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जशपुरनगर : ‘रमन के गोठ’ की सातवीं कड़ी को उत्साह के साथ लोगों ने सुना : महिला सशक्तिकरण, जन औषधि केंद्रो’’ के महत्व पर दी जानकारी

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 जशपुरनगर 13 मार्च 2016

जशपुर जिले में रमन के गोठ की सातवीं कड़ी का प्रसारण उत्साह के साथ सुना गया। रेडियो के साथ विभिन्न समाचार चैनलों में इसके प्रसारण की व्यवस्था होने से जिले भर में इसे सुना गया। जिला मुख्यालय के जिला गं्रथालय में सामूहिक रूप से रमन के गोठ सुनने के लिए प्रोजेक्टर की व्यवस्था की गई थी। यहां नगर पालिका की वार्ड पार्षद श्रीमती मीरा देवी, वार्ड पार्षद श्री बंसत बरला एवं शहर के गणमान्य नागरिक सहित बुद्धिजीवी, पत्रकार, नगरपालिका के सीएमओ श्री प्रकाश चन्द्र कश्यप, बीईओ जशपुर श्री यादव, परियोजना समन्वयक आरएमएस श्री जाटवर, सहित अन्य अधिकारियों -कर्मचारियों, स्कूल एवं छात्रावास के विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित थे। श्रीमती मीरा देवी ने इस कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण सहित अन्य जानकारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम जनोपयोगी है। उन्होंने सुझाव दिया कि यह कार्यक्रम कार्य दिवस में होना चाहिए, जिससे स्कूलों में भी इसका प्रसारण बच्चें सुन सकें।  
    ’रमन के गोठ’ को सामुहिक रूप से सुनने के लिए विकासखण्ड एवं नगर पंचायतों सहित अन्य स्थानों में व्यवस्था की गई थी। इस बार लोक शिक्षा केन्द्रों में भी प्रसारण को सुना गया। नवसाक्षरों सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिकों सहित ग्रामीणजनों  ने लोक शिक्षा केन्द्रों में रमन के गोठ को सुना। यहां लोगों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री की बातंे सुनी। जिले के सभी अनुभाग और सभी विकासखण्ड के क्षेत्रों में नागरिकों ने टेलीविजन एवं रेडियो पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की वार्ता ’रमन के गोठ’ को बड़े उत्साह एवं उमंग से सुना। नगर एवं गांव में महिलाओं, पुरूषों, बुजुर्गो के अलावा बच्चों ने भी प्रदेश के मुखिया की वार्ता को सुना। सभी ने 15 मिनट के कार्यक्रम ’रमन के गोठ’ का प्रसारण शांत एवं धैर्यपूर्वक सुना। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हर महीने के दूसरे रविवार को सबेरे 10.45 से 11 बजे तक आकाशवाणी के जरिये राज्य की जनता के साथ अपने विचारों को साझा करते हैं। डॉ. सिंह ‘रमन के गोठ’ शीर्षक इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की सामाजिक-सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियों तथा अपनी सरकार की विकास योजनाओं के बारे में वार्तालाप शैली में जनता को जानकारी देते हैं। उनका यह अभिनव कार्यक्रम भेंटवार्ता पर आधारित होता है, जो राजधानी रायपुर सहित राज्य में स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों और विभिन्न न्यूज चैनल और सभी एफएम रेडियो में भी प्रसारित होता है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने गोठ में 22 तारीख के होलिका दहन और 23 तारीख के होली के त्यौहार की बधाई देते हुए 22 तारीख के ‘‘विश्व जल दिवस’’ का उल्लेख करते हुए पानी बचाने का संदेश दिया। इसी तरह 25 तारीख के ‘‘गुड-फ्राईडे’’ और 27 तारीख के ‘‘ईस्टर‘‘ पर्व के शुभकामनाएं दी। उन्होंने 8 मार्च को मनाये गये ‘‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’’  का उल्लेख करते हुए समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होने बताया कि ’’महिला सशक्तिकरण’’ के लिए छत्तीसगढ़ ने अनेक कदम उठाए हैं, जिसमें पंचायत चुनावों में 50 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण देना भी शामिल है, जिसके कारण प्रदेश की पंचायतों में बड़ी संख्या में महिला पंच, सरपंच कार्यरत् हैं।  हमने महिलाओं के नाम पर संपŸिा की खरीदी करने पर ‘‘स्टॉम्प ड्यूटी’’ में छूट का कानून भी रखा है, ताकि संपŸिा पर नाम होने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़े व भविष्य भी सुरक्षित रहे।  