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गरियाबंद : रमन के गोठ में मुख्यमंत्री ने किया अकलवारा के शिक्षको की सराहना : मुख्यमंत्री ने ग्राम अकलवारा के शिक्षकों, बच्चों और पालकों को दी बधाई

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हर दिन सुबह चार बजे सीटी बजाकर बच्चों को जगाते हैं शिक्षक,
युवाओं के कौशल उन्नयन पर विशेष जोर


गरियाबंद 10 जुलाई 2016

जिले के छुरा विकासखंड के ग्राम अकलवारा में शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर हो रहे नये प्रयोगों की मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज के अपने रेडियो प्रसारण में काफी तारीफ की। उन्होंने कहा-लोक सुराज अभियान के दौरान मुझे बहुत सारे अनुभव हुए और खुशी भी हुई कि शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा प्रयोग हमारे ग्रामीण शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ’रमन के गोठ’ में गरियाबंद जिले के ग्राम अकलवारा (विकासखण्ड-छुरा) के सरकारी हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्राचार्य श्री जी.पी.वर्मा, व्याख्याता श्री एस.के. वर्मा और वरिष्ठ नागरिक श्री पूरन सिंह ठाकुर का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि ये लोग हर दिन सवेरे चार बजे उठकर गांव की गलियों में सीटी बजाकर बच्चों को नींद से जगाते हैं और उन्हें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। ये लोग प्रभात फेरी के समय हाजिरी रजिस्टर भी रखते हैं, ताकि कोई भी बच्चा छूट न जाए और उन्हें कई तरह की मदद करते हैं, जैसे रविवार को विशेष कक्षाएं लगाना, बीमार बच्चों को अस्पताल ले जाना, पढ़ाई में कमजोर बच्चों को जूते, चप्पल और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना, ग्रामीणों को शराब तथा अन्य नशे के सेवन से दूर रहने की सलाह देना आदि। मुख्यमंत्री ने कहा- इस तरह के कार्यों से पूरे गांव में शिक्षा का एक शानदार वातावरण बन गया है, जिसका परिणाम यह हुआ है कि इस वर्ष वहां दसवीं और बारहवीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत आए हैं। डॉ. सिंह ने कहा-यह नवाचार चमत्कारिक है। इसमें न किसी ने साधन मांगा, न सुविधा मांगी, बस अपनी जिम्मेदारी समझी और एक संकल्प लेकर बच्चों का भविष्य संवारने में लग गए। मैं इसके लिए ग्राम अकलवारा के शिक्षकों, बच्चों और उनके पालकों को बधाई देना चाहूंगा, जो एक अभिनव प्रयास कर रहे हैं। रमन के गोठ के 11 वी कड़ी का प्रसारण सुनने जिला स्तरीय कार्यक्रम फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम पंचायत परतेवा के सामुदायिक भवन में किया गया था। जिसमें कलेक्टर श्रुति सिंह, अपर कलेक्टर प्रदीप मिश्रा, अनुविभागीय अधिकारी एन. सी. नैरोजी,   मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत-फिंगेश्वर के.आर. वर्मा, सरपंच श्रीमति दूर्गा साहू, दिनेश सोनी, हीरालाल साहू, पंचगण सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य के किसानों को खेती के लिए पांच लाख रूपए तक ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण देने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा ब्याज अनुदान की पात्रता के लिए प्रति हेक्टेयर, असिंचित भूमि पर 20 हजार रूपए और सिंचित भूमि पर 25 हजार रूपए की पूर्व प्रचलित ऋण सीमा को समाप्त कर दिया गया है। डॉ. सिंह ने आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ में किसानों को यह जानकारी दी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार के ये दोनों फैसले किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाएंगे।
    मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं से कहा - छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने को पूरा करने के लिए कौशल उन्नयन पर विशेष जोर दिया है। राज्य सरकार ने युवाओं के कौशल विकास के लिए मनपसंद व्यवसायों में प्रशिक्षण पाने का कानूनी अधिकार दिया है। इस योजना के तहत अब तक छत्तीसगढ़ के तीन लाख युवाओं ने विभिन्न प्रकार के रोजगारमूलक काम-काज का प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं को हुनरमंद बना लिया है। डॉ. सिंह ने कहा कि युवा अपने लायक किसी भी व्यवसाय का प्रशिक्षण हासिल करने के लिए जिले के कलेक्टर से सम्पर्क करें।
मुख्यमंत्री ने जनता को विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार फर्जी बैंकिंग और फर्जी चिटफंड कम्पनियों से निपटने के लिए सतर्क है। इसके लिए राज्य सरकार ने कानून भी बनाया है, जिसके तहत उन वित्तीय संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और दोषियों को कड़ी सजा देने का प्रावधान है, जो आम नागरिकों को ठग कर उनका पैसा हड़प लेते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया-इस कानून के तहत कलेक्टर को सूचना दिए बिना कोई भी कम्पनी अपना वित्तीय कारोबार नहीं कर सकती। रेडियो वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा-मैं जनता से अपील करूंगा कि किसी भी कम्पनी में पैसा जमा करने के पहले अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लें।

किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने की अपील
अपनी मासिक रेडियो वार्ता में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किसानों के लिए बारिश के इस मौसम के मंगलमय होने की कामना की। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि विभाग और कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर सही समय पर बोनी करें और खाद तथा बीज भी सही अनुपात में डालें। मुख्यमंत्री ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया-इस योजना के बारे में जानने और खरीफ 2016 के लिए उसमें भागीदारी करने का यह सही समय है। किसान यह ध्यान रखें कि इस योजना में शामिल होने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बैंक तथा सोसायटी से ऋण लेने वाले किसान और ऋण नहीं लेने वाले किसान तथा बटाईदार-किसान भी शामिल हो सकते हैं। यह योजना सिंचित और असिंचित धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग और उड़द की फसल के लिए है। खरीफ फसल के लिए इस योजना में किसानों को सिर्फ दो प्रतिशत का प्रीमियम देना होगा। मुख्यमंत्री ने उदाहरण के रूप में बताया-राजनांदगांव जिले में सिंचित खेती का मूल्यांकन अगर 33 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर है, तो उसका दो प्रतिशत यानी सिर्फ 660 रूपए का प्रीमियम तय होगा। नुकसान की भरपाई सिंचित-असिंचित फसल के अनुसार 70 से 90 प्रतिशत तक की जाएगी और मुआवजा भी निर्धारित समय पर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आज की अपनी रेडियो वार्ता में प्रदेशवासियों को गुरूपूर्णिमा, रथयात्रा, ईद-उल-फितर, डॉ. खूबचंद बघेल जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी।
स्कूल की पहली छवि जीवन भर काम आएगी
डॉ. रमन सिंह ने वर्षा  ऋतु के आगमन के साथ ही नये शिक्षा सत्र के शुरू होने का उल्लेख किया और स्कूल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे जो पहली बार स्कूल जा रहे हैं। उनके मन में स्कूल की जो छवि बनेगी, वह जीवन भर उनके काम आएगी। बच्चों का यह समझ में आना चाहिए कि शिक्षा ही उनके जीवन को संवारने का सबसे बड़ा माध्यम है। बच्चों को स्कूल में अच्छा वातावरण मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता की तरफ ध्यान देने की जरूरत पर विशेष रूप से बल दिया और कहा कि इससे स्कूल की व्यवस्था सुधरेगी और बच्चों की बुनियाद भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा-बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजना जरूरी है। इस काम में जितनी भूमिका शिक्षक-शिक्षिकाओं की है, उतनी ही समाज और पालकों की भी है। मुख्यमंत्री ने बालिका शिक्षा की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा ही नारी सशक्तिकरण की बुनियाद है। बेटी हो या बेटा, सबको एक बराबर समझना चाहिए, क्योंकि पढ़ाई के कारण बेटियों ने समाज में पुरूषों का बखूबी मुकाबला किया है और बड़ी-बड़ी प्रतियोगिताओं में अच्छा स्थान हासिल करने में भी सफल हुई हैं।
 युवाओं की सहभागिता से हम बनाएंगे युवा नीति    
डॉ. रमन सिंह ने अपनी रेडियो वार्ता में प्रदेश सरकार की युवा नीति की तैयारी और मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत चल रहे प्रयास आवासीय विद्यालयों के बच्चों के बेहतर प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा-युवाओं पर ध्यान देने के लिए हमने बहुत पहले से ही प्रयास प्रारंभ कर दिए हैं। हम देश के पहले राज्य है, जो युवाओं की सहभागिता से प्रदेश की नई युवा नीति बनाने जा रहे हैं। डॉ. रमन सिंह ने कहा-राज्य के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिले, इसके लिए एनआईटी, ट्रिपल आईटी, एम्स, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, आई.आई.एम जैसी संस्थाएं हमारे यहां हैं।
प्रयास विद्यालयों के बच्चे ’नये आईकॉन’
मुख्यमंत्री ने अपने रेडियो प्रसारण में कहा-हमने नक्सल हिंसा पीड़ित इलाकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए ’प्रयास आवासीय विद्यालय’ खोले हैं, जिनका लाभ हर साल उन्हें मिल रहा है। हाल ही में जे.ई.ई. का रिजल्ट आया। प्रयास विद्यालय के 27 बच्चे इसमें सफल हुए, जो अब देश के बड़े प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग शिक्षा संस्थानों में पढ़ेंगे। रिजल्ट देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। मैं इतना भावुक हो गया, जैसे मैं खुद पास हो गया हूं। मुख्यमंत्री ने कहा-ये बच्चे गांव में, गरीबी में और कठिन परिस्थितियों में सपने देखने वाले बच्चों के लिए नये ’आईकॉन’ है।


समाचार क्रमांक - 668/पोषण-सुरेन्द्र

Date: 
10 Jul 2016