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गरियाबंद : जिले में रमन के गोठ को उत्साहपूर्वक सुना गया : राज्य में महिलाओं की स्थिति अच्छी - डॉ. रमन सिंह

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विजयादशमी और दीपावली की दी शुभकामनाएं



गरियाबंद, 09 अक्टूबर 2016

मुख्यमंत्री आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को छत्तीसगढ़ में हम सब मिलकर जनआंदोलन बना रहे है। स्त्री-पुरूष जनसंख्या के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय अनुपात से काफी आगे है। हमारे यहां प्रति एक हजार पुरूषों की तुलना में 991 महिलाएं हैं। उन्होंने कहा-यह राज्य में महिलाओं की अच्छी स्थिति का भी प्रतीक है। डॉ. सिंह ने सभी लोगों को शारदीय नवरात्रि के साथ -साथ 11 अक्टूबर को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस, विजयादशमी, करवाचौथ, धनतेरस और दीपावली सहित एक नवम्बर को मनाए जाने वाले छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस ’राज्योत्सव’ के लिए भी प्रदेशवासियों को बधाई दी और जनता के प्रति अपनी शुभेच्छा प्रकट की।  
    गरियाबंद जिले में रमन के गोठ कार्यक्रम को उत्साहपूर्व सुना गया। जिला स्तरीय सामुहिक रेडियो श्रवण कार्याक्रम विकासखण्ड गरियाबंद के ग्राम मरौदा के प्राथमिक शाला प्रांगण में किया गया, जिसमें जिले के कलेक्टर श्रुति सिंह, संयुक्त कलेक्टर ओ.पी. कोसरिया, अनुविभागीय अधिकारी एन.सी. नौरोजी, जनपद पंचायत के शिव बनर्जी, तहसीलदार रानू मैथ्यूज सहित अन्य अधिकारी और ग्राम पंचायत के सरपंच श्रीमती उमा देवी, पंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने अपने आज के प्रसारण में महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में राज्य में महिलाओं की बेहतर स्थिति और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी। डॉ. सिंह ने कहा-नारी सम्मान की रक्षा के लिए अपने घरों में शौचालय का होना और इसके उपयोग की आदत डालना सबसे जरूरी है। मैं चाहूंगा कि पुरूष स्वयं इसकी पहल करें। उन्होंने समृद्धि को स्वच्छता से जोड़ने की भारतीय परम्परा का उल्लेख करते हुए दीपावली को स्वच्छता के अवसर के रूप में देखने की जरूरत पर भी बल दिया। आने वाले राज्योत्सव 2016 के संदर्भ में उन्होंने कहा-भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी हमें राज्य की सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं की बेहतर सामाजिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा-राज्य के 27 में से 13 जिलों में तो महिलाओं की संख्या पुरूषों से भी ज्यादा है। यह छत्तीसगढ़ में महिलाओं की अच्छी स्थिति का प्रतीक है। इसके साथ ही यह राज्य में कन्या जन्म को मिलने वाले सम्मान, महिलाओं के प्रति बराबरी की भावना और उनकी सुविधाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता का भी परिचायक है। डॉ. सिंह ने कहा नवरात्रि में कन्या भोज की परम्परा है, लेकिन छत्तीसगढ़ में हमने इसे और आगे बढ़ाते हुए कुपोषण मुक्ति और पोषण सुरक्षा तक पहुंचा दिया है। डॉ. सिंह ने यह भी कहा-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को छत्तीसगढ़ में हम सब मिलकर जनआंदोलन बना रहे है। कन्याओं को संरक्षण देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने ’नोनी सुरक्षा योजना’ की शुरूआत की है। इसके अंतर्गत गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों में जन्म पर उनके नाम से बैंक में खाता खोलकर राशि जमा की जाती है। बेटी के 18 वर्ष के होने पर उसे एक लाख रूपए मिलेंगे। कक्षा पहली से कॉलेज तक बालिकाओं के लिए निःशुल्क पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। महिलाओं के लिए रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में भी हमने कई इंतजाम किए हैं। सस्ती ऋण सुविधा, राशन दुकान, आंगनबाड़ी, कुपोषण मुक्ति, गणवेश सिलाई जैसी योजनाओं से महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़ा गया है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा- राज्य के हर जिले में महिलाओं के लिए टोल फ्री हेल्पलाईन 1091 शुरू की गई है, जिसमें किसी भी संकट के समय कोई भी बहन बेधड़क फोन लगाकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं, ताकि उन्हें जल्द मदद मिल सके। महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों की रोकथाम के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक के नियंत्रण में महिला परामर्श केन्द्र की स्थापना की गई है। महिलाओं पर होने वाले अपराधों की जांच के लिए राज्य के सात जिलों में अनुसंधान इकाईयों की भी स्थापना की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा-छत्तीसगढ़ में कई महिलाओं ने अपने कार्यक्षेत्र में काफी यश कमाया है, लेकिन ऐसी महिलाओं की संख्या भी बहुत है, जो गुमनाम रह कर भी बड़े-बड़े काम कर रही हैं। डॉ. रमन सिंह ने अपनी रेडियो वार्ता में इस सिलसिले में राज्य के नक्सल हिंसा प्रभावित बीजापुर जिले की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता चंद्रकांता नीलम का उल्लेख किया। डॉ. रमन सिंह ने लोगों को विजयादशमी की बधाई देते हुए कहा-यह त्यौहार हमारी भारतीय संस्कृति में बहुत महत्व रखता है। जिस प्रकार रावण के दस सिर, दस तरह की बुराईयों के प्रतीक थे, उसी तरह समाज में भी कोई न कोई कमी रह जाती है, जिसमें सुधार की जरूरत होती है। डॉ. सिंह ने इस सिलसिले में सभी लोगों से दस लक्ष्यों का निर्धारण करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा-मैं चाहता हूं कि हम सब मिलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कौशल विकास, अधोसंरचना विकास, वैज्ञानिक चेतना, सेवा, संस्कृति, रोजगार और उद्यमिता जैसे कोई दस लक्ष्यों का निर्धारण करें और समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर नये शिखरों तक पहुंचने में सफलता हासिल करें।
मुख्यमंत्री ने दीपावली के पहले मनाए जाने वाले धनतेरस का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भगवान धनवंतरी की आराधना का पर्व है। योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा आदि हमारी ऐसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियां हैं, जिनको अब दुनिया अपना रही है। मैं चाहता हूं कि भगवान धनवंतरी के आशीर्वाद से हम ’स्वस्थ छत्तीसगढ़’ बनाने में सफल हों। डॉ. रमन सिंह ने ’रमन के गोठ’ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन की चर्चा करते हुए कहा-दीपावली में धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी जी की पूजा होती है। डॉ. सिंह ने कहा- हमारे यहां समृद्धि को स्वच्छता से जोड़ने की परम्परा है, इसलिए दीपावली के पहले घरों, दुकानों, दफ्तरों और कारखानों आदि जगहों की साफ-सफाई और लिपाई-पोताई की जाती है। उन्होंने कहा-दीवाली को हमें स्वच्छता के अवसर के रूप में देखना चाहिए। हम सब मिलकर ध्वनि, वायु, जल आदि हर तरह के प्रदूषण को रोकने मे मददगार बनें। पटाखें कम से कम फोड़े। सजावट के लिए स्थानीय कुंभकार भाई-बहनों द्वारा बनाए गए दीये जलाएं।
    मुख्यमंत्री ने रमन के गोठ कार्यक्रम में बस्तर की ऐतिहासिक दशहरा, चिरायु योजना में कांक्रेर जिले की पहल, रायपुर के युवाओं के समूह बंच ऑफ फूल्स के कार्यो का भी जिक्र किया।


समाचार क्रमांक - 710/पोषण

Date: 
09 Oct 2016