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कोरबा : महिला सशक्तिकरण के लिए छत्तीसगढ़ में उठाये गये हैं अनेक कदम-मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह

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कलेक्टर ने किया एकलव्य आवासीय विद्यालय में रमन के गोठ का श्रवण

कोरबा 13 मार्च 16

मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने आज 10.45 से 11 बजे तक आकाशवाणी सहित सभी एफएम रेडियो, आईबीसी 24, ईटीव्ही, इंडिया न्यूज, साधना न्यूज, बंसल न्यूज, स्वराज एक्सप्रेस टीवी चैनल से ’’रमन के गोठ’’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के सभी नागरिकों को सीधे संबोधित करते हुये शासन की विभिन्न योजनाओं व विकास गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने आज आकाशवाणी से अपने मासिक प्रसारण ’’रमन के गोठ’’ की सातवीं कड़ी में कहा कि आज से कुछ दिन पहले 8 मार्च को ‘‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’’ मनाया गया। हम इस अवसर पर समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।

    उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए छत्तीसगढ़ ने अनेक कदम उठाए हैं, जिसमें पंचायत चुनावों में 50 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण देना भी शामिल है, जिसके कारण प्रदेश की पंचायतों में बड़ी संख्या में महिला पंच, सरपंच कार्यरत् हैं। प्रदेश की राशन दुकानों, मध्यान्ह भोजन योजना, आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन, गणवेश वितरण आदि में महिलाओं के स्वसहायता समूहों की भागीदारी है, जिससे माताओं की ममता और जतन का लाभ इन योजनाओं को मिल रहा है। बेटियों को कक्षा पहली से लेकर कॉलेज स्तर तक की निःशुल्क शिक्षा देने का प्रावधान किया गया है। सरकारी इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेज में भी गरीब की बेटियांे को निःशुल्क शिक्षा देने की व्यवस्था है।  हाई स्कूल में पढ़ने वाली बेटियों के लिए ’निःशुल्क सरस्वती साईकिल योजना लागू की गई है, जिसका लाभ हमारी बेटियां उठा रही हैं। हमने गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना संचालित की है जिसमें सामान्य विवाह पर 15 हजार और विधवा विवाह पर 30 हजार रूपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि  “जन औषधि केंद्र” प्रारंभ करने की पहल को देश में छत्तीसगढ़ ने सबसे पहले लागू किया। इस योजना के अंतर्गत ‘जेनेरिक दवाईयों’ के विक्रय हेतु जन औषधि केंद्र खोलने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र हर नागरिक के जीवन का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। शासन की किसी भी योजना का लाभ लेने में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ती है।  पूरे प्रदेश के ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों, नगर-निगम, नगर-पालिका, समस्त शासकीय अस्पताल इन सभी संस्थाओं में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र मुफ्त में बनाया जाता है। उन्होंने अपील की कि ‘‘जन्म-मृत्यु’’ का पंजीयन अवश्य करावें।

        उन्होंने कहा कि इस वर्ष नया शैक्षणिक सत्र 1 अपै्रल 2016 से प्रारंभ होगा तथा 13 अप्रैल तक राज्य के समस्त शालाओं में शाला प्रवेश उत्सव‘ आयोजित होगा। इस दौरान हम यह सुनिश्चित करें कि शाला जाने योग्य बच्चे, जो 6 वर्ष से अधिक उम्र के है, वे शाला प्रवेश से वंचित न रहे।

उन्होंने छात्र-छात्राओं को परीक्षा में असफलता से निराश नहीं होने की सीख देते हुए कहा कि पढ़ाई में यदि नम्बर कम आये हैं, एक विषय में यदि आप पीछे भी रह गये तो जीवन के सारे सफलता के दरवाजे बंद नहीं होने वाले हैं। आत्मविश्वास के साथ आप आगे बढ़ें। जीवन में सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने जिन्होनें दुनिया में अपना नाम कमाया, कहीं न कहीं, कभी न कभी असफल जरूर हुए थे। असफलता हमें सफलता की नई मंजिल की ओर जाने का आत्मविश्वास देती है। आप डरे नहीं, संकोच न करे, मन में हीन भावना न लाए, आने वाली पढ़ाई की तैयारी  करें। 

       उन्होंने कहा कि मैं आप सबसे एक बात और कहना चाहता हूॅ, कि आपको कोई शिकायत हो, कोई संदेह हो आपके पेपर और आपके नम्बर के संबंध में यदि आपको लगता है, आपके साथ बेइंसाफी हुई है, तो आप मुझसे सीधे संपर्क कर सकते हैं।

कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ ने एकलव्य आवासीय विद्यालय छुरी में किया रमन के गोठ कार्यक्रम का श्रवण- कलेक्टर पी.दयानंद एवं जिला पंचायत सीईओ विलास संदीपान भोस्कर ने एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों के साथ रमन के गोठ कार्यक्रम का श्रवण किया। कलेक्टर ने बच्चों से वार्तालाप करते हुए बच्चों को असफलता से निराश न होकर अपनी गलतियों से सीख लेते हुए जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को सफलता के लिए कठिन परिश्रम करना चाहिए। परंतु जीवन में किसी प्रकार की असफलता मिले तो घबराना नहीं चाहिए और न ही निराश होना चाहिए बल्कि अपनी गलतियों से सबक लेते हुए पुनः दुगुनी मेहनत से बिना आत्मविश्वास खोये सफलता के लिए प्रयास करना चाहिए।

    जिला पंचायत सीईओ विलास संदीपान भोस्कर ने अपने उद्बोधन में बच्चों को कछुए और खरगोश की कहानी के माध्यम से सफलता के लिए सतत् रूप से व नये-नये तरीकों से प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

   इस अवसर पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीकांत दुबे सहित एकलव्य आवासीय परिसर के शिक्षकगण व विद्यार्थी उपस्थित थे।

क्रमांक 1710/तंबोली/

Date: 
13 Mar 2016