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अम्बिकापुर : ‘‘रमन के गोठ’’ को कलेक्टर सहित अधिकारियों ने उत्साह से सुना : किसान अब 5 लाख रूपये तक ब्याज मुक्त अल्पकालिन कृषि ऋण ले सकेंगे

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अम्बिकापुर 10 जुलाई 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मासिक रेडियोवार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ की ग्यारहवीं कड़ी को आज सरगुजा जिले के जिला मुख्यालय अम्बिकापुर के जिला पंचायत के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री भीम सिंह सहित विभिन्न विभागंों के अधिकारियो ने सुना। इसके साथ ही सरगुजा जिले के ग्राम पंचायताों और गांव-गांव में भी रमन के गोठ को उत्साह से सुना गया।
 ‘‘रमन के गोठ’’ की ग्यारहवीं कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बताया कि किसानों हित में दो महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इनमें अल्पकालिन कृषि ऋण की सीमा 5 लाख रूपये बढा दी गई है, जिससे किसान ब्याज मुक्त कृषि ऋण लेकर खेती को अधिक फायदे मंद बना सकते हैं। इसके अलावा ब्याज अनुदान की पात्रता के लिए प्रति हेक्टेयर असिंचित भूमि पर 20 हजार रूपये और सिंचित भूमि पर 25 हजार रूपये की पूर्व प्रचलित सीमा को भी समाप्त कर दिया गया हैं, जिससे किसान आर्थिक रूप से सक्षम बनेंगे। उन्होंने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए बारिश का यह मौशम उनके लिए मंगलदायिक होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपीन की है। कि वे कृषि विभाग के अमले और कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर सही समय पर बोनी करें तथा खाद् बीज भी सही मात्रा में डाले । उन्होने किसानों से कहां है कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल होने खरीफ 2016 हेतु 31 जुलाई 2016 अंतिम तिथी है। इस योजना में बैंक एवं सोसायटी से ऋण लेने वाले किसान तथा ऋण नहीं लेने वाले और बटाईदार किसान भी दो प्रतिशत प्रीमियम की राशि जमा कर शामिल हो सकते है। क्षति के अनुसार 70 से 90 प्रतिशत तक मुआवजा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बच्चों के अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजे, नारी सशक्तीकरण की बनियाद शिक्षा है। बेटा एवं बेटी दोंनो को एक बराबर समझें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा प्रयोग स्थानीय स्तर पर शिक्षक शिक्षकाओं द्वारा किया जा रहा है और नयी जिम्मेदारीं के साथ बेहतर तरीके से  काम करने में जुटे हुए हैं। इन नवाचारों की चमत्कारी परिणाम आयें है। बच्चों के जीवन को संवारने में माता-पिता से अधिक भूमिका गुरू की होती है। उन्होंने कामना की है कि हमारा शिक्षक समुदाय गुरू शिष्य की गुरूकूल की परंपरा को अपना आदर्श बनायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ के युवकों को राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय स्तर की संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किया गया और राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान छत्तीसगढ में आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, एम्स, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, आईआईएम, स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अनूसुचित जाति-जनजाति एवं नक्सल हिंसा प्रभावित अंचलों के बच्चों को बेहतर शिक्षा हेतु प्रयास आवासीय संस्था खोली गई है जिनका हर साल लाभ मिल रहा है। प्रयास संस्था के 27 बच्चें सफल हुए है। देश के बडे प्रतिष्ठित इंजिनियरिंग शिक्षा संस्थानों में पढेंगे। इनमें बलरामपुर का सदाराम किसान परिवार से है। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्नातक तक निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ देश का ऐसा पहला राज्य है जिसनें कैशल विकास के प्रशिक्षण के लिए बकायदा कानून बनाया हैं, जिसके अन्तर्गत प्रदेश के 3 लाख युवाओं को विभिन्न रोजगार धंधो का हुनर सिखाया गया है। मुख्यमंत्री ने जनसामान्य से अपील की है कि वे पैसा दुगुना कर देने की लालच देने वाले लोंगो एवं संस्थाओं के बारे में पहले कलेक्टर कार्यालय में जाकर अच्छी तरह से पूछ-ताछ कर लें। उसके बाद हीं पैसा जमा करें। मुख्यमंत्री ने रथयात्रा की शुभकामनाएं और ईद-उल-फितर के लिए मुस्लिम भाई बहनों को मुबारकबाद दिया। उन्होंने कहा कि 19 जुलाई को पृथक छत्तीसगढ राज्य के स्वप्नदृष्टा डॉ. खूबचन्द्र बघेल का जन्म दिवस है। उन्होंने  डॉ बघेल को नमन करते हुए विश्वास दिलाया कि हम सब उनके अधूरे सपने को पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ’’रमन के गोठ’’ को जागरूक श्रोता बहुत ध्यान से सुन रहें और उनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने ने कहा कि सरगुंजा जिले की ग्राम खैरबार की सातवी कक्षा की छात्रा अपूर्वा दीक्षित ने बस्ते के बोझ के बारें में लिखा है। जिसके लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।


समाचार क्रमांक 1209/2016

 

Date: 
10 Jul 2016