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‘रमन के गोठ’ : आकाशवाणी से प्रसारित विशेष कार्यक्रम (दिनांक- 10 जुलाई , 2016, समय-प्रातः 10.45 से 11.05 बजे)

श्रोताओं नमस्कार !
(पुरूष उद्घोषक की ओर से)

  • आकाशवाणी के महत्वपूर्ण प्रसारण ‘रमन के गोठ’ में हम, आप सभी श्रोताओं का हार्दिक स्वागत करते हैं, अभिनंदन करते हैं।
  • श्रोताओं, ‘रमन के गोठ’ की आज ग्यारहवीं कड़ी का प्रसारण है। इस अवसर पर हम माननीय मुख्यमंत्री महोदय डॉ. रमन सिंह जी का स्वागत करते हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ी में जवाब

  • जम्मो संगी-संगवारी, सियान-जवान, दाई-बहिनी मन ला जय जोहार।
  • मौसम बदलत हे अऊ अब हमर झड़ी-बादर के दिन आगे हे, मौसम मं हमर मन के लिए राहत भी हे अऊ जतका झांझ-घाम हमन भोगे हन दू-तीन महीना तेखर इंतजार करत रेहेन पानी के अऊ बारिश हमर शुरू हो गे हे।
  • ये मौसम नवा-नवा बुता के मौसम घलोक हवय।
  • ये मौसम म स्कूल कॉलेज खुलथे ।
  • ये मौसम म किसान मन के नवा आस जगथे।
  • ये मौसम म नवा पेड़-पौधा लगाए जाथे।
  • ये मौसम म खेती किसानी के काम, बीज डाले के काम घलो करथन।
  • ये मौसम म तरिया, नरवा, डबरी, कुआं, नदिया, बांध तक लबालब भरथे अउ हमर साल भर के काम-बुता मा आथे।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • मुख्यमंत्री जी, बहुत सही कहा आपने, कि बरसात का मौसम बहुत सारी नई-नई उम्मीदें जगाता है। कई नए काम शुरू कराता है। बारिश के साथ हमारे अन्नदाता किसान और उनके परिवार के सदस्य खेती की तैयारी में जुट गए हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी क्या यह ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के बारे में बात करने का सही समय है?

उत्तर-मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • सबसे पहले तो मैं सभी किसान भाईयों और बहनों को और उनके परिवारजनों को शुभकामनाएं देता हूं, कि बारिश का यह मौसम उनके लिए मंगलदायी हो।
  • आप लोग कृषि विभाग के अमले तथा विशेषज्ञों की सलाह लेकर सही समय पर बोनी करें तथा खाद-बीज भी सही अनुपात में डालें।
  • यह समय खेत में उतरकर खूब मेहनत करने का है, तो फसल की सुरक्षा के उपायों के बारे में भी सोचने का है।
  •  ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के बारे में जानने और खरीफ फसल-2016 के लिए उसमें भागीदारी करने का यह सही समय है। ध्यान रखें, योजना में शामिल होने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है।
  • इस योजना में बैंक तथा सोसायटी से ऋण लेने वाले किसान तथा ऋण नहीं लेने वाले किसान तथा बटाईदार-किसान भी भाग ले सकते हैं।
  • यह योजना सिंचित और असिंचित धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग और उड़द की फसल के लिए है।
  • खरीफ फसल के लिए किसान भाइयों को केवल 2 प्रतिशत की राशि प्रीमियम के रूप में देना होगा। उसके ऊपर का जो भी प्रीमियम होगा, वह राज्य तथा केन्द्र शासन देंगे।
  • उदाहरण के लिए, राजनांदगांव जिले में सिंचित खेती का मूल्यांकन 33 हजार रू. प्रति हेक्टेयर है, तो इसका 2 प्रतिशत अर्थात् मात्र 660 रू. राशि प्रीमियम तय होगा।
  • नुकसान की भरपाई, सिंचित-असिंचित फसल के अनुसार क्षति के 70 से 90 प्रतिशत तक की जाएगी और मुआवजा भी निर्धारित समय पर मिलेगा।

