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जगदलपुर : ‘रमन के गोठ‘ की प्रतिक्रिया : हल्बी बोली में संबोधन की सर्वत्र प्रशंसा

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जगदलपुर, 10 जनवरी 2016

                मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के रेडियो वार्ता ‘रमन के गोठ’ पर बस्तर जिले के जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों और गणमान्य नागरिकों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जनता से सीधे जुड़ने के ऐसे प्रयासों की सराहना की है, विशेषकर बस्तर अंचल के लोगों ने हल्बी बोली में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए संदेश की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जबीता मण्डावी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा हल्बी में संदेश देना बस्तर और हल्बी बोली के लिए अत्यंत गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में युवा कौशल, किसानों के लिए राहत और नई पीढ़ी के निर्माण के लिए आंगनबाड़ी गुणवत्ता उन्नयन अभियान का जिक्र किया। मुख्यमंत्री द्वारा कुपोषित बच्चों को गोद लेने की अपील निश्चित तौर पर अनुकरणीय है। जनप्रतिनिधियों के साथ ही समाज के गणमान्य नागरिकों द्वारा ऐसे बच्चों को गोद लेने की आवश्यकता है जो कुपोषित है। उन्होंने कहा कुपोषित बच्चों के माता-पिताओं को जागरूक कर हम एक बहुत बड़ा कार्य कर सकते हैं, ऐसे कार्य आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ्य बनाएगी। संभागीय प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री एस करीमुद्दीन ने मुख्यमंत्री द्वारा हल्बी में संबोधित किए जाने पर कहा कि बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में बोली जानी वाली यह सुंदर बोली धीरे-धीरे सीमित होते जा रही थी, इस बोली को मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के माध्यम से व्यापकता प्रदान की है। निचोड़ पत्रिका के लोक बोली के काव्य गोष्ठी ‘नुआ उजर’ के कार्यक्रम संयोजक श्री सुभाष पांडेय ने कहा कि हल्बी जैसी मीठी बोली के प्रसार के लिए कार्य किए जाने की आवश्यकता है। ‘नुआ उजर‘ कार्यक्रम के माध्यम से हल्बी बोली पर आधारित एक साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन कल ही जगदलपुर में किया गया था। मुख्यमंत्री ने हल्बी में अपना संबोधन देकर हमारे प्रयासों को सम्बल प्रदान किया है। अंचल के प्रसिद्ध साहित्यकार श्री रूद्रनारायण पाणीग्राही, श्री जोगेन्द्र महापात्र, श्री नरेन्द्र पाढ़ी, श्री विक्रम सोरी ने मुख्यमंत्री द्वारा हल्बी में दिए गए संदेश का स्वागत किया है और कहा कि ऐसे प्रयासों को बढ़ाए जाने की जरूरत है इससे आने वाली पीढ़ी हल्बी बोली से जुड़े रहेगी और ऐसे प्रयासों से बस्तर के अन्य आंचलिक बोलियों को बचाने और आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

क्रमांक-50/अर्जुन

Date: 
10 Jan 2016