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गरियाबंद : उत्साहपूर्वक सुना गया ‘‘रमन के गोठ’’ : ग्राम उदय से भारत उदय अभियान, भू-जल संरक्षण, स्कूलों में सामाजिक अंकेक्षण पर रहा केन्द्रित

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गरियाबंद 10 अप्रैल 2016

 

प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को प्रसारित होने वाले ’’रमन के गोठ’’ के प्रसारण को आज जिले भर में उत्साहपूर्वक सुना गया। बच्चे, बुजुर्ग सभी ने इस मासिक प्रसारण को उत्साहपूर्वक सुना। इस प्रसारण की आठवीं कड़ी को सुनने के लिए जिले में समुचित व्यवस्था की गई थी। जिला स्तरीय कार्यक्रम जिले के प्रसिद्व पर्यटन स्थल भूतेश्वरनाथ के नजदीक गरियाबंद विकासखण्ड के ग्राम पारागांव में आयोजित किया गया था, जहॉ पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप मिश्रा, गरियाबंद तहसीलदार श्री धुर्वा, जनपद सीईओ एस बनर्जी, सरपंच श्रीमती उवर्शी नेताम सहित आसपास के ग्रामीण शामिल होकर इस कार्यक्रम को उत्साहपूर्वक सुना।   
        मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अपनी आठवीं रेडियो प्रसारण में छत्तीसगढ़ वासियों को नवरात्रि की बधाई देते हुए कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों में नवरात्रि के अवसर पर शक्ति की देवी की पूजा, जसगीत के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश के शक्तिपीठों का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों को बधाई दी। साथ ही 15 अप्रैल रामनवमी और 19 अप्रैल महावीर जयंती की भी प्रदेशवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ सिंह ने रेडियोवार्ता में बताया कि 14 अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 125वीं जयंती मनायी जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शी सिद्धांत ’’शिक्षित बनो, संगठित हो और संघर्ष करो’’ को लेकर चलना होगा तभी देश आगे बढ़ेगा। डॉ. सिंह ने 14 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चलने वाले प्रदेशव्यापी ग्राम उदय से भारत उदय अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि 14 से 24 अप्रैल के मध्य तीन चरणों में कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। प्रथम चरण में 14 से 16 अप्रैल तक सामाजिक समरसता कार्यक्रम, द्वितीय चरण में 17 से 20 अपै्रल तक किसान सभा और तृतीय चरण में 21 से 24 अप्रैल तक विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया जायेगा। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी समस्त पंचायतों को सम्बोधित भी करेंगे।
         मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने अपने मासिक रेडियो वार्ता में कहा कि एक अप्रैल से नया शैक्षिणक सत्र शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव के दौरान बच्चों में गजब का आत्मविश्वास को देखने का अवसर मिला। साथ ही बताया कि स्कूली बच्चों को सभी विषयों का पाठ्यपुस्तक निःशुल्क वितरित किया गया है। पिछले वर्ष शिक्षा गुणवत्ता अभियान की भॉति इस वर्ष भी 14 अप्रैल डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती से शालाओं में सामाजिक अंकेक्षण की शुरूआत की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान में माताओं को भी शामिल किया जायेगा, इससे शाला प्रबंधन समिति को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बच्चों से गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए साफ पेयजल पीने, अच्छा खाने और हमेशा अपने साथ पानी रखने की समझाईश दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डायरिया, पीलिया के बचाव के लिए ज्यादा और साफ पानी पिये। उन्होंने स्वास्थ्य परामर्श के लिए 104 टोलफ्री नम्बर डायल करने भी कहा। डॉ सिंह ने नागरिकों से भू-जल संरक्षण अभियान के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि अविवेकपूर्ण और अत्यधिक जल के दोहन करने से भूजल सुख गये हैं। श्री सिंह ने गर्मी में धान की खेती में लगनेे वाले जल की अत्यधिक मात्रा के बारे में बताया, साथ ही बताया कि सिंचाई के लिए भू-जल दोहन के कारण पानी में फ्लोराईड की अत्यधिक मात्रा बढ़ जाती है। उन्होंने भू-जल संवर्धन के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के तहत संरचना बनाने के लिए भी सलाह दी। आगामी रेडियो प्रसारण 08 मई को किया जायेगा।
अपर कलेक्टर ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

     अपर कलेक्टर श्री प्रदीप मिश्रा ने इस अवसर पर चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने ग्राम में शाला प्रवेश, मध्यान्ह भोजन , राशन दुकान, पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। श्री मिश्रा ने कहा कि सूखा प्रभावित क्षेत्र होने के कारण बच्चों को यहां गर्मी में भी मध्यान्ह भोजन दिया जायेगा। बच्चों को लू न लगे इसलिए शिक्षकों को सुविधानुसार समय का चयन करने निर्देशित किया गया। उन्होंने ग्रामीणों से राशन के संबंध में भी जानकारी ली। मीडिल स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि शाला में पेयजल की समस्या है। अपर कलेक्टर ने इसके समाधान के लिए जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिये। श्री मिश्रा ने ग्रामीणों को संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए जोर दिया। उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम डोंगरीगांव में भी पेयजल की समस्या है। अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया है। बताया गया कि राष्ट्रीय पंचायत दिवस के उपलक्ष्य में 20 से 24 अप्रैल के मध्य सामुहिक श्रमदान से जलस्त्रोतों एवं तालाबों की साफ-सफाई भी किया जायेगा। ग्राम के कम से कम एक तालाब या जलस्त्रोत का चयन करने ग्रामीणों से कहा गया।  


समाचार क्रमांक - 247/ पोषण-सुरेन्द्र/
 

Date: 
10 Apr 2016