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‘रमन के गोठ’ आकाशवाणी से प्रसारित विशेष कार्यक्रम (दिनांक-09 अक्टूबर 2016, समय-प्रातः 10.45 से 11.05 बजे)

श्रोताओं नमस्कार !

(पुरूष उद्घोषक की ओर से )
आकाशवाणी के विशेष प्रसारण ‘रमन के गोठ‘ में हम, सभी श्रोताओं का हार्दिक स्वागत करते हैं। कार्यक्रम की चौदहवीं कड़ी के लिए आकाशवाणी के स्टुडियो में माननीय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी पधार चुके हैं।
-    डॉक्टर साहब नमस्कार, आपका स्वागत है।

 

 

मुख्यमंत्री जी द्वारा: छत्तीसगढ़ी में

  • जम्मो संगी-जहुंरिया, सियान-जवान, दाई-बहिनी मन ला जय जोहार।
  • चारों मुड़ा नवरात्र के धूमधाम चलत हे। जगह-जगह देवी माई के पूजा-पाठ होवत हे। जंवारा रखे गे हे। ज्योत जलाये गे हे। जस गीत, सेवा गीत, जंवारा गीत गूंजत हे। आप जम्मो मन ला गाड़ा-गाड़ा बधाई।

पुरूष उद्घोषक

  • मुख्यमंत्री जी आप हमेशा कहते हैं कि छत्तीसगढ़ को देवी माता का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। छत्तीसगढ़ में आदि शक्ति की आराधना और सम्मान की परम्परा है। कृपया इस संबंध में कुछ कहना चाहेंगे ?

मुख्यमंत्री जी

  • छत्तीसगढ़ में देवी मां के विभिन्न स्वरूपों के शक्ति-पीठ और साधना-स्थल हैं, जहां लोगों की बहुत आस्था है।
  • दंतेवाड़ा में दंतेशवरी माई, नारायणपुर में मावली माता, कांकेर में कंकालीन माई, डोंगरगढ़ में मां बम्लेशवरी, रतनपुर, रायपुर तथा अंबिकापुर में महामाया, चन्द्रपुर में चन्द्रहासिनी, मल्हार में मां डिडनेष्वरी, राजनांदगांव में शीतला माता तथा पाताल भैरवी, बालोद में सियादेवी, गरियाबंद में मां जतमई, गंगरेल में अंगारमोती, सोनपुर में मां ज्वाला, धमतरी में बिलाई माता, चैतुरगढ़ में महिसासुर मर्दिनी, अड़भार में मां अष्टभुजी, महासमुंद में खल्लारी दाई, झलमला में गंगामइया, कवर्धा में विंध्यवासिनी, भोरमदेव में दुर्गा माई, बागबाहरा और अभनपुर में चण्डी दाई बिराजती हैं। हर गांव, हर शहर में, किसी न किसी रूप में देवी माई का वास है, जहां नियमित पूजा होती है, जहां नवरात्र में मेले भरते हैं। मैं इन सभी शक्तिपीठों और साधना स्थलों को शत्-शत् नमन करता हूं।
  • हजारों श्रद्धालु लम्बी-लम्बी पदयात्रा कर देवी मंदिरों में पहुंचते हैं।
  •  इन लोगों के लिए रास्ते में जनसहयोग से भोजन, पानी, चिकित्सा तथा आराम का इंतजाम किया जाता है, जिससे आपस में प्रेम व सद्भाव बढ़ता है और इससे ‘एक पंथ, कई काज’ हो रहे हैं।
  • ऐसा पुण्य कार्य करने वाले व्यक्तियों और समितियों की मैं सराहना करता हूं।

महिला उद्घोषक

  • डॉक्टर साहब, इस बीच 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस भी है। मातृ शक्ति के सम्मान, सशक्तीकरण और स्वावलम्बन की कड़ियां प्रदेश में कैसे जुड़ती हैं और इसके लिए क्या प्रयास किये जा रहे हैं ?

