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गरियाबंद : मुख्यमंत्री ने तालाबों को बचाने सभी लोगों से किया सहयोग का आव्हान : प्रकृति की किडनी हैं तालाब: मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

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रमन के गोठ को जिले में उत्साहपूर्वक सुना गया
 

गरियाबंद 12 फरवरी 2017

 

रमन के गोठ की 18वीं कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने तालाबों को प्रकृति की किडनी बताते हुए जलाशयों की सुरक्षा पर विशेष रूप से बल दिया है। उन्होंने इसमें ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, सामाजिक संगठनों और सभी नागरिकों से सहयोग का आव्हान किया है। आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से आज प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तालाबों की अपनी एक विशेष संस्कृति है, इसका ऐतिहासिक, धार्मिक और आर्थिक महत्व भी है जो स्थानीय आबादी की आस्था के साथ-साथ उसकी आजीविका से भी जुड़ता है। तालाबों की वजह से भू-जल स्तर बना रहता है। मुख्यमंत्री ने तालाबों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि तालाबों के आस-पास पछियों का बसेरा होता है, साथ ही जैव विविधता का भी संरक्षण होता है। मछलियों के साथ कमल के फूल, सिंघाड़ा, जलकोचई आदि तालाबों के वरदान हैं, जो स्थानीय लोगों के आमदनी का जरिया बनते हैं। इनके आस-पास औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती होती है। इस प्रकार तालाब प्रकृति के लिए ‘किडनी’ की तरह काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों के लिए राज्य की वेटलैण्ड नीति भी जल्द बनेगी। उन्होंने कहा कि तालाबों के महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने वेटलैण्ड प्राधिकरण का गठन किया गया है और हम राज्य के वेटलैण्ड नीति बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ. डी.के. मरोठिया द्वारा तालाबों के संरक्षण और वेटलैण्ड के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने डॉ. डी.के. मरोठिया और उनकी टीम का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा रतनपुर, दलपतसागर और कुटुम्बसर (बस्तर) की अद्भुत जलीय संरचनाओं को विश्व प्रसिद्ध ‘रामसर-साईट’ में जगह दिलाने की कोशिश की जा रही है, जो ऐतिहासिक महत्व के स्थानों को विश्व स्तरीय मान्यता दिलाती है।
    मुख्यमंत्री ने अपने रेडियो प्रसारण में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के जीवन में बदलाव लाने के लिए नागरिकों द्वारा किए जा रहे नये प्रयोगों (नवाचारों) की विस्तार से चर्चा की। गरियाबंद जिले के विकासखंड़ छुरा के ग्राम रसेला की महिलाओं द्वारा बड़ी-बड़ी कम्पनियों के मुकाबले में बनाए जा रहे सी.एफ.एल. बल्ब का भी मुख्यमंत्री ने आज की रेडियो वार्ता में उल्लेख किया और कहा कि जंगलों से घिरे इस अनजाने से गांव के सांईकृपा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं के इस कार्य को देखकर मैं खुद हैरत में पड़ गया। रमन के गोठ के प्रसारण को गरियाबंद जिले में उत्साहपूर्वक सुना गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम छुरा विकासखंड के ग्राम बोड़राबांधा में रखा गया था, जहां पर संयुक्त कलेक्टर ओ.पी. कोसरिया, गरियाबंद अनुविभागीय अधिकारी एन.सी. नैरोजी सहित ग्रामीणों ने श्रवण किया।

परीक्षा के मौसम में बच्चों को तनावमुक्त रहने की समझाइश
डॉ. सिंह ने परीक्षाओं के मौसम को ध्यान में रखकर छात्र-छात्राओं को तनावमुक्त रहने, परीक्षा का तनाव दूर करने के लिए पढ़ाई के बीच कुछ समय मिलने पर योग अभ्यास और हल्का फुल्का व्यायाम करने की समझाइश दी है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिम्मत नही हारने की भी सलाह दी है। डॉ. सिंह ने बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों का भी आव्हान किया है कि वे परीक्षा के दिनों में घर के वातावरण को शांत और सहयोगात्मक बनाकर बच्चों के साथ स्नेहपूर्ण व्यवहार करें।
मीसाबंदियों को अब लोकतंत्र सेनानी के रूप में जाना जाएगा
अपने मासिक रेडियोवार्ता में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का मासिक मानदेय 15 हजार रूपए से बढ़ाकर 25 हजार रूपये प्रदान किए जाएगें। उन्होंने कहा कि ‘मीसाबंदियों’ को ‘लोकतंत्र सेनानी’ के रूप में जाना जाए। उनके द्वारा मीसाबंदियों की मानदेय राशि भी 50 से 66 प्रतिशत तक बढ़ाने की जानकारी दी गई।
तेंदूपत्ता पारिश्रमिक में लगातार वृद्धि: इस बार 1800 रूपए
डॉ. सिंह ने कहा तेन्दूपत्ता संग्राहकों को तेरह साल पहले सिर्फ 350 रूपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक मिलता था, जिसे क्रमशः बढ़ाते हुए हमने 1500 रूपए कर दिया और अब यह फैसला किया है कि नये सीजन में उनकी पारिश्रमिक दर 1800 रूपए प्रति मानक बोरा कर दिया जाए। इस प्रकार तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाला पारिश्रमिक पांच गुना से ज्यादा कर दिया गया है।
संयुक्त कलेक्टर एवं एस0डी0एम ने सुनी ग्रामीणों की समस्या
रमन के गोठ पश्चात संयुक्त कलेक्टर श्री कोसरिया एवं एस.डी.एम श्री नैरोजी ने ग्रामीणों की समस्या सुनी। ग्रामीणों द्वारा मुख्य रूप से आंगनबाड़ी केंद्र में आहाता निर्माण, गांव के गलियों में सीसी रोड़, आसरा ग्राम के कमार पारा में विद्युतीकरण की समस्या से अवगत कराया गया, जिसके निराकरण के लिए पहल करने का आश्वासन ग्रामीणों को अधिकारियों द्वारा दी गई। रमन के गोठ श्रवण कार्यक्रम में क्षेत्र के जनपद सदस्य योगिता साहू, सरपंच नरोत्तम दीवान सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे।
समाचार क्रमांक- 1010/सुरेन्द्र/

 

 

Date: 
12 Feb 2017