.    रिशि कुमार धर्मा, दुर्ग
02.    दीपक साहू, कोरबा
03.    विशाल राठौर, रायपुर
04.    उत्कर्ष कुमार सोनबोइर, दुर्ग
05.    सेवन लाल राठौर, कोरबा

महिला उद्घोषक द्वारा

  • अउर येदाय बेरा आय आज चो मने चौथा क्विज चो सवाल आय-भूमकाल चो नायक कके बलुवात?

  ‘सही जवाब A गैंद सिंह B गुण्डाधूर
  आपलो जवाब देतो काजे आपलो मोबाईल चो मेसेस बाक्स     
  ने QA लिखा आरू स्पेस देउंन A नाहले B जो बले आपन  के सही लगेसे हुन गोटोक अक्षर लिखुंन भाति 7668-500-500    नम्बर ले पठाउंन दिया। संगने आपलो नाव अउर पता जरूर लिखा।

आपन सपाय ‘रमन चो गोठ’ सुनते रहा अउर आपलो प्रतिक्रिया ले आमके अवगत कराते रहा। अउर येचो संगे आज चो अंक आमी येताय समाप्त करूंसे,
आगे चो अंक ने 11 सितम्बर के आपन मन संगे होयंदे फेर भेंटघाट। तेबे तक काजे दिया आमके इजाजत। जुहार।



 

Date: 
14 August 2016 - 9pm