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धमतरी : घटते भूजल स्तर पर प्रदेश के मुखिया की चिंता, जनसंवेदनाओं से सरोकार का द्योतक

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‘रमन के गोठ‘ के आठवें प्रसारण पर दी जनप्रतिनिधियों ने प्रतिक्रिया


धमतरी, 10 अप्रैल 2016

‘रमन के गोठ में प्रदेश के मुखिया ने भीषण गर्मी में घटते जल स्तर पर चिंता प्रकट करते हुए आमजनता की पीड़ा को पहचाना और जल संरक्षण की बात पर जोर दिया। इससे स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का जनसंवेदनाओं से भी गहरा सरोकार है। आमजनता के बीच उनका यह संदेश अवश्यमेव सार्थक साबित होगा।‘ उक्त बातें आज सुबह आकाशवाणी पर ‘रमन के गोठ‘ के आठवें प्रसारण के उपरांत नगर निगम के सभापति श्री राजेन्द्र शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही।
    स्थानीय मेनोनाइट इंग्लिश स्कूल परिसर में जिला स्तर पर ‘रमन के गोठ‘ की आठवीं कड़ी के प्रसारण के बाद लोगों ने अपनी अभिव्यक्ति एवं प्रतिक्रियाएं दीं। कार्यक्रम के प्रसारण के पश्चात् महापौर श्रीमती अर्चना चौबे ने कहा कि वर्तमान में नौनिहालों का शाला प्रवेशोत्सव जारी है। मुख्यमंत्री की पालकों से मार्मिक अपील और अपेक्षित सहयोग के आव्हान से निश्चय ही सभी लोग प्रोत्साहित होकर अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पेयजल के घटते जल स्तर पर चिंता प्रकट करना और भूजल संरक्षण पर उनके द्वारा जोर दिया जाना यह स्पष्ट करता है कि आमजनता को इसके उपयोग और उपभोग पर नियंत्रण जरूरी है। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती श्यामा साहू ने भी कहा कि पानी की समस्या से निजात पाने मुख्यमंत्री ने आवश्यक सुझाव दिए। यदि इन पर समुचित अमल हो तो बहुत हद तक पेयजल की समस्या पर काबू पाया जा सकता है। पीलिया, टायफाइड, मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाव संबंधी मुख्यमंत्री की मार्मिक अपील यह प्रकट करती है कि ढाई करोड़ प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की गहन चिंता है।
    पार्षद श्रीमती दमयन्तीन गजेन्द्र ने कहा कि ‘रेडिया वाले बाबा‘ ने बच्चों में अच्छे संस्कार और अच्छी आदतें विकसित करने पालकों को जो समझाइश दी, वह अमूल्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुशिक्षित और सुसंस्कृत बनाने वास्तव में स्कूल के साथ-साथ घर में भी मां-बाप द्वारा ईमानदारीपूर्वक प्रयास किए जाने चाहिए। उनकी अपील से प्रदेशवासी जल संरक्षण के उपायों पर जरूर अमल करेंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर वार्ड के पार्षद श्री अशोक सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश के मुखिया द्वारा यह जानकारी दी गई कि एक किलो धान की पैदावार में तीन हजार लीटर पानी की जरूरत पड़ती है। इससे किसानों को यह सीख लेनी चाहिए कि उनके द्वारा रबी फसल लेने से आम लोगों को पीने के पानी के इंतजाम के लिए काफी जूझना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री की यह बात लोगों को जरूर समझ में आएगी। बनियापारा वार्ड की पार्षद श्रीमती सरिता यादव ने कहा कि ‘रमन के गोठ‘ से निश्चय ही लोगों को सार्थक जानकारी प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री के आव्हान से सभी वर्ग के लोग प्रभावित और प्रोत्साहित होकर अपनी कमियों को सुधारने पहल कर रहे हैं। श्री नरेश साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सर्वाधिक पेयजल पर अपनी बात रखी, जो वास्तव में वर्तमान में ज्वलंत समस्या है। इस से निपटने शासन के साथ-साथ लोगों को भी सार्थक प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत के सी.ई.ओ. श्री पी.एस. एल्मा, अपर कलेक्टर श्री आई.एस. अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
    उल्लेखनीय है कि ‘रमन के गोठ‘ के आज के प्रसारण में मुख्यमंत्री ने चैत्र नवरात्रि पर्व तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की बधाइयांे के साथ अपने ‘गोठ‘ की शुरूआत की। उन्होंने 14 अप्रैल से 24 मई तक आयोजित होने वाले ग्राम सुराज अभियान, ग्राम उदय से भारत उदय के तहत भूजल संरक्षण अभियान आदि की चर्चा करते हुए कहा कि पानी अनमोल प्राकृतिक संपदा है और इसकी बर्बादी रोकने शासन-प्रशासन के साथ आम आदमी का भी दायित्व बनता है। उन्होंने वॉटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देते हुए इस संसाधन का समुचित और सीमित विदोहन करने का आव्हान किया। साथ ही पेयजल के रूप में स्वच्छ पानी का उपयोग करके पीलिया, डायरिया, टायफाइड जैसे जलजनित रोगों से बचने की भी अपील की। इस तरह की बीमारियों के लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य कार्यकर्ता अथवा 104 नंबर पर डायल करने की अपील मुख्यमंत्री ने की। इसके अलावा 14 अप्रैल से आयोजित होने वाले ग्राम सुराज अभियान का उल्लेख करते हुए ग्राम सभाओं में स्थानीय समस्याओं पर चर्चा कर उन्हें दूर करने सार्थक प्रयास करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि भूगर्भ में जल का स्तर बना रहे, इसके लिए हमें ऐसे प्रयास करने चाहिए कि अपनी ही नहीं, आने वाली पीढ़ियों को भी समस्या का सामना करना नहीं पड़े। ‘रमन के गोठ‘ में मुख्यमंत्री ने एक अप्रैल से नए शिक्षा सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी नौनिहालों को शिक्षा के अधिकार के दायरे में लाकर उन्हें सुशिक्षित और सुसंस्कृत बनाएं। मां-बाप व पालक उनमें अच्छी आदतें और अच्छे संस्कार विकसित करने के प्रयास करें। ‘रमन के गोठ‘ का अनुश्रवण जिला मुख्यालय के अलावा सभी जनपद पंचायतों व नगर पंचायतों में किया गया।


क्रमांक-54/54/सिन्हा
 

Date: 
10 Apr 2016