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गरियाबंद : रमन के गोठ की नौवीं कड़ी का प्रसारण : लोक सुराज अभियान शासन-प्रशासन के कामकाज की समीक्षा का माध्यम

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गरियाबंद 08 मई 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज आकाशवाणी से प्रसारित अपनी मासिक वार्ता ’रमन के गोठ’ की 9वीं कड़ी में कहा है कि आम जनता के लिए सरकार की योजनाएं मंत्रालय के वातानुकूलित (ए.सी.) कमरों में दिमाग से तो बन सकती हैं, लेकिन जब हम चौपालों में गांव वालों के बीच बैठकर योजनाएं बनाते हैं तो ऐसी योजनाएं न सिर्फ दिमाग से बल्कि दिल से बनती हैं। उन्होंने कहा कि चौपालों में होने वाली चर्चाएं हमारे लिए भविष्य का एजेंडा बन जाती हैं, जिनका हम शत-प्रतिशत पालन करते हैं।
    जिला स्तर पर सामुहिक रेडियो श्रवण का कार्यक्रम फिंगेश्वर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत सेंदर में आयोजित किया गया था, जिसमें कलेक्टर श्री निरंजन दास ने ग्रामीणों के साथ रमन के गोठ के नौवीं का सीधा प्रसारण सुना। कार्यक्रम के दौरान गौ-सेवा आयोग के सदस्य रूपसिंग साहू , क्षेत्रीय जनपद सदस्य महेश कुंजाम, सरपंच रामाधार साहू सहित अनुविभागीय अधिकारी एन.सी. नैरोजी, जनपद के सी.ई.ओ. के.आर. वर्मा सहित जनपद एवं मैदानी अमला उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि गर्मियों के इस मौसम मेें तपती धूप में आम, महुआ और कुसुम के वृक्षों के नीचे गांव वालों के साथ चौपाल लगाकर बैठते हैं, तो उनसे बातचीत में बहुत-सी नई योजनाओं का जन्म होता है। डॉ. सिंह ने कहा - मैंने देखा है कि हमने जितनी भी योजनाएं चौपालों में बनाई हैं, उन्हें अच्छी सफलता मिली है। अब तक ऐसी सबसे सफल योजनाओं में मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना, चावल उत्सव, लघु वनोपजों की खरीदी और तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका वितरण प्रमुख है। मुख्य मंत्री ने भीषण गर्मी में लोक सुराज अभियान के दौरे पर निकलने का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्राम सुराज अभियान की शुरूआत भी हमने भीषण गर्मी और नवतपे के बीच की थी। डॉ. रमन सिंह ने कहा इस गर्मी में गांवों में जाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का भी हिम्मत और हौसला बढ़ाने के लिए हमने तय किया कि मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, विधायक, सांसद और जिला पंचायत के सदस्य तथा मुख्य सचिव से लेकर सभी अधिकारी भी लोक सुराज अभियान के दौरान गांवों में जाएंगे। डॉ. रमन सिंह ने कहा-राज्य सरकार के लिए लगातार बारह साल में स्वयं के काम-काज का आंकलन करने की दृष्टि से भी यह अभियान सबसे बड़ा जरिया है कि हम कहां असफल रहे, किन योजनाओं में हम पीछे हैं और उनके क्रियान्वयन में निचले स्तर पर क्या कमियां हैं ? उन कमियों को दूर करने का यह एक बेहतर उपाय है। इसका उद्देश्य सिर्फ यह है कि जनता के बीच योजनाओं का क्रियान्वयन शत-प्रतिशत पारदर्शी तरीके से हो। यह अवसर रहता है, जब हम योजनाओं को जनता के बीच समर्पित करते हैं। अभियान के दौरान लोकार्पण और शिलान्यास भी होते हैं। मुख्यमंत्री ने रमन के गोठ में इस बार के लोक सुराज अभियान के अपने बस्तर अंचल के दौरे की कई यादगार घटनाओं का भी उल्लेख किया। दंतेवाड़ा जिले के ग्राम कारली में किसानों