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अम्बिकापुर : सूखा प्रभावितों को आरबीसी के तहत मिलेगी तत्काल सहायता : ‘‘रमन के गोठ’’ की चौथी कड़ी को लोगों ने सुना उत्साह से

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अम्बिकापुर 13 दिसम्बर 2015

‘‘रमन के गोठ’’ कार्यक्रम की चौथी कड़ी के तहत रेडियो एवं टी.व्ही से प्रसारित कार्यक्रम को आज सरगुजा जिले के शहरों एवं गांव-गांव तथा आश्रम एवं छात्रावासों में भी उत्साह से सुना गया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि मैं किसान का बेटा हूॅं, और किसानों की पीड़ा को समझता हूॅं। उन्होंने कहा कि किसानों की पीड़ा को कम करने के लिए आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत किसानों को राहत राशि का वितरण तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश कलेक्टरों को दिये गये है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीरनारायण सिंह का 10 दिसम्बर को शहादत दिवस के रूप में मनाया जायेगा। साथ ही प्रदेशवासियों को 18 दिसम्बर को संत गुरू बाबा घासीदास की जयंती, 24 दिसम्बर को ईद-उल-मिलाद त्यौहार एवं 25 दिसम्बर को क्रिसमस की शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूरे देश में मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड लागू की है और ‘‘स्वस्थ धरा, खेत हरा’’ का नारा भी दिया है। उन्होंने कहा कि मिट्टी का संबंध किसानों से अधिक होता है। उन्होंने कहा है कि शरीर पंच तत्वों से बना है और मिट्टी कर्ज चुकाना प्रथम कर्तव्य है। आवास, भोजन, ऊर्जा संरक्षण जैसे सभी कार्य मिट्टी के साथ जुड़ा है। उन्होंने बताया कि मिट्टी स्वास्थ्य योजना के तहत असिंचित क्षेत्र में प्रति 10 हेक्टेयर पर एक नमूना और सिंचित भूमि में प्रति हेक्टेयर एक नमूना मिट्टी का लिया जाता है। अगले तीन साल में राज्य में मिट्टी के 8 लाख 78 हजार नमूने लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि खाद, बीज अच्छा होना के साथ ही मिट्टी का स्वस्थ होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मिट्टी का नमूना जांच के लिए 8 नये प्रयोगषाला खोलने का निर्णय लिया गया है। मिट्टी का स्वास्थ्य सुधारने के लिए यह ऐतिहासिक अभियान है, 16 तत्वों में से 3 तत्व की पूर्ति वायुमण्डल से और 13 तत्वों की पूर्ति भूमि से होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, अबुझमाडिया, पण्डो और भुजिया विशेष पिछड़ी जनजातियों के समबद्ध विकास के लिए 11 सूत्रीय विशेष अभियान कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। इसके तहत विशेष पिछड़े जनजातियों के लिए आवास, स्वच्छ पेयजल, विद्युतिकरण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं हेल्प कार्ड प्रदाय करने सहित हर परिवार के एक सदस्य को कौषल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जायेगा, ताकि वे हुनरमंद होकर अपनी आजीविका चला सके। साथ ही उन्हें राशन कार्ड, वन अधिकार पत्र, जाति एवं निवास पत्रों का वितरण किया जायेगा और उन्हें बाहरी दुनिया से जोड़ने एवं उनमें जागरूकता लाने के उद्देष्य से उन्हें एक-एक रेडियो, धूप, बरसात एवं ठण्ड से बचाने छाता एवं कंबल निःषुल्क प्रदान किया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 10 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है, इस योजना से 18 वर्ष से 50 वर्ष आयु समूह के प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को 330 रूपये वार्षिक प्रीमियम पर बीमा सुरक्षा मिलेगी। प्रीमियम की आधी राषि श्रम विभाग द्वारा दी जायेगी तथा शेष राषि 165 रूपये श्रमिक को जमा करना होगा। इस योजना से समान मृत्यु की दशा में 2 लाख रूपये उनके आश्रितों को मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि उनके 12 वर्ष का कार्यकाल सभी के सहयोग एवं योगदान से 12 दिसम्बर को सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़वासियों को आस्वष्त किया कि जनता की भावनाओं के अनुरूप हर क्षण मैं सेवा में तत्पर रहूंगा। उन्होंने कहा कि रमन के गोठ के तहत अब सभी चिट्ठीयों में नियम एवं प्रावधानों के तहत आवष्यक कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री ने बुजुर्गो से कहा कि मैं भी उनके बेटे की तरह हूॅं, तो बुढ़ापे में मैं आपको तीर्थयात्रा क्यों नही करा सकता।
‘‘रमन के गोठ’’ की चौथी कड़ी सुनने के लिए आज लुण्ड्रा विकासखण्ड के पहाड़ी कोरवा आश्रम सिलसिला में सामूहिक श्रवण की व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर पहाड़ी कोरवा आश्रम के बच्चों ने उत्साह के साथ रेड़ियों प्रसारित रमन के गोंठ को सुना। इसके साथ ही जिला पंचायत के सभाकक्ष के साथ ही शहर के गणमान्य नागरिक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्रगण बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित थे।
सरगुजावासियों ने की रमन के गोठ की सराहना
इस अवसर पर साहित्यकार श्री रंजीत सारथी ने ‘‘रमन के गोठ’’ की सराहना करते हुए कहा कि रमन के गोठ कार्यक्रम में विकास की बात कही जाती है, इसलिए गांव-गांव में पुरूष-महिला एवं बच्चे इस कार्यक्रम को बड़ी उत्साह से सुनते है। उन्होंने कहा कि खेती, किसानी और शिक्षा की भी बात बताई जाती है। जो छत्तीसगढ़ के विकास हेतु एक अच्छी पहल है। छात्र अजय गुप्ता ने कहा कि कृषि प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ में किसानों के हित की बात ‘‘रमन के गोठ’’ में की जाती है। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वज भी कृष थे। इसलिए वे जब भी मौका मिलेगा, किसानों को प्रोत्साहित करते रहेंगे। श्री गिरीश गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सभी वर्गो के विकास को दृष्टिगत रखकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेडियो कार्यक्रम में सर्व धर्म सम्भाव के साथ ही विश्व मृदा दिवस और छत्तीसगढ़ विकास की परिकल्पना को चरितार्थ करने के प्रयासों की जानकारी दी गई। यह प्रयास छत्तीसगढ़ के विकास में मिल का पत्थर साबित होगा।  

 

समाचार क्रमांक 2143 /2015    













 

Date: 
13 Dec 2015