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उत्तर बस्तर (कांकेर) : होली की शुभकामनाओं के साथ रमन के गोठ का 19वां प्रसारण ग्राम आलबेड़ा में सम्पन्न

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उत्तर बस्तर (कांकेर) 12 मार्च 2017

 रमन के गोठ की 19वीं कड़ी का आकाशवाणी से सीधा रेडियो प्रसारण जिले के कांकेर विकासखण्ड के ग्राम आलबेड़ा के ग्राम पंचायत भवन में सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने आज के अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम रमन के गोठ में श्रोताओं को रंगों के त्यौहार होली की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस महीने मनाए गए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का उल्लेेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने राज्य में महिलाओं की तरक्की और खुशहाली के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी और कहा कि छत्तीसगढ़ में ’नारी-शक्ति ’ अब ’महाशक्ति’ का रूप ले चुकी है। उन्होंने बताया कि सरस्वती साईकिल योजना, कन्या छात्रावास, पोटाकेबिन, कस्तूरबा विद्यालय, स्कूलों के उन्नयन आदि सुविधाओं के कारण राज्य के स्कूलों में 15 से 17 वर्ष आयु समूह की बेटियों की दर्ज संख्या 65 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हो गई है, स्कूलों में बेटियों की दर्ज संख्या के मामले में हम राष्ट्रीय औसत 84 प्रतिशत से काफी ऊपर और देश में 9वें स्थान पर हैं।
    मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के जन-जीवन में नारी-शक्ति के सम्मानजनक स्थान की चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम की माता कौशल्या का मायका है। इसलिए छत्तीसगढ़ की हर बेटी के भीतर माता कौशल्या जैसा जश और प्रताप है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां चंद्रहासिनी, मां महामाया और हर स्वरूप में आदिशक्ति देवियों के शक्तिपीठ और आस्था केन्द्रों की वजह से हमारे प्रदेश में नारी को सम्मान देने की अटूट परम्परा है। उन्होंने धमतरी की शतायू माता कुंवरबाई को स्वच्छ भारत मिशन में योगदान के लिए प्रधानमंत्री द्वारा चरण स्पर्श कर सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य की दो महिलाओं को राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। इनमें से पुलिस आरक्षक सुश्री स्मिता तांडी को राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के हाथों ’राष्ट्रीय नारी-शक्ति पुरस्कार’ और दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत चीचा (पाटन) की सरपंच सुश्री उत्तरा ठाकुर को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों ’स्वच्छ शक्ति पुरस्कार’ मिला है। उत्तरा दिव्यांग होने के बावजूद काफी सक्रिय हैं और उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत को ओडीएफ बनाने में बड़ा योगदान दिया है।
    लोक सुराज अभियान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमने गांवों के विकास के लिए जितनी भी योजनाएं बनाई, हर योजना की प्रेरणा हमने ग्राम सुराज और लोक सुराज अभियानों से ली है। पहले हमने ग्राम सुराज और नगर सुराज अभियान चलाया, अब दोनों को मिलाकर लोक सुराज अभियान चला रहे हैं। यह अभियान जनता से सीधे जुड़ने के साथ-साथ सुशासन का पहला कदम है। इसी से हमें सही दिशा मिलती है।
मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कहा कि इस बार का लोक सुराज अभियान तीन चरणों में हो रहा है। पहले चरण में 26 फरवरी से 28 फरवरी तक लोगों से आवेदन लिए जा चुके हैं अब दूसरे चरण में पूरे मार्च भर इन आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है और तीसरे चरण में आगामी तीन अप्रैल से 20 मई तक पूरे राज्य में समाधान शिविर लगाए जाएंगे, जहां इन आवेदनों पर की गई कार्रवाई के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही तीसरे चरण के दौरान नये आवेदन भी लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इस बार के लोक सुराज अभियान को ’समाधान पर्व’ बना दिया है, ताकि समाधान की मानसिकता सरकार के हर स्तर पर बनें, जनप्रतिनिधि और जनता भी समाधान की प्रक्रिया में शामिल हों और एक सकारात्मक वातावरण बन सके।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के तहत मैं पहले की तरह किसी भी दिन, किसी भी गांव और किसी भी जिले में अचानक पहुंचकर जनता से मुलाकात करूंगा, समाधान शिविरों में भी जाउंगा और रात को जिलों की समीक्षा भी करूंगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान सबसे कठिन गर्मी के मौसम में इसलिए आयोजित करते हैं, ताकि जनसुविधाओं और योजनाओं का जायजा इस मौसम में लिया जाए और बारिश के दिनों के लिए भी इंतजाम हो सके। साथ ही आगे की योजना भी बन जाए। उन्होंने बताया कि सभी मंत्री, मुख्य सचिव से लेकर सारे वरिष्ठ अधिकारी, विधायक, सांसद आदि जनप्रतिनिधि भी इस दौरान प्रदेश का दौरा करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने लोक सुराज अभियान में प्रदेशवासियों से सक्रिय सहयोग का आव्हान किया और उनसे समाधान शिविरों में आने तथा अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करने की भी अपील की।
    मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी रायपुर में ’सखी-वन स्टाप सेंटर’ की स्थापना के बाद राज्य के शेष सभी 26 जिलों में इनकी स्थापना की गई है। प्रदेश सरकार के आगामी वित्तीय वर्ष 2017-18 के बजट में महिलाओं के लिए किए गए प्रावधानों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि बालोद और कोण्डागांव में 100 बिस्तरों का और कटघोरा, गौरेला, नगरी और पंडरिया में 50 बिस्तरों का मातृ-शिशु क्लिनिक खोला जाएगा। आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार के लिए 514 करोड़ रूपए और एकीकृत बाल विकास सेवाओं के लिए 582 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबला योजना, एकीकृत बाल संरक्षण योजना, मुख्यमंत्री अमृत योजना, महतारी जतन योजना और नोनी सुरक्षा योजना सहित विभिन्न योजनाओं के लिए किए गए बजट प्रावधानों का भरपूर लाभ महिलाओं को मिलने की बात कही।
डॉ. रमन सिंह ने श्रोताओं को बताया-प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत राज्य की नौ लाख महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन देकर उन्हें धुएं और कालिख से आजादी दिला दी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के ग्राम केड़िआमा (विकासखण्ड-छुरा) के अपने हाल ही के दौरे की एक रोचक घटना को भी याद किया। उन्होंने बताया कि इस गांव में नंदिनी नामक गृहणी को रसोई गैस कनेक्शन मिला है। उन्होंने मुझे पांच मिनट में चाय बनाकर पिला दी। उनकी चाय पीकर मुझे जो स्वाद और आनंद आया, उसकी तुलना मैं किसी फाईव-स्टार होटल की चाय से भी नहीं कर सकता। इतना ही नहीं बल्कि नंदिनी ने जिस अंदाज में रसोई गैस से चाय बनने की तारीफ की, छत्तीसगढ़ी भाषा में उन्होंने मुझसे कहा-’भक्क ले जलथे अउ झट ले बनथे।’ यह उनके लिए खुशी का पल था।
डॉ. सिंह ने ’रमन के गोठ ’ में राज्य सरकार के नये बजट में शामिल संचार क्रांति योजना (स्काई) में 45 लाख स्मार्ट फोन बांटने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने राज्य में शुरू होने वाली ’डायल-112’ योजना की भी जानकारी दी और बताया कि किसी भी दुर्घटना के समय घायल या संकटग्रस्त व्यक्ति की मदद के लिए यह सेवा एक क्रांतिकारी कदम है, जो हमारी पुलिस व्यवस्था का काया-कल्प कर देगी। इसमें रिस्पांस-टाईम के साथ पारदर्शिता, जिम्मेदारी, मदद और राहत के प्रावधान पुलिसिंग को आधुनिक दिशा देंगे। पुलिस फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस जैसी तत्काल मदद की जरूरत पड़ने पर एक ही नम्बर 112 डायल किया जा सकता है। नई प्रौद्योगिकी, नेटवर्किंग और प्रबंधन का उपयोग करते हुए हम डायल-112 योजना शुरू कर रहे हैं, ताकि शहरी इलाकों में दस मिनट के भीतर और ग्रामीण क्षेत्रों में 30मिनट के भीतर मदद पहुंचाई जा सके। इस नम्बर को डायल करते ही राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में तुरंत एक्शन चालू हो जाएगा। इसके लिए जीपीएस युक्त 240 वाहनों और 50 मोटरसाईकिलों का नेटवर्क होगा। इस योजना के प्रथम चरण में 11 जिलों-रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, महासमुन्द, बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा और सरगुजा सहित जगदलपुर शहर को लिया जा रहा है। इसके लिए इस वर्ष 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।    
प्रतिक्रियाएं-
प्रतिक्रियाः-
लेखराम सलाम ने अपने प्रतिक्रिया में कहा कि आज रमन के गोठ में छत्तीसगढ़ को एक देवी देवता नारी शक्ति प्रधान जब तक ग्रामीण नारी अपने अधिकार के प्रति जागरूक और घर से बहर नही निकले तब तक अपनी विकास नही कर सकती।
सुरेश कुमार मण्डावी होली में पेड़ पौधों कटने का प्रतिबंध करना चाहिए और स्वस्थ्य सुविधा हेतु 112 के बारे में भी बताया जो महत्वपूर्ण प्रतीत होता है। श्रीमती तिजाय सलाम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में माता कौशिल्या जैसे माता होगी वह परिवार मान सम्मान मार्यादा दया धर्म भाव जरूरी होगी।
    इस अवसर पर सरपंच आलबेड़ा रामेश्वर सलाम, उप सरपंच तिजाय सलाम, ठाकुर राम सलाम, लेखराम सलाम, भुमिका कुरेटी, संकला बघेल, सुकली सलाम, मनोहर सलाम, संयुक्त कलेक्टर सीएस परगनिहा, डिप्टी कलेक्टर रामसिंह ठाकुर, जनपद सीईओ गोवर्धन गजबल्ला, करारोपण अधिकारी संतोष कौशिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

क्र/3446/संत
 

Date: 
12 Mar 2017