कृषि ऋण की सीमा
 

  • हमारी सरकार ने दो अहम् फैसले लेते हुए अल्पकालीन कृषि ऋण की सीमा 5 लाख रू. तक बढ़ा दी है अर्थात् अब किसान भाई 5 लाख रू. तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण लेकर अपनी खेती को ज्यादा फायदेमंद बना सकते हैं।
  • इसके अलावा ब्याज अनुदान की पात्रता के लिए प्रति हेक्टेयर, असिंचित भूमि पर 20 हजार रू. की और सिंचित भूमि पर 25 हजार रू. की पूर्व प्रचलित ऋण सीमा को समाप्त कर दिया है। ये दोनों फैसले किसान भाईयों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाएंगे।
  • मैं किसान भाइयों से अपील करता हूं कि खेती-किसानी के काम में जुट जाएं। आप सबको अच्छी फसल की शुभकामनाएं।
  • आप आगे बढ़िए, आपके साथ पूरी सरकार खड़ी है।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • बारिश में जिस तरह खेतों में बीज बोए जाते हैं, उसी तरह मनुष्य के जीवन में बाल्यकाल में शिक्षा और संस्कार के बीज बोए जाते हैं। वर्षा ऋतु के साथ नए शिक्षा-सत्र का रिश्ता जुड़ा हुआ है। बच्चों, युवाओं, शिक्षकों और समाज से आप क्या उम्मीद करते हैं।

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • सही कहा आपने। वर्षा ऋतु के आगमन के साथ नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है। स्कूल-कॉलेज में दाखिला लेने वाले सभी बच्चे और युवाओं को शुभकामनाएं।
  • कुछ बच्चे ऐसे हैं, जो पहली बार, पहले साल स्कूल जा रहे हैं। इस साल उनके मन में स्कूल की जो छवि बनेगी, वह जीवनभर उनके काम आएगी।
  • बच्चों को यह समझ में आना चाहिए कि शिक्षा ही उनके जीवन को संवारने का सबसे बड़ा माध्यम है।
  • बच्चों को स्कूल में अच्छा वातावरण मिलना चाहिए। अभी से अगर शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाएगा तो स्कूल की व्यवस्था में लगातार सुधार होगा और बच्चों की नींव भी मजबूत होगी।
  • बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजना जरूरी है इस काम में जितनी भूमिका शिक्षक-शिक्षिकाओं की है, उतनी ही पालक और समाज की है।
  • नारी सशक्तिकरण की बुनियाद है, शिक्षा। बेटी हो या बेटा, सबको एक बराबर समझना चाहिए। क्योंकि पढ़ाई के कारण बेटियों ने समाज में पुरूषों का बखूबी मुकाबला किया है। और बड़ी-बड़ी प्रतियोगिताओं में अच्छा स्थान हासिल करने में सफल हुई हैं।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • बिल्कुल सहीं कहा मुख्यमंत्री जी, आपने वास्तव में शिक्षा की अलख जगाकर हम नई पीढ़ी का जीवन संवार सकते हैं। आपने पिछले महीने ‘लोक सुराज अभियान’ के दौरान अनेक गांवों की यात्रा की। क्या आपको शिक्षा की अलख जगाने का कोई ऐसा उदाहरण मिला, जिससे अन्य गांवों, शहरों और बच्चों को लाभ मिल सकता है?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • लोक सुराज अभियान बहुत सारे अनुभव इस यात्रा के दौरान मुझे मिले और मुझे खुशी भी हूई, इस शिक्षा के क्षेत्र मंे एक बड़ा प्रयोग स्थानीय स्तर में हमारे ग्रामीण शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा किया जा रहा है और नई जिम्मेदारी के साथ बेहतर तरीके से काम करने में जुटे हुए है, मैं एक उदाहरण देना चाहता हूं कि एक नये जिले के छोटे से गांव में जहां मेरा लोक सुराज अभियान के दौरान जाना हुआ।
  • गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड के ग्राम अकलवारा में सरकारी हायर सेकेण्डरी स्कूल है। इस स्कूल के प्राचार्य श्री जी.पी. वर्मा, व्याख्याता श्री एस.के. वर्मा और वरिष्ठ नागरिक श्री पूरण सिंह ठाकुर, एक उदाहरण उन्होंनें प्रस्तुत किया है, कि प्रतिदिन सुबह 4 बजे उठकर गांव की गलियांे में सीटी बजाते हैं, और बच्चों को सुबह उठकर पढ़ने बैठने के लिये प्रेरित करते हैं।
  • ये लोग अपनी प्रभात-फेरी के समय हाजिरी रजिस्टर भी साथ रखते हैं, ताकि कोई बच्चा छूटे न और कई तरह की मदद करते हैं, जैसे- प्रत्येक रविवार को विशेष कक्षा, बीमार बच्चों को अस्पताल ले जाना,  कमजोर बच्चों को जूता-चप्पल व आवश्यक सामग्री देना, पालकों को शराब और अन्य नशों से दूर रहने की सलाह भी देते है।
  • इस तरह के काम से पूरे गांव में शिक्षा का एक शानदार वातावरण बन गया है, जिसका परिणाम यह हुआ कि इस वर्ष वहां कक्षा दसवीं और बारहवीं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत आया है।
  •  यह नवाचार चमत्कारिक है। इसमें न किसी ने साधन मांगा, न सुविधा मांगी। बस अपनी जिम्मेदारी समझी और एक संकल्प को लेकर बच्चों का भविष्य संवारने में लग गए।
  • मैं ग्राम अकलवारा के शिक्षकों, बच्चों और पालकों को जो एक अभिनव प्रयास कर रहें हैं, बधाई देना चाहूंगा।