मुख्यमंत्री जी

  • हमने परम्पराओं और नए प्रयासों को समाहित किया है।
  • अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर सभी बेटियों को बधाई।
  • छत्तीसगढ़ में महिलाओं की अच्छी संख्या, उनकी अच्छी स्थिति का भी प्रतीक है। स्त्री-पुरूष जनसंख्या के औसत राष्ट्रीय अनुपात से हम बहुत आगे हैं। हमारे यहां प्रति एक हजार पुरूषों की तुलना में 991 महिलाएं हैं। हमारे 27 में 13 जिलों में तो महिलाओं की संख्या पुरूषों से भी अधिक है।
  • यह राज्य में कन्या जन्म को मिलने वाले सम्मान, महिलाओं के प्रति बराबरी के भाव, उनकी सुविधाओं तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता का भी प्रतीक है।
  • नवरात्र में कन्या-भोज की परम्परा है लेकिन हमने इसे और आगे बढ़ाते हुये कुपोषण मुक्ति और पोषण सुरक्षा तक पहुंचा दिया है।
  • माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान शुरू किया है, जिसे हम जन-आन्दोलन बना रहे हैं।
  • कन्या जन्म को संरक्षण देने के लिये छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘नोनी सुरक्षा योजना’ शुरू की है, जिसके तहत बी.पी.एल परिवारों की  नवजात बेटियों के नाम से बैंक खाते में राशि जमा की जाती है, जो बेटी को बड़ा होने पर लखपति बना देती है।
  • पहली से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई निःषुल्क कराने की व्यवस्था की गई है।  
  • रोजगार व स्वावलम्बन के लिए भी हमने बहुत से इंतजाम किए हैं। सस्ता ऋण, राशन दुकान, आंगनवाड़ी, कुपोषण मुक्ति, गणवेश जैसी योजनाओं से महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़ा गया है।
  • पंचायत और नगरीय निकायों के चुनावों में आरक्षण, मकान के पंजीयन शुल्क में रियायत, राषन कार्ड, उज्ज्वला योजना में महिलाओं का नाम रखने जैसी पहल से बहनों का मान-सम्मान और अधिकार बढ़ा है।
  • पिछली बार मैंने मानव-तस्करी रोकने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया था। इस बार महिला सुरक्षा के और भी नए उपायों के बारे में बताना चाहूंगा। हर जिले में ‘टोलफ्री महिला हेल्पलाइन - 1091’ शुरू की गई है, जिसमें किसी भी संकट के वक्त कोई भी बहन बेधड़क फोन लगाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है, ताकि जल्दी से जल्दी उसे मदद मिल सके।
  • प्रत्येक जिला मुख्यालय में घरेलू हिंसा तथा पारिवारिक विवादों की रोकथाम के लिए पुलिस अधीक्षक के नियंत्रण में ‘महिला परामर्श केन्द्र’ की स्थापना की गई है।
  • सात जिलों में ‘महिला विरूद्ध अपराध अनुसंधान इकाई’ की स्थापना की गई है।
  • इस तरह महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, कानूनी हर तरह का संरक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी पसंद, अपनी रूचि का कार्य करने के लिए आगे आएं और स्वयं का तथा परिवार का जीवन-स्तर ऊंचा कर सकें।
  • बहुत-सी महिलाओं ने अपने क्षेत्र में काफी यष कमाया है लेकिन ऐसी महिलाओं की संख्या भी बहुत है, जो गुमनाम रहकर भी बड़े-बड़े काम कर रही हैं।
  • ऐसी ही एक महिला हैं, बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक के सकनापल्ली उप स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत चन्द्रकांता नीलम। उन्होंने नौकरी में काम के घंटे की गिनती नहीं की, बल्कि दिन-रात एक करके 11 गांवों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया। मितानिन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को साथ लेकर एक टीम बनाई। गर्भवती महिलाओं की पूरी जानकारी ली, इस काम से दो साल में टीकाकरण तथा संस्थागत प्रसव 25 से बढ़कर शत-प्रतिशत हो गया है।

