Homeअम्बिकापुर : सरगुजा के विद्यार्थियों एवं नवयुवकों ने ‘‘रमन के गोठ’’ को सराहा : ‘‘रमन के गोठ’’ की छठवीं कड़ी का हुआ प्रसारण

Secondary links

Search

अम्बिकापुर : सरगुजा के विद्यार्थियों एवं नवयुवकों ने ‘‘रमन के गोठ’’ को सराहा : ‘‘रमन के गोठ’’ की छठवीं कड़ी का हुआ प्रसारण

Printer-friendly versionSend to friend

असफलताओं का मुकाबला कर ही मिलती है सफलता

अम्बिकापुर 14 फरवरी 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियोवार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ की छठवीं कड़ी को आज सरगुजा जिले के जिला मुख्यालय अम्बिकापुर सहित गांव-गांव और आश्रम तथा छात्रावासों में उत्साह से सुना गया। सरगुजा जिले के नवयुवकों और विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री द्वारा आगामी 22 फरवरी से शुरू होने जा रही बोर्ड की परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देने और कम नंबर मिलने पर भी हताष न होकर और मेहनत से पढ़ाई करने के सुझाव की सराहना की। साथ ही षिक्षा एवं प्रषिक्षण के बाद कौषल उन्नयन से जुडकर रोजगार मांगने वाले नही बल्कि रोजगार देने वाला बनने के सुझाव की भी सराहना की।
‘‘रमन के गोठ’’ सामूहिक श्रवण के बाद अम्बिकापुर के संतोष कुमार एक्का ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा परीक्षा में कम अंक आने पर निराष न होकर और अधिक लगन और मेहनत से तैयारी करने के सुझाव की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा यह बताये जाने पर कि हर सफल व्यक्ति कहीं न कहीं असफला से गुजरा हुआ है, और असफलता से जूझ कर  कड़ी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की है, जिससे हम जैसे विद्यार्थियों और नवयुवकों का उत्साहवर्धन हुआ है तथा अच्छा मार्गदर्षन भी मिला है। बारहवीं कक्षा के छात्र पंकज यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा यह बताये जाने पर कि विद्यार्थी जीवन में परीक्षा के बाद अच्छे नंबर आने पर उनके माता-पिता के चेहरे खिल जाते थे। पंकज यादव ने कहा कि हम भी अपने माता-पिता की खुषी के लिए और अच्छे लगन से परीक्षा की तैयारी करेंगे। सुरेष कुमार पैंकरा ने कहा कि तेंदूपत्ता की संग्रहण दर 1200 रूपये से बढ़ाकर 1500 रूपये प्रति मानकर बोरा करने पर प्रसंन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के तेंदू पत्ता संग्रहको की आय बढ़ाने में यह कार्यक्रम मद्दगार साबित होगी। विद्यार्थी रविषंकर सिंह और संजय राम पैंकरा ने भी मुख्यमंत्री द्वारा विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देने और प्रोत्साहित करने की सराहना की। सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती ममोल कोचेटा ने पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू किये गये संगी स्टॉप वन सेन्टर की स्थापना राज्य सरकार द्वारा करने की सराहना की। श्री अजय श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा विद्यार्थियों और नवयुवकों को प्रोत्साहित किया गया है जिससे उनका मार्ग प्रषस्त होगा।
 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने ‘‘रमन के गोठ’’ कार्यक्रम के छठवीं कड़ी में 22 फरवरी से शुरू होने वाले राजिम कंुभ मेला में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं परम्परा के अनिरूप ‘‘पिंवरा चांऊर’’ के साथ नेवता दिया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि 23 फरवरी से शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षा का महत्व बहुत अधिक है। इसमें प्राप्त सफलता बच्चों के सुनहरें भविष्य तय करता है। उन्होंने इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी बाल-बालिकाओं को उनकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी के साथ ही उनका पूरा परिवार इस परीक्षा के समय उनके साथ जुड़ा है, इसलिए वे अपने और अपने परिवार के लिए अच्छी मेहनत कर अपने परिवार का सम्मान बढ़ायंे। