Homeकोरबा : विशेष लेख : रेडियो पर रमन का गोठ सुन, सुख की अनुभूति करता है सुख सिंह

Secondary links

Search

कोरबा : विशेष लेख : रेडियो पर रमन का गोठ सुन, सुख की अनुभूति करता है सुख सिंह

Printer-friendly versionSend to friend

कोरबा 14 फरवरी 2016

जब से आकाशवाणी केंद्र रायपुर से रेडियो पर रमन का गोठ प्रसारित होना शुरू हुआ है, शहर से लेकर गांव के चौपालों में बड़े-बुजुर्गों के बीच अपनी गोठ-बातचीत के साथ मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की चर्चा भी होने लगी है। शहर से लगभग 100 किलोमीटर दूर पोंड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत पाली के अन्तर्गत आने वाले सीमावर्ती ग्राम  सरोटियामुड़ा के सत्तर वर्षीय सुखराम सिंह आधुनिक दृश्य माध्यम से दूर श्रव्य माध्यम रेडियो का उपयोग मनोरंजन के लिए करता है। कभी हाथ में रेडियो उठाये, कभी कंधे में तो कभी खेतों के मेड़ में अपने साथ रेडियो को रखने और साथ लेकर चलने वाला सुखराम सिंह ने जब से आकाशवाणी केंद्र रायपुर से रमन का गोठ सुना है, बत से हर माह के दूसरे रविवार का इंतजार बेसब्री से करता है। सुखराम को अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री की बात रेडियो पर सुनकर अपनापन तो लगता ही है, शहर की चकाचौंध से कोसों दूर सुखराम जब मुख्यमंत्री अपनी गोठ में ग्रामीणों, किसानों का जिक्र करते हैं तो एक अलग सुख की अनुभूति महसूस करता है।
    सीमावर्ती ग्राम दर्रीपारा सरोटियामुड़ा के सुखराम सिंह ने बताया कि उनके गांव में एक-दूसरे के घर दूर-दूर तक फेले हैं। सभी के पास आना-जाना रोजाना तो नहीं हो पाता, लेकिन जब भी वक्त मिलता है कुछ मित्रों, परिजनों के पास आते-जाते हैं। इस दौरान आने-आने के दौरान रेडियो भी साथ होता है। खाली समय में रेडियो में प्रसारित कार्यक्रम मनोरंजन का जरिया होता है। सुखराम ने बताया कि रायपुर से प्रसारित कार्यक्रम में चौपाल, किसानों से संबंधित कार्यक्रम सुनने के अलावा विविध भारती, समाचार भी नियमित सुनता है। जब से रमन के गोठ का कार्यक्रम का प्रसारण प्रारंभ हुआ है, उसे मालूम होते ही कार्यक्रम सुनना शुरू कर दिया है। ग्रामीण सुखराम ने रमन के गोठ की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे जैसे दूरस्थ ग्रामों में बड़े अधिकारियों, मंत्रियों का आना अचानक और कभ-कभार ही होता है। ऐसे में मुख्यमंत्री का प्रति माह कार्यक्रम और ग्रामीणों के दुख-सुख की बात, चर्चा से ऐसा लगता है कि वे हमें देख रहे हैं और  हमसे ही बात कर रहे हैं। उन्हें सुनकर अच्छा तो लगता ही है साथ ही हर बार प्रदेश के संबंध में कुछ नया जानने का मौका भी मिलता है। सुखराम सिंह ने बताया कि रमन के गोठ कार्यक्रम की जानकारी होने के बाद उनके परिवार के अन्य सदस्य, नाती-पोते भी इसे सुनने में दिलचस्पी लेते हैं।


क्रमांक 1569/कमलज्योति

Date: 
14 Feb 2016