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दुर्ग : ’’ रमन के गोठ ’’ कार्यक्रम का विज्ञान विकास केन्द्र के छात्राओं ने की सराहना : रमन के गोठ से मिली पर्यावरण संरक्षण करने की प्रेरणा - कु. काजल ठाकुर

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अनुसूचित क्षेत्र के लोगों को रेडियो से मिलती शासन के योजनाओं की जानकारी- कु. आकांक्षा निरंकारी


    दुर्ग, 10 अप्रैल 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का रेडियों के माध्यम से प्रदेश की जनता से रू-ब-रू होने के लिए शुरू किए गए मासिक कार्यक्रम ’’ रमन के गोठ ’’ के आठवीं कड़ी का प्रसारण किया गया। दुर्ग जिला मुख्यालय स्थित विज्ञान विकास केन्द्र (प्रयास विद्यालय) की छात्राओं ने कार्यक्रम को सुनकर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम को सुनने के लिए छात्राएं प्रातः 10 बजे से ही उत्साहित नजर आ रही थी। छात्राओं ने ’’ रमन के गोठ ’’ कार्यक्रम को सुनकर कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें जीवन में अनेक बाते सीखने को मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, सामान्य ज्ञान, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, महापुरूषों की जीवन गाथा, त्यौहारों-उत्सवों की जानकारी मिलती है।
    आज के कार्यक्रम पर प्रतिक्रया देते हुए कांकेर जिले से आकर यहां अध्ययन कर रही बीएससी अंतिम की छात्रा कुमारी काजल ठाकुर ने कहा कि ’’ रमन के गोठ ’’ के माध्यम से भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर सामाजिक समरसता कार्यक्रम आयोजित करने की बात हुई है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन की उलब्धियों की जानकारी मिलने से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। यह अच्छी पहल है कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर सामाजिक समरसता मनाने का निर्णय लिया गया है। जिससे गांवों के लोगों में सामाजिक सद्भाव और सामाजिक समरसता पैदा होगी। इससे प्रदेश व देश के विकास के लिए एक नई दिशा को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शाला प्रवेश उत्सव और शिक्षा गुणवत्ता पर जोर दिया है। गर्मी के मौसम में घर के बड़े सदस्यों को छोटे बच्चों को पढ़ाने की बात कही गई है। इससे प्रेरित होकर हम अपने गांव जाकर अपने छोटे भाई-बहनों के साथ ही अन्य बच्चों को पढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने भू-जल संरक्षण अभियान चलाकर प्रकृति की सुरक्षा और संरक्षण की बात कही है। जल संरक्षण के लिए पानी के सदुपयोग करने तथा अपव्यय को रोकने की प्रेरणा मिली है। सूरजपूर जिले से आकर अध्ययन कर रही बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा कुमारी आकांक्षा निरंकारी ने कहा है कि बच्चों का भविष्य सृदृढ़र्ण करने और उज्जवल भविष्य बनाने के लिए शिक्षा का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की बातों से प्रेरित होकर हम इस दिशा में अपनी सार्थक पहल करने का प्रयास करेंगे। पानी का बचाव कर पर्यावरण संरक्षण करने की पहल की जाएगी।’’ रमन के गोठ ’’ के माध्यम से अनुसूचित क्षेत्र के लोगों को शासन की अनेक महत्वकांक्षी योजनाओं की जानकारी मिलती है, जिससे वे योजनाओं का लाभ लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यक्रम को प्रदेश की छात्र-छात्राओं, आमजनता, किसानों, महिलाओं तथा समाज के सभी लोगों के लिए उपयोगी बताया है।


क्रमांक-265/प्रभाकर/नोहर


 

Date: 
10 Apr 2016