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नारायणपुर : आकाशवाणी से ‘‘रमन के गोठ’’ की पांचवी कड़ी प्रसारित : कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने आम जनता से की अपील

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सूखा पीड़ित किसानों को हरसंभव मदद देने जताई कटिबद्धता

प्रदेशवासियों को मकर सक्रांति, छेर-छेरा पुन्नी और गणतंत्र दिवस की दी बधाई



नारायणपुर 10 जनवरी 2016

मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह की आज आकाशवाणी और क्षेत्रीय न्यूज चैनलों से प्रसारित मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ की पांचवी कड़ी को नारायणपुर जिले के नगरीय क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्र में उत्साहपूर्वक सुना गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को मकर सक्रांति, छेर-छेरा पुन्नी पर्व सहित राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए राज्य की जनता की खुशहाली की दिशा में सुशासन स्थापित करने सहित निरंतर सकारात्मक पहल करने का संकल्प व्यक्त किया। वहीं छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए आम जनता से आग्रह करते हुए बीते 4 जनवरी से शुरू आंगनबाड़ी गुणवत्ता उन्नयन अभियान में व्यापक सहभागिता निभाने की बात कही। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने प्रदेश के सूखा पीड़ित किसानों को हरसंभव मदद देने कटिबद्धता व्यक्त करते हुए उन्हें राहत राशि सहित मक्का फसल पैदावार के लिए बीज सुलभ कराये जाने की बात कही।    

     मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह की यह रेडियो वार्ता जनसंपर्क विभाग के सहयोग से आकाशवाणी रायपुर सहित प्रदेश के अन्य आकाशवाणी केन्द्रों और क्षेत्रीय न्यूज चैनलों ने प्रसारित किया। मुख्यमंत्री ने हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी भाषााओं में प्रदेशवासियों को नये साल की बधाई देते हुए कहा कि यह नया वर्ष प्रदेश की जनता के लिए खुशहाली और समृद्धि लेकर आयेगा, ऐसी कामना है। उन्होंने आगामी 12 जनवरी को युगदृष्टा स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर रायपुर में 20वां राष्ट्रीय युवा उत्सव आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस राष्ट्रीय युवा उत्सव की मेजबानी करते हुए छत्तीसगढ़ को गौरव हो रहा है, जिसमें पूरे देश के करीब 6 हजार युवा शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.रमनसिंह ने अपनी रेडियोवार्ता के जरिये नयी पीढ़ी के निर्माण की जरूरत पर बल देते हुए बीते 4 जनवरी से शुरू आंगनबाड़ी गुणवत्ता अभियान में व्यापक सहभागिता निभाने का आग्रह आम जनता से करते हुए कुपोषित बच्चों को गोद लेने सहित आंगनबाड़ी केन्द्रों को गोद लेने पर बल दिया। वहीं उन्होंने कहा कि इस प्रदेशव्यापी आंगनबाड़ी गुणवत्ता उन्नयन अभियान के तहत् हरेक आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण कर बाल विकास सेवाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। जिसके तहत् मुख्य रूप से लक्षित बच्चों और माताओं को पूरक पोषण आहार की सुलभता, गरम भोजन तथा रेडी टू ईट फूड की उपलब्धता पर ध्यान केन्द्रीत किया जायेगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों की साफ-सफाई और सुचारू संचालन बच्चो में स्वच्छता एवं साफ-सफाई सहित स्कूल पूर्व अनौपचारिक शिक्षा के स्तर का आंकलन भी किया जायेगा। प्रदेश में वर्तमान में 50 हजार आंगनबाड़ी केन्द्रों के जरिये 25 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उदद्श्य लक्षित आयु वर्ग के बच्चों सहित धात्री माताओं और पोषक माताओं को पोषण आहार की सुलभता के साथ कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ निर्माण की दिशा में व्यापक पहल करना है। मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने इस महत्वाकांक्षी अभियान से जनप्रतिनिधियों, पचंयत पदाधिकारियों और आम जनता से जुड़ने का आग्रह करते हुए बताया कि इस अभियान के जरिये वर्ष 2016 के अंत तक प्रदेश में कुपोषण दर को 25 प्रतिशत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने आज की अपनी रेडियो वार्ता में प्रदेश के सूखा पीड़ित किसानों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि किसानों को राहत एवं मदद देने के लिए सरकार कटिब्द्ध है तथा इस दिशा में संवेदनशीलता के साथ पहल कर रही है। उन्होंने बताया कि सूखा प्रभावित तहसीलों में मनरेगा के तहत् 150 दिवस के स्थान पर अब 200 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा। वर्तमान में प्रदेश के 8 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में रोजगारमूलक कार्यों के जरिये हर दिन 10 लाख मानव दिवस रोजगार के अवसर सुलभ कराया जा रहा है। प्रदेश में सूखा पीड़ित किसानों का भू-राजस्व और सिंचाई कर माफ कर दिया गया है। इसके साथ ही सूखा पीड़ित किसानों के अल्पकालीन कृषि ऋणों को ब्याज रहित मध्यकालीन ऋणों में परिवर्तन कर उन्हें आंशिक ऋण माफी का विकल्प प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि सूखा पीड़ित किसानों को आगामी 31 जनवरी तक राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत् राहत राशि का वितरण कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 20 हजार हेक्टेयर रकबा में मक्का उत्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित कर किसानों को निःशुल्क मक्का बीज प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। वहीं मुख्यमंत्री कन्यादान योजनांतर्गत सूखा पीड़ित किसानों के बेटियों के विवाह के लिए अब 30 हजार रूपये की सहायता राशि दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने किसानों सेे अपनी समस्याओं के निदान हेतु जिला स्तर पर स्थापित किसान मितान केन्द्र और पंचायत स्तर पर स्थापित किसान संगवारी केन्द्र में संपर्क करने का आग्रह किया। नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह की मासिक रेडियो वार्ता ‘‘रमन के गोठ’’ कार्यक्रम को ग्राम पंचायत हलामीमुंजमेटा सहित पोटा केबिन देवगांव तथा कुरूषनार में सुनने के लिए एकत्रित पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों में सरपंच श्री छुचाय शोरी सहित लालसाय, बुधराम, रजऊ, मंगतू और सोनसाय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह किसानों को राहत पहुंचाने और मदद देने के लिए संवेदनशील हैं। वहीं नौनिहालों के भविष्य के प्रति सकारात्मक पहल कर आंगनबाड़ी गुणवत्ता अभियान संचालित करने सहित छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए कटिबद्ध हैं। इस दौरान पोटाकेबिन देवगांव में रमन के गोठ कार्यक्रम को सुनने वाले सरपंच श्री रामसिंह मंडावी, प्रगतिशील कृषक महेश देवांगन, पूर्व सरपंच लच्छूराम वड्डे के अलावा अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सरकार सूखा प्रभावित किसानों को मदद देने सहित उन्हें रोजगार सुलभ कराये जाने के लिए संवेदनशीलता के साथ पहल कर रही है। इन सभी ग्रामीणों ने सूखा प्रभावित किसानों को अतिशीघ्र राहत राशि प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए किसानों के समस्याओं के निराकरण हेतु किसान मितान केन्द्र और किसान संगवारी केन्द्र की स्थापना को सराहनीय पहल निरूपित किया। । जिले में ग्रामीण ईलाकों के बेनूर, एड़का, छोटेडोंगर, धौंड़ाई, फरसगांव इत्यादि प्रमुख बसाहटों में रमन के गोठ कार्यक्रम को सुनने के लिए पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने काफी उत्साह दिखाया। इसके साथ ही आश्रम-छात्रावासों के बच्चों ने भी रेडियो और टेलीविजन के जरिये रमन के गोठ कार्यक्रम को उत्सुकता के साथ श्रवण करने सहित देखा।

Date: 
10 Jan 2016