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दंतेवाड़ा : केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, घर के मुखिया भी लगते हैं रमन : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पीले चावल के साथ दिया राजिम कुंभ का न्यौता

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भावुक हुई कस्तूरबा गांधी विद्यालयकी शिक्षिकाएँ


दंतेवाड़ा, 14 फरवरी, 2016

रमन के गोठ की छठवी कड़ी में राजिम कुंभ में पीले चावल के साथ न्योता भेजने का मुख्यमंत्री का आह्वान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की शिक्षिकाओं को भावुक कर गया। उन्होंने कहा कि अब पीला चावल लगाकर विवाह का आमंत्रण भेजना बीते दिनों की बात हो गई है। कम ही कार्ड ऐसे होते हैं जिसमें यह रीत निभाई जाती है। अरसे बाद जब मुख्यमंत्री ने पीला चावल लगाकर राजिम कुंभ आने का न्योता देने की बात कही तो बहुत अच्छा लगा। वो केवल हमारे मुख्यमंत्री ही नहीं, अब घर के भी मुखिया लगते हैं।
रमन के गोठ की छठवीं कड़ी स्कूली परीक्षाओं में बैठने वाले बच्चों के लिए खासी प्रेरणास्पद रही। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय चितालंका के बच्चों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने न केवल हमको अच्छे से पढऩे की सलाह दी अपितु यह भी कहा कि हर बच्चे की अपनी प्रतिभा होती है और हमेशा अंकों के माध्यम से उसका निर्धारण नहीं किया जाता। इसलिए खूब मेहनत करनी चाहिए और रिजल्ट की चिंता नहीं करनी चाहिए। बच्चों ने कहा कि हमें यह संयोग जानकर खुशी हुई कि मुख्यमंत्री की माता जी उन्हें सुबह चार बजे उठा देती थी। हमारे यहाँ भी अधीक्षक मैडम एवं स्टाफ हमें जल्दी उठने और मन लगाकर पढ़ाई करने प्रेरित करता है। बच्चों ने कहा कि हम लोग हर हफ्ते रमन के गोठ सुनते हैं हर बार मुख्यमंत्री केवल बड़े लोगों को ही संबोधित नहीं करते, उनके संबोधन में कई ऐसी बातें होती हैं जो हम बच्चों के लिए होती है। बहुत अच्छा लगता है जब मुख्यमंत्री छोटे बच्चों से इतना स्नेह करते हैं। बच्चों से जब यह पूछा गया कि सबसे अच्छी बात तुम्हें रमन के गोठ में क्या लगी? बच्चों ने कहा कि सबसे अच्छा यह लगा कि मुख्यमंत्री भी एक्जाम में बैठने ने पहले थोड़े चिंतित रहते थे, जब इतने बड़े ओहदे पर बैठे और इतनी सारी चीजें जानने वाले हमारे मुख्यमंत्री को एक्जाम्स का तनाव हो सकता है तो हमें अगर यह तनाव हो रहा है तो यह स्वाभाविक है। हम सब मन लगाकर पढ़ाई करेंगे। अक्षीक्षिका श्रीमती सुमित्रा सोरी ने बताया कि विद्यालय में हर रविवार बच्चों को रमन के गोठ सुनाया जाता है। इससे बच्चे देश-दुनिया से परिचित होते हैं। शासन द्वारा चलाई गई योजनाओं के प्रति जागरूक होते हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन उन्हें सहज उपलब्ध हो जाता है। विद्यालय की शिक्षिकाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सखी वन स्टाप सेंटर के बारे में बताया और राज्य शासन द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाये गए कदमों की जानकारी दी। महिलाएँ जितना अधिक इन संस्थाओं का लाभ उठाएंगी, उनके प्रति अपराधों में उतनी ही कमी आएगी।


 

स.क्र./1१०/जनसंपर्क

Date: 
14 Feb 2016