Home कोण्डगांव : जिले के ओडीएफ ग्राम निराछिन्दली में हुआ रमन के गोठ की बारहवीं कड़ी का प्रसारण : मुख्यमंत्री ने रमन के गोठ में बस्तर के अमर शहीदों को भी याद किया

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कोण्डगांव : जिले के ओडीएफ ग्राम निराछिन्दली में हुआ रमन के गोठ की बारहवीं कड़ी का प्रसारण : मुख्यमंत्री ने रमन के गोठ में बस्तर के अमर शहीदों को भी याद किया

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कोण्डगांव 14 अगस्त 2016

दिनांक 14 अगस्त 2016 को रमन के गोठ की बारहवीं कड़ी का प्रसारण जिले के विभिन्न स्थानों में किया गया। इसके अंतर्गत जिला कलेक्टर श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी के निर्देशानुसार केशकाल विकासखण्ड के खुले में शौचमुक्त घोषित किए गए ग्राम निराछिन्दली में भी प्रसारण का विशेष आयोजन किया गया था। इस अवसर पर प्रसारण को सुनने के लिए ग्रामवासियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। अपने प्रसारण में मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने सर्वप्रथम प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दिया और प्रदेश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों के महत्वपूर्ण योगदान के संबंध में बताते हुए कहा कि फिरंगियों के अन्याय और अत्याचार के खिलाफ 1857 में जो आक्रोश का प्रस्फुटन हुआ था, उसकी पहल छ0ग0 में 1824 में ही हो गई थी। अबूझमाड़ के परलकोट के रहने वाले वीर गेंदसिंह ने वनवासियों को छापामार युद्ध की कला सिखाई। जब अंग्रेजों को इसकी भनक लगी तो उन्हे गिरफ्तार कर 10 जनवरी 1825 को परलकोट महल के सामने फांसी दी गई। इस क्रम में 1856 में सोनाखान के सपूत नारायण सिंह ने भी अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाया और अकाल के समय अनाज के गोदामों पर हमला करके सारा अनाज जनता को बांट दिया। उन्हे भी 19 दिसम्बर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक में फांसी दी गई। इस प्रकार छ0ग0 में पूर्व से ही अंग्रेजों के खिलाफ असंतोष पनप रहा था। अपने संबेाधन में मुख्यमंत्री ने संबंलपुर के वीर सेनानी सुरेन्द्र साय, वीर गुण्डाधूर और पंडित रविशंकर शुक्ल, वामनराव लाखे, डॉ खूबचंद बघेल, इन्द्रु केंवट, डॉ राधाबाई मिनिमाता, लाला कालिन्द्र सिंग, राव साहेब दानी जैसे कई स्वतंत्रता सेनानियों के भी योगदान को स्मरण किया। इस प्रसारण में मुख्यमंत्री ने श्रोताओं के आर्शीवाद, सहयोग और सुझाव के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि शासन के प्रयासों से छ0ग0 के आदिवासी बहुल अंचलों में काफी विकास हुआ है। राज्य सरकार ने शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सकारात्मक प्रयास किए हैं। इसके फलस्वरूप नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी सरकार को सफलता मिल रही है। बस्तर बटालियन के गठन के विषय में उन्होने बताया कि पहले आदिवासी अंचल के निवासियों को कुछ मापदण्डों के कारण सुरक्षा बलों में स्थान नही मिल पाता था। अतः अब बस्तर बटालियन के गठन हेतु ऐसे मापदण्डों को शिथिल किया गया है। इस बटालियन में बस्तर संभाग के 4 जिलों बीजापुर, दण्तेवाड़ा, नारायणपुर तथा सुकमा के 744 स्थानीय युवाओं की भर्ती होगी। जिससे अब स्थानीय नौजवान अपने परंपरागत शौर्य के इतिहास को दोहरायेंगे।
    ग्राम निराछिन्दली के ग्राम पंचायत भवन में मुख्यमंत्री को सुनने आये ग्रामीणों में से एक 65 वर्षीय मंगल राम राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रसारण को सुनना घर के किसी अपने सदस्य को सुनने जैसा लगता है क्योंकि वे जिस सहजता एवं अपनत्व की भावना से अपनी बात रखते हैं वह दिल को छू जाता है। कुछ इसी प्रकार की प्रतिक्रिया एक अन्य ग्रामीण सुन्दरू राम नेताम ने भी दी।
    इस अवसर पर ग्राम निराछिन्दली की सरपंच 24 वर्षीय श्रीमती नर्मदा नेताम ने बताया कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर हमने अपने ग्राम को शौचमुक्त ग्राम बनाने का बीड़ा उठाया था। जिसका फल हमें ग्राम निराछिन्दली को खुले में शौचमुक्त ग्राम घोषित करवाकर मिला। यह उनके गांव के लिए गौरव का विषय है। अब गांव में सभी ग्रामीण शौचालय के महत्व को समझने लगे हैं।
    इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बड़ेराजपुर आर.बी.ध्रुव, ग्राम सचिव आशाराम मरकाम और स्वसहायता समूह की महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
क्रमांक/1372/रंजीत

 

Date: 
14 Aug 2016