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दुर्ग : ’’रमन के गोठ’’ : किसानों ने लिया मिट्टी परीक्षण का संकल्प

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दुर्ग, 13 दिसम्बर 2015

आकाशवाणी के माध्यम से आज प्रसारित हुए ’’रमन के गोठ’’ कार्यक्रम को सुनकर विभिन्न किसान क्लब के सदस्यों ने अपने-अपने खेतों का मिट्टी परीक्षण कराने का संकल्प लिया है। दुर्ग के ग्राम बेलोदी निवासी श्री बद्री पारकर 01.94 हेक्टेयर रकबा में आम-पपीता-केला-कटहल की खेती करते हैं। उनका कहना है कि शासन द्वारा शुरू किया गया मिट्टी परीक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए बहुपयोगी है। इसके लिए राज्य शासन बधाई की पात्र है। प्रदेश के समस्त किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसके लिए प्रत्येक मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला की परीक्षण क्षमता बढ़ाए जाने की आवश्यकता होगी। साथ ही मिट्टी परीक्षण के पश्चात् समय पर जांच रिपोर्ट किसानों को प्राप्त हो सके, यह भी सुनिश्चित करना होगा। बद्री पारकर का कहना है कि वर्तमान में मृदा स्वास्थ्य कार्ड में केवल कृषि फसलोत्पादन के संबंध में अनुशंसा या सुझाव दिए जाते हैं। उद्यानिकी फसलों को लेने वाले किसानों के लिए भी मिट्टी परीक्षण कार्ड में अनुशंसा का प्रावधान किया जाना चाहिए।
    दुर्ग मालूद किसान क्लब के अध्यक्ष ब्रदी देवागंन 03 हेक्टयेर क्षेत्र में धान और सब्जी की खेती करते हैं। इनका कहना है कि बढ़ती हुई महंगाई को देखते हुए उन्नत कृषि यंत्रों में दी जाने वाली सब्सिडी बढ़ाई जानी चाहिए। उन्नत कृषि यंत्रों के वितरण का विभागीय भी बढ़ाया जाना चाहिए। ताकि अधिक से अधिक किसानों तक इनका फायदा पहुंच सके। पाटन के ग्राम औंरी के श्री चंद्रदेव सोनी, कोमल कुर्रे, अतुल चन्द्राकर, रूपेन्द्र चन्द्राकर, दीपक चन्द्राकर किसानों ने कहा है कि वे अपने खेत में पैदावार नहीं होने से हताश थे। वे अपने रोजी-रोटी व बच्चों की पालन पोषण की चिंता में थे। ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किसानों को हर संभव मदद देनेे का आश्वासन देकर उनकी पीड़ा को दूर करने का काम किया है। किसानों को मदद मिलने से उन्हें पलायन करने तथा रोजी-रोटी की तलाश में परेशान नहीं होना पड़ेगा। किसानों ने अपनी खेत का मिट्टी परीक्षण कराने और उसमें उपस्थित या कमी वाले पोषक तत्वों की जानकारी लेकर अगली बार फसल लेने का संकल्प लिया है।
    विज्ञान विकास केन्द्र दुर्ग में अध्ययनरत् अबुझमाड़-बेड़मा (ओरछा) की छात्रा कु. विमला कश्यप का कहना है कि विज्ञान विकास केन्द्र के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की पहल वंदनीय है। आज विज्ञान विकास केन्द्र में गुणी शिक्षकों के मार्गदर्शन में ज्ञान-अर्जन कर रही हूं। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद मैं अपने गांव बेड़मा जाकर शिक्षिका का कार्य करना चाहती हूं और अपने गांव के बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहती हूं। आज के ’’रमन के गोठ’’ सुनकर यह पता चला कि मुख्यमंत्री पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए तत्पर है। अब मेरे गांव के बच्चों को भी आसानी से जाति-निवास प्रमाण पत्र मिल सकेगा।
    श्रमिक बस्ती डुण्डेरा के निरंजन जैन का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं का लाभ हम श्रमिकों को मिल रहा है। अब हमारे प्रतिभाशाली बच्चे पैसों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में नहीं छोड़ते हैं।  

 

क्रमांक- 1277/नायक/नोहर
 

Date: 
13 Dec 2015