द्वारा  ’मोचोबाड़ी’ योजना के तहत की जा रही जैविक खेती की जिक्र किया, साथ ही सुकमा जिले के भेज्जी-इंजरम मार्ग में लोक सुराज अभियान के तहत मोटर साईकिल से सड़क निरीक्षण का भी उल्लेख किया। डॉ. सिंह ने अपनी अबूझमाड़ यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस क्षेत्र के 53 गांवों तक मैंने बिजली पहुंचाने की घोषणा की तो वहां के ग्रामीणों के चेहरों की चमक देखकर मुझे लगा कि अबूझमाड़ इसका इंतजार कर रहा था। उन्होंनें कहा कि बीजापुर जिले में महाराष्ट्र की सीमा से लगे तिमेड़ गांव भी जाने का अवसर मिला, जहां लगभग 250 करोड़ रूपए की लागत से बन रहे पुल को लेकर छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के लोगों में काफी उत्साह है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि किसानों को पटवारियों से नक्शा, खसरा और बी-वन की प्रतियां लेने के लिए महीनों चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी किसानों और नागरिकों को अगले तीन माह के भीतर इन राजस्व अभिलेखों की निःशुल्क प्रतियां उनके गांवों और पंचायतों में पटवारी स्वयं बैठकर देंगे। साथ ही राज्य सरकार ने एक बड़ी सोच के साथ ग्रामीणों को आबादी जमीन का पट्टा निःशुल्क देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने अपनी रेडियो वार्ता में बताया कि राज्य में अब तक लगभग 108 जनऔषधि केन्द्र शुरू किए जा चुके हैं, जहां ब्रांडेड दवाईयों की तुलना में चौथाई कीमत पर लगभग 400 प्रकार की जेनेरिक दवाईयां उपलब्ध हैं। उन्होंने जनता से जनऔषधि केन्द्रों और जेनेरिक दवाओं के बारे में आपस में चर्चा करने की अपील करते हुए कहा कि घर में अगर कोई बीमार हो तो उसे जनऔषधि केन्द्रों के बारे में बताया जाए और विश्वास दिलाया जाए कि जेनेरिक दवाईयां न केवल सस्ती हैं, बल्कि गुुणवत्ता में भी अच्छी हैं। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से भी गरीब मरीजों के हित में अधिक से अधिक जेनेरिक दवाईयां लिखने की अपील की। डॉ. सिंह ने हिन्दी और छत्तीसगढ़ी में प्रदेशवासियों को सम्बोधित करते हुए सबसे पहले उन बच्चों को बधाई दी, जिन्होंने दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षाओं में सफलता पाई है। अपनी रेडियो वार्ता में डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों को इस महीने मनाए जाने वाले अक्षय तृतीया (अक्ती), बुद्ध पूर्णिमा, महाप्रभु वल्लभाचार्य की जयंती, सेन महाराज, भगवान परशुराम और शंकराचार्य जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने प्रदेशवासियों से अक्षय तृतीया (अक्ति) के दिन बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई से बचने और इस कुप्रथा को रोकने की भी अपील की। डॉ. सिंह ने रमन के गोठ के प्रारंभ में अपने प्रिय कवि लक्ष्मण मस्तुरिया के लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी गीत ’मोर संग चलव जी-मोर संग चलव गा’ का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ के विकास के लिए सभी लोगों से एक साथ चलने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि सब मिलकर साथ चलेंगे, तभी हमारा सुराज अभियान सफल होगा। साथ ही नौवीं कड़ी का पुनः प्रसारण कल 9 मई को सुबह 10.45 से 11.00 बजे तक भी किया जायेगा तथा अगली कड़ी का प्रसारण 12 जून को किया जायेगा।

समाचार क्रमांक -327/पोषण -सुरेन्द्र
 

Date: 
08 May 2016