गुरू पूर्णिमा

  • 19 जुलाई को गुरू पूर्णिमा है। इस दिन हम गुरूजनों को याद करते हैं, उनका सम्मान करते हैं। गुरू और गोविंद अर्थात् भगवान से गुरू को इसीलिए श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि गुरू द्वारा दी गई शिक्षा से ही हमें भगवान के बारे में पता चलता है।
     
  • भारत में तो गुरूकुल की परम्परा रही है, जिसमें एक अवस्था के बाद बच्चों के जीवन को संवारने में माता-पिता से ज्यादा भूमिका गुरू की होती है। मैं कामना करता हूं कि हमारा शिक्षक समुदाय, गुरू-शिष्य की उस परम्परा को अपना आदर्श बनाए। ताली दोनों हाथों से बजती है, इसलिए बच्चों और पालक का भी कर्त्तव्य है कि वे गुरूजनों को समुचित सम्मान दें और उनका कहा मानें।
     

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • मुख्यमंत्री जी, बारिश में नए संस्कार रोपने और शिक्षा की बात चल रही है। सिर्फ स्कूली बच्चों पर हीं नहीं, बल्कि किशोरों और युवाओं पर भी आप बहुत ध्यान दे रहे हैं। आज कल ‘युवा नीति’ बनाने की तैयारी के बारे में भी काफी चर्चा है, आप इस बारे में कुछ बताना चाहेंगे?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • जी हां, युवाओं पर ध्यान देने की बात और इसके लिये प्रयास हमने बहुत पहले प्रारंभ किये हैं।
  • छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के उन संस्थानों पे शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिले। इसके लिये हम लोगो ने प्रयास किया और उसके साथ ही साथ राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित हुये ये गौरव का विषय है छत्तीसगढ़ का कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, एम्स, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, आईआईएम, सब हमारे यहां है।
  • इतना ही नहीं, हमने अनुसूचित जाति-जनजाति व नक्सल हिंसा प्रभावित अंचलों के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए ‘प्रयास’ आवासीय संस्था खोली है, जिसका लाभ हर साल मिल रहा है।
  • हाल ही में जेईई का रिजल्ट आया है। ‘प्रयास’ संस्था के हमारे 27 बच्चे सफल हुए हैं, जो अब देश के बड़े प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग शिक्षा संस्थानों में पढ़ेंगे।
  • रिजल्ट देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। मैं ऐसे भावुक हो गया, जैसे मैं खुद पास हो गया हूं।
  • सुकमा जिले के कोंटा के चिंतागुफा, करीगुंडम गांव के निवासी सोड़ी जोगा के माता-पिता का घर नक्सलियों ने उजाड़ दिया था। इसके कारण उन्हें कोंटा के शिविर में शरण लेनी पड़ी। और सोड़ी को ‘प्रयास’ का सहारा मिला, जहां उसने अपनी लगन और प्रतिभा से  साबित करके दिखाया कि वह किसी से कम नहीं। अब सोड़ी को कोई ताकत आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
