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दुर्ग : पदयात्रियों के सेवा जैसे कार्यो से बढ़ती है सद्भावना-मुख्यमंत्री : रमन के गोठ में दुर्ग के गांव तुमड़ीकसा का उल्लेख

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दुर्ग, 09 अक्टूबर 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज अपने मासिक रेडियो वार्ता रमन के गोठ की 14 कड़ी का प्रसारण में कहा कि राज्य के हर गांव और हर शहर में किसी न किसी रूप में देवी माई के वास के रूप में नियमित पूजा होती है और नवरात्र में मेले भराते हैं। मैं इन सभी शक्तिपीठों और साधना स्थलों को शत्-शत् नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि हजारों श्रद्धालु लम्बी-लम्बी पदयात्रा कर देवी मंदिरों में पहुंचते हैं।
 इन लोगों के लिए रास्ते में जनसहयोग से भोजन, पानी, चिकित्सा तथा आराम का इंतजाम किया जाता है, जिससे आपस में प्रेम व सद्भाव बढ़ता है और इससे ’एक पंथ’ कई काज हो रहे हैं। ऐसा पुण्य कार्य करने वाले व्यक्तियों और समितियों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर सभी बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं की अच्छी संख्या, उनकी अच्छी स्थिति का भी प्रतीक है। स्त्री-पुरूष जनसंख्या के औसत राष्ट्रीय अनुपात से हम बहुत आगे हैं। हमारे यहां प्रति एक हजार पुरूषों की तुलना में 991 महिलाएं हैं। हमारे 27 में 13 जिलों में तो महिलाओं की संख्या पुरूषों से भी अधिक है। यह राज्य में कन्या जन्म को मिलने वाले सम्मान, महिलाओं के प्रति बराबरी के भाव, उनकी सुविधाओं तथा अधिकारों के प्रति जागरूकता का भी प्रतीक है।
नवरात्र में कन्या-भोज की परम्परा है लेकिन हमने इसे और आगे बढ़ाते हुये कुपोषण मुक्ति और पोषण सुरक्षा तक पहुंचा दिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ’बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान शुरू किया है, जिसे हम जन.आन्दोलन बना रहे हैं। कन्या जन्म को संरक्षण देने के लिये छत्तीसगढ़ सरकार ने ’नोनी सुरक्षा योजना’ शुरू की है, जिसके तहत बी.पी.एल. परिवारों की नवजात बेटियों के नाम से बैंक खाते में राशि जमा की जाती है, जो बेटी को बड़ा होने पर लखपति बना देती है। शिक्षा क्षेत्र में पहली से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई निःशुुल्क कराने की व्यवस्था भी की गई है।  
पंचायत और नगरीय निकायों के चुनावों में आरक्षण, मकान के पंजीयन शुल्क में रियायत, राशन कार्डए उज्ज्वला योजना में महिलाओं का नाम रखने जैसी पहल से बहनों का मान-सम्मान और अधिकार बढ़ा है। हर जिले में टोलफ्री महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 शुरू की गई है, जिसमें किसी भी संकट के वक्त कोई भी बहन बेधड़क फोन लगाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है, ताकि जल्दी से जल्दी उसे मदद मिल सके।
प्रत्येक जिला मुख्यालय में घरेलू हिंसा तथा पारिवारिक विवादों की रोकथाम के लिए पुलिस अधीक्षक के नियंत्रण में ’महिला परामर्श केन्द्र’ की स्थापना की गई है। सात जिलों में ’महिला विरूद्ध अपराध अनुसंधान इकाई की स्थापना की गई है।
इस तरह महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, कानूनी हर तरह का संरक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी पसंद, अपनी रूचि का कार्य करने के लिए आगे आएं और स्वयं का तथा परिवार का जीवनस्तर ऊंचा कर सकें।
मुख्यमंत्री ने विजयादशमी पर्व की बहुत-बहुत बधाई देते हुए कहा कि यह त्यौहार भारतीय संस्कृति में बहुत महत्व रखता है, जिस प्रकार रावण के दस सिर, दस तरह की बुराइयांे के प्रतीक थे, उसी तरह समाज में कोई ना कोई कमी रह जाती है, जिसमें सुधार की जरूरत होती है।
