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अम्बिकापुर : मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को रणनीति बनाकर परीक्षा की तैयारी करने दिये सुझाव

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उत्साह से सुना गया ‘‘रमन के गोठ’’ की अठारहवीं कड़ी का प्रसारण
 

अम्बिकापुर 12 फरवरी 2017

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मासिक रेडियोवार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ की अठारहवीं कड़ी में विद्यार्थियों से कहा है कि वे परीक्षा को लेकर तनावग्रस्त न हो और रणनीति बनाकर परीक्षा की तैयारी करें। अपने मन में यह विचार कतई न लायें कि जो परीक्षा दे रहे हैं वही जीवन का अंतिम अवसर है और ऐसी हड़बड़ी में आपा न खोयें, हिमत न हारंे और न ही कोई गलत कदम उठायें। सरगुजा जिले के जिला मुख्यालय अम्बिकापुर में आज यहां जिला पंचायत के सभाकक्ष में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियोवार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ का सामूहिक श्रवण किया गया। इसके साथ ही सरगुजा जिले के गांव-गांव में ‘‘रमन के गोठ’’ की अठारहवीं कड़ी को उत्साह से सुना गया।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने ‘‘रमन के गोठ’’ की मासिक रेडियोवार्ता की अठारहवीं कड़ी में विद्यार्थियों से कहा कि हर बच्चा अपना कोई न कोई आदर्श व्यक्तित्व ढंूढे और उनसे प्रेरणा लेते रहे। हर सफल व्यक्ति कभी न कभी असफलता का स्वाद चखा रहता है। इसलिये असफलता से डरे मत बल्कि इसे एक सुधार का अवसर समझें। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली या इससे संबंधित समस्या होने पर और कही पक्षपात जैसी कोई शिकायत होने पर मुख्यमंत्री से फेसबुक पर सम्पर्क कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि तालाबों के महत्व को देखते हुए वेटलैण्ड अथॉरिटी का गठन किया गया है और राज्य की वेटलैण्ड पॉलिसी बनाने जा रहे हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत, नगरीय निकायों के साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जागरूक नागरिक और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे जलाशयों को सुरक्षित रखने में योगदान करें तथा तलाबों के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य कार्ययोजना बनाकर करें।              
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि नवाचार की सबसे अच्छी एप्रोच यह है कि जो काम नहीं हो पा रहा है वह जल्दी से जल्दी किसी नए तरीके से हो जाए। उन्होंने कहा कि हमने पीडीएफ को ठीक करने के लिए कम्प्यूटर और आईटी का उपयोग किया वह भी नवाचार था। प्रोटीन की कमी से निपटने के लिए चना और दाल का वितरण किया वह भी नवाचार था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमर छत्तीसगढ़ योजना, सौर सुजला योजना, लाईवलीहुड कॉलेज जैसे अनेक काम नवाचार की देन हैं। उन्होंने कहा कि नवाचारों के कारण छत्तीसगढ़ को प्रतिष्ठा और नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को उन्होंने जो नई घोषणाएं की वे भी नवाचार के माध्यम से अभावों को जल्दी से जल्दी दूर करने की कोशिश है।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ ग्रामीण और वनांचलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसी परिस्थिति में नई सोच और नई रणनीति कारगार होती है। उन्होंने कहा कि अभावों और कठिनाईयों के बीच भी अनेक सेवाभावी चिकित्सक दुर्गम स्थानों में अपनी सेवाएं देकर राष्ट्र निर्माण में योगदान करना चाहते हैं। ऐसे विशेषज्ञों और समर्पित चिकित्सकों का उपयोग करने के लिए हम प्रदेश में मुख्यमंत्री मेडिकल फेलोशिप प्रोग्राम शुरू करेंगे। इससे इन अंचलों में स्वास्थ्य सेवाआंे की गुणवत्ता में सुधार होगा, वहीं विभिन्न स्थानों पर निर्मित अधोसंरचना, जैसे ऑपरेशन थियेटर और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों का भी बेहतर क्षमता के साथ उपयोग होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नये पढ़े-लिखे युवकों और नव जवानों की सेवा भावी सोच का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री गुड गवंर्नेस फेलोशिप के अन्तर्गत प्रत्येक जिला कलेक्टर के साथ एक प्रतिभाशाली फेलोशिप को संलग्न करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का मानदेय 15 हजार रूपये प्रतिमाह को बढ़ाकर 25 हजार रूपये और मीसाबंदियों का मानदेय 50 से 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ के खेत में स्ट्राबेरी लगाने से 5 से 10 लाख रूपये तक की आय हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य स्तरीय हाफ मैराथन 19 फरवरी को नया रायपुर में आयोजित किया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 13 वर्ष पहले 350 रूपये प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक मिलता था जिसे बढ़ाते हुए 1500 रूपये किया गया था और अब 1500 रूपये से बढ़ाकर 1800 सौ रूपये प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक कर दिया गया है।   
समाचार क्रमांक 270/2017    

 

Date: 
12 Feb 2017