  • राजनांदगांव जिले के पांडुटोल गांव के संदीप मेश्राम के घर वाले तो क्या, गांव में किसी ने आईआईटी का नाम नहीं सुना था, लेकिन संदीप आईआईटी से इंजीनियर बनेगा।
  • बलरामपुर का सदाराम किसान परिवार से है। इसी तरह ऋषिचंद्र तिग्गा, करण राठिया, झामलाल, आकाश शिंदे, सोमेश बघेल, आशीष नेताम, रमेश पैकरा, रविन्द्र मौर्य, वासुनंद जैसे बच्चों ने सचमुच आसमान छू कर दिखाया है।
  • ये बच्चे गांव में, गरीबी में और कठिन परिस्थितियों में रहकर सपने देखने वाले बच्चों के लिए नए ‘ऑईकॉन’ हैं।
  • हमने बेटियों को भी बराबरी से विकास के अवसर दिए हैं। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने में उच्च शिक्षा सहायक है। इसलिए उन्हें हम स्नातक तक की शिक्षा निःशुल्क दे रहे हैं।
  • छत्तीसगढ़ में हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने को पूरा करने के लिए कौशल उन्नयन पर जोर दिया है।
  • छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य है, जिसने कौशल विकास के प्रशिक्षण के लिए बकायदा कानून बनाया है, और हर जिले में व्यवस्था की गई है।
  • अपेक्षाकृत कम पढ़ाई कर पाने वाले युवाओं को भी रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ के तहत कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • हर जिले में युवा, अपने कलेक्टर के पास मांग कर सकता है, कि उसे जिसका लाभ मिले, वैसा प्रशिक्षण चाहिए। इस योजना के अंतर्गत लगभग 3 लाख युवाओं को वह हुनर सिखाया गया है, जिससे वे बेहतर रोजगार का जरिया पा सकें। इस मामले में छत्तीसगढ़ की पहल और उपलब्धियां देश में ‘रोल मॉडल’ बनी हैं।
  • हम देश के पहले राज्य हैं, जो युवाओं की सहभागिता से प्रदेश की नई ‘युवा-नीति’ बनाने जा रहे है। ऐसी नीति हम युवाओं की राय से ही बना सकते हैं।
  •  मैं चाहता हूं, कि नई युवा-नीति बनाने के इस अभियान के लिए प्रत्येक ग्राम-सभा में गहन चर्चा हो, इसकी सम्पूर्ण प्रक्रिया पर लोग अपनी राय रखें और सुझाव दें।

महिला उद्घोषक द्वारा

  • श्रोताओं! मुख्यमंत्री जी ने जिस युवा नीति की तैयारी की बात की है, उसके लिए आप, ग्रामसभा में चर्चा के उपरान्त मिले सुझाव इंटरनेट का प्रयोग कर http://youthpolicy.cgstate.gov.in/ लिंक के माध्यम से भेज सकते हैं।

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • डाक्टर साहब, गांव या शहर के मासूम लोगों को ज्यादा लाभ का लालच देकर कुछ कंपनियां उनका पैसा हड़प कर लेती हैं। थोड़े दिनों तक तो इन कंपनियों के ऑफिस वगैरह दिखते हैं, लेकिन फिर अचानक सब गायब हो जाते हैं । क्या सरकार ने जनता को इस तरह की धोखाधड़ी से बचाने के लिए कोई व्यवस्था की है?

