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कोण्डागांव : आकाशवाणी से ‘‘रमन के गोठ‘‘ की 18वीं कड़ी

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ओडीएफ ग्राम पंचायत बोरगांव के श्रोताओं ने सुनी अपने मुख्यमंत्री की बात
ग्राम की 3 छात्राओं का चयन हुआ राज्य स्तरीय हॉफ मैराथन दौड़ में
नवाचार के कार्यो को प्राथमिकता देने का आग्रह किया मुख्यमंत्री ने 
अब तेन्दुपत्ता संग्राहको को मिलेगा 1800 रुपये मानक बोरा
 
कोण्डागांव 12 फरवरी 2017
आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ‘‘ की 18वीं कड़ी का प्रसारण दिनांक 12 फरवरी 2017 को सवेरे 10ः45 से 11ः05 तक किया गया। इस परिप्रेक्ष्य में जिले के ओडीएफ ग्राम पंचायत बोरगांव में भी ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री की मासिक वार्ता को ध्यान से सुना। प्रसारित रेडियो वार्ता में प्रदेश के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने मुख्यतः जल संरक्षण, परीक्षाओं में बच्चों को तनाव मुक्त रखने, तालाबों को संरक्षित रखने के लिए वैटलेण्ड प्राधिकरण की स्थापना, नवाचारों को प्राथमिकता, तेन्दुपत्ता पारिश्रमिक में वृद्धि जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। 
उन्होंने श्रोताओं को बताया कि छत्तीसगढ़ के तालाबों का ऐतिहासिक,आर्थिक एवं धार्मिक महत्व सर्वविदित है, जलाशयों से स्थानीय आबादी की आस्था के साथ-साथ उनकी आजीविका का प्रश्न भी जुड़ता है। इस प्रकार तालाबों के महत्व को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा वैटलेण्ड प्राधिकरण का गठन किया गया है। वैटलेण्ड का अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि तालाबों के विस्तार में जो भूमि पानी में लंबे समय तक डूबी रहती है उसे नम भूमि कहा जाता है। इसका आर्थिक एवं सामाजिक महत्व रहता है अतः ऐसी भूमियों को संरक्षण किया जायेगा। आगामी ग्रीष्म ऋतु के मद्देनजर सभी जलाशयों के विशेष संरक्षण पर कार्य योजना बनाई जाना चाहिए ताकि इसका लाभ किसी एक मौसम में नहीं बल्कि साल भर मिल सके। इस संदर्भ में उन्होंने रतनपुर के 160 तालाब, दलपत सागर जैसे जलाशयों का भी उल्लेख किया।
माननीय मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं के विषय में चर्चा करते हुए बताया कि ऐसे समय में छात्र-छात्राओं को तनाव मुक्त रहने की सर्वाधिक आवश्यकता रहती है। इसके लिए छात्रों को पढ़ाई के बीच हल्का-फूल्का व्यायाम एवं योगाभ्यास करने के साथ ही अभिभावकों द्वारा अपने बच्चों के प्रति सहयोगात्मक एवं स्नेहपूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए। अपने रेडियो प्रसारण में डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ में हो रहे विभिन्न नवाचारों का विशेष रुप से जिक्र करते हुए कहा कि नवाचारों के कारण ही छत्तीसगढ़ को पहचान और प्रतिष्ठा मिली है और अधिकारियों को भी नवाचार करने के लिए प्रेरित किया गया है। इस क्रम में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, रेललाईन के विस्तार, हमर छत्तीसगढ़ योजना, सौर सुजला योजना और लाईवलीहुड कॉलेज जैसे अनेक कार्य नवाचार की ही देन है। तेन्दुपत्ता संग्राहको के पारिश्रमिक में वृद्धि की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्राहको को तेरह साल पहले मात्र 350 रुपया प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक मिलता था, जिसे क्रमश बढ़ाते हुए नए सीजन में