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विशेष लेख : नया रायपुर : आकार ले रहा है सपनों का शहर

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  • आलेख- संजय नैयर

सपनों को साकार होते देखना बेहद सुखद अनुभूति होती है। आंखों में पले सपने जब हकीकत का रूप लेने लगें तो मन खुशी से झूम उठता है। आजकल छत्तीसगढ़ के लगभग ढाई करोड़ लोगों के सपने फलीभूत हो रहे हैं। एक अलग राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ का स्वप्न देखने वाले हमारे पूर्वजों ने एक सुन्दर और विकसित राजधानी की भी परिकल्पना की थी। उनकी यह परिकल्पना आज साकार हो रही है। छत्तीसगढ़ की नई राजधानी के रूप में नया रायपुर उपनगर तेजी से आकार ले रहा है। शानदार सिक्स लेन और फोर लेन सड़कों, फ्लाई ओवर, सुन्दर जलाशयों, खूबसूरत बाग-बगीचों, आकर्षक लैण्डस्केपिंग और अत्याधुनिक शॉपिंग माल से युक्त यह हरा-भरा शहर देश में रहने के लिहाज से सबसे अच्छा शहर होगा। यह आधुनिकता और पारम्परिकता का अनोखा संगम होगा। यहां की बिजली प्रदाय, जल प्रदाय और ड्रेनेज व्यवस्था भूमिगत होगी। शैक्षणिक और चिकित्सा सुविधाओं की दृष्टि से भी ये देश के विकसित शहरों में शामिल होगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने 1 अगस्त नया रायपुर में निर्मित लगभग 75 किलोमीटर सड़कों का लोकार्पण किया। इस वर्ष राज्योत्सव के अवसर पर 1 नवंबर से नया रायपुर में मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालय काम करने लगेंगे। राज्योत्सव के ही अवसर पर 2 और 3 नवंबर को यहां अन्तर्राष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन (ग्लोबल इन्वेस्टर मीट) भी आयोजित किया जायेगा, जिसमें दुनिया भर के हजारों निवेशकों के शामिल होने की संभावना है।

     छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के साथ-साथ नवम्बर 2000 में रायपुर शहर को राजधानी घोषित किया गया। राजधानी बनने के बाद यहां मंत्रालय सहित राज्य और केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों के प्रदेश स्तरीय कार्यालयों की स्थापना हुई। इसके फलस्वरूप कुछ समय पहले तक जिला स्तरीय गतिविधियों में ही केन्द्रित रहे इस शहर में प्रदेश स्तर की प्रशासनिक आर्थिक, व्यापारिक, औद्योगिक, सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों में भारी इजाफा हुआ। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की अनेक कम्पनियों के राज्य मुख्यालय भी यहां खुल गए। सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक तथा निजी उपक्रमों के प्रतिष्ठानों में बड़ी संख्या में नए अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापनाएं हुईं और उनका इस शहर में परिवार सहित आगमन हुआ। इसके फलस्वरूप राजधानी रायपुर में जनसंख्या और वाहनों का दबाव भी बढ़ता गया, जिसे आज हम सब स्पष्ट देख रहे हैं और महसूस भी कर रहे हैं।

     शहर पर जनसंख्या के साथ-साथ वाहनों और यातायात के बढ़ते दबाव को ध्यान में रखकर राज्य सरकार को जनता की सुविधा के लिए राजधानी शहर के विस्तार की जरूरत महसूस हुई। इसके लिए 'नए रायपुर' की परिकल्पना की गई और उसे अमलीजामा पहनाने का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में तेजी से शुरू हुआ। मुख्यमंत्री के अनुसार नया रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार का प्रशासनिक मुख्यालय तो होगा ही, साथ ही इसका निर्माण पुराने रायपुर के विस्तार के रूप में किया जा रहा है। पुराने रायपुर में भी विकास के सभी जरूरी कार्य पहले की ही तरह जारी रहेंगे और नया रायपुर अपने नाम के अनुरूप नये स्वरूप में सामने आएगा। डॉ. रमन सिंह नया रायपुर को छत्तीसगढ़ की नयी पीढ़ी के लिए एक मूल्यवान धरोहर के रूप में विकसित करना चाहते हैं। उनका कहना है कि नये रायपुर शहर का विकास इस परिकल्पना के साथ किया जा रहा है कि यह सुव्यवस्थित शहर छत्तीसगढ़ जैसे प्रगतिशील राज्य का प्रतिबिम्ब हो। इसमें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुन्दरता की झलक दिखाई देगी। नये रायपुर के निर्माण के लिए दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों और भारत के चंडीगढ़, नई दिल्ली और गांधीनगर जैसे नियोजित शहरों का अध्ययन कर उनकी खूबियों को भी कार्ययोजना में शामिल किया गया है। नया रायपुर एक पर्यावरण हितैषी शहर होगा, जहां नागरिकों को आधुनिक जीवन की सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। वहां रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा सौर ऊर्जा प्रणाली को भी अपनाया जाएगा। नया रायपुर में 26 प्रतिशत से ज्यादा हरित क्षेत्र होगा। नया रायपुर छत्तीसगढ़ की भावी पीढ़ी को एक मूल्यवान धरोहर और महत्वपूर्ण विरासत के रूप में मिलेगा।

