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दुर्ग : ’’रमन के गोठ’’ में महिलाओं के सम्मान और युवाओं के सुदृ़ढ़ भविष्य की बाते

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महिलाओं के सम्मान के लिए समाज के सभी लोगों की भागीदारी जरूरी है-
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह


दुर्ग, 14 फरवरी 2016

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज छठवीं बार मासिक कार्यक्रम ’’रमन के गोठ’’ के माध्यम से प्रदेश की जनता से रू-ब-रू हुए है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी त्यौहार की शुभकामनाएं देने के साथ ही आगामी त्यौहार मांघी पुन्नी की भी अग्रिम शुभकामनाएं दी है। प्रदेश के सुख-शांति, उन्नति-प्रगति में सहयोग देते हुए छत्तीसगढ़ को आगे ले जाने की बात कही है। राजिम कुंभ में सभी प्रदेशवासियों को पीले चांवल से निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा है कि ’’रमन के गोठ’’ में प्रदेश के कोने-कोने से शिकायती और सुझाव पत्र प्राप्त हो रहे है, इन सभी पत्रों को पढ़कर नियमानुसार निराकरण के प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने दुर्ग-भिलाई के श्री श्याम बहादुर से प्राप्त पत्र का भी जिक्र किया है।
मुख्यमंत्री ने 23 मार्च से शुरू हो रहे बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित हो रहे छात्र-छात्राओं को अपनी शुभकामनाएं व आशीर्वाद दिया हैं। उन्होंने कहा है कि 10-12वीं की परीक्षा प्रत्येक परीक्षार्थी के जीवन के लिए विशेष महत्व रखता है। यह परीक्षा सुनहरे भविष्य को तय करता हैं। विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी हेतु अधिक परिश्रम करने कहा है। उन्होंने कहा है कि हर व्यक्ति की योग्यता, विशेषता अलग-अलग होती हैं। परीक्षा में असफल होने पर चिंता नही करते हुए असफलता के कारणों को आत्मसात कर आगे बढ़ने की दिशा में और अधिक मेहनत करने कहा है। उन्हांेने कहा है कि दुनिया के हर सफल व्यक्ति असफलता से हताश न होकर आगे बढ़ा है। परिवार के सभी सदस्यों को विद्यार्थियों के साथ सहयोग कर सुखद परीक्षा परिणाम के लिए तैयारी करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने अपने परीक्षा के दिनों का भी विशेष जिक्र करते हुए मेहनत करने कहा है।
मुख्यमंत्री ने महिला सम्मान को बनाये रखने के लिए समाज के सभी लोगों की भागीदारी होने की बात कही है। उन्होंने निर्भया के साथ घटित घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि ऐसे घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कानून में कठोर प्रावधान किए जा रहे हैं। महिलाओं के सम्मान को बढ़ाने तथा उन्हें सहायता देने के उद्देश्य से प्रदेश में देश का पहला ’’सखी स्टॉप सेंटर’’ की स्थापना की गई है। जिसके माध्यम से महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता, पुलिस सहायता और परामर्श दिए जा रहे हैं। दहेज प्रताड़ना, टोनही प्रताड़ना, बाल विवाह, लैंगिक उत्पीड़न जैसे अपराध को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। जिससे सभी महिलाएं आत्म सम्मान के साथ जिये और समाज में अपना नाम रोशन कर सके।
मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी को देश का सुनहरा भविष्य बताते हुए कहा है कि शिक्षा गुणवता के साथ ही रोजगार मूलक कार्यो पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। युवाओं के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए प्रदेश में आईआईटी, सभी विकासखण्डों में आईटीआई की स्थापना की जा रही है। शासकीय नौकरी में भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयु सीमा में छूट देते हुए 35 वर्ष से 40 वर्ष की गई है। तृतीय श्रेणी के अनुकम्पा नियुक्ति को एक वर्ष के लिए शिथिल किया गया हैं। लाइवलीहुड के माध्यम से कौशल उन्नयन के द्वारा युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे रोजगार प्राप्त कर सके। आने वाला कल के भविष्य को बेहतर बनाने के साथ ही देश व प्रदेश में अपनी योगदान देने कहा हैं।


क्रमांक-0141/प्रभाकर

 

Date: 
14 Feb 2016