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इसका यह अर्थ कदापि नहीं होता कि हम सभी को बहुत अच्छे नंबर मिलें। हर व्यक्ति में अलग योग्यताएं है, क्षमताएं और विषेषताएं होती है। यदि किसी को कम नंबर प्राप्त होता है तो इसमें हताष होने की आवष्यकता नहीं है। यदि असफलता मिलती है तो दुगने प्रयास के साथ जुटना होगा। उन्होंने कहा कि दुनियां में जो सफल व्यक्ति हुए हैं वे कहीं न कहीं असफल हुए हैै और असफलताओं का ही मुकाबला करते हुए उन्होंने सफलाताएं अर्जित कर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षा के लिए सभी आवष्यक तैयारी की गई है और यह भी ध्यान रखा गया है कि परीक्षा केन्द्र जाने के लिए बच्चों को अधिक दूरी तय ना करने पड़े। उन्होंने बताया कि प्रदेष में 1986 परीक्षा केन्द्र स्थापित किये गये हैं और इन परीक्षाओं में 8 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बताया कि पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए रायपुर में देष का पहला सखी-वन स्टॉप सेन्टर प्रारंभ किये गया है। उन्होंने बताया कि इस सेन्टर में पीड़िता को एक ही स्थान पर सभी प्रकार की सुविधाएं चिकित्सा, कानूनी सहायता, पुलिस सहायता, परामर्ष उपलब्ध कराने के साथ ही 5 दिन तक ठहरने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। राज्य स्तर  पर महिला हेल्प लाईन 181 टोल फ्री नंबर और कार्यालय का नंबर 0771-4061215 सखी-वन स्टॉप सेन्टर में उपलब्ध है जो 24 घंटे कार्यरत है। उन्होंने प्रसारण को सुनने वालों के साथ ही, एनजीओ, महिला संगठन, जनप्रतिनिधि, सरपंच एवं मीडिया से आग्रह किया कि वे सखी-वन स्टॉप सेन्टर का व्यापक प्रचार प्रसार कर पीडितों को इसके लाभ लेने हेतु प्रेरित करें।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर 1200 रूपये से बढ़ाकर 1500 रूपये प्रति मानक बोरा कर दिया गया है। इससे 15 लाख तेंदूपत्ता संग्रहक लाभान्वित होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2016 में 250 करोड़ रूपये की राषि तेंदूपत्ता संग्रहाकों को वितरित की जायेगी। तेंदूपत्ता कार्य में लगे 10 हजार फड मुंषियों के पारिश्रमिक में 5 रूपये प्रति मानक बोरा वृद्धि की गई है उन्हें अब 25 रूपये प्रति मानक बोरा कमीषन मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि अभ्यारण्य एवं टाईगर रिर्जव क्षेत्र में निवासरत 25 हजार आदिवासी परिवार जो तेंदूपत्ता संग्रहरण नही कर पाते हैं उन्हें 2 हजार रूपये की राषि प्रति परिवार मुआवजा के रूप में दी जायेगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्राथमिक लघु वनोपज समिति के प्रबंधको का वेतन 8 हजार रूपये से बढ़ाकर 10 हजार रूपये बढ़ाकर प्रतिमाह करने का फैसला लिया गया है। साथ ही 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को 1 जोड़ी चरण पादुका मुफ्त वितरित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि षिक्षा गुणवत्ता के साथ रोजगारपरकता पर हम जारा जोर दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष शासकीय आवासीय आदर्ष महाविद्यालय रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर एवं जगदलपुर में प्रारंभ किये गये है। नया रायपुर में ट्रिपल आई.टी और भिलाई में आई.टी.आई. की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। सभी जिलों लाईवलीहुड कॉलेज शुरू किये गये हैं। सभी विकास खण्डों में कम से कम 1 आई.टी.आई. खोलने का लक्ष्य है साथ ही युवाओं को सरकारी नौकरी में चयन का अधिकार उपलब्ध कराने के लिए 31 दिसम्बर 2016 तक सीधी भर्ती के पदों पर आयु सीमा 35 वर्ष से बढ़ाकर 40 वर्ष की गई है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे छत्तीसगढ़ के विकास में केन्द्र बिन्दु हैं और छत्तीसगढ़ के कल के निर्माता हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को संजाने संवारने और विकसित करने में युवाओं का उपयोग किया जायेगा। युवा षिक्षित, प्रषिक्षित और कौषल उन्नयन से जुडे़ और वे रोजगार मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 21 फरवरी को छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव जिले के कुर्रूभाट में आयेंगे और यहां के विकास के लिए एक नई योजना देष में पहली बार श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन योजना की शुरूआत करेंगे।
समाचार क्रमांक  2435/2016    

Date: 
14 Feb 2016