प्रदेश की राशन दुकानांे, मध्यान्ह भोजन योजना, आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन, गणवेश वितरण आदि में महिलाओं के स्वसहायता समूहों की भागीदारी है, जिससे माताओं की ममता और जतन का लाभ इन योजनाओं को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में बेटियों के जन्म पर “नोनी सुरक्षा योजना ” लागू की गई है। योजना के तहत गरीब परिवार की दो बेटियों के जन्म पर प्रत्येक नवजात बेटी के नाम पर राज्य सरकार 5 हजार रूपये बैंक में जमा करती है, और 5 साल तक 5-5 हजार जमा करते जब बेटी 18 वर्ष की हो जाती है, तो उसे 1 लाख रूपये मिलेंगें। बेटियों को कक्षा पहली से लेकर कॉलेज स्तर तक की निःशुल्क शिक्षा देने का प्रावधान किया गया है। सरकारी इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निक कॉलेज में भी गरीब की बेटियांे को निःशुल्क शिक्षा देने की व्यवस्था है। हाई स्कूल में पढ़ने वाली बेटियों के लिए ’’निःशुल्क सरस्वती साईकिल योजना’’ लागू की गई है, जिसका लाभ हमारी बेटियां उठा रही हैं। हमने गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद के लिए ‘‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’’ संचालित की है। जिसमंे सामान्य विवाह पर 15 हजार और विधवा विवाह पर 30 हजार रूपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने टोनही के नाम पर महिलाओं को प्रताड़ना से मुक्ति दिलाने हेतु ‘‘विधान सभा में टोनही प्रताड़ना निवारण कानून’’ बनाया है। जिसमें प्रताड़ित करने वालो के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जी जब छत्तीसगढ़ के दौरे पर पिछले माह आए थे, तो छत्तीसगढ़ की धरती पर एक और क्रांति हुई। वह यह कि “जन औषधि केंद्र” प्रारंभ करने की पहल को देश में छत्तीसगढ़ ने सबसे पहले लागू किया।  ‘‘जन औषधि केंद्रो’’ का क्या महत्व है, इसके संबंध में, मैं आपको बताना चाहता हूं। देश में लगभग 80 प्रतिशत आऊटडोर और 60 प्रतिशत इनडोर पेंशट का ईलाज निजी चिकित्सकों और अस्पतालों में होता है और ईलाज में खर्च का 80 प्रतिशत हिस्सा दवाओं में जाता है।  ब्रांडेड एवं जेनेरिक दवाईयाँ उपयोग में तो समान होती हैं। किन्तु ब्रांडेड दवाईयाँ जेनेरिक दवाईयों की तुलना में बहुत अधिक महंगी होती हैं। गुणवत्तायुक्त जेनेरिक दवाईयाँ उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने से सभी को लाभ मिलेगा। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुये केन्द्र सरकार द्वारा ‘‘जन औषधि स्टोर योजना शुरू की गई। इस योजना के अंतर्गत ‘‘जेनेरिक दवाईयों’’ के विक्रय हेतु ‘‘जन औषधि केंद्र’’ खोलने का प्रावधान है, तथा संस्थाओं को दुकान प्रारंभ करने हेतु 2 लाख रूपये तथा क्रियाशील पूंजी के रूप में 50 हजार रूपये भी देने का प्रावधान है। मुझे खुशी है कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा हमारे प्रदेश में 21 फरवरी 2016 को ’’100 जन औषधि केंद्र’’ का शुभारंभ किया गया।
जन्म-मृत्यु पंजीयन
मुख्यमंत्री ने जन्म-मृत्यु पंजीयन पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कानून के तहत् हर एक ’’जन्म-मृत्यु‘‘ का पंजीयन कराना अनिवार्य है। लंबे समय तक जागरूकता और जानकारी न होने से लोग इसके महत्व को नही समझते थे, जिसके कारण उन्हें आगे चलकर अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था, क्योंकि ‘‘जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र’’ हर नागरिक के जीवन का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। शासन की किसी भी योजना का लाभ लेने में ‘‘जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र’’ की आवश्यकता पड़ती है।  पूरे प्रदेश के ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों, नगर-निगम, नगर-पालिका, समस्त शासकीय अस्पताल इन सभी संस्थाओं में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र मुफ्त में बनाया जाता है। जन्म मृत्यु का पंजीयन 07 दिवस में कराना आवश्यक है।
उन्होंने बतायाा कि इस वर्ष नया शैक्षणिक सत्र 01 अपै्रल 2016 से प्रारंभ होगा तथा 13 अपै्रल तक राज्य के समस्त शालाओं में ‘‘शाला प्रवेष उत्सव‘‘  आयोजित होगा। इस दौरान हम यह सुनिश्चित करें कि शाला जाने योग्य बच्चे, जो 06 वर्ष से अधिक उम्र के है, वे शाला प्रवेश से वंचित न रहे। साथ ही जो बच्चे पहले से शालाओं में पढ़ रहे हैं, वे आगे भी अपनी पढ़ाई जारी रखें । एक और बहुत महत्वपूर्ण बात मैं अभिभावकों व पालकों से करना चाहता हूं। वह यह कि नया सत्र आरंभ होने के साथ-साथ हम यह व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं कि 1लीं से 10 वीं तक के विद्यार्थियों को सभी विषयों की पाठ्य-पुस्तकों का निःशुल्क वितरण कर दिया जावे। इस वर्ष हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू माध्यम की पुस्तकों के साथ-साथ संस्कृत माध्यम की पुस्तकों का वितरण भी किया जायेगा तथा लगभग 59 लाख विद्यार्थियों को 2 करोड़ 91 लाख पुस्तकों का निःशुल्क वितरण किया जावेगा।