पुरूष उद्घोषक

  • मुख्यमंत्री जी, परसों विजयादशमी है। अहंकार और बुराइयों के प्रतीक रावण का वध, भगवान श्रीराम द्वारा किए जाने की खुशी में यह त्यौहार मनाया जाता है। आज के संदर्भो में इसकी क्या अहमियत है।

मुख्यमंत्री जी

  • आप सबको विजयादशमी पर्व की बहुत-बहुत बधाई।
  • यह त्यौहार भारतीय संस्कृति में बहुत महत्व रखता है, जिस प्रकार रावण के दस सिर, दस तरह की बुराइयांे के प्रतीक थे, उसी तरह समाज में कोई ना कोई कमी रह जाती है, जिसमें सुधार की जरूरत होती है।
  • मैं चाहता हूं कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कौषल, अधोसंरचना विकास, वैज्ञानिक चेतना, सेवा, संस्कृति, रोजगार, उद्यमिता जैसे कोई दस लक्ष्यों का निर्धारण करें और समयबद्ध कार्य-योजना बनाकर नए शिखर पर पहुंचने में सफलता हासिल करें।
  • वैसे तो देश व प्रदेश में रावण दहन की परिपाटी है लेकिन बस्तर दषहरा में रावण दहन नहीं किया जाता। इसके साथ ही बस्तर दशहरे की पहचान, दुनिया में सबसे लम्बे समय, 75 दिन तक मनाये जाने वाले पर्व के रूप में है। मां दंतेशवरी के भव्य और दिव्य रथ को हजारों आदिवासी भाई मिलकर खींचते हैं। इस पर्व में लाखों देशी-विदेशी पर्यटक शामिल होते हैं।  

महिला उद्घोषक

  • मुख्यमंत्री जी, त्यौहारों के क्रम में 19 अक्टूबर को करवाचौथ भी आयेगा। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की कामना करते हुए उपवास रखती हैं। इस संदर्भ में आप क्या संदेश देना चाहेंगे हम महिलाओं को।
  • मुख्यमंत्री जी
  • सभी बहनों को करवाचौथ की बधाई और शुभकामना देता हूं। त्यौहारों को आज की जरूरतों और परिस्थितियों से जोड़ कर देखना चाहिये।
  • महिलायें जब अपने पति के दीर्घ-जीवन के लिए इतना त्याग करती हैं, उपवास करती हैं, ईशवर से प्रार्थना करती हैं तो पुरूषों का भी कर्तव्य है कि वे उनकी भावनाओं से जुड़ें।
  • नारी सम्मान की रक्षा के लिए सबसे जरूरी है, अपने घर में शौचालय का होना और इसके उपयोग की आदत पड़ना। अतः मैं चाहूंगा कि हर घर में शौचालय बनवाने की पहल पुरूष स्वयं करें।
  • जिन महिलाओं ने शौचालय निर्माण और स्वच्छ आदतों के लिए गांव-गांव में आंदोलन छेड़ दिया है, उनको मैं साधुवाद देता हूं।
  • पुरूषों को चाहिए कि वे दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेंट पहनें। नशा न करें। धूम्रपान न करें। तम्बाखू-गुटखा न खायें।
  • इस तरह से आप वास्तव में नारी शक्ति का सम्मान कर सकते हैं।

पुरूष उद्घोषक

  • मुख्यमंत्री जी, आपने हर त्यौहार को नये संदर्भों से जोड़ कर उसका महत्व दोगुना कर दिया है। इसी माह के अन्त में रोशनी, सुख-समृद्धि का त्यौहार दीवाली है। इस अवसर पर क्या संदेश देना चाहेंगे ?

