Homeदन्तेवाडा : बरसों से सुनते थे, आज समझ आया कितना गहन अर्थ छिपा है माई लोगन में : रमन के गोठ की सातवीं कड़ी का प्रसारण, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के छत्तीसगढ़ी पर्याय को बताया मुख्यमंत्री ने

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दन्तेवाडा : बरसों से सुनते थे, आज समझ आया कितना गहन अर्थ छिपा है माई लोगन में : रमन के गोठ की सातवीं कड़ी का प्रसारण, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के छत्तीसगढ़ी पर्याय को बताया मुख्यमंत्री ने

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दन्तेवाड 13 मार्च, 2016

मुख्यमंत्री का छत्तीसगढ़ की धरती से सहज लगाव है और इसी वजह से हर बार रमन के गोठ में उनका खास अंदाज खासा लुभाता है। पिछली बार उन्होंने पीले चावल के साथ राजिम कुंभ का निमंत्रण देकर लोगों का मन मोह लिया था, इस बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस में छत्तीसगढ़ की अपनी शैली वाले माई लोगन अंदाज हम सबके दिल को छू गया। यह कहना था कन्या शिक्षा परिसर पातररास की अधीक्षिका श्रीमती शारदा कुंजाम का। उन्होंने कहा कि माई लोगन शब्द हमेशा से मुख्यमंत्री के भाषणों में और अन्यत्र छत्तीसगढ़ में संवाद में सुनते हैं लेकिन इसके इतने गहरे पर्याय हैं और यह संबोधन हमें कितनी शक्ति देता है इस बारे में आज पता चला। परिसर के बच्चों ने बताया कि आज हमें मुख्यमंत्री के गोठ से पता चला कि छत्तीसगढ़ तो भगवान राम का ननिहाल हैं जैसे हमारी परीक्षाएँ खत्म हो गई हैं और अब हम नानी के घर जाने की योजना बना रहे हैं वैसे ही भगवान राम भी गर्मियों की छुट्टियों में अपने ननिहाल छत्तीसगढ़ आते होंगे। बच्चों ने कहा कि यह खुशी की बात है कि भगवान राम की माँ कौशल्या जी की जन्मभूमि में माता का मंदिर बनेगा। बच्चों ने कहा कि राज्य सरकार लड़कियों के लिए साइकिल दे रही है। मुख्यमंत्री जी ने ऐसी योजना के बारे में बताया कि अठारह साल के होने के पश्चात लड़कियों को एक लाख रुपए दिए जाएंगे। पिछली बार भी हम लोगों ने मुख्यमंत्री का संदेश सुना था और परीक्षा के ठीक पहले मिले इस संदेश से हममें नया जोश आया था। उसके बाद हम लोगों ने बिना चिंता किए खूब पढ़ाई की। अब हम रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। इस बार मुख्यमंत्री जी ने अपना नंबर भी हमें दिया है जिसे हमने नोट कर लिया है। रिजल्ट आने पर उनसे भी खुशखबरी साझा करेंगे।
बच्चों ने बताया कि पिछली बार मुख्यमंत्री के गोठ के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मन की बात कार्यक्रम भी सुना था। उसमें भी तनाव मुक्त परीक्षाओं की तैयारी की सीख थी, मन की बात में विश्वनाथन आनंद भी आए थे और सचिन तेंदुलकर भी। यह सब बहुत अच्छा लगता है कि हमारे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बच्चों की पढ़ाई के बारे में कितने सजग रहते हैं और उनके आगे बढ़ने पर कितना ध्यान देते हैं।

Date: 
13 Mar 2016