विद्युत व्यवस्था भूमिगत होगी

     नया रायपुर की सभी सड़कें फोर-लेन और सिक्स लेन की होंगी। पूरे शहर में बिजली की भूमिगत लाईनें होंगी। पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएगा। यह देश का पहला ऐसा नियोजित शहर होगा, जहां प्रारंभ से ही सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की सुविधा होगी। इसके लिए राज्य सरकार विश्व बैंक की सहायता से बस आधारित शहरी परिवहन प्रणाली की कार्य-योजना पर भी काम कर रही है। यह देश का सर्वश्रेष्ठ नियोजित शहर होगा। राज्य शासन के लगातार प्रयासों से राज्य को तेरहवें वित्ता आयोग से नया रायपुर की विकास परियोजनाओं के लिए 550 करोड़ रूपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। नया रायपुर आधुनिकता और पारम्परिकता का सुंदर संगम होगा तथा स्वच्छ-स्वस्थ पर्यावरण की मिसाल प्रस्तुत करेगा। इसके लिए राज्य शासन ने जलाशयों के संरक्षण, ग्रीन बेल्ट बढ़ाने के लिए सिटी पार्क विकसित करने और ऊर्जा के गैर परंपरागत स्त्रोतों को बढ़ावा देने संबंधी प्रस्ताव 13वें वित्ता आयोग को भेजे थे। इसके लिए आयोग से 100 करोड़ रूपये की सहायता मिली है।

     नया रायपुर विकास योजना वर्ष 2031 तीन लेयर में बनायी गयी है। लेयर-एक के अंतर्गत यहां 8013 हेक्टेयर भूमि पर नया रायपुर तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 3057 हेक्टेयर भूमि पर एक लाख 50 हजार की जनसंख्या के लिए अधोसंरचना विकसित की जा रही है। दूसरे चरण में 3734 हेक्टेयर भूमि पर तीन लाख 65 हजार की आबादी और तीसरे चरण में शेष 1222 हेक्टेयर भूमि पर अधोसंरचना विकास किया जाएगा, जो पांच लाख 60 हजार लोगों की बसाहट के लिए पर्याप्त होगा। नया रायपुर को रेल लाईन से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर रेल मंत्रालय ने रायपुर-धमतरी नेरोगेज लाईन को ब्रॉडगेज में बदलने की सहमति प्रदान कर दी है। रेल मंत्रालय ने रायपुर दक्षिण-पश्चिम रेल मार्ग पर स्थित मंदिरहसौद रेल्वे स्टेशन से नया रायपुर के बीच रेल लाईन बिछाने के लिए 66 करोड़ रूपए दिए हैं। इसका सर्वेक्षण भी शुरू हो गया है। नया रायपुर में रेल्वे स्टेशन भी बनेगा। लाईन बिछाने के लिए 66 करोड़ रूपए दिए गये हैं। इसका सर्वेक्षण भी शुरू हो गया है।

कैपिटल कॉम्पलेक्स होगा प्रमुख आकर्षण

   

नया रायपुर में कैपिटल काम्पलेक्स प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होगा। यहां मंत्रालय भवन, विभागाध्यक्ष भवन सहित अनेक शासकीय कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। मंत्रालय भवन का निर्माण 63 हजार वर्गमीटर के क्षेत्रफल में तेजी से किया जा रहा है, वहीं 37 विभागाध्यक्षों के लिए एक ही स्थान पर 66 हजार वर्गमीटर में विभागाध्यक्ष भवन भी युध्दस्तर पर बनवाया जा रहा है। केपिटल कॉम्पलेक्स के अंतर्गत मंत्रालय भवन, 37 विभागाध्यक्षों के कार्यालय और अन्य प्रशासनिक तथा सहायक भवनों के निर्माण का प्रावधान किया गया है।

     नया रायपुर में पानी की व्यवस्था के लिए महानदी में एक बड़ा एनीकट बनवाया जाएगा। इस एनीकट से पूरे शहर में भूमिगत टैंकों में पानी पहुंचाया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा क्रियान्वित नया रायपुर जल प्रदाय योजना जवाहर लाल नेहरू शहरी नवीकरण मिशन के तहत स्वीकृत की गयी है। योजना के तहत इन्टेकवेल के निर्माण के साथ-साथ पम्प स्थापना, रॉ-वाटर पाईंप लाईन, उपचारित जल वाहिनी, जल उपचार संयंत्र (वाटर ट्रीटमेन्ट प्लांट) और 29 भूमिगत पानी टंकियों का निर्माण किया जाएगा।इस परियोजना में महानदी से पानी लेने के लिए प्रथम चरण में ग्राम टीला के नजदीक और दूसरे चरण में ग्राम राऊर के नजदीक एनीकट का निर्माण किया जाएगा। वर्ष 2041 की जरूरतों के अनुरूप वहां पेयजल आपूर्ति के लिए 156 करोड़ 23 लाख रूपए की कार्य-योजना तैयार की गयी है और इसका निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। सीवरेज के लिए भूमिगत नालियां बनवाई जा रही हैं, जिनके प्रदूषित पानी का उपचार कर उसे दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ निर्माण अकादमी

