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गरियाबंद : रमन के गोठ में कैशलेस ग्राम पंचायत कोकड़ी का किया जिक्र

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गरियाबंद 08 जनवरी 2016

मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने जिले के ग्राम पंचायत कोकड़ी का जिक्र करते हुए जिला प्रशासन द्वारा कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सराहना किया। आज अपने मासिक रेडियो प्रसारण कार्यक्रम रमन के गोठ में प्रदेशभर में कैशलेस लेनदेन के लिए किये गये प्रयासों का मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जिले का ग्राम कोकड़ी कैसलेस पंचायत बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। ज्ञात है कि जिले में पी.ओ.एस. मशीन के द्वारा एटीएम कार्ड को स्वेप करके राशि का भुगतान, आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के द्वारा बायोमैटिक थंब इम्प्रेसन से भुगतान, प्रीपेड वालेट तकनीक के द्वारा अपने एंड्रायड मोबाइल फोन लेनदेन सहित यू.पी.आई, यू.एस.एस.डी इत्यादि डिजीटल माध्यमों के द्वारा लेनदेन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिले के  1400 व्यावसायियों ने पी.ओ.एस मशीन के लिए आवेदन लगाये हैं। आज जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर श्रुति सिंह नगर पालिका गरियाबंद के अध्यक्ष श्रीमती मिलेश्वरी साहू, पार्षदगण, नागरिकगण सहित अन्य जिला अधिकारी भी रमन के गोठ सुनने नगर पालिका परिषद गरियाबंद के सभाकक्ष में मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ की 17वीं कड़ी में कैशलेस के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपनी रेडियोवार्ता को मुख्य रूप से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई कैशलेस अर्थव्यवस्था पर केन्द्रित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के कई स्थानों पर दुकानों, हाट-बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों में किए जा रहे कैशलेस लेनदेन की प्रशंसा की। उन्होंने राज्य में नगद रहित अथवा कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया और कहा कि कैशलेस भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने श्रोताओं को बताया कि राज्य में कैशलेस लेन-देन में लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए पिछले महीने चलाए गए विशेष अभियान में बीस दिनों के रिकार्ड समय में 15 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें 14 लाख नागरिक और एक लाख व्यापारी शामिल हैं। इन प्रशिक्षित लोगों को हम डिजिटल आर्मी कहते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कैशलेस लेन-देन में सबसे ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण देने वाला छत्तीसगढ़ भारत का पहला राज्य बन गया है। विगत 31 दिसम्बर तक हमने निर्धारित लक्ष्य से तीन गुना ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण दिलाया है। हर जिले में प्रशासन, पंचायत और विभिन्न विभागों द्वारा पूरी गंभीरता के साथ प्रशिक्षण का अभियान चलाया जा रहा है। इसके फलस्वरूप ‘कैशलेस-ट्रांजेक्शन’ करने वाले व्यापारियों और आम नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैशलेस अर्थव्यवस्था गांव, गरीब और किसानों के लिए वरदान है, क्योंकि यह उन्हें उनकी मेहनत और उनके अधिकार का पूरा पैसा दिलाने का माध्यम बनेगी। बड़े व्यापारी या बड़े प्रतिष्ठान बड़े भुगतान करते हैं। उसमें राशि भले अधिक हो, लेकिन संख्या कम होती है। आम जनता की संख्या ज्यादा होती है। इसलिए मेरी मान्यता है कि बड़े व्यापारियों के लेन-देन में ईमानदारी और पारदर्शिता की दृष्टि से इसका उपयोग है, लेकिन गरीबों, मध्यम वर्गीय लोगों, छोटे दुकानदारों और आम जनता के लिए तो इसमें फायदे ही फायदे हैं । डॉ. सिंह ने कहा कि गांव-गांव