मुख्यमंत्री जी

धनतेरस

  • दीपावली के पहले धनतेरस, भगवान धन्वंतरी की आराधना का पर्व है। धन्वंतरी को स्वास्थ्य का दाता मानते हैं। योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा आदि हमारी ऐसी भारतीय पद्धतियां हैं, जिसको अब दुनिया अपना रही है।
  • मैं चाहता हूं कि भगवान धन्वंतरी के आशीर्वाद से हम ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ बनाने में सफल हों।
  • जहां हमने योग और आयुर्वेद को बढ़ावा दिया है, वहीं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी बड़ी महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रहे हैं।
  • मैं कुछ दिन पहले कांकेर गया था। वहां स्वास्थ्य की विभिन्न योजनाओं को मिलाकर जो पहल की गई, उसे देखकर बहुत अच्छा लगा। हमारी योजनाओं से उन बच्चों के चेहरों में जो चमक और मुस्कान आई है वह मेरे मन में बस गई है।
  • कांकेर की इस पहल का मैं यहां उल्लेख करना चाहता हूं। ‘चिरायु योजना’ के अन्तर्गत आंगनवाड़ी से लेकर बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
  • लगभग 16 हजार बच्चों का उपचार किया गया और 412 बच्चों का चयन ऑपरेशन किया जा चुका है। अभी तक 101 बच्चों का ऑपरेशन कराए जा चुके हैं, जिसमें हृदय रोग के सर्वाधिक 38 ऑपरेशन हुए हैं। इसके अलावा मोतियाबिंद, श्रवण-बाधा सहित 13 तरह के ऑपरेशन किए गए। बाकी 3 सौ से अधिक बच्चों के ऑपरेशन आगामी 8 माह में कराने का लक्ष्य रखा गया है।
  • मैं अन्य जिलों से भी उम्मीद करता हूं कि वे स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ जनता को दें। बच्चों का उपचार जितनी जल्दी होता है, उतनी ही जल्दी वे तन और मन से स्वस्थ हो जाते हैं। इससे उनका ‘परफॉरमेंस’ बेहतर होता है।

दीपावली

  • दीपावली का त्यौहार भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुषी में मनाया जाता है। इस दिन धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी जी की पूजा होती है। हमारे यहां समृद्धि को स्वच्छता जोड़ने की परम्परा रही है। इसलिए दीपावली के पहले घर, दुकान, दफ्तर, कारखाने आदि जगह साफ-सफाई, लिपाई-पुताई की जाती है।
  • इसके बावजूद सार्वजनिक व कई स्थानों पर सफाई की अधोसंरचना और चेतना का अभाव रह गया है। इस कमी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने महसूस किया और स्वच्छता की अहमियत बताई, जिसके कारण अब पूरे देश में स्वच्छता की क्रांति आ रही है।
  • रायपुर में युवाओं का एक समूह है, जिन्होंने अपना नाम ‘बंच ऑफ फूल्ज़’ रखा है। ये लोग शहर के सार्वजनिक स्थानों की सफाई करते हैं तथा साफ की गई जगह को पेंटिंग आदि करके इतना सुन्दर बना देते हैं कि फिर कोई उस स्थान को गंदा करने की इच्छा भी न करे। यह समूह पूरी तरह स्वेच्छा और शौक से खुद के खर्चे पर ऐसा अभियान चला रहा है। मैं इस काम को न सिर्फ सराहनीय बल्कि अनुकरणीय भी मानता हूँ।
  • हाल में गांधी जयंती पर इस समूह ने एक बड़ा अभियान चलाया था, जिसमें कई नागरिकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था। सोचिए कि इस तरह के काम, हमारे अन्य गांवों और शहरों में रहने वाले नौजवान साथी भी करें तो प्रदेश में कितना अच्छा वातावरण बन जाएगा।
  • अब दीवाली को हमें स्वच्छता के अवसर के रूप में देखना चाहिए। ध्वनि, वायु, जल आदि हर तरह के प्रदूषण को रोकने में मददगार बनें। पटाखे कम से कम फोड़ें। सजावट के लिए स्थानीय कुम्भकार भाई-बहनों द्वारा बनाए दीये जलाएं, विदेषी झालरों तथा अन्य सामानों का उपयोग न करें।  इस तरह हम ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्टार्ट अप इंडिया’ को सफल बनाने में भी भागीदार बन सकते हैं।
  • ऐसे प्रयासों से हम देष और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान दे सकते हैं

महिला उद्घोषक

  • मुख्यमंत्री जी, इस वर्ष पांच दिवसीय राज्योत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। राज्य स्थापना को 16 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह उत्सव भी अब छत्तीसगढ़ की परंपरा में जुड़ गया है। आप क्या सोचते हैं इस बारे में ?

