Homeअम्बिकापुर : दीपावली को स्वच्छता से जोड़ने और हर घर में शौचालय बनवाने में प्रेरणादायक साबित होगा ‘‘रमन का गोठ’’

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अम्बिकापुर : दीपावली को स्वच्छता से जोड़ने और हर घर में शौचालय बनवाने में प्रेरणादायक साबित होगा ‘‘रमन का गोठ’’

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उत्साह से सुना गया ‘‘रमन के गोठ’’ की चौदहवीं कड़ी

 

अम्बिकापुर 09 अक्टूबर 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियोवार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ की चौदहवीं कड़ी को सुनने के बाद स्वच्छ भारत मिशन के जिला नोडल अधिकारी श्री माणिकचंद ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दीपावली को स्वच्छता के अवसर के रूप में देखने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने नारी सम्मान की रक्षा के लिए सभी घरों में शौचालय का होना और उसके उपयोग की आदत डालने की आवश्यकता व्यक्त की है तथा इसके लिए उन्होंने शौचालय बनवाने की पहल पुरूषों से करने कहा है। जिसका आम जनता पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। इससे लोगों को अपने घरों में शौचालय बनवाने और उसका उपयोग भी करने की प्रेरणा मिली है।  ‘‘रमन के गोठ’’ की चौदहवीं कड़ी को आज यहां जिला पंचायत के सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सुना। इसके साथ ही सरगुजा जिले के ग्राम पंचायतों और गांव-गांव में भी रमन के गोठ को उत्साह से सुना गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवरात्र, विजयदशमी, करवा चौथ और दीपावाली की बधाई और शुभकामनाएं जिलेवासियों को दी हैं।    
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि देवी मां के विभिन्न स्वरूपों के शक्ति-पीठ एवं साधना स्थल हैं जहां लोगों की बहुत आस्था है। हर गांव, हर शहर में किसी न किसी रूप में देवी मां का वास है जहां नियमित पूजा होती है एवं नवरात्र में मेले लगते हैं। उन्होंने उन सभी शक्ति-पीठों एवं साधना स्थलों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने अन्तर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सभी बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं की अच्छी संख्या उनकी अच्छी स्थिति का भी प्रतीक है। हमारे यहां प्रति 1 हजार पुरूषों की तुलना में 991 महिलाएं है। छत्तीसगढ़ के 27 में से 13 जिलों में महिलाओं की संख्या पुरूषों से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाऔ अभियान शुरू किया है, जिसे हम जन आन्दोलन बना रहे है। कन्या जन्म को संरक्षण देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने नोनी सुरक्षा योजना शुरू की है जिसके तहत बी.पी.एल. परिवार की नवजात बैटियों के नाम से बैंक खाते में राशि जमा की जाती है, जो बेटी को बढ़ा होने तक लखपति बना देती है। पहली से लेकर कॉलेज तक पढ़ाई निःशुल्क कराने की व्यवस्था की गई है। सस्ता ऋण, राशन दुकान, आंगनबाड़ी, कुपोषण मुक्ति, गणवेश जैसी योजनाओं से महिला स्वसहायता समूहों को जोड़ा गया है।        
    मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला सुरक्षा के लिए किये गये नये उपायों के तहत टोल-फ्री महिला हैल्प लाईन 1091 शुरू की गई जिसमें किसी भी संकट के वक्त कोई भी बहन अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है, ताकि जल्दी से जल्दी उसे मदद मिल सके। प्रत्येक जिला मुख्यालय में घरेलू हिंसा तथा पारिवारिक विवादों की रोकथाम के लिए पुलिस अधीक्षक के नियंत्रण में महिला परामर्श केन्द्र की स्थापित की गई है। सात जिलों में महिला विरूद्ध अपराध अनुसंधान इकाई की स्थापना की गई है। इस तरह महिलाओं को सामाजिक व आर्थिक एवं कानूनी हर तरह का संरक्षण दिया जा सके, ताकि वे अपने पंसद एवं रूचि का कार्य करने आगे आये और स्वयं का तथा परिवार का जीवन स्तर ऊचां उठा सकें। मुख्यमंत्री ने विजयदशमी पर्व की बधाई देते हुए कहा कि रावण के दस सिर दस तरह की बुराईयों के प्रतीक थे उसी तरह समाज में कोई न कोई कमी रह जाती है जिसमें सुधार की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कौशल, अधोसंरचना विकास, वैज्ञानिक चेतना, सेवा संस्कृति, रोजगार, उद्यमिता जैसे कुल 10 लक्ष्यों का निर्धारण कर समयबद्ध कार्य योजना बनाकर नये सिखर में पहुॅचने की सफलता हासिल करें।  
    मुख्यमंत्री ने कहा कि धनतेरस भगवान धन्वंतरी की अराधना का पर्व है। धन्वतरी को स्वास्थ्य का दाता मानते हैं। उन्होंने कहा कि जहां हमने योग और आयुर्वेद का बढ़ावा दिया वहीं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी बड़ी महत्वपूर्ण योजना संचालित कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली का दिन धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी की पूजा होती है। हमारे यहां समृद्धि को स्वच्छता से जोड़ने की परम्परा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता की अहमियत बताई जिसके कारण पूरे देश में स्वच्छता की क्रांति आ गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली को हमें स्वच्छता के अवसर के रूप में देखना चाहिए। ध्वनि, वायु, जल आदि हर तरह के प्रदूषण को रोकने में मददगार बनें। पटाखे कम से कम फोड़ें। सजावट के लिए स्थानीय कुम्भकार भाई-बहनों द्वारा बनाए दीये जलाएं। विदेशी झालरों तथा अन्य समानों का उपयोग न करें। इस तरह हम मेक इन इण्डिया को सफल बनाने में भी भागीदार बन सकते हैं। ऐसे प्रयासों से हम देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य उत्सव से एक अद्भूत चेतना से छत्तीसगढ़वासियों का मन खुशियों से भर उठता है। इस समय मन होता है कि विगत वर्षो में लिखी गई विकास की गाथा के पन्ने पलटा कर देखें। राज्य के भावी विकास की संभावनाओं को समझे, नया लक्ष्य तय करें, नया संकल्प लं और फिर कुछ नये कीर्तिमान रचने को आगे बढ़ चलें।   


समाचार क्रमांक 2112/2016     

Date: 
09 Oct 2016