शिक्षाए स्वास्थ्य, स्वच्छता, कौशल, अधोसंरचना विकास, वैज्ञानिक चेतना, सेवा, संस्कृति, रोजगार, उद्यमिता जैसे कोई दस लक्ष्यों का निर्धारण करें और समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर नए शिखर पर पहुंचने में सफलता हासिल करें। वैसे तो देश व प्रदेश में रावण दहन की परिपाटी है लेकिन बस्तर दशहरा में रावण दहन नहीं किया जाता। इसके साथ ही बस्तर दशहरे की पहचान, दुनिया में सबसे लम्बे समय, 75 दिन तक मनाये जाने वाले पर्व के रूप में है।
उन्होंने कहा कि दीपावली के पहले धनतेरस, भगवान धन्वंतरी की आराधना का पर्व है। धन्वंतरी को स्वास्थ्य का दाता मानते हैं। योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा आदि हमारी ऐसी भारतीय पद्धतियां हैं, जिसको अब दुनिया अपना रही है। भगवान धन्वंतरी के आशीर्वाद से हम स्वस्थ छत्तीसगढ़ बनाने में सफल हों। जहां हमने योग और आयुर्वेद को बढ़ावा दिया है, वहीं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी बड़ी महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रहे हैं। दीपावली का त्यौहार भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी जी की पूजा होती है। हमारे यहां समृद्धि को स्वच्छता जोड़ने की परम्परा रही है। इसलिए दीपावली के पहले घरए दुकान, दफ्तर, कारखाने आदि जगह साफ-सफाई, लिपाई-पुताई की जाती है। इसके बावजूद सार्वजनिक व कई स्थानों पर सफाई की अधोसंरचना और चेतना का अभाव रह गया है। इस कमी को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने महसूस किया और स्वच्छता की अहमियत बताई, जिसके कारण अब पूरे देश में स्वच्छता की क्रांति आ रही है।
छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 01 नवम्बर, सन् 2000 को हुआ था। पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमें राज्य की सौगात दी थी। हर साल, यह दिन जैसे-जैसे करीब आता है, वैसे-वैसे जन-जन में उमंग, हर्ष और उल्लास की लहरें हिलोर लेने लगती हैं। इस समय मन होता है कि विगत वर्षों में लिखी गई विकास की गाथा के पन्ने पलटा कर देखें। राज्य के भावी विकास की संभावनाओं को समझें, नया लक्ष्य तय करें, नया संकल्प लें और फिर कुछ नये कीर्तिमान रचने को आगे बढ़ चलें। राज्य में जो विकास का वातावरण बना है, उसी का नतीजा है कि गांव-गांव में लोग अपनी समस्या का हल निकालने लगे हैं। मैं आज उन ग्रामवासियों की खुले दिल से तारीफ करना चाहता हूं। एक ताजा उदाहरण राजनांदगांव और दुर्ग जिले की सीमा के गांव तुमड़ीकसा का है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साम्प्रदायिक सद्भाव, समरसता, भाईचारे के वातावरण से प्रदेश की विशेष पहचान बनी है, जिसे कायम रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। यह वातावरण ही राज्य में विकास की तेज गति बनाए रखने में मददगार होगा। इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। सबकी धार्मिक भावनाओं और आस्थाओं का सम्मान करें। शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग दें।रमन के गोठ के इस प्रसारण को आज दुर्ग जिले के विभिन्न नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह के साथ सुना गया। उतई के समीप ग्राम पंचायत डुमरडही के सरंपच श्री यशवंत ठाकुर ने ग्राम पंचायत के प्रमुख नागरिकों के साथ इनके सुनने के बाद कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल लाभकारी है बल्कि हमें अपनी परम्पराओं, त्यौहारों और रीतिरिवाज को सोचने की नई दृष्टि मिलती है
क्रमांक-954/पंकज

Date: 
09 Oct 2016