मुख्यमंत्री जी

  • छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 01 नवम्बर, सन् 2000 को हुआ था। पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमें राज्य की सौगात दी थी।
  • हर साल, यह दिन जैसे-जैसे करीब आता है, वैसे-वैसे जन-जन में उमंग, हर्ष और उल्लास की लहरें हिलोर लेने लगती हैं। एक अद्भुत चेतना से छत्तीसगढ़वासियों का मन खुशियों से भर उठता है।
  • इस समय मन होता है, कि विगत वर्षों में लिखी गई विकास की गाथा के पन्ने पलटा-कर देखें। राज्य के भावी विकास की संभावनाओं को समझें, नया लक्ष्य तय करें, नया संकल्प लें और फिर कुछ नये कीर्तिमान रचने को आगे बढ़ चलें।
  • राज्य में जो विकास का वातावरण बना है, उसी का नतीजा है कि गांव-गांव में लोग अपनी समस्या का हल निकालने लगे हैं। मैं आज उन ग्रामवासियों की खुले दिल से तारीफ करना चाहता हूं। एक ताजा उदाहरण राजनांदगांव और दुर्ग जिले की सीमा के गांव तुमड़ीकसा का है।
  • गांव के 100 किसान परिवार, सूखे की मार झेल रहे थे। उत्साही युवा विजय साहू, अशोक रावटे, डामन लाल मसिया और उनके साथियों ने बंधिया तालाब से पानी की दिषा बदलने का फैसला किया ताकि उसे मतिया मोती निकास मार्ग से जोड़ा जा सके। गांव वालों ने आपस में चंदा किया, श्रमदान किया और 700 मीटर लम्बी नाली बनाके 500 एकड़ खेतों को हरा-भरा कर दिया। एक जज्बे ने एक गांव को खुशहाल बना दिया।
  • मैं चाहूंगा कि ऐसी और भी सफलता की कहानियां आप लोग मुझे भेजें। इससे पता चलता है कि राज्य के विकास के लिए लोग किस तरह जी-जान से जुटे हैं। इसलिए त्यौहारों की सूची में राज्योत्सव बहुत स्वाभाविक रूप से जुड़ जाता है, जिससे हमें नए संकल्प और ऊर्जा से काम करने का अवसर मिलता है।
  • सांप्रदायिक सद्भाव के बारे में
  • आज मैं आप लोगों से यह अपील करना चाहता हूं कि साम्प्रदायिक सद्भाव, समरसता, भाईचारे के वातावरण से प्रदेश की विशेष पहचान बनी है, जिसे कायम रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। यह वातावरण ही राज्य में विकास की तेज गति बनाए रखने में मददगार होगा। इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। सबकी धार्मिक भावनाओं और आस्थाओं का सम्मान करें। शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग दें।

महिला उद्घोषक

  • श्रोताओं! आपकी प्रतिक्रियाएं हमें आपके पत्र, सोशल मीडिया-फेसबुक, ट्विटर के साथ SMS से भी बड़ी संख्या में मिल रही हैं। इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।
  • आगे भी आप अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में RKG के बाद स्पेस लेकर अपने विचार लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेजते रहिए और संदेश के अंत में अपना नाम और पता लिखना ना भूलें।
  • मुख्यमंत्री जी, हमारे श्रोताओं से हमें जो प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, वे सब चाहते हैं कि आप उस पर कुछ कहें ?