 

मुख्यमंत्री जी द्वारा
 

  • जी हां। हमारी सरकार ने ऐसी स्थिति से निपटने के लिए एक कानून बनाया है, जिसके तहत लोगों को ठगकर पैसा लेने वाली संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और कठोर सजा देने का प्रावधान है।
     
  • इस कानून के अंतर्गत प्रत्येक जिले में कलेक्टर को सूचना दिए बिना कोई भी कंपनी ऐसा कोई कारोबार नहीं कर सकती।
     
  • मैं जनता से अपील करूंगा कि पैसा जमा कराने के पहले अच्छे से जांच-पड़ताल करें। जो भी पैसा दुगुना और तिगुना करने का झांसा देने आए पहले उसकी पूरी पहचान पूछें और उसके बारे में कलेक्टर कार्यालय में जाकर पूछताछ करें और समझें कि उस व्यक्ति या उस कंपनी को पैसा देना उचित होगा या नहीं।
     
  • लोगों का पैसा लेकर फरार होने वाली कंपनियों के खिलाफ पिछले चार वर्षों में 199 एफ.आई.आर. दर्ज कर 333 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
     

महिला उद्घोषक द्वारा

  • मुख्यमंत्री जी, इस माह दो ऐसे बड़े त्यौहार हुए, जिनके कारण छत्तीसगढ़ में साम्प्रदायिक सौहार्द्र और समरसता एक मिसाल बनी। आप इस बारे में क्या कहना चाहेंगे?
     

मुख्यमंत्री जी द्वारा
रथयात्रा/ईद-उल-फितर

  • जी हां, ‘रथयात्रा’ और ‘ईद-उल-फितर’ दोनों ही बड़े त्यौहार हैं।
  • हमारी भारतीय संस्कृति में ‘‘पुरी’’ में विराजे भगवान श्री जगन्नाथ जी की ‘रथयात्रा’ का महत्व अनेक कारणों से है। माना जाता है कि भगवान जगन्नाथ इस दिन जनता के बीच आते हैं और उनके सुख-दुःख में सहभागी होते हैं। भगवान कहते हैं- ‘‘सब मनीसा मोर परजा’’ अर्थात् सब मनुष्य मेरी प्रजा हैं।
  • छत्तीसगढ़ में जो समरसता, सौहार्द्र, सद्भाव की परिपाटी है, उसकी एक बड़ी मिसाल रथयात्रा और ईद-उल-फितर का एक साथ मनाया जाना है। मैं ईद-उल-फितर के लिए सभी मुस्लिम भाई-बहनों को मुबारकबाद देता हूं, जिन्होंने पूरे उत्साह से एक माह तक ‘रोजा’ रखा और रमजान महीने के समाप्त होने पर, सबने सेंवई खिलाकर मुंह मीठा कराया।
  • मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को आपसी भाईचारे का शानदार उदाहरण बनाए रखेंगे।

डॉ. खूबचन्द बघेल जयंती

  • 19 जुलाई को पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नदृष्टा डॉ. खूबचन्द बघेल का जन्मदिन है।
  • डॉ. बघेल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और आजाद भारत में राजनीति को दिशा देने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • डॉ. बघेल ने छत्तीसगढ़ ने ऊंच-नीच, छुआछूत आदि कुरीतियों के खिलाफ समाज को संगठित किया था और सकारात्मक राजनीति के सूत्रधार बने।
  • मैं डॉ. खूबचन्द बघेल को नमन करता हूं और विश्वास दिलाता हूं, हम सब उनके अधूरे सपने को पूरा करेंगे।
  • डॉ. खूबचन्द बघेल की एक कविता की कुछ लाइनें कहना चाहता हूं, जो उन्होनें छत्तीसगढ़ की खान-पान, सद्भाव और संस्कृति से उनके लगाव का प्रतीक है-

 

   बासी के गुण कहूं कहां तक, इसे न टालो हांसी में।
   गजब बिटामिन भरे हुए हे, छत्तीसगढ़ के बासी में।।
 

पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • श्रोताओं! आपकी प्रतिक्रियाएं हमें आपके पत्र, सोशल मीडिया-फेसबुक, ट्विटर के साथ एसएमएस से भी बड़ी संख्या में मिल रही हैं। इसके लिए आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।
  • आगे भी आप अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में RKG के बाद स्पेस लेकर अपने विचार लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेजते रहिए और संदेश के अंत में अपना नाम और पता लिखना ना भूलें।
  • मुख्यमंत्री जी, हमारे श्रोताओं से जो प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, वे सब चाहते हैं, कि आप उस पर कुछ कहें ?

