Homeजगदलपुर : करपावंड के कन्या छात्रावास में बालिकाओं ने सुना ‘रमन के गोठ‘

Secondary links

Search

जगदलपुर : करपावंड के कन्या छात्रावास में बालिकाओं ने सुना ‘रमन के गोठ‘

Printer-friendly versionSend to friend

बालिकाओं ने कहा मुख्यमंत्री ने प्रतिभावान बच्चों का उल्लेख कर बढ़ाया उत्साह

जगदलपुर, 13 नवम्बर 2016

प्रतिमाह रेडियो पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम की 15वीं कड़ी को बस्तरवासियों ने उत्साहपूर्वक सुना। करपावंड स्थित प्री मैट्रिक छात्रावास की बालिकाओं ने ‘रमन के गोठ‘ में मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के प्रतिभावान बच्चों का उल्लेख किए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे दूसरे बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी। बच्चों ने कहा कि बस्तर जिले में पिछले दो वर्षों से कबाड़ से जुगाड़ कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। पिछले वर्ष आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी मेला में हजारों बच्चों ने कबाड़ से जुगाड़ कर कई वैज्ञानिक सिद्धांतों का प्रदर्शन मॉडल के रुप में किया था। सातवीं कक्षा की छात्रा चंद्रिका बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अपने संदेश में बाल खिलाड़ियों के साथ-साथ दूसरे क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले बच्चों का उल्लेख कर बच्चों को हर क्षेत्र में आगे आने की सोच दी है। चंद्रिका ने बताया कि बस्तर जिला मुख्यालय में पिछले दिनों हॉबी क्लब का उद्घाटन किया गया है। इस हॉबी क्लब के माध्यम से शतरंज, पेंटिंग, एबेकस और प्रश्नोत्तरी में रुचि रखने वाले बच्चों को मंच दिया गया है। शासन की इन योजनाओं से बच्चों को अपनी हुनर को दिखाने और संवारने का मौका मिलेगा।
छटवीं कक्षा में अध्ययनरत रुपशिला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बाल दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए राज्य में लागू विभिन्न कानूनों की भी जानकारी दी, जो महत्वपूर्ण है। रुपशिला ने कहा कि निश्चित तौर पर प्रदेश सरकार द्वारा बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यह कन्या छात्रावास भी बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव रखने का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है, जहां दूर-दूर की बालिकाएं आकर पढ़ाई कर रही हैं। रुपशिला ने कहा कि इस छात्रावास को अपने प्रबंधन एवं स्वच्छता के लिए आईएसओ प्रमाण पत्र हासिल हो चुका है तथा इस छात्रावास की सभी छात्राएं इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रयास करेंगी।
    दसवीं की छात्रा द्रोपदी बघेल ने मुख्यमंत्री द्वारा अपने संदेश में धान खरीदी को उत्सव के रुप में मनाए जाने की बात कहने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके पिता भी कृषक हैं। द्रोपदी ने कहा कि  छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यहां धान की बोआई से लेकर कटाई तक किसान भरपूर मेहनत करते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी को उत्सव की तरह मनाए जाने से किसानों का मनोबल बढ़ेगा। द्रोपदी ने बताया कि धान खरीदी के ऑनलाईन पंजीयन की बातें उसने अपने माता-पिता से सुनी है। इसके साथ ही किसानों को दिए जाने वाले शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण के विषय में भी सुना है। इससे खेती किसानी में आसानी हुई है। किसानों के ऑनलाईन पंजीयन होने से किसानों को ही उनके धान को बेचने का अधिकार मिला है और बिचौलियों की भूमिका कम हुई है।
मुख्यमंत्री द्वारा अपनी आज की रेडियो वार्ता में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में शुरू की गई सौर सुजला योजना की चर्चा करने पर सातवीं की छात्रा पार्वती बघेल ने कहा कि इस योजना से कृषकों को सिंचाई के लिए स्वच्छ ऊर्जा का साधन मिलेगा, जिससे पर्यावरण पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा और किसानों को भी लाभ मिलेगा। सोलर सिंचाई पम्प से किसानों को बिजली जाने का डर भी नहीं रहेगा और वे अपनी मर्जी से सिंचाई पम्प को चालू और बंद कर सकेंगे और उन्हें बिजली का बिल भी नहीं भरना पड़ेगा। नवमीं की छात्रा रुक्मणी बघेल ने कहा कि सोलर सिस्टम के काफी महंगे होने की बात उसने सुनी थी, मगर सरकार द्वारा बहुत कम राशि में इस कीमती सिस्टम को किसानों को उपलब्ध कराकर सराहनीय कार्य किया गया है। उसने कहा सरकार द्वारा इस योजना को उन क्षेत्रों के किसानों के लिए शुरु किया गया है, जहां बिजली पहुंचाना बहुत ही खर्चीला है। जहां सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने पर किसानों को बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ता है। ऐसे क्षेत्रों में बिजली की पहुंच आसान नहीं होने के कारण या बिजली पहुंचाना बहुत खर्चीला होने के कारण किसान भाई बिजली से चलने वाले सिंचाई पम्पों का उपयोग नहीं कर पाते थे। इस योजना के शुरु होने से ऐसे किसानों को बहुत राहत मिलेगी।


 

Date: 
13 Nov 2016