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धमतरी : जिला अस्पताल में जिला खनिज कोष से सेंट्रल ए.सी. की होगी व्यवस्था मरीजों की राहत के लिए

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धमतरी 17 मार्च 2017

जिला अस्पताल में जिला खनिज कोष से सेंट्रल ए.सी. लगाया जाएगा। कलेक्टर डॉ.सी.आर.प्रसन्ना ने आज जिला स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी की कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज दोपहर तीन बजे से बैठक लेते हुए यह बात बताई। ज्ञात हो कि जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति की बैठक में मरीजों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया था। इसी के मद्देनजर अब जिला खनिज कोष से जिला अस्पताल में सेंट्रल एयर कूलिंग की व्यवस्था की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत् स्वास्थ्य विभाग में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इस मौके पर कुपोषित बच्चों को पोषण सुविधा देने के लिए सभी आंगनबाड़ी सेक्टरों में कुपोषण शिविर लगाने कहा। इसके जरिए बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र तक लाने में सहयोग मिलेगा। दरअसल ब्लॉक स्तर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्रों में बेड ऑक्युपेन्सी का दर 83ः होने की जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने असंतोष जताते हुए यह शिविर लगाने कहा है, ताकि पोषण पुनर्वास केन्द्रों में शत्-प्रतिशत बेड ऑक्युपेन्सी हो और इसके जरिए कुपोषित बच्चों के सेहत में सुधार भी लाया जा सके। उन्होंने इसके लिए स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय से काम करने पर जोर दिया है।
    बैठक में मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस साल मलेरिया के 1713 पॉजिटिव प्रकरण मिले हैं, जिन्हें रैडिकल उपचार दिया गया। कलेक्टर ने राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में धमतरी ब्लॉक पर विशेष जोर देने कहा, क्यांेकि यहां प्रभाव दर 8.8 है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तुर्रे ने बताया कि जनवरी 2018 तक पूरे जिले में कुष्ठ का प्रभाव दर को एक से नीचे लाने का प्रयास है, जो कि फिलहाल 4.2 है। कलेक्टर ने सभी खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर प्रभाव दर की जानकारी देने कहा है, जिससे ज्यादा प्रभाव दर वाले क्षेत्र पर ज्यादा फोकस कर लोगों को जागरूक करने में सुविधा हो। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ.बी.के.साहू ने बताया कि अंधत्व निवारण कार्यक्रम में इस साल 2868 लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया है।
    बैठक में कलेक्टर ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत् चिरायु दलों द्वारा स्कूल तथा आंगनबाड़ियों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए किए गए भ्रमण की जानकारी ली। बताया गया कि जिले में अब तक 1746 स्कूल और 2048 आंगनबाड़ी केन्द्रों का भ्रमण कर लिया गया है। ज्ञात हो कि इन दलों को स्कूल का कम से कम एक और आंगनबाड़ी का कम से कम दो बार साल में भ्रमण करना अनिवार्य है। भ्रमण के दौरान स्कूलों में 86ः और आंगनबाड़ी में 83ः बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 94ः स्कूली बच्चों और इतने की आंगनबाड़ी के बच्चों का इलाज भी चिरायु दलों द्वारा किया गया है। कलेक्टर ने इस मौके पर संजीवनी 108, महतारी एक्सप्रेस 102 की सेवाओं की समीक्षा करते हुए जहां दिक्कत आ रहीे उनकी जानकारी मांगी, ताकि जिला समन्वयक को इस मामले में उचित कार्य करने कहा जा सके। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय सघन पल्स-पोलियो कार्यक्रम के तहत् दूसरे चरण में आगामी दो, तीन और चार अप्रैल को बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। जिले के शून्य से पांच साल तक के एक लाख चार हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। कलेक्टर ने इस मौके पर अभियान के दौरान ऐसे सभी बच्चों के अभिभावकों को नजदीकी पोलियो बूथ में लाकर पोलियो की खुराक पिलाने की अपील की है। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग का अमला मौजूद रहा।
       क्रमांक-62/1696/इस्मत 

Date: 
17 Mar 2017