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अम्बिकापुर : सरगुजिहा में प्रसारित हुआ ‘‘रमन के गोठ’’ लोगों ने दी सार्थक प्रतिक्रिया

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अम्बिकापुर 10 जनवरी 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा प्रतिमाह के दूसरे रविवार को प्रसारित होने वाला कार्यक्रम ‘‘रमन के गोठ’’ आज सरगुजिहा बोली में प्रसारित हुआ। सरगुजिहा बोली में प्रसारण को सुनकर स्थानीय लोगों ने अपनापन महसूस किया। मुख्यमंत्री के इस प्रयास की सराहना करते हुए साहित्यकार श्री रंजीत सारथी ने कहा कि मुख्यमंत्री हर छेरता, मकर संक्राति, गणतंत्र दिवस अउ सबे दूसर तिहार कर बधाई ला हमके देहत हे। हमुमन वोके ए परयास कर बधाई देहत ही, कि वोकर शासन में रायज हर दिन दूना अउ रात चौगूना तरक्की करे। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती ममोल कोचेटा ने भी मुख्यमंत्री के गोठ की सराहना करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के बारे में राज्य के मुखिया से सीधे जानकर हमें हर्ष होता है कि राज्य निरन्तर विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने कुपोषण को दूर करने के लिए चलाए जा रहे आंगनबाड़ी गुणवत्ता उन्नयन अभियान को एक सराहनीय प्रयास बताया। उन्होंने बताया कि जिला प्रषासन द्वारा 11 अक्टूबर को प्रारंभ किए गए सुपोषण नगर अभियान में उनके द्वारा 5 बालिकाओं को गोद लिया गया था, जिन्हंे वे आज भी लगातार पोषण आहार उपलब्ध करा रही हैं।

‘‘रमन के गोठ’’ के सामूहिक श्रवण के दौरान श्री आषीष दुबे, श्री के.पी.दीक्षित, श्री गिरीष गुप्ता, श्री अरविन्द गुप्ता, तस्नीम निकहत ने भी तात्कालिक प्रतिक्रिया में इस कार्यक्रम को लोगों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की उपयोगिता दिनो दिन बढ़ती जा रही है।

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने ‘‘रमन के गोठ’’ कार्यक्रम के पांचवी कड़ी में प्रदेषवासियों को नये साल, मकर संक्रांति, छेर -छेरा, पुन्नी और गणतंत्र दिवस की शुभकामनाए देते हुए बताया कि नय वर्ष मे नये संकल्प के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी 12 जनवरी से 16 जनवरी तक रायपुर मे राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजना किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानन्द ने अपने बाल्यकाल का दो वर्ष छत्तीसगढ़ मे बिताया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय उत्सव की मेजबानी छत्तीसगढ़ द्वारा की जा रही है। इस राष्ट्रीय उत्सव मे 6 हजार युवा भाग लेंगे और 18 से 20 संास्कृतिक कलाओं के कलाकर भाग लेगें। इसे युवा कृति मेले का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में कई प्रकार योजनाओं के लिए सड़क पुल-पुलियो का निर्माण के साथ ही नयी पीढ़ी का निर्माण किया जाना है। उन्होंने 4 जनवरी से चलाए जा रहे आंगनबाड़ी गुणवत्ता उन्नयन अभियान के उद्देष्यों के बारे में विस्तारपूर्वक बताते हुए लोगांे से कुपोषण को दूर करने मंें अपनी सार्थक भूमिका का निर्वाह करने की अपील की। उन्होंने बताया कि इससे प्रदेष के 50 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से गर्भवती माताओं और बच्चों को कुपोषण दूर करने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का बेहतर लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहले छत्तीसगढ़ मे कुपोषण की दर 52 प्रतिषत थी। वह घट कर अब 32 प्रतिषत हो गई है। वर्ष 2016 तक इसे 25 प्रतिषत तक कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी गुणवत्ता उन्नयन के दौरान आंगनबाडी केन्द्रों पर शासन का ध्यान रहेगा और बच्चों को गोद लेने के लिए लोगो को प्रेरित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने आषा व्यक्त की है कि  सभी के सहयोग से आंगनबाड़ी गुणवत्ता अभियान से सभी का मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों मे मनरेगा के तहत 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार दिया जायेगा। जिसे 150 से बढ़कार 200 दिन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत प्रदेष के 10 लाख लोगो, को राजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों को 15 दिन के अंदर मजदूरी का भुगतान कराने का निर्देष अधिकारियों को दिया गया है। उन्होंने सूखा प्रभावित क्षेत्रों मे भू-राजस्व एवं सिचाई कर की माफी सहित किसानो को आर.बी.सी.6-4 के तहत उपलब्ध कराये जा रहे राहत राषि और किसानों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के तहत दी जाने वाली राषि 15 हजार रूपये को बढ़ाकर 30 हजार रूपये कर कद दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए हर जिले में किसान मितान केन्द्र की स्थापना की गई है। जिसके तहत किसान अपनी समस्यायें बताकर समाधान प्राप्त कर सकते है।

समाचार क्रमांक  2222/2016  

Date: 
10 Jan 2016