     नया रायपुर में छत्तीसगढ़ निर्माण अकादमी की स्थापना की जाएगी। इस अकादमी में भवन निर्माण उद्योग से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए स्थानीय लोगों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें कुशल मानव संसाधन के रूप में तैयार किया जाएगा। अकादमी में राजमिस्त्री, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, हेवी मशीन आपरेटर आदि विभिन्न व्यवसायों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था रहेगी। वहां सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से एक सौ एकड़ में नॉलेज पार्क और इतने ही रकबे में एम्यूजमेंट पार्क भी बनवाया जाएगा। नया रायपुर में हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का कैम्पस शुरू हो गया है और अगले कुछ ही वर्षों में भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.आई.टी.) जैसी तकनीकी शिक्षा संस्थाओं के कैम्पस भी शुरू होने जा रहे हैं। इसके साथ ही वहां मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और कला वाणिज्य तथा विज्ञान आदि से संबंधित कॉलेज शुरू करने का भी प्रस्ताव है। नया रायपुर शहर के बीच लगभग 123 हेक्टेयर में केन्द्रीय व्यावसायिक जिला (सेन्ट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट) विकसित करने की भी योजना प्रस्तावित है। इसके प्रथम चरण में वहां 23 हेक्टेयर रकबे में बैंक, होटल, रिटेल शॉप और आफिस के साथ-साथ आवासीय कालोनी आदि सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

जंगल सफारी भी होगा नया रायपुर में

     मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नया रायपुर में पौने चार सौ एकड़ से अधिक रकबे में वन्य प्राणियों की बसाहट के लिए एक जंगल सफारी बनवाने की घोषणा की है। इसके अलावा वहां भू-जल संरक्षण की दृष्टि से लगभग 140 एकड़ के रकबे में एक विशाल झील का भी निर्माण कराया जाएगा, जो अहमदाबाद (गुजरात) के कांकरिया झील की तरह दर्शनीय होगी। नया रायपुर में 26.67 प्रतिशत क्षेत्र हरियाली के लिए होगा। इसी कड़ी में जंगल सफारी बनने पर वहां जैव-विविधता के साथ हरियाली भी विकसित होगी। नया रायपुर में एशिया का सबसे बड़ा बॉटेनिकल गार्डन भी विकसित करने की योजना है।

बेहतर पुनर्वास की व्यवस्था

     उल्लेखनीय है कि 'नया रायपुर' देश का पहला ऐसा शहर होगा, जिसे किसी भी गांव की आबादी को विस्थापित किए बिना सुव्यवस्थित रूप से बसाया जा रहा है। केवल एक गांव राखी को नये स्थान पर विकसित किया गया है और उसे मिलाकर नया रायपुर परियोजना क्षेत्र के सभी तेरह गांवों में शहरों की तरह हर प्रकार की बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ग्राम राखी के व्यवस्थापन के लिए नया रायपुर परियोजना के अंतर्गत 'नया राखी' का निर्माण छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के माध्यम से कराया जा रहा है। राखी गांव के बेहतर पुनर्वास  के लिए एन.आर.डी.ए. को राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। परियोजना क्षेत्र के इन सभी गांवों में बेरोजगार युवाओं को छत्तीसगढ़ उद्यमिता विकास संस्थान और सी.आई.डी.सी. नई दिल्ली के सहयोग से विभिन्न विधाओं में स्व-रोजगार प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अब तक पांच सौ से अधिक युवाओं को चार प्रमुख व्यवसायों में प्रशिक्षित किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ व्यापार केन्द्र भी बनेगा

     नया रायपुर परियोजना के ग्राम तूता में लगभग 100 एकड़ भूमि में उद्योग विभाग द्वारा नई दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ व्यापार केन्द्र की स्थापना की जा रही है। यहां उद्योग और व्यापार मेले के आयोजन के लिए विशाल पेवेलियन निर्मित किये जायेंगे जहां दस हजार से अधिक व्यक्तियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। उद्योग विभाग तथा छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास निगम द्वारा व्यापार केन्द्र की निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस वर्ष राज्योत्सव के अवसर पर यहां 2 और 3 नवंबर को ग्लोबल इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया जायेगा। क्रमांक-2047/संजय

 

 

Date: 
14 Aug 2012