उनका पारिश्रमिक दर 1800 रुपये प्रति मानक बोरा कर दिया गया है। इस प्रकार प्रदेश के संग्राहको को अब पूर्व से 5 गुना अधिक पारिश्रमिक प्राप्त होगा। इसी प्रकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का मासिक मानदेय 15000 रुपये से बढ़ाकर 25000 रुपये कर दी गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के ग्राम रसेला की महिला स्व-सहायता समूह द्वारा सीएफएल बल्ब बनाने की विशेष सराहना करते हुए कहा कि वनांचल की इन महिलाओं का कार्य देखकर सभी को हैरानी होगी, क्योंकि इन महिलाओं ने सीएफएल बल्ब बनाकर पूरी वारंटी के साथ इसका विक्रय किया है और उन्हें अच्छी आमदनी भी हो रही है।
रमन के गोठ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नये रायपुर में पहली बार हॉफ मैराथन दौड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि दिनांक 19 फरवरी को होने वाले इस मैराथन दौड़ के अलावा 10, 5, 3, 2 और 1 कि.मी. की दौड़ भी आयोजित की जा रही है। हॉफ मैराथन दौड़ 13 समूहों में होगी जिसमें कुल 30 लाख रुपये के पुरस्कार दिए जायेंगे। इस दौड़ में राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगियों के साथ-साथ बालक-बालिका वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग वर्ग भी बनाये गए है। इसके पूर्व रेडियो वार्ता की शुरुवात में उन्होंने राजीव महाकुम्भ, महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं श्रोताओं को दी। 
मुख्यमंत्री की इस रेडियो वार्ता को सुनने के लिए ग्राम पंचायत बोरगांव के माध्यमिक स्कूल के प्रागंण में ग्रामीणों की भारी भीड़ उपस्थित थी। गौरतलब है कि 1183 आबादी वाला ग्राम पंचायत बोरगांव वर्ष 2015 में ही जिले का पहला ओडीएफ ग्राम पंचायत घोषित किया जा चुका है। स्वच्छता के मद्देनजर ग्राम पंचायत ने सर्व सम्मति से प्रस्ताव द्वारा ग्राम के सार्वजनिक जगहों यथा आंगनबाड़ी, शालाओं, बाजार केन्द्रो में स्वच्छता मतदान पेटी लगवाने की पहल की है। इस पेटी में शौचालय होने के बावजूद शौच हेतु बाहर जाने वाले ग्रामीणों का नाम पर्ची में लिखकर डालने की व्यवस्था की गई है, जिस व्यक्ति के नाम पर सर्वाधिक पर्ची होती है उसे पंचायत द्वारा तलब किया जाता है। इस प्रकार इस जागरुक ग्राम पंचायत द्वारा स्वच्छता को समुदाय से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सुश्री योगिता देवांगन ने लोगो को शौचालय का अधिक से अधिक उपयोग का आग्रह करते हुए कहा कि ग्राम बोरगांव को जिले का पहला खुले में शौचमुक्त ग्राम होने का गौरव प्राप्त है। इस उपलब्धि के लिए ग्रामवासी साधुवाद के पात्र है। इस गौरव को बरकरार रखने के लिए ग्रामवासी सतत् प्रयास करे ताकि अन्य ग्राम पंचायते इससे प्रेरणा ले सके। ज्ञात हो कि शासन द्वारा ऐसी ग्राम पंचायत को 5 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा भी की गई है। इस प्रकार खुले में शौच मुक्त ग्रामों में विकास की अधिकाधिक योजनाएं भी स्वीकृत की जायेगी। इस दौरान आगामी 19 फरवरी को रायपुर में होने वाले हॉफ मैराथन दौड में ग्राम की ही चयनित तीन बालिकाओं कुमारी रीना, कुमबती, नीलवती की ग्रामवासियों के समक्ष विशेष रुप से सराहना किया गया। इस मौके पर सरपंच सामनाथ, नोडल अधिकारी आर.एस.कोर्राम, सी.एस.धुर्वा, मेघनाथ मरकाम, प्रमोद सॉव, लेवेन्द्र गौतम, नवीन ध्रुव एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
 
क्रमांक/1728/रंजीत/
Date: 
12 Feb 2017