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गरियाबंद : कैशलेस ट्रांजेक्शन को अपनाने मुख्यमंत्री ने किया अपील

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धान खरीदी पर किसानों को 53 हजार करोड़ रूपए का हुआ भुगतान

गरियाबंद 11 दिसम्बर 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ के सोलहवीं कड़ी का प्रसारण आज राज्य के सभी आकाशवाणी और दूरदर्शन केन्द्रों से एक साथ किया गया, जिसे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों ने बड़े उत्साह के साथ सुना। फिंगेश्वर विकासखण्ड के ग्राम श्यामनगर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां कलेक्टर श्रुति सिंह संयुक्त कलेक्टर ओ.पी. कोसरिया, गरियाबंद के अनुविभागीय अधिकारी एन.सी. नैरोजी, फिंगेश्वर के सी.ई.ओ. श्री वर्मा एवं राजिम तहसीलदार, जिला पंचायत सदस्य यामिनी साहू, जनपद सदस्य भुनेश्वरी साहू, सरपंच नीरा साहू सहित ग्रामीणों ने रमन के गोठ के प्रसारण को उत्साहपूर्वक सुना।
मुख्यमंत्री ने अपने मासिक रेडियो वार्ता में कहा कि जनता के प्यार, सहयोग, समर्थन और मार्गदर्शन से ही मैं इस काबिल बन सका कि बड़े निर्णय ले सकूं। जनता ने ही मुझे बड़े निर्णय लेने और उनके क्रियान्वयन की ताकत दी।    
    ‘रमन के गोठ’ में मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कैशलेस समाज बनाने के आव्हान की चर्चा करते हुए उन्हें दृढ़ संकल्पित और दूरदर्शी प्रधानमंत्री बताया। उन्होंने कहा - भ्रष्टाचार, आतंकवाद और महंगाई जैसी बड़ी समस्याओं की जड़ काला धन है। इसलिए प्रधानमंत्री ने काले धन के खिलाफ सीधी लड़ाई छेड़ दी है। डॉ. सिंह ने विमुद्रीकरण के विकल्प के रूप में नकदी रहित लेनदेन (कैशलेस ट्रांजेक्शन) के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की जनता को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब सभी लोग कार्ड या इंटरनेट के माध्यम से लेन-देन करने लगेंगे तब करेंसी नोटों को अपनी जेब में लेकर घूमने की समस्या ही समाप्त हो जाएगी और ‘नगद - विहीन समाज अथवा कैशलेस सोसायटी का निर्माण होगा और नगदी का भी दुरूपयोग रूकेगा।  
    डॉ. सिंह ने आज की अपनी रेडियो वार्ता में राज्य सरकार की उन योजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया जिनसे गरीबों, महिलाओं, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों के जीवन में परिवर्तन आया है। उन्होंने अपनी सरकार के विगत तेरह वर्षों की प्रमुख योजनाओं और उपलब्धियों का भी ब्यौरा दिया। डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत 58 लाख 80 हजार परिवारों के लिए चावल, नमक और चना वितरण की योजना और किसानों को खेती के लिए ब्याज मुक्त ऋण सुविधा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा राज्य के किसानों को पहले खेती के लिए 14 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था, अब उन्हें शून्य ब्याज पर ऋण मिल रहा है। यह किसानों के लिए बड़ी राहत है। इसके फलस्वरूप कृषि ऋणों का वितरण 150 करोड़ रूपए से बढ़कर लगभग तीन हजार करोड़ तक पहुंच गया है।  मुख्यमंत्री ने कहा - समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी हमारी तीसरी बड़ी योजना है। विगत तेरह साल में पांच करोड़ 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कर किसानों को 53 हजार करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना से हजारों बच्चों के हृदय के ऑपरेशन हुए है और आज वे सुरक्षित जीवन जी रहे हैं एवं उनके चेहरों पर मुस्कान है। डॉ. सिंह ने कहा टोल फ्री नम्बर 102 पर आधारित महतारी एक्सप्रेस और 108 पर आधारित संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस के जरिये लाखों परिवारों को सुरक्षा मिली है। लोगों को सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों से बचाया गया है। उन्होंने कहा कि वनवासी परिवारों के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण के पारिश्रमिक दरों में वृद्धि की गई है। वर्ष 2003 में उन्हें 350 रूपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक मिलता था, जिसे बढ़ाकर 1500 रूपए कर दिया गया है, पिछले तेरह साल में तेन्दूपत्ता संग्रहण पर लगभग 2600 करोड़ रूपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) वितरित किया गया है। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि इमली, चिरौंजी गुठली, महुआ, लाख और साल बीज की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। उन्हें 71 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। डॉ. सिंह ने 13 लाख तेन्दूपत्ता सग्राहकों के लिए निःशुल्क चरण पादुका वितरण और उनके परिवारों की महिलाओं के लिए साड़ी वितरण योजनाओं का भी जिक्र किया।
    अपने रेडियों वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरस्वती साइकिल योजना शुरू होने पर राज्य के हाई स्कूलों में बेटियों की दर्ज संख्या 65 प्रतिशत से बढ़कर 93 प्रतिशत हो गई है। यह योजना अनुसूचित जाति, जनजाति और बीपीएल परिवारों को निःशुल्क साइकिल देने के लिए शुरू की गई है। मुख्यमंत्री ने श्रोताओं को बताया - कॉलेजों में पढ़ाई करने वाली बेटियों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई है। इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक में पढ़ाई करने वाली बेटियों के लिए शिक्षण शुल्क माफ किया गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की 67 हजार बेटियों के विवाह हुए हैं। बुजुर्गों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का भी डॉ. सिंह ने जिक्र किया और बताया कि लगभग दो लाख वरिष्ठजनों को इस योजना में निःशुल्क तीर्थ यात्रा करायी गई है। उन्होंने ने कौशल विकास की चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश के सभी 27 जिलों में युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए लाइवलीहुड कॉलेज खोले गए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हुआ तो राष्ट्रीय स्तर के कोई संस्थान नहीं थे। आज हमारे पास आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, ट्रिपल-आईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी हैं। मेडिकल कॉलेजों की संख्या दस हो गई है। इंजीनियरिंग कॉलेज की संख्या 49 तक पहुंच गई है। यह छत्तीसगढ़ के युवाओं को नये अवसर देने के लिए एक बड़ा कदम है।
डॉ. रमन सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत छत्तीसगढ़ में दो साल के भीतर 25 लाख बहनों को सिर्फ 200 रूपए में निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन, सिलेण्डर और चूल्हा दिया जा रहा है। प्रधामंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2022 तक प्रत्येक गरीब परिवार को मकान दिए जाएंगे। इस योजना में लगभग आठ हजार करोड़ रूपए खर्च होंगे। सौर सुजला योजना में 51 हजार गरीब परिवारों को तीन हार्स पावर और पांच हार्सपावर के सोलर सिंचाई पम्प काफी कम कीमत पर दिए जाएंगे।
श्यामनगर को कैशलेस ट्रांजेक्शन गांव बनाने की अपील
रमन के गोठ का श्रवण पश्चात कलेक्टर श्रुति सिंह ने ग्रामीणों की समस्या सुनी तथा श्यामनगर को गरियाबंद जिले का पहला कैशलेस ट्रांजेक्शन गांव बनाने के लिए पहल करने का अनुरोध ग्रामीणों से किया। इससे उत्साहित ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव के युवाओं द्वारा समर्पण ग्रुप नामक संस्था गठित की गई है, जिसके सहयोग से कैशलेस ट्रांजेक्शन को सुनश्चित किया जायेगा।  समर्पण ग्रुप श्यामनगर के सदस्यों ने बताया कि उनके द्वारा स्वच्छता एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए कार्य किये जा रहे हैं, ग्रुप में 55 सदस्य है, जिनमें से 45 सदस्य हमेशा उपलब्ध रहते है। जिनके द्वारा प्रतिदिन साफ-सफाई की जाती है, साथ ही रोपित पौधों को पानी देने का कार्य किया जाता है। उन्होंने बताया कि श्यामनगर में 800 से अधिक पौधे लगाया गया है, जिन्हें पल्लवित व पोषित किया जा रहा है। कलेक्टर श्रुति सिंह ने उनके इस पहल की प्रशंसा की तथा उम्मीद जताई की कैशलेस ट्रांजेक्शन में यह गांव अग्रणी रहेगा, उनके द्वारा इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया गया।  

समाचार क्रमांक - 865/सुरेन्द्र


 

Date: 
11 Dec 2016