मुख्यमंत्री जी द्वारा

  • सचमुच यह खुशी की बात है, हमारे जागरूक श्रोता बहुत ध्यान से यह कार्यक्रम सुन रहे हैं और लगातार बढ़ती हुई संख्या में अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
  • ग्राम खैरबार, जिला सरगुजा की कक्षा 7वीं में पढ़ने वाली बेटी अपूर्वा दीक्षित का पत्र बहुत अच्छा है। बेटी ने बस्ते के बोझ के बारे में लिखा है, कि इससे उसका कंधा दुखता है। मैं अपूर्वा से सहमत हूं, कि बस्ते का बोझ घटना चाहिए। इस बारे में मैंने शिक्षा विभाग को कहा है कि आवश्यक कार्रवाई करें।
  • ग्राम लोरमी के संजय जायसवाल, नवागढ़ के चन्द्रकांत राजपूत, अम्बागढ़-चौकी के राजेन्द्र दामले, शीतल प्रसाद पाटनकर बिलासपुर आदि ने प्रसारण का समय 20 मिनट किए जाने का स्वागत किया है।
  • फेसबुक पर जफर अहमद, सत्यनारायण सिंह राजपूत तथा अनुराग खण्डेलवाल ने युवाओं को प्रेरणा देने की बात कही है। मैं सोचता हूं आज के प्रसारण से उनकी मांग पूरी हो जाएगी।
  • इसी तरह यादवेन्द्र प्रताप सिंह, राजेन्द्र त्यागी, हरीश गिदनानी, बीरबल निषाद, नारायण शर्मा, सत्यम केशरवानी, चांदमल मीना, दिनेश नायक आदि ने प्रसारण में आए निखार को सराहा है।
  • एसएमएस से भी बड़ी संख्या में प्रतिक्रिया मिली है। के.व्ही. सुब्रमण्यम ने सड़क सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया है, वहीं डॉ. सत्यम ने ट्रांसफर से प्रतिबंध हटाने की मांग की है। एस.आर. यादव, बलौदाबाजार ने यह प्रसारण स्कूल दिवस में करने की मांग की है।
  • मैं आप सभी का दिल से आभारी हूं, जो यह प्रसारण सुनते हैं और उसके बाद अपनी प्रतिक्रिया भी भेजते हैं। उन सबके नाम का उल्लेख करना संभव नहीं है, लेकिन मेरे पास सबके सुझाव और पूरी जानकारी पहुंच रही है। आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।


महिला उद्घोषक द्वारा

  • श्रोताओं, अब बारी है क्विज़ की।

क्विज-2 का प्रश्न था-
    21 जून को दुनिया किस रूप में मना रही है?
इसका सही जवाब है-
    B. विश्व योग दिवस।

  • हमें खुशी है कि इस बार दोगुनी संख्या में लोगों ने जवाब भेजे हैं, जिसमें से पहले पांच जवाब भेजने वालों के नाम हैं-

    1.    देवेन्द्र गुलहरे, बिलासपुर
    2.    अजय कुमार वंशे, बकतरा
    3.    राकेश, बलौदाबाजार
    4.    परिधि शर्मा, रायगढ़
    5.    मिथलेश शर्मा, थान-खम्हरिया


पुरूष उद्घोषक द्वारा

  • और अब समय है आज के, अर्थात् तृतीय क्विज़ के सवाल का-

सवाल है-
‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ किसके लिए है ?
    सही जवाब A या B में से कोई एक है।
A . किसानों के लिए    B. हस्तशिल्पकारों के लिए
    अपना जवाब देने के लिए अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में QA लिखें और स्पेस देकर A या B जो भी आपको सही लगे, वह एक अक्षर लिखकर 7668-500-500 नम्बर पर भेज दें। साथ में अपना नाम और पता अवश्य लिखें।
    इसी के साथ आज का अंक हम यहीं समाप्त करते हैं, अगले अंक में 14 अगस्त को आपसे होगी फिर मुलाकात। तब तक के लिए दीजिए हमें इजाजत। नमस्कार।

Date: 
9 July 2016 - 8pm