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नारायणपुर : आकाशवाणी से रमन के गोठ की छठवीं कड़ी प्रसारित : मुख्यमंत्री ने हिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषा में प्रदेशवासियों से की बात

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तेन्दूपत्ता संग्राहकों और युवाओं ने दिखायी उत्सुकता

नारायणपुर 14 फरवरी

आकाशवाणी और क्षेत्रीय न्यूज चौनलों से प्रसारित मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ की छठवीं कड़ी को नारायणपुर जिले के नगरीय क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्र में उत्साहपूर्वक सुना गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से हिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषा में बात करते हुए राज्य की जनता को बसंत पंचमी एवं माघ पुन्नी पर्व की शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही राजिम कुंभ मेले के भव्य आयोजन की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यह कुंभ मेला महाशिवरात्रि के पावन पर्व आगामी 7 मार्च तक चलेगा, जिसमें देश के साधु-संत एवं महात्मा और प्रदेशवासी शामिल होकर पवित्र स्नान करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए पारिश्रमिक में वृद्धि की जानकारी दी, वहीं युवाओं को कौशल उन्नयन और रोजगारपरक शिक्षा पर ध्यान देने की समझाईश दी। इसके साथ ही महिलाओं के विरूद्ध अपराध रोकने हेतु कटिबद्धता व्यक्त किया और इस दिशा में सखी वन स्टाफ सेंटर स्थापना के बारे में अवगत कराया। वहीं स्कूली छात्र-छात्राओं को 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं में उत्कृष्ट सफलता हासिल करने की शुभकामनाएं दी।
    मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने अपने मासिक रेडियो वार्ता की छठवीं कड़ी में विभिन्न जिलों के श्रोताओं का नाम लेते हुए उनके द्वारा भेजे गये सुझाव का जहां उल्लेख किया, वहीं जनता से अपने विचार को साझा किया। इस दौरान उन्होंने 23 फरवरी से प्रारंभ होने वाले दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं के संदर्भ में छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे पूरी लगन एवं मेहनत के साथ परीक्षा में शामिल होकर सफलता अर्जित करें। उन्होंने बच्चों से कहा कि असफलता से ही सफलता का मूलमंत्र निकलता है। सभी की वैचारिक क्षमता बराबर नहीं होती है। अतएव कम नंबर मिलने पर हताश एवं निराश होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि जीवन के संघर्ष में संकल्पबद्ध होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने अपने बाल्यकाल का स्मरण करते हुए कहा कि वे भी स्कूल की प्राथमिक परीक्षाओं में बहुत आगे नहीं हुआ करते थे, लेकिन बाद की परीक्षाओं में उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने बच्चों की सुखद भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे एक अच्छे डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और प्रशासनिक अधिकारी बनने के अपने सपनों को अवश्य पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए बढ़ी हुई मजदूरी का जिक्र करते हुए कहा कि वनवासियांे को तेन्दूपत्ता सहित लघु वनोपज के संग्रहण का लाभ दिलाने और बिचौलियों से बचाने हेतु शासन लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्रहण की वर्तमान दर 1200 रूपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 1500 प्रति मानक बोरा कर दिया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 15 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही फड़ मुशियों को प्रति मानक बोरा 25 रूपये का कमीशन मिलेगा और प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधकों का वेतन भी 8 हजार रूपये से बढ़ाकर 10 हजार रूपये प्रति माह करने का फैसला किया गया है। प्रदेश के 12 लाख 50 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरणपादुका निःशुल्क वितरित की जायेगी। उन्होंने तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2016 में 250 करोड़ रूपये की राशि तेन्दूपत्ता संग्राहकों को प्रदाय करने की जानकारी देते हुए तेन्दूपत्ता संग्रहण और लघु वनोपज संग्रहण की दिशा में आगे आकर लाभान्वित होने की अपील वनवासियों से किया। मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने प्रदेश के युवाओं को कौशल उन्नयन और रोजगारपरक शिक्षा के लिए आगे आने की समझाईश देते हुए कहा कि नया रायपुर में ट्रिपल आईटी की स्थापना की जा चुकी है और भिलाई में आईआईटी स्थापना का कार्य प्रगति पर है। सभी जिलों मे लाईवलीहुड कॉलेज प्रारंभ किया गया है, इसके अलावा प्रदेश के समस्त विकासखंडों में कम से कम एक आईटीआई खोलने का हमारा लक्ष्य है। इसके साथ ही सीधी भर्ती के पदों पर आयु सीमा बढ़ाने के अलावा तृतीय श्रेणी तथा चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए साक्षात्कार के प्रावधान को खत्म कर दिया गया है। उन्होंने युवाओं से छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागिता निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि युवा छत्तीसगढ़ के विकास में केन्द्र बिन्दु हैं और छत्तीसगढ़ के कल के निर्माता हैं। इसको सजाने-सवांरने और विकसित करने में युवाओं का ऊर्जा का उपयोग करना जरूरी है। इस दिशा में युवाओं को शिक्षित और हुनरमंद बनने आगे आना होगा। इसके जरिये जहां युवा वर्ग आत्मनिर्भर बनेगा, वहीं देश और प्रदेश के विकास में अपना अमूल्य योगदान निभायेगा।
तेन्दूपत्ता संग्राहकों और स्कूली बच्चों ने जनप्रतिक्रिया में व्यक्त किये अपने विचार
नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ कार्यक्रम को नारायणपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत फरसगांव सहित पोटाकेबिन देवगांव, अबूझमाडि़या छात्रावास नारायणपुर, क्रीड़ा परिसर नारायणपुर के अलावा प्री-मेट्रिक कन्या छात्रावास छोटेडोंगर और पोस्ट मेट्रिक बालक छात्रावास छोटेडोंगर में सुनने के लिए एकत्रित पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों सहित स्कूली बच्चों ने उत्सुकता दिखायी। इस मौके पर फरसगांव में सरपंच श्रीमती रामेश्वर गोस्वामी और पंचायत पदाधिकारियों तथा तेन्दूपत्ता संग्राहकों श्रीमती चमेलीबाई, सुखमत्ती, आयतूराम, गागरूराम, बालेराम, मंगलूराम, रामबत्ती, तुलसीबाई तथा सुरजूराम ने कहा कि राज्य शासन ने तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि कर हम वनवासियों के लिए एक बड़ी सौगात दी है। इन सभी ने उक्त सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह को साधुवाद दिया। वहीं दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने वाले छोटेडोंगर के चंद्रमणि, मनकीबाई, सुकमती सहित दिपेश, सुखधर आदि बच्चों ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की शुभकामना से अभिभूत होकर वे अब परीक्षा में तनाव मुक्त होकर शामिल होंगे और उत्कृष्ट सफलता अर्जित करेंगे। इस मौके पर फरसगांव में मुख्यमंत्री की रेडियो वार्ता को सुनने आये युवाओं ने भी मुख्यमंत्री की रेडियो वार्ता को प्रेरक निरूपित करते हुए आने वाले दिनों में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण लेने की बात कही। इस दौरान क्षेत्र के पंचायत पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों के अलावा स्कूली शिक्षक-शिक्षिकायें तथा छात्र-छात्रायें और युवक-युवतियां तथा मैदानी अमला मौजूद था।  


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Date: 
14 Feb 2016