मुख्यमंत्री जी

  • बड़ी संख्या में आप लोगों के पत्र, संदेश, सोशल मीडिया पर राय मिलना सुखद है।
  • पिथौरा की श्रीमती तिरिथ बाई तारक ने मुझे पत्र भेजकर बताया कि उनके पति दिव्यांग है। वह गर्भवती है। स्मार्ट-कार्ड भी नहीं बनवा सकी हैं और उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस कनेकशन चाहती हैं।
  • मैंने महासमुन्द कलेक्टर को निर्देश दिया कि बहन तिरिथ बाई की समस्या का समाधान शीघ्र किया जाए। ‘रमन के गोठ’ सुनकर तिरिथ बाई ने मुझे पत्र लिखा था, इसलिए मैं इसी कार्यक्रम के माध्यम से बताना चाहता हूं कि तिरिथ बाई को स्मार्ट कार्ड और उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस का कनेक्शन दे दिया गया है। अब तिरिथ बाई को लकड़ी नहीं जलाना पड़ेगा। उसके परिवार का इलाज भी स्मार्ट कार्ड के माध्यम से होगा।
  • एस.डी. खान सहित कई लोगों ने उज्ज्वला योजना की तारीफ करते हुए कहा है कि इससे बहनों को धुएं से आजादी मिल रही है।
  • भुवन नेगी सहित बहुत से श्रोताओं ने बेटियों को बचाने की पहल का स्वागत किया और चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
  • धमतरी से प्रकाष लखवानी ने सुझाव दिया है कि प्रदेष के समस्त जिले में ‘हरित क्रांति’ लाएं।
  • ग्राम पाहंदा, जिला कोरबा निवासी सम्मेलाल कुर्रे ने बताया है कि पंचायतों में षिविर लगाकर स्कूली बच्चों के लिए जाति, निवास व आय प्रमाण-पत्र अब आसानी से बन रहा है।
  • किरंदुल निवासी अरसूराम मरकाम ने दंतेवाड़ा जिले में ‘लाइफ- लाइन एक्सप्रेस’ का स्वागत किया है।
  • श्री उमेद कुमार निषाद, जयंती रामगोपाल ध्रुव, छगन लाल नागवंशी आदि ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया है।
  • आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद, जय जोहार, जय हिंद, जय छत्तीसगढ़।

पुरूष उद्घोषक

  • श्रोताओं, अब बारी है ‘क्विज’ की।

पांचवें ‘क्विज’ का प्रश्न था-

  • उज्ज्वला योजना के तहत क्या दिया जा रहा है?

इसका सही जवाब है-

      B. रसोई गैस

  • सबसे जल्दी जिन पांच श्रोताओं ने सही जवाब भेजे हैं, उनके नाम हैं-

    1.    दुर्गा राम साहू, चरडोंगरी, कबीरधाम
    2.    हरमिंदर चावला, भाटापारा
    3.    जीवन लाल रजक, लच्छापुर, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा
    4.    मोहन सिंह राज, कोरबी, जिला बिलासपुर
    5.    भारती साहू, पोंड़ी-पाली, जिला कोरबा


महिला उद्घोषक

और अब समय है आज के, अर्थात् छठवें क्विज़ का
    सवाल है- ‘नोनी सुरक्षा योजना’ किसके लिए है?
    सही जवाब- A. नवजात बेटी  B. नवजात बेटा

  • अपना जवाब देने के लिए अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में QA लिखें और स्पेस देकर। A या B जो भी आपको सही लगे, वह एक अक्षर लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेज दें। साथ में अपना नाम और पता अवश्य लिखें।
  • आप सब रमन के गोठ सुनते रहिए और अपनी प्रतिक्रियाओं से हमें अवगत कराते रहिए। इसी के साथ आज का अंक हम यहीं समापन करते हैं। अगले अंक में 13 नवम्बर को होगी आपसे फिर मुलाकात। तब-तक के लिए दीजिए हमें इजाजत। नमस्कार।



 

Date: 
9 October 2016 - 3pm