में बच्चे , महिलाओं और बुजुर्ग जब मोबाइल फोन चलाना सीख लेते हैं, तो कैशलेस लेन-देन भी सीख सकते हैं। इसके लिए बहुत पढ़ा-लिखा होने की जरूर नहीं है। अब तो अंगूठे के निशान से ही आप लेन-देन कर सकते हैं। आपका अंगूठा ही बैंक बन जाएगा। प्रधानमंत्री ने इसके लिए ‘भीम एप’ का लोकार्पण किया है, जो आधार कार्ड के माध्यम से लेन-देन के लिए होगा। मुख्यमंत्री ने ‘रमन के गोठ’ में प्रधानमंत्री द्वारा देश में कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई पुरस्कार योजना की भी जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत हर जिले में ‘डिजि धन मेला’ लगाया जाएगा। इसकी शुरूआत रायपुर जिले से हो चुकी है। इस मेले में एक माह में डिजिटल लेनदेन करने वाले लोगों के नाम लॉटरी निकालकर नगद पुरस्कार देने का प्रावधान किया गया है।    
    कलेक्टर श्रुति सिंह ने इस अवसर पर शहर के नागरिकों एवं व्यावसायियों को कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने पी.ओ.एस. मशीन तथा शासन द्वारा जारी विभिन्न एप्प के माध्यम से लेनदेन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नगर पालिका परिषद गरियाबंद को पूर्णतः कैशलेस नगर पालिका बनाने में मिलकर कार्य किया जा सकता है। कलेक्टर ने जानकारी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी ग्राम स्तरीय उद्यमी के माध्यम से लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है । अभी तक 50 हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्रीमती मिलेश्वरी साहू ने रमन के गोठ कार्यक्रम में कैशलेस लेनदेन के बारे में मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा दी गई जानकारी को उपयोगी और महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इससे हमे नगर पालिका को कैशलेस बनाने में प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर ओ.पी. कोसरिया, अनुविभागीय अधिकारी एन.सी. नैरोजी, पार्षद आसिफ मेमन, राजू तिवारी, परस देवागंन, योगेश बघेल सहित रेणुका साहू, बिन्दू सिन्हा, मंजूलता गुप्ता, प्रकाश यादव, अनुप भोसले, बलदेव सिंह हुंदल, फारूख मेमन, नंदलाल सिन्हा इत्यादि गणमान्य नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।  
कोकड़ी के पान ठेला एवं जनरल स्टोर्स में नकद रहित लेनदेन
पिछले 15 वर्षो से पान ठेला और जनरल स्टोर्स चलाने वाले गरियाबंद विकासखण्ड के ग्राम कोकड़ी के ही युवा दुकानदार अरूण साहू ने बताया कि अब वे शासन की कैशलेस लेनदेन से प्रभावित होकर पिछले 15 दिन से पे-टीएम के माध्यम से नकद रहित लेनदेन प्रारंभ किया है। पहले जो ग्राहक चिल्हर की कमी से छोटी जरूरत की वस्तुओं की खरीदी से झिझकते थे, आज वही ग्राहक न्यूनतम राशि का भी भुगतान कर रहे हैं, इससे चिल्हर की समस्या से भी निजात मिली है। 45 वर्षीय अरूण साहू लेनदेन की इस व्यवस्था से खुश नजर आ रहा है और अपने ग्राहकों को भी ई-भुगतान के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
इसी गांव के 18 साल के ललीत ध्रुव अपने भाई कुबेर सिंह ध्रुव के साथ मिलकर पान ठेला के साथ एक छोटा जनरल स्टोर्स चलाते है। कुबेर ध्रुव ने बताया कि पहले मैं कार्ड या मोबाईल के जरिये लेनदेन को रिस्क मानता था, परन्तु हमारे गांव के व्ही.एल.ई के द्वारा समझाने पर बहुत आसान लगा और अब इस व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित मानते हुए अपने ग्राहकों को डिजीटल पेमेंट करने की समझाईश दे रहा हॅू। अब मैं छोटे भाई ललीत को दुकान में छोड़कर अपने अन्य काम भी निपटा लेता हूॅ क्योंकि पैसे मेरे ई-वालेट में सुरक्षित रहता है, इससे मुझे दिनभर की बिक्री का आसानी से पता चल जाता है। अब न मुझे हिसाब किताब का झंझट रहता है और न पैसे को बैंक में जमा करने की जरूरत पड़ती है।


समाचार क्रमांक - 929/पोषण-सुरेन्द्र

 


 

Date: 
08 Jan 2017