छात्र निराश न हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि आये दिन बहुत सी घटनायें विद्यार्थियों के संबंध मंे सुनने को मिलती हैं। परीक्षा के रिजल्ट आ रहे हैं, जिनके पेपर कमजोर गये हैं। उनके मन में निराशा का भाव देखने को मिलता है, और पिछले कुछ दिनों में आत्महत्या की घटनायें हमारे बेटे-बेटियों में देखने को मिल रही हैं।  मैं आपसे इस अवसर पर इतना ही कहना चाहूंगा, पढ़ाई में यदि नम्बर कम आये हैं, एक विषय में यदि आप पीछे भी रह गये तो जीवन के सारे सफलता के दरवाजे बंद नहीं होने वाले हैं। आत्मविश्वास के साथ आप आगे बढेगे। जीवन में सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने जिन्होनें दुनिया में अपना नाम कमाया, कहीं न कहीं, कभी न कभी असफल जरूर हुए थे। असफलता हमें सफलता की नई मंजिल की ओर जाने का आत्मविश्वास देती है। आप डरे नहीं, संकोच न करे, मन में हीन भावना न लाए, आने वाली पढ़ाई की तैयारी  करंे।  मैं आप सबसे एक बात और कहना चाहता हूॅ, कि आपको कोई शिकायत हो, कोई संदेह हो आपके पेपर और आपके नम्बर के संबंध में यदि आपको लगता है, आपके साथ बेइंसाफी हुई है, तो आप मुझसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। दूरभाष पर मेरा नम्बर 0771-2331001 है, इस नम्बर पर आप सीधे मुझसे बात कर सकते है। आपकी समस्याओं को मैं सुनुंगा, जितना भी आवश्यक होगा मैं निश्चित ही आपकी मदद करूंगा।जीवन अनमोल है। इसे समाप्त ना करें। आगे बढें , दुनिया आपके साथ है।

बजट
मुख्यमंत्री ने अपने गोठ में बताया कि विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2016-17 का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। इस बार हमने 70 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा की राशि का बजट प्रस्तुत किया। सबसे बड़ा जोर इसमें ‘‘शिक्षा’’ का रहा,  13 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा की राशि हमने शिक्षा के लिए इसमें रखी है, और इसके साथ-साथ अकाल से जूझ रहे किसानों के लिए 2 हजार करोड़ की राहत राशि का प्रावधान भी किया है। इसमें 150 करोड़ रूपये के निःशुल्क धान बीज खरीदने की व्यवस्था की गयी है। इसके साथ ही साथ पेयजल हेतु 175 गांवों के लिए प्रावधान किया गया है। इस बजट में विशेषता रही कि, हमने ‘‘स्वच्छ भारत अभियान‘‘ के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 400 करोड़ व मैदानी क्षेत्रों में 300 करोड़ रूपये की राशि का प्रावधान किया है। नगरीय शौचालयों हेतु राज्य के बजट में सब्सिडी राषि दोगुनी कर दी गई है, तथा स्वच्छता से संबंधित वस्तुओं को वैट से मुक्त किया गया है। इसलिए यह बजट छत्तीसगढ़ के लिए और खासतौर पर बस्तर और सरगुजा में नयी उम्मीद जगाने वाला है। इसके साथ-साथ हम छत्तीसगढ़ की ढ़ाई करोड़ जनता के जीवन में खुशहाली लाये, तरक्की लाये और विकास की नयी ऊचाईयांे को छुये इस दृष्टि से ’’सबके साथ सबका विकास’’ अवधारणा पर हमने इस बजट को रखा है। निश्चित रूप से यह बजट सबके लिए मंगलमय होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अगले माह की 10 तारीख को पुनः इस कार्यक्रम मे आपके बीच उपस्थित होऊंगा।


स.क्र./31/ 
 

Date: 
13 Mar 2016