Homeनारायणपुर : आकाशवाणी से ‘‘रमन के गोठ’’ की तीसरी कड़ी प्रसारित : प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य के प्रति सजगता पर बल : अकाल-ओला पीड़ित किसानों को राहत पहुंचाने जताई कटिबद्धता

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नारायणपुर : आकाशवाणी से ‘‘रमन के गोठ’’ की तीसरी कड़ी प्रसारित : प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य के प्रति सजगता पर बल : अकाल-ओला पीड़ित किसानों को राहत पहुंचाने जताई कटिबद्धता

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नारायणपुर, 08 नवम्बर 

मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह की आज आकाशवाणी से प्रसारित मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ की  तीसरी कड़ी को नारायणपुर जिले के नगरीय क्षेत्र सहित ग्रामीण ईलाकों में भी उत्साहपूर्वक सुना गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के नौनिहालों के भविष्य को लेकर वे पूरी तरह सजग हैं। जिससे उन्हें उच्च तथा उत्कृष्ट शिक्षा मिले और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफल हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहीं न कहीं स्कूली बच्चों के सतत् और समग्र मूल्यांकन में शायद हम सफल नहीं हो पाये हैं, जिसे ध्यान रखते हुए स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर प्रदेशव्यापी शिक्षा गुणवत्ता अभियान शुरू किया गया है। जिसके अच्छे और सकारात्मक परिणाम आने की संभावना है।
     मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह की यह रेडियो वार्ता जनसंपर्क विभाग के सहयोग से आकाशवाणी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य आकाशवाणी केन्द्रों और एफएम चैनल पर एक साथ प्रसारित की गयी। इसे टेलीविजन के क्षेत्रीय न्यूज चैनलों ने भी प्रसारित किया। मुख्यमंत्री ने हिन्दी और छत्तीसगढ़ भाषाओं में प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए आम जनता को दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज, कार्तिक पूर्णिमा और गुरूनानक जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने रेडियो संदेश में गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लाक में बीते महीने 17 तारीख को हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुए इस हादसे में मृतक छात्र-छात्राओं के लिए दुख व्यक्त करते हुए भविष्य में स्कूली बच्चों को भ्रमण पर ले जाने के लिए मालवाहक वाहनों का उपयोग नहीं करने पर जोर दिया और कहा कि हमें यह संकल्प लेना होगा कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनर्रावृत्ति न हो।   वहीं उन्होंने दिवंगत बच्चों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने आज की अपनी रेडिया वार्ता में प्रदेश के अकाल पीड़ित और ओला पीड़ित किसानों के प्रति अपनी सहानूभूति प्रकट करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि किसानों को राहत पहुंचाने के लिए जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 93 तहसीलों को पहले ही सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा नजरी आनावरी रिपोर्ट के आधार पर 17 और तहसीलों को भी सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय अध्ययनदल राज्य के सूखाग्रस्त ईलाकों का भ्रमण कर चुका है और राज्य सरकार ने भारत सरकार से करीब 4 हजार करोड़ रूपये का राहत पैकेज मांगा है। जहां तक सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को राहत पहुंचाने की बात है। सरकार स्थिति के प्रति पूरी तरह सजग है, आगामी खरीफ फसल में सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को बीज की समस्या नहीं होगी। इस हेतु करीब 22 लाख किसानों को एक क्विंटल धान का बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने किसानों को कृषक जीवन ज्योति योजनांतर्गत पूर्व में घोषित 7500 यूनिट मुफ्त बिजली के स्थान पर 9000 यूनिट बिजली निःशुल्क देने के लिए कटिबद्धता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार के अभाव में पलायन की स्थिति न हो इस उद्देश्य से अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराये जा रहें हैं। जिसमें मनरेगा के तहत् 100 दिन के स्थान पर 150 दिवस का रोजगार प्रदान किया जायेगा। उन्होंने ओला प्रभावित किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत् समुचित मुआवजा प्रदान किये जाने की कटिबद्धता भी व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बारे में किसानों से अपनी बात साझा करते हुए कहा कि किसाानों को धान के एक-एक दाने का समर्थन मूल्य मिले, इस हेतु सरकार ने पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की है। इस दौरान उन्होंने सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर लाभान्वित होने की अपील किसानांे से की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हंे जनता द्वारा प्राप्त पत्रों के माध्यम से यह भी सुझाव मिला है कि, इस कार्यक्रम को हिन्दी के अलावा गोण्डी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित किया जाये। इसके साथ ही हर महीने के स्थान पर 15 दिनों में एक बार इस कार्यक्रम का प्रसारण किया जाये। उन्होंने आम जनता को इस उपयोगी सुझाव देने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उनके सुझावों का परीक्षण कर इस दिशा में आवश्यक पहल की जायेगी। नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ कार्यक्रम को हलामीमुंजमेटा ग्राम पंचायत में सुनने के लिए एकत्रित पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों में झिटकू वड्डे, चुछाय, दशरूराम सलाम, भदरूराम वड्डे, बिसरू सलाम, बैजूराम सलाम, आयतूराम नेताम, जानकूराम शोरी, सुबन्ती बाई तथा चमरीबाई ने कहा कि आज के इस संदेश में मुख्यमंत्री का किसानों और स्कूली बच्चों के प्रति संवेदनशीलता दिखती है। मुख्यमंत्री ने सूखा प्रभावित किसानों की चिंता के साथ ही उन्हें राहत पहुंचाने के लिए पहल करने आश्वस्त किया है। वहीं स्कूली बच्चों के भविष्य के लिए अपनी कटिबद्धता व्यक्त की है। नारायणपुर क्रीड़ा परिसर में स्कूली छात्रों विवेक, ललित, अशोक, शिवलाल, सुकालू और अन्य छात्रों ने ‘‘रमन के गोठ’’ कार्यक्रम को सुनकर कहा कि शिक्षा गुणवत्ता अभियान के लिए प्रदेश सरकार अच्छी पहल कर रही है। इस पहल से अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों के साथ ही स्कूली बच्चों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता परिलक्षित हो रही है। इस दौरान नगर पालिका परिषद के एल्डरमेन श्री महेन्द्र पात्र और गणमान्य नागरिकों ने ‘‘ रमन के गोठ’’ कार्यक्रम को प्रदेश के मुखिया का जनता से संवाद स्थापित करने की दिशा में सार्थक पहल निरूपित किया। जिले में ग्रामीण ईलाकों के बेनूर, एड़का, छोटेडोंगर, धौड़ाई, फरसगांव इत्यादि प्रमुख बसाहटों में उक्त कार्यक्रम को सुनने के लिए पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने काफी उत्साह दिखाया। इसके साथ ही आश्रम-छात्रावासों के बच्चों ने भी रेडियो और टेलीविजन के जरिये ‘‘रमन के गोठ’’ कार्यक्रम को उत्सुकता के साथ श्रवण करने सहित देखा।